अंतरराष्ट्रीय
एशेज : इंग्लैंड को बॉक्सिंग डे टेस्ट में जीतने की उम्मीद
इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट को उम्मीद है कि बॉक्सिंग डे टेस्ट में उनकी टीम फतह हासिल करेगी। इसलिए उन्होंने प्लेइंग इलेवन में चार बदलाव किए हैं, जो उनकी टीम की नैया पार लगाएंगे। इंग्लैंड को गाबा में शुरुआती टेस्ट में नौ विकेट और फिर एडिलेड ओवल में 275 रन से हार का सामना करना पड़ा था। 26 दिसंबर से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में रूट की टीम को सीरीज गंवाने का डर भी होगा।
रूट और तीसरे नंबर के बल्लेबाज डेविड मलान के प्रयासों के बावजूद इंग्लैंड ने स्कोर बोर्ड पर ज्यादा रन नहीं लगाए हैं, जिससे उनके गेंदबाजों को वापसी करने का मौका नहीं मिला।
पैट कमिंस पिछले मैच में न खेलने के बाद, अब वह ऑस्ट्रेलिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। इंग्लैंड एक बार फिर एक शक्तिशाली गेंदबाजी आक्रमण का सामना करेगा, जिसमें खुद कप्तान, मिशेल स्टार्क, टेस्ट डेब्यू करने वाले स्कॉट बोलैंड, कैमरन ग्रीन और स्पिनर नाथन लियोन होंगे।
इंग्लैंड को 2017 के बॉक्सिंग डे टेस्ट की तरह अपने बल्लेबाजी फॉर्म को वापस पाने की उम्मीद होगी, यदि उन्हें मेजबान टीम को सीरीज जीतने से रोकना है तो हर हाल में एमसीजी में जीतना जरूरी होगा।
इंग्लैंड के गेंदबाज अभी तक गेंदबाजी में अच्छे रहे हैं। हालांकि उन्होंने कई मौके गंवाने के साथ, उनकी रणनीति फेल रही है। लेकिन फिर भी स्टुअर्ट ब्रॉड, जेम्स एंडरसन और ओली रॉबिन्सन जैसे खिलाड़ियों ने अच्छी शुरुआत दी है।
ऑस्ट्रेलियाई टीम एमसीजी में जीतने और एशेज को अपने नाम करने के लिए बेताब होंगे। एडिलेड टेस्ट से बाहर होने के बाद, कमिंस कप्तान के रूप में वापसी करेंगे। वहीं, स्मिथ एक बार फिर से उपकप्तान की भूमिका में नजर आएंगे।
कप्तानी के बोझ के बावजूद स्मिथ ने एडिलेड में पहली पारी में 93 रन बनाकर अच्छा प्रदर्शन किया था, जबकि सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर (95) और मार्नस लाबुस्चागने (103) ने शानदार पारी खेली थी। इस प्रदर्शन के बाद लाबुस्चागने आईसीसी बल्लेबाजी टेस्ट रैंकिंग में नंबर 1 बल्लेबाज हो गए थे।
ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड पर एडिलेड टेस्ट में 275 रनों एक बड़ी जीत दर्ज की थी।
लाबुस्चागने 2 हजार टेस्ट रन बनाने वाले पांचवें सबसे तेज खिलाड़ी हैं। दाएं हाथ के बल्लेबाज नंबर 3 कंगारूओं को मजबूती प्रदान करते हैं, क्योंकि नई गेंद पर खतरे को टालते हुए चारों ओर शॉट्स के माध्यम रन बनाते हैं।
इंग्लैंड के पास इस 27 वर्षीय खिलाड़ी को आउट करने के लिए कोई प्रभावी योजना नहीं है। एमसीजी पिच से बल्लेबाजों को मदद मिलने की संभावना है।
इंग्लैंड की उम्मीदें रूट और तीसरे नंबर पर मलान पर टिकी हैं, जो अब तक अपनी टीम के लिए निराशाजनक श्रृंखला में मजबूत प्रदर्शन कर रहे हैं। मलान ने पहले दो मैचों में अपने कप्तान के साथ दो शतकीय साझेदारी की है। इस दौरान, उन्होंने 82 और 80 रनों की पारी खेली है।
दोनों टीमें इस प्रकार हैं :
ऑस्ट्रेलिया टीम : डेविड वार्नर, मार्कस हैरिस, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, ट्रैविस हेड, कैमरन ग्रीन, एलेक्स केरी (विकेटकीपर), पैट कमिंस (कप्तान), मिशेल स्टार्क, नाथन लियोन और स्कॉट बोलैंड।
इंग्लैंड टीम : हसीब हमीद, जाक क्रॉली, डेविड मालन, जो रूट (कप्तान), बेन स्टोक्स, जॉनी बेयरस्टो, जोस बटलर (विकेटकीपर), मार्क वुड, ओली रॉबिन्सन, जैक लीच और जेम्स एंडरसन।
अंतरराष्ट्रीय
कुवैत ने नेतन्याहू की सीरिया यात्रा को बताया ‘संप्रभुता का उल्लंघन’

कुवैत ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सीरिया दौरे पर घोर आपत्ति की है। कड़ी निंदा करते हुए इसे “अवैध प्रवेश” करार दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम सीरिया की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि वह “अपने भाई सीरियाई अरब गणराज्य की भूमि में इजरायली प्रधानमंत्री के अवैध प्रवेश” की कड़े शब्दों में निंदा करता है।
बयान में कहा गया कि नेतन्याहू का सीरिया में प्रवेश देश की संप्रभुता और उसकी भूमि की अखंडता का “घोर उल्लंघन” है। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन बताया।
कुवैत ने सीरिया में इजरायल की लगातार घुसपैठ और सैन्य कार्रवाइयों पर भी चिंता जताई। मंत्रालय के मुताबिक, सीरियाई क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही हैं और सुरक्षा एवं स्थिरता को कमजोर कर रही हैं।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में इजरायल की लगातार कार्रवाइयां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे कदमों के खिलाफ रुख अपनाने और सीरिया की संप्रभुता का सम्मान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां सीरिया में इजरायल की सैन्य गतिविधियों को लेकर अरब देशों की ओर से लगातार आपत्तियां सामने आती रही हैं। कुवैत ने अपने बयान में सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान को अंतरराष्ट्रीय कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
दरअसल, नेतन्याहू रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और आईडीएफ के डिप्टी चीफ-ऑफ-स्टाफ मेजर-जनरल तामिर यदाई के साथ बुधवार को इजरायली कब्जे वाले दक्षिणी सीरिया में सैनिकों से मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि अपने दम के बल पर इजरायल ने रणनीतिक रूप से अहम स्थलों पर सफलतापूर्वक कब्जा कर रखा है। दक्षिणी सीरिया में, इजरायली सैनिक एक तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में तैनात हैं; वे दिसंबर 2024 में लंबे समय तक शासक रहे बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद देश के अंदरूनी इलाकों में आगे बढ़े थे।
इजरायल उस इलाके में मौजूद है जो पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाला बफर जोन था; यह जोन 1974 से इजरायल के कब्जे वाले गोलन हाइट्स में इजरायली और सीरियाई सेनाओं को अलग करता था।।
अंतरराष्ट्रीय
मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।
सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।
गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”
गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।
हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
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