राजनीति
एडमिरल हरि कुमार ने भारतीय नौसेना प्रमुख के तौर पर पदभार ग्रहण किया
तोपखाना (गनरी) विशेषज्ञ और एकीकृत थिएटर कमांड के एडकोकेट एडमिरल आर. हरि कुमार ने मंगलवार को नौसेना स्टाफ के 25वें प्रमुख के रूप में भारतीय नौसेना की कमान संभाली। उन्होंने एडमिरल करमबीर सिंह का स्थान ग्रहण किया है, जो भारतीय नौसेना में 41 साल से अधिक के अपने शानदार करियर के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं।
एडमिरल आर. हरि कुमार प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्हें 01 जनवरी, 1983 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। अपने 38 वर्ष से अधिक के शानदार करियर के दौरान उन्होंने तटरक्षक जहाज सी-01, भारतीय नौसेना जहाज के निशंक, कोरा, रणवीर तथा विमान वाहक आईएनएस विराट की कमान संभाली है।
एडमिरल आर. हरि कुमार तोपखाना विशेषज्ञ रहे हैं। उन्होंने पश्चिमी बेडे के फ्लीट ऑपरेशंस ऑफिसर और फ्लीट गनरी ऑफिसर, आईएनएस विपुल के कार्यकारी अधिकारी (ईएक्सओ), आईएनएस रंजीत के गनरी ऑफिसर (जीओ), आईएनएस कुठार के कमीशनिंग जीओ और आईएनएस रणवीर के कमीशनिंग क्रू सहित अनेक महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया है। उनकी तटवर्ती नियुक्तियों में मुख्यालय डब्ल्यूएनसी में कमांड गनरी ऑफिसर, सेशेल्स में सरकार के नौसेना सलाहकार, मोगादिशु सोमालिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनओएसओएम-2), आईएनएस द्रोणाचार्य के प्रशिक्षण कमांडर शामिल हैं।
फ्लैग ऑफिसर के रूप में, उन्होंने नेवल वॉर कॉलेज, गोवा में कमांडेंट, फ्लैग ऑफिसर सी-ट्रोनिंग (एफओएसटी), फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग वेस्टर्न फ्लीट (एफसोसीडब्ल्यूएफ), चीफ ऑफ स्टाफ, पश्चिमी नौसेना कमान, कंट्रोलर पर्सनेल सर्विसेज और नौसेना मुख्यालय में कार्मिक प्रमुख (सीओपी) के रूप में काम किया है।
उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) संस्थान के निर्माण के दौरान महत्वपूर्ण संयोजन में चेयरमैन चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) के चीफ ऑफ इंटीग्रेटिट डिफेंस स्टाफ प्रमुख के रूप में तथा सैन्य मामलों के विभाग में भी काम किया है।
एडमिरल आर. हरि कुमार 30 नवंबर, 2021 को नौसेना स्टाफ के प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण करने से पहले मुंबई में पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
न्यूजीलैंड: 15 साल बाद वेलिंगटन में बर्फबारी, कई प्रमुख राजमार्ग बंद

एक तरफ जहां यूरोप के कई इलाके भीषण गर्मी की मार अब भी झेल रहे हैं वहीं ओशिनिया के द्वीपीय देश न्यूजीलैंड की राजधानी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड का सामना कर रहा है। अंटार्कटिका से आई भीषण शीत लहर के प्रभाव से न्यूजीलैंड के बड़े हिस्से में भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वेलिंगटन में करीब 15 वर्षों बाद समुद्र तल तक बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि दक्षिणी शहर डुनेडिन में लोगों ने दुनिया की सबसे खड़ी सड़क पर स्कीइंग कर इस दुर्लभ मौसम का आनंद लिया।
स्थानीय मीडिया आउटलेट स्टफ के अनुसार, राजधानी वेलिंगटन में बर्फबारी से शहर सफेद चादर में ढक गया। लंबे समय बाद हुई इस बर्फबारी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर बर्फबारी की तस्वीरें और वीडियो भी तेजी से साझा किए जा रहे हैं।
दक्षिणी शहर डुनेडिन में भारी बर्फबारी के कारण कई स्कूल बंद कर दिए गए। बर्फ से ढकी दुनिया की सबसे खड़ी सड़क ‘बाल्डविन स्ट्रीट’ पर स्थानीय लोगों ने स्की और स्नोबोर्ड चलाकर मौसम का आनंद लिया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को देश के कई हिस्सों में तापमान शून्य से नौ डिग्री सेल्सियस नीचे तक पहुंच गया। बर्फबारी और फिसलन के कारण कई प्रमुख राजमार्ग बंद कर दिए गए हैं, जबकि क्राइस्टचर्च हवाई अड्डे पर भी उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है। पुलिस ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
न्यूजीलैंड की मौसम एजेंसी ‘मेटसर्विस’ ने कहा है कि बुधवार को कुछ क्षेत्रों में मौसम में अस्थायी सुधार हो सकता है, लेकिन इसके बाद ठंड की एक और लहर आने की संभावना है। एजेंसी के मुताबिक, गुरुवार कई इलाकों में इस वर्ष की सबसे ठंडी सुबह हो सकती है।
इस बीच, राष्ट्रीय बिजली ग्रिड संचालक ‘ट्रांसपावर’ ने रिकॉर्ड बिजली मांग दर्ज होने की जानकारी दी है और सप्ताह के अंत तक बिजली आपूर्ति पर दबाव बने रहने की चेतावनी दी है।
राष्ट्रीय समाचार
उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 152 अंक उछला

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर को अपरिवर्तित रखने और पश्चिम एशिया में तनाव के नए संकेतों के बाद तेल की कीमतों में वृद्धि के चलते हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार दिन के उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने अपने अधिकांश इंट्राडे लाभ को खो दिया और अपने दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आ गए।
इस बीच, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 152 अंक यानी 0.19 प्रतिशत बढ़कर 78,581 पर बंद हुआ, तो वहीं एनएसई निफ्टी 50 करीब 10 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 24,624.65 पर बंद हुआ।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,428.95 से 0.79 प्रतिशत की तेजी के साथ 79,055.38 पर खुला, जो इसका इंट्रा-डे हाई रहा और एक समय इसने 78,285.74 का दिन का निचला स्तर छुआ।
वहीं, निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,614.90 से 0.22 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 24,669.20 पर खुला, और दिन के कारोबार में एक समय इसने 24,677.60 का इंट्रा-डे हाई तो एक समय 24,497.95 का इंट्रा-डे लो बनाया।
व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 0.18 प्रतिशत और 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी बैंक का प्रदर्शन खराब रहा।
निफ्टी50 इंडेक्स में श्रीराम फाइनेंस, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, जेएसडब्ल्यू स्टील, हिंडाल्को, एनटीपीसी और बजाज-ऑटो सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल रहे, जबकि टीसीएस, अपोलो हॉस्पिटल, एचसीएल टेक, सन फार्मा, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और एसबीआई लाइफ के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली।
इस बीच, बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पिछले सत्र के 489.5 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 492.2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया, जिससे निवेशकों को एक ही सत्र में 2.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का मुनाफा हुआ।
आरबीआई द्वारा किसी भी अप्रत्याशित बदलाव से बचने और ब्याज दरों में यथास्थिति बनाए रखने के बाद बाजार का माहौल काफी हद तक सकारात्मक बना रहा। एमपीसी ने अगस्त 2026 की नीति बैठक में नीतिगत रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा और ‘तटस्थ’ रुख बनाए रखा।
इसके अलावा, केंद्रीय बैंक ने इस बात पर जोर दिया कि वित्त वर्ष 2027 में भारत की आर्थिक वृद्धि 6.7 प्रतिशत पर स्वस्थ बनी रहेगी, जबकि सीपीआई मुद्रास्फीति 5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
भू-राजनीतिक मोर्चे पर, मीडिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान के साथ एक समझौते के करीब पहुंच रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को आंशिक रूप से खोलने के समझौते की घोषणा बुधवार तक की जा सकती है।
राष्ट्रीय समाचार
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने से गोरखा समाज को मिले नौकरी और उच्च शिक्षा के अवसर

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर गोरखा समुदाय ने जश्न मनाया और एक-दूसरे को केक खिलाकर बधाई दी। इसके साथ ही आर्टिकल 370 हटने के बाद हुए बदलावों पर बात की और अधिकारों के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया।
गोरखा समुदाय के लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह पक्का किया कि अनुच्छेद 370 और 35ए हटने के बाद उन्हें वे अधिकार मिलें जिनसे वे लंबे समय से वंचित थे। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं था, उनके बच्चे डोमिसाइल सर्टिफिकेट नहीं बनवा पाते थे और उन्हें सरकारी नौकरी पाने में भी मुश्किल होती थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उन्हें आठ फीसदी आरक्षण दिया है।
समुदाय के लोगों ने कहा कि भले ही कुछ राजनीतिक पार्टियां 5 अगस्त को “काला दिवस” के तौर पर मना रही हैं, लेकिन उनका मानना है कि ये पार्टियां उनके जैसे समुदायों को भेदभाव के अंधेरे में वापस धकेलना चाहती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा कभी नहीं होगा और कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी पीएम पद पर हैं, वे उनका समर्थन करते रहेंगे और उन्हें भरोसा है कि वे ऐसी स्थिति को दोबारा नहीं आने देंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे यह पक्का करें कि ऐसी ताकतें जम्मू-कश्मीर में कभी वापस न आ पाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार भी जताया और कहा कि इस दिन लिए गए फैसलों ने उन्हें आजादी और बराबरी के अधिकार दिए हैं।
गोरखा समुदाय की करुणा क्षेत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद सबका साथ-सबका विकास के तहत काम किए जा रहे हैं। इसी पहल के तहत जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर हमें मुख्य धारा में लाया। विभिन्न राजनीतिक दलों ने गोरखा समुदाय के लिए पिछले 70 सालों में कुछ नहीं किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले 370 हटाया और हमारे समुदाय को स्थानीय निवासी बनाया और ओबीसी में 8 फीसदी आरक्षण दिया। डोमिसाइल मिलने के कारण हमें लोन मिल रहे हैं, जिससे युवा स्वरोजगार कर पा रहे हैं।”
गोरखा समुदाय के एक व्यक्ति ने कहा, “5 अगस्त 2019 हमेशा याद रहेगा। इस दिन हमें दोहरी खुशी मिली थी। 5 अगस्त को 2019 को धारा 370 हटने से हमें अधिकार मिला। वहीं, 5 अगस्त 2020 को राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ।”
एक अन्य युवा मनीष अधिकारी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना पूरा किया है। धारा 370 हटने से गोरखा समाज को एक नई पहचान मिली है। इससे पहले करीब 70 सालों से हमें कोई पहचान नहीं मिली थी। जब हम नौकरी या उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करते थे, तो हमारे समाज को नजरअंदाज किया जाता था। हमें बाहरी कहा जाता था जबकि हमारे पूर्वज 200 सालों से यहां रह रहे हैं लेकिन धारा 370 हटने के बाद हमारे समाज को अधिकार और पहचान मिली।”
मोनिका ने कहा, “धारा 370 हटने से काफी बदलाव हुआ है। अब हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित और अच्छा होगा क्योंकि हमें पहचान मिल गई है। अब हमारे बच्चों को उच्च शिक्षा और नौकरी के अवसर मिलेंगे।”
-
दुर्घटना11 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
