अंतरराष्ट्रीय
शास्त्री ने कोहली को सफेद गेंद की कप्तानी छोड़ने का दिया था सुझाव : रिपोर्ट
एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने विराट कोहली को सफेद गेंद यहां तक की वनडे की भी कप्तानी छोड़ने और बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने टेस्ट क्रिकेट की कप्तानी जारी रखने के लिए कहा।
इंडिया अहेड के अनुसार, कोच द्वार यह सुझाव कोहली को प्रेरित करने के लिए दिया था जिससे कि वह दुनिया के शीर्ष बल्लेबाज बने रहें।
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, कोहली की कप्तानी के बारे में बात तब शुरू हुई जब भारत ने अपने नियमित कप्तान के बिना ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीती थी। अब यह भी संकेत देता है कि कोहली को 2023 से पहले किसी समय एकदिवसीय कप्तानी छोड़नी पड़ सकती है यदि चीजें योजना के अनुसार नहीं होती हैं।
उन्होने कहा, शास्त्री ने लगभग छह महीने पहले कोहली से बात की थी। लेकिन कोहली ने शास्त्री की बात नहीं मानी। वह अभी भी वनडे मैचों में भारत का नेतृत्व करने के इच्छुक हैं और इसीलिए उन्होंने केवल टी20 से कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। यहां तक कि बोर्ड भी इस बात पर चर्चा कर रहा था कि कोहली को एक बल्लेबाज के रूप में कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके पास अभी भी एक खिलाड़ी के रूप में बहुत कुछ बचा है।
अंतरराष्ट्रीय
भारत और आसियान ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की

मनीला, 9 अप्रैल : भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पेरियासामी कुमारन और फिलीपींस के विदेश विभाग की नीति के अवर सचिव लियो एम हेरेरा-लिम ने मनीला में आसियान और भारत के वरिष्ठ अधिकारियों की 28वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की।
मीटिंग के दौरान हिस्सा लेने वालों ने अक्टूबर 2025 में हुए आसियान-भारत समिट के फैसलों को लागू करने में हुई प्रक्रिया की समीक्षा की और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “मीटिंग में अक्टूबर 2025 में हुए आसियान-भारत समिट के फैसलों को लागू करने में हुई प्रक्रिया की समीक्षा की गई और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की गई। हम साल 2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष के तौर पर मना रहे हैं।”
फिलीपींस में भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया कि बुधवार को पेरियासामी कुमारन ने मनीला में जाने-माने थिंक टैंक, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और कई द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर उपयोगी विचारों का आदान-प्रदान किया।
पेरियासामी कुमारन ने बुधवार को मनीला में फिलीपींस की विदेश मामलों की सचिव मारिया थेरेसा पी. लाजारो के साथ भी मीटिंग की। इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और फिलीपींस के बीच रणनीतिक साझेदारी की प्रक्रिया और आसियान के लिए भारत के समर्थन को लेकर चर्चा की।
एक्स पर एक पोस्ट में, लाजारो ने कहा, “फिलीपींस-भारत रणनीतिक साझेदारी की प्रक्रिया के साथ-साथ आसियान के लिए भारत के एक्टिव सपोर्ट पर हमारी छोटी, लेकिन फायदेमंद बातचीत हुई।”
इस बीच, मनीला में हुई आसियान वरिष्ठ अधिकारियों की मीटिंग (एसओएम) में फिलीपींस की चेयरशिप की प्राथमिकताओं और आसियान समुदाय के निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए तय लक्ष्यों और योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इसके साथ ही, आसियान के बाहरी संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर मंथन हुआ और मई 2026 में होने वाले 48वें आसियान शिखर सम्मेलन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
आसियान के बयान के मुताबिक, इस मीटिंग में प्लेनरी और रिट्रीट सत्र शामिल थे। इसमें आसियान के सदस्य देशों के एसओएम नेताओं या उनके प्रतिनिधियों और आसियान राजनीतिक-सुरक्षा समुदाय के लिए आसियान के उप महासचिव शामिल हुए।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, आसियान की स्थापना 1967 में थाईलैंड में हुई थी, जब आसियान के फाउंडिंग फादर्स: इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड ने आसियान डिक्लेरेशन (बैंकॉक डिक्लेरेशन) पर हस्ताक्षर किए थे। ब्रुनेई दारुस्सलाम जनवरी 1984 में आसियान में शामिल हुआ, उसके बाद जुलाई 1995 में वियतनाम, जुलाई 1997 में लाओस और म्यांमार, अप्रैल 1999 में कंबोडिया, और अक्टूबर 2025 में तिमोर-लेस्ते शामिल हुए, जिससे आज आसियान के 11 सदस्य देश बन गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय
मैक्रों ने लेबनान में इजरायल के हमलों की आलोचना की, सभी देशों से शांति बनाए रखने पर दिया जोर

पेरिस, 9 अप्रैल : ईरान और अमेरिका के बीच एक महीने से ज्यादा समय तक भीषण संघर्ष चलने के बाद दोनों पक्षों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में सीजफायर हुई। सीजफायर के बाद ही इजरायल ने लेबनान पर हमला कर दिया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इजरायल के हमले की कड़ी आलोचना की है।
राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से बात की और इन जानलेवा हमलों के सामने फ्रांस की पूरी एकजुटता दिखाई। इजरायल ने कहा कि इन हमलों में ईरान के समर्थन वाले मिलिटेंट समूह हिज्बुल्लाह के 100 से ज्यादा कमांड सेंटर और मिलिट्री साइट्स को टारगेट किया गया।
लेबनानी पीएम और राष्ट्रपति से बातचीत के बाद फ्रांस के प्रेसिडेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ये हमले अभी हुए सीजफायर के बने रहने के लिए सीधा खतरा हैं। लेबनान को इस सीजफायर के तहत पूरी तरह शामिल किया जाना चाहिए।”
इसके साथ ही फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेश्कियन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बात की। एक्स पर उन्होंने कहा, “मैंने उन दोनों से कहा कि सीजफायर मानने का उनका फैसला सबसे अच्छा था। मैंने उम्मीद जताई कि लेबनान समेत टकराव के सभी इलाकों में, हर लड़ने वाला सीजफायर का पूरी तरह से सम्मान करेगा। सीजफायर के भरोसेमंद और लंबे समय तक चलने के लिए यह एक जरूरी शर्त है।”
उन्होंने आगे कहा कि मिडिल ईस्ट में सभी के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने लायक पूरी बातचीत का रास्ता खोलना होगा। किसी भी समझौते में ईरान के न्यूक्लियर और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम से उठी चिंताओं के साथ-साथ उसकी क्षेत्रीय नीति और होर्मुज स्ट्रेट से नेविगेशन में रुकावट डालने वाले उसके कामों पर भी ध्यान देना होगा।
मैक्रों ने सबके समर्थन और योगदान से मजबूत और लंबे समय तक चलने वाली शांति बनाए रखने पर जोर दिया। राष्ट्रपति ने भरोसा दिलाया कि फ्रांस मिडिल ईस्ट में अपने साझेदारों के साथ मिलकर अपनी पूरी भूमिका निभाएगा।
फ्रांस के राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने कतर, संयुक्त अरब अमीरात, लेबनान और इराक के नेताओं के साथ भी इस मुद्दे पर बातचीत की।
अंतरराष्ट्रीय
भारत-अमेरिका वार्ता में व्यापार, प्रौद्योगिकी और रक्षा मामलों को अहम स्थान

वॉशिंगटन, 9 अप्रैल : भारत और अमेरिका ने व्यापार, रक्षा और जरूरी तकनीक के मामले में बातचीत बढ़ाई है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अपने तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान वॉशिंगटन में कई उच्चस्तरीय बैठकें कीं।
यह बातचीत पेंटागन और भारत के वाणिज्य विभाग के बीच हुई। इसके साथ ही व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचने वाली पहल पर भी चर्चा की गई।
भारत के विदेश सचिव मिस्री और अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने मिलकर भारत-अमेरिकी व्यापार फैसिलिटेशन पोर्टल लॉन्च किया। अमेरिका में भारतीय दूतावास ने इसे भारत और अमेरिका के बीच व्यापार की पूरी क्षमता को अनलॉक करने की दिशा में एक और कदम बताया।
इस पोर्टल का मकसद मिशन 500 का समर्थन करना है, जिसमें एक्सपोर्टर्स के लिए रजिस्ट्रेशन अब खुले हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का मकसद मार्केट एक्सेस को आसान बनाना और कमर्शियल लिंकेज को गहरा करना है।
पेंटागन में, मिस्री अमेरिकी युद्ध विभाग में अधिग्रहण और सस्टेनमेंट के अवर सचिव माइक डफी के साथ बातचीत की। भारतीय दूतावास ने कहा, “दोनों पक्षों ने पिछले साल हस्ताक्षर किए गए द्विपक्षीय मेजर डिफेंस पार्टनरशिप के फ्रेमवर्क में तय बड़े लक्ष्यों के हिसाब से, भारत और अमेरिका के बीच रक्षा उद्योग, तकनीक और सप्लाई चेन लिंकेज को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।”
उन्होंने हिंद-प्रशांत और पश्चिम एशिया में ताजा गतिविधियों को लेकर गहरी बातचीत के लिए युद्ध नीति उप सचिव एलब्रिज कोल्बी से भी मुलाकात की। यह मीटिंग नई दिल्ली में उनकी हालिया बातचीत के बाद हुई।
रक्षा संबधित बातचीत में दोनों देशों के बीच ओद्योगिक सहयोग, तकनीकी ट्रांसफर और सप्लाई चेन इंटीग्रेशन पर बढ़ते फोकस पर जोर दिया गया।
वाणिज्य विभाग में मिस्री ने कमर्शियल और जरूरी तकनीक में सहयोग बढ़ाने के लिए अवर सचिव जेफरी केसलर और विलियम किमिट से मुलाकात की। दूतावास ने कहा, “उन्होंने मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाने पर भी चर्चा की।”
बैठकों के दौरान आर्थिक और रणनीतिक प्राथमिकता को एक साथ लाने के लिए, खासकर उभरती तकनीक और सुरक्षित सप्लाई चेन जैसे क्षेत्र में, एक कोऑर्डिनेटेड कोशिश को दिखाती है।
विक्रम मिस्री का यह दौरा फरवरी में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के वॉशिंगटन दौरे के बाद हो रहा है। यह दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय बातचीत की लगातार रफ्तार का हिस्सा है।
साथ-साथ सैन्य बातचीत ने भी इस रफ्तार को और बढ़ाया। एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह अमेरिकी दौरे के दौरान पीटरसन स्पेस फोर्स बेस गए और जनरल ग्रेगरी एम. गुइलोट से बातचीत की। इसे भारतीय वायु सेना ने “मुश्किल ऑपरेशनल तरीकों पर नजरिए का एक फायदेमंद आदान-प्रदान” बताया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा “भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों के पूरे स्पेक्ट्रम” की समीक्षा करने और व्यापार, रक्षा, विज्ञान और टेक्नोलॉजी, साथ ही आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का मौका देता है।
भारत और अमेरिका ने हाल के सालों में एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के तहत सहयोग बढ़ाया है। इसमें रक्षा, तकनीक और सप्लाई चेन प्रमुख स्तंभों के रूप में उभरे हैं।
द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ी है और दोनों पक्ष इसे और बढ़ाने का लक्ष्य बना रहे हैं। नए ट्रेड पोर्टल जैसी पहलों से एक्सपोर्ट को मदद मिलने और आर्थिक एकीकरण को गहरा करने की उम्मीद है।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र9 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय2 years agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध4 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
