अंतरराष्ट्रीय
हम कांस्य से चूक गए, लेकिन हमने दिल जीत लिया: महिला हॉकी टीम कोच
भारतीय महिला हॉकी टीम की सहायक कोच अंकिता बी.एस. ने कहा है कि ओलंपिक खेलों में शानदार प्रदर्शन से पता चलता है कि हॉकी अभी भी जिंदा है और आगे बढ़ रहा है। जहां पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता, वहीं महिला हॉकी टीम कांस्य पदक के प्ले-ऑफ में ग्रेट ब्रिटेन से हार गई।
अंकिता ने रविवार रात आईएएनएस को बताया, अब हर कोई हॉकी के बारे में बात कर रहा है। भारत में, बात केवल क्रिकेट की होती है लेकिन इस आयोजन के बाद, हर घर हॉकी के बारे में बात कर रहा है। हॉकी खिलाड़ी होने के नाते, मैं कह सकती हूं कि महिला टीम के शानदार प्रदर्शन ने दुनिया को दिखाया है कि हॉकी अभी भी जीवित है। हमने भले ही पदक नहीं जीता हो, लेकिन निश्चित रूप से हमने दिल जीत लिया है।
लंबी दूरी की धावक से हॉकी खिलाड़ी और कोच बनी अंकिता कर्नाटक की रहने वाली हैं। वह 4 जनवरी, 2020 को राष्ट्रीय टीम की कोच बनीं। वह तब से महिला राष्ट्रीय हॉकी टीम के साथ काम कर रही हैं।
अंकिता ने कहा, मेरे माता-पिता सुरेश बीए, धर्मावती ने पांच साल की उम्र में एक एथलीट के रूप में मेरे सपनों को प्रोत्साहित किया। अब, मुझे पति होन्नमपदी सुरेश कुशलप्पा का समर्थन प्राप्त है। लड़कियों के लिए बाधाओं से लड़ने और हासिल करने का समय आ गया है। यह माता-पिता और पतियों का कर्तव्य है कि वे उनका समर्थन करें।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरान-अमेरिका तनाव: पाक प्रधानमंत्री ने ट्रंप से सैन्य कार्रवाई टालने का किया अनुरोध

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वाशिंगटन, 8 अप्रैल : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सार्वजनिक रूप से अपील की है। कि वे एक अहम समय-सीमा को दो हफ्ते के लिए बढ़ा दें, ताकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बातचीत का रास्ता खुला रह सके। व्हाइट हाउस ने इस प्रस्ताव पर विचार करने के संकेत दिए।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिना लेविट ने मीडिया से कहा कि राष्ट्रपति को इस प्रस्ताव की जानकारी दे दी गई है और जल्द ही इसका जवाब दिया जाएगा। यह इस मामले पर अमेरिका की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया है।
शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि कूटनीतिक प्रयास लगातार आगे बढ़ रहे हैं और जल्द ही ठोस नतीजे सामने आ सकते हैं। उन्होंने अमेरिका से अनुरोध किया कि बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए समय-सीमा दो हफ्ते बढ़ाई जाए।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में तुरंत तनाव कम करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ईमानदारी से ईरान से अनुरोध करता है कि वह सद्भावना के तौर पर दो हफ्तों के लिए होर्मुज स्ट्रेट को खोल दे।
इसके साथ ही उन्होंने सभी लड़ाई में शामिल पक्षों से कहा कि वे दो हफ्तों के लिए हर जगह युद्धविराम लागू करें, ताकि बातचीत के जरिए युद्ध को खत्म किया जा सके और क्षेत्र में लंबे समय तक शांति और स्थिरता बनी रहे।
यह अपील ऐसे समय आई है जब हालात तेजी से बदल रहे हैं। अमेरिका ने एक तरफ बातचीत की इच्छा जताई है, तो दूसरी तरफ जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाने की चेतावनी भी दी है। पिछले 48 घंटों में ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने साफ कहा है कि आगे क्या होगा, यह ईरान के रुख पर निर्भर करेगा।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा कि अब फैसला ईरान को करना है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन उसके पास कड़ी कार्रवाई करने की क्षमता है। वहीं, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वैश्विक समुद्री मार्गों में बाधा के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और समुद्री रास्तों की सुरक्षा को बेहद अहम बताया।
बता दें कि ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमलों को सप्ताह के लिए स्थगित करने पर सहमति जता दी है। इसको एक ठोस शांति समझौता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय
राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायली पीएम नेतन्याहू से ईरान संग युद्धविराम पर की बात : व्हाइट हाउस

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वाशिंगटन, 8 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के युद्धविराम पर सहमति बनी है। इजरायल ने भी इस फैसले का समर्थन किया है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की थी, जिसके बाद ईरान के साथ युद्धविराम ढांचे पर समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया।
ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया, “राष्ट्रपति ने डील पक्की करने के लिए पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से बात की। उन्होंने युद्धविराम पर पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से भी बात की थी।”
यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब अमेरिका ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को रोकने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने से जुड़ी वार्ताओं के लिए दो सप्ताह का समय देने का निर्णय लिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह दो हफ्ते के लिए हमले रोक देंगे, बशर्ते ईरान इस अहम समुद्री रास्ते को पूरी तरह तुरंत और सुरक्षित तरीके से फिर से खोलने पर सहमत हो जाए।
ईरान ने इस रोक को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी और कहा कि अगर हमले रुक जाते हैं, तो वह भी अपनी गतिविधियां रोक देगा और इस दौरान स्ट्रेट से सीमित और सुरक्षित आवाजाही की इजाजत देगा।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि इजरायल भी दो हफ्ते की इस रोक पर सहमत हो गया है। यह अमेरिका के रुख के मुताबिक ही है, क्योंकि हालात को स्थिर करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
ट्रंप प्रशासन ने इस युद्धविराम को सैन्य अभियानों के बाद अपनाई गई एक बड़ी रणनीति का हिस्सा बताया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “यह अमेरिका की जीत है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप और हमारी शानदार सेना ने मुमकिन बनाया है।”
फिलहाल, दो हफ्ते का यह युद्धविराम इसलिए रखा गया है, ताकि बातचीत जारी रहने के दौरान एक व्यापक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस अभियान और बातचीत के बारे में विस्तृत जानकारी अलग से साझा की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय
इजरायली मीडिया का दावा- ईरान सुप्रीम मोजतबा की हालत गंभीर, कोम में चल रहा इलाज

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तेल अवीव, 7 अप्रैल : ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर इजरायल ने बड़ा दावा किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले दावा किया था कि मोजतबा अमेरिकी और इजरायली सेना की कार्रवाई में घायल हो गए थे, उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है।
इस बीच अब द टाइम्स ऑफ इजरायल ने बताया कि एक इंटेलिजेंस असेसमेंट के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई बेहोश हैं और कोम शहर में एक गंभीर मेडिकल बीमारी का इलाज चल रहा है।
इजरायली मीडिया ने बताया कि अमेरिका-इजरायली इंटेलिजेंस पर आधारित और अपने खाड़ी सहयोगियों के साथ शेयर किए गए एक डिप्लोमैटिक मेमो में लिखा है, “मोजतबा खामेनेई का कोम में गंभीर हालत में इलाज चल रहा है; वह सरकार के किसी भी फैसले में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।”
बता दें, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले के साथ संघर्ष की शुरुआत की, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत कई शीर्ष नेता की मौत हो गई। इसके बाद मोजतबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया। युद्ध की शुरुआत के बाद से यह पहली बार है जब किसी रिपोर्ट में खामनेई की लोकेशन पब्लिक में बताई गई है। माना जा रहा था कि 28 फरवरी के शुरुआती हमलों में वह घायल हो गए थे।
इजरायली मीडिया ने बताया कि इस डॉक्यूमेंट में उनके पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को शुरुआती हमलों में मारे जाने के बाद कोम में दफनाने की तैयारियों का भी खुलासा हुआ है।
बता दें, इजरायली मीडिया के रिपोर्ट से पहले आईआरजीसी के एक वरिष्ठ जनरल की मौत पर मोजतबा खामेनेई का बयान सामने आया था। ईरान के सुप्रीम लीडर ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ईरानी नेतृत्व के खिलाफ हत्याएं और अपराध देश की प्रगति को नहीं रोकेंगे। वरिष्ठ जनरल सोमवार को तेहरान में इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमले में मारे गए थे।
मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ईरान के खुफिया संगठन (आईआरजीसी) के प्रमुख माजिद खादेमी के काम की सराहना करते हुए कहा, “शहीद मेजर जनरल सैय्यद मजीद खादेमी, जो देश की सुरक्षा, खुफिया और रक्षा के क्षेत्र में दशकों से खुदा की राह पर बिना थके संघर्ष कर रहे थे, उन्हें शहादत का आशीर्वाद मिला है। ईमान वालों में ऐसे लोग भी हैं जो अल्लाह से किए वादे के पक्के रहे हैं। उनमें से कुछ ने अपनी जान देकर अपना वादा पूरा कर दिया है और कुछ इंतजार कर रहे हैं और वे जरा भी नहीं बदले हैं।'”
उन्होंने आगे कहा कि मैं इस कमांडर की शहादत पर संवेदना व्यक्त करता हूं, साथ ही उनके सम्मानित परिवार और आईआरजीसी इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन में उनके साथियों को नमन करता हूं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें परलोक में ऊंचा स्थान प्राप्त हो।
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