अपराध
2017-19 के बीच मादक पदार्थों की तस्करी के 1.99 लाख मामले हुए दर्ज
सरकार ने मंगलवार को कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 2017 और 2019 के बीच नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंधित 1,99,716 मामले दर्ज किए हैं। लोकसभा में एक अतारांकित प्रश्न के उत्तर में, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि तेज निगरानी, प्रभावी निगरानी, सार्वजनिक सहयोग, स्रोत-आधारित खुफिया, बेहतर प्रवर्तन के लिए क्षेत्र के अधिकारियों के संवेदीकरण आदि के परिणामस्वरूप देश में मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित मामलों की संख्या के पंजीकरण में धीरे-धीरे वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) केंद्रीय एजेंसी है, जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा रिपोर्ट किए गए अपराधों के आंकड़ों को संकलित करती है, और इसे अपने वार्षिक प्रकाशन क्राइम इन इंडिया में प्रकाशित करती है।
राय ने कहा कि ताजा प्रकाशित रिपोर्ट वर्ष 2019 की है।
राय ने कहा, “वर्ष 2017, 2018 और 2019 के लिए नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम-1985 के तहत दर्ज मामलों का राज्य,संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण क्रमश: 63,800, 63,137 और 72,779 है।”
यह सवाल लोकसभा सांसद के. मुरलीधरन ने पूछा था।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने देश में मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम के लिए कई कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए, प्रभावी ड्रग कानून प्रवर्तन के लिए वर्ष 2016 में गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा नार्को समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) तंत्र स्थापित किया गया था।
उन्होंने कहा , “इस प्रणाली को बेहतर समन्वय के लिए 29 जुलाई, 2019 को एमएचए द्वारा जिला स्तर तक एक चार स्तरीय योजना में पुनर्गठित किया गया है। बड़े जब्ती मामलों की जांच की निगरानी के लिए, महानिदेशक के साथ एक संयुक्त समन्वय समिति, एनसीबी को इसके अध्यक्ष के रूप में सरकार ने 19 जुलाई, 2019 को स्थापित किया था।”
उन्होंने यह भी कहा कि अखिल भारतीय ड्रग जब्ती डेटा के डिजिटलीकरण के लिए, एमएचए ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक के जनादेश के तहत सभी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए वर्ष 2019 में एसआईएमएस (जब्ती सूचना प्रबंधन प्रणाली) नामक एक ई-पोर्टल लॉन्च किया है।
उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा नारकोटिक्स कंट्रोल के लिए राज्यों को सहायता योजना के तहत वित्तीय सहायता पात्र राज्यों को उनकी मादक इकाइयों को मजबूत करने के लिए प्रदान की जाती है।
राय ने यह भी कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), भारतीय तटरक्षक बल, रेलवे सुरक्षा बल और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को एनडीपीएसए अधिनियम के तहत दूर-दराज और दूर-दराज में मादक दवाओं के निषेध के लिए देश के क्षेत्रों को अधिकार दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अवैध खेती को उपग्रह इमेजरी के उपयोग और राज्यों के साथ समन्वय में ऐसी फसलों के विनाश के माध्यम से संबोधित किया जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के एक हिस्से के रूप में, भारत ने एनडीपीएस और रासायनिक अग्रदूतों के साथ-साथ संबंधित अपराधों की अवैध तस्करी से निपटने के लिए 26 द्विपक्षीय समझौतों, 15ए समझौता ज्ञापन और विभिन्न देशों के साथ सुरक्षा सहयोग पर दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
साथ ही यह भी बताया कि एनसीबी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों जैसे सार्क ड्रग ऑफेंस मॉनिटरिंग डेस्क(एसडीओएमडी), ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स), कोलंबो प्लान, एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) आसियान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी समन्वय करता है, जो ड्रग मैटर्स (एएसओडी), बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (बिम्सटेक), ड्रग्स एंड क्राइम पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (यूएनओडीसी), अंतर्राष्ट्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड (आईएनसीबी) आदि के लिए सूचना और खुफिया जानकारी साझा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी का मुकाबला कर सकें।
अपराध
लोनी में पुलिस मुठभेड़ के बाद नकबजनी का आरोपी गिरफ्तार, 50 लाख के जेवर बरामद

उत्तर प्रदेश के लोनी थाना पुलिस ने वांछित एक आरोपी को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस और करीब 50 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि थाना लोनी क्षेत्र के निठोरा अंडरपास के पास संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि नकबजनी की घटना में वांछित आरोपी मोटरसाइकिल से निठोरा की ओर आ रहा है। पुलिस टीम ने बाइक सवार को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया।
पुलिस ने पीछा किया तो भागते समय आरोपी की मोटरसाइकिल फिसल गई। पुलिस के मुताबिक इसके बाद आरोपी ने तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सचिन निवासी डबल टंकी के पास रूपनगर, लोनी, गाजियाबाद, उम्र करीब 28 वर्ष बताया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने 20 अगस्त 2026 की रात गिरि मार्केट, लोनी में एक घर में घुसकर चोरी करने की बात कबूल की है।
पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए सोने और चांदी के आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा एक अवैध तमंचा, कारतूस भी बरामद हुआ है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ कमिश्नरेट गाजियाबाद के विभिन्न थानों में नकबजनी, चोरी, चोरी के माल की बरामदगी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम समेत करीब एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के गैंग को गिरफ्तार करने के लिए टीम का गठन किया जा रहा है,जो सचिन के बयान के आधार पर कार्रवाई करेगी और जल्द ही कई मामलों के खुलासे हो सकते है।
अपराध
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई : जुआ, शराब और चोरी के 3 मामलों में 9 आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 16 अगस्त: दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जुआ, अवैध शराब और चोरी के तीन मामलों में कार्रवाई करते हुए 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कैश, ताश के पत्ते और अवैध शराब भी बरामद की है।
खजूरी खास थाना पुलिस को शनिवार रात करीब 8 बजे सूचना मिली कि ई-ब्लॉक, श्री राम कॉलोनी, गली नंबर 2 के सामने कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल रोहित, हेड कांस्टेबल जुबैर और कांस्टेबल प्रमोद ने एसएचओ को जानकारी देकर मौके पर छापा मारा।
पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे, लेकिन टीम ने छह लोगों को पकड़ लिया। मौके से एक ताश की गड्डी और 10,440 रुपए बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों में हनीफ (60), आशिफ (29), मोहम्मद सलीम (30), राजू, (60), हनीफ (38), और मोहम्मद सलीम (40) शामिल हैं।
इस मामले में थाना खजूरी खास में एफआईआर दर्ज की गई। जांच के दौरान किसी की भी कोई पुरानी संलिप्तता नहीं मिली। आगे की जांच जारी है।
इसी तरह सोनिया विहार पुलिस ने शनिवार शाम 6:30 बजे गश्त के दौरान बेदी गैस एजेंसी के पास एक खाली प्लॉट में एक महिला को संदिग्ध हालत में खड़े देखा। तलाशी लेने पर उसके बैग से 30 बीयर, 30 हाफ और 49 क्वार्टर की अलग-अलग ब्रांड की अवैध शराब की बोतलें मिलीं।
सूचना पर हेड कांस्टेबल राज हसन और महिला कांस्टेबल यास्मीन मौके पर पहुंचीं और 52 वर्षीय महिला को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि आरोपी पहले भी इसी तरह के एक मामले में शामिल रह चुकी है। थाना सोनिया विहार में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस शराब सप्लाई के स्रोत का पता लगा रही है।
वहीं तीसरे मामले में 3 अगस्त को ताशन जैन ने शिकायत दी थी कि हर्ष विहार, मेन 20 फुटा रोड स्थित उनकी दुकान से लगभग 35,000 रुपए चोरी हो गए हैं। इस पर ई-एफआईआर दर्ज की गई थी।
एसएचओ इंस्पेक्टर तेज दत्त गौर के नेतृत्व में एसआई संदीप, एएसआई गिरीश, हेड कांस्टेबल गौरव, हेड कांस्टेबल कुंदन और हेड कांस्टेबल भूपेंद्र की टीम ने सबूत जुटाकर दो संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल किया और उनकी निशानदेही पर 10,000 रुपए बरामद हुए।
गिरफ्तार आरोपियों में आर्यन (18) और सनी (18) के नाम शामिल हैं। तीनों मामलों में पुलिस आगे की जांच कर रही है।
अपराध
दिल्ली-एनसीआर में ‘सबवेंशन स्कीम’ के नाम पर घर खरीदारों से धोखाधड़ी, ईडी ने की छापेमारी

दिल्ली-एनसीआर में दो बिल्डर-बैंक नेक्सस मामलों के सिलसिले में गुरुवार को ईडी ने तलाशी अभियान चलाया। इन मामलों में ‘सबवेंशन स्कीम’ के जरिए घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी की गई थी।
ईडी के मुताबिक, ये मामले एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड और रुद्रा बिल्डवेल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े हैं। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ये जांच, ईसीआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। ये ईसीआईआर, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की ओर से दर्ज दो एफआईआर पर आधारित थीं। ये एफआईआर, सुप्रीम कोर्ट की ओर से हिमांशु सिंह बनाम भारत संघ और अन्य में 29 अप्रैल, 2025 को पारित आदेश के पालन में दर्ज की गई थीं।
सीबीआई की जांच से पता चला कि बिल्डरों ने ‘सबवेंशन स्कीम’ के नाम पर घर खरीदारों/निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की थी। यह भी पता चला कि बिल्डरों ने ‘कब्जा मिलने तक कोई ईएमआई नहीं’ वाली स्कीम शुरू की थीं, जिसके तहत घर खरीदारों ने हाउसिंग लोन लिए और प्रोजेक्ट्स में फ्लैट/अपार्टमेंट बुक किए, हालांकि कई वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें फ्लैट/अपार्टमेंट का कब्जा नहीं दिया गया, जिससे घर खरीदारों को नुकसान हुआ।
12 अगस्त को एक और मामले में रायपुर में ईडी ने कार्रवाई की थी। ईडी ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के सिलसिले में रामगोपाल अग्रवाल को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। रायपुर सेंट्रल जेल में विचाराधीन कैदी के तौर पर बंद रामगोपाल अग्रवाल को 11 अगस्त को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने उसे सात दिन यानी 18 अगस्त तक ईडी की कस्टडी में भेजा है।
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