Connect with us
Wednesday,07-January-2026
ताज़ा खबर

अनन्य

दूसरी लहर में दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन की मांग को 4 गुना अधिक बताया, पैनल की रिपोर्ट में दावा

Published

on

 दिल्ली के ऑक्सीजन ऑडिट के लिए गठित सुप्रीम कोर्ट के एक पैनल ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के कोविड की दूसरी लहर के चरम के दौरान 700 मीट्रिक टन (एमटी) मेडिकल ऑक्सीजन के दावों में कई खामियां पाई हैं।

पैनल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने मेडिकल ऑक्सीजन की अपनी मांग को जरूरत से चार गुना ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और अगर इसे जारी रखा जाता तो यह दूसरे राज्यों के लिए संकट पैदा कर सकता था।

ऑक्सीजन ऑडिट के लिए गठित उप समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली सरकार द्वारा दावा की गई वास्तविक ऑक्सीजन खपत 1,140 एमटी बेड क्षमता के आधार पर बनाए गए फामूर्ले के आधार पर तय खपत के फामूर्ले की तुलना में चार गुना अधिक थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली के चार अस्पतालों सिंघल, अरुणा आसफ अली अस्पताल, मॉडल अस्पताल और लिफेरे अस्पताल ने बहुत कम बिस्तरों के लिए बहुत अधिक मेडिकल ऑक्सीज की खपत का दावा किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह दावा स्पष्ट रूप से गलत प्रतीत होता है।

रिपोर्ट के अनुसार, पुनर्गणना के बाद पैनल ने कहा कि दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार 183 अस्पतालों की वास्तविक खपत 1140 मीट्रिक टन थी। हालांकि चार अस्पतालों द्वारा दी गई गलत जानकारी को ठीक करने के बाद यह आंकड़ा 209 मीट्रिक टन पाया गया।

पैनल की अंतरिम रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने दावा किया कि ऑक्सीजन की मांग के लिए उसका फॉमूर्ला आईसीएमआर दिशानिदेशरें पर आधारित था, लेकिन उसके सामने ऐसा कोई दिशानिर्देश नहीं रखा गया था।

पेट्रोलियम और ऑक्सीजन सुरक्षा संगठन (पेसो या पीईएसओ) ने उप-समूह को बताया कि दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों और रिफिलर्स के पास पर्याप्त मात्रा में तरल चिकित्सा ऑक्सीजन (एलएमओ) उपलब्ध है और चूंकि दिल्ली में अतिरिक्त ऑक्सीजन है, जो एलएमओ आपूर्ति को प्रभावित कर रही है। इसने कहा कि अगर ऐसी ही स्थिति कुछ समय और जारी रहती तो इससे अन्य राज्यों पर काफी नकारात्मक असर पड़ता, जिन्हें असल में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत थी।

रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य तौर पर दिल्ली में 284 से लेकर 372 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत थी, लेकिन ज्यादा सप्लाई की डिमांड करने के कारण दूसरे राज्यों पर इसका असर पड़ा।

पैनल ने जोर देकर कहा कि दिल्ली सरकार ने गलत फॉमूर्ले का इस्तेमाल किया और मेडिकल ऑक्सीजन के लिए अतिरंजित दावे किए, और यह स्पष्ट नहीं था कि किस आधार पर दिल्ली ने शीर्ष अदालत में 700 मीट्रिक टन की मांग की। इसके अलावा ऑडिट के लिए उसके द्वारा एकत्र किए गए डेटा में घोर त्रुटियां पाई गई।

एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया की अध्यक्षता वाले इस पैनल में जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुबोध यादव, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के प्रमुख सचिव (गृह) भूपिंदर एस. भल्ला, मैक्स अस्पताल, दिल्ली के संदीप भूधिराजा और पेसो के संजय कुमार सिंह शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने छह मई को पैनल का गठन किया था।

रिपोर्ट में कहा गया है, यह स्पष्ट नहीं है कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय में दिल्ली सरकार द्वारा किस आधार पर 700 एमटी का आवंटन मांगा गया था, जबकि एकत्रित डेटा में इतनी बड़ी त्रुटियां पाई गई हैं और इसे इंगित करने के लिए ऑक्सीजन ऑडिट किया गया था।

दिल्ली के ऑक्सीजन ऑडिट के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक पैनल ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने 30 अप्रैल को गलत फॉमूर्ले का इस्तेमाल किया और कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के चरम के दौरान ऑक्सीजन के लिए अतिरंजित दावे किए। कुछ अस्पताल किलोलीटर और मीट्रिक टन के बीच अंतर नहीं कर सके और साथ ही 700 मीट्रिक टन का अनुमान लगाते समय इसकी जांच नहीं की गई थी।

दिल्ली सरकार के मेडिकल ऑक्सीजन की कमी के दावों के बाद, पांच मई को न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र को दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति बनाए रखने का निर्देश दिया था। केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जोरदार दलील देते हुए कहा था कि यह मांग अतिरंजित है और आवश्यकता लगभग 415 मीट्रिक टन है।

अनन्य

केरल : स्थानीय निकाय चुनाव में जीत को कांग्रेस उम्मीदवार वैष्णव सुरेश ने ‘लोकतंत्र की जीत’ बताया

Published

on

तिरुवनंतपुरम, 13 दिसंबर: कांग्रेस उम्मीदवार वैष्णव सुरेश ने शनिवार को केरल लोकल चुनावों में अपनी जीत को ‘लोकतंत्र और सच्चाई की जीत’ बताया। कुछ दिन पहले अधिकारियों ने उनकी उम्मीदवारी को खारिज कर दिया था, लेकिन केरल हाई कोर्ट के दखल के बाद उनकी उम्मीदवारी बहाल कर दी गई थी।

सुरेश ने मौजूदा तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन पार्षद अंशु वामादेवन को हराया, जो अपनी मूल सीट छोड़कर मुट्टाडा सीट से चुनाव लड़ने आए थे, लेकिन पहली बार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार से हार गए।

मुट्टाडा सीट, जब से बनी है, सीपीआई(एम) का गढ़ रही है। शुरुआती नतीजों से उनकी जीत का संकेत मिलते ही, वैष्णव ने कहा कि वह ‘बहुत खुश’ हैं और इस नतीजे को लोगों का साफ संदेश बताया।

उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र की जीत है। सच्चाई की हमेशा जीत होती है, और यहां भी ऐसा ही हुआ है। लोगों को पता था कि क्या हो रहा है। अच्छी लड़ाई लड़ी।”

तकनीकी कारणों से नामांकन पत्र जांच के दौरान खारिज होने के बाद वैष्णव की उम्मीदवारी ने पूरे राज्य का ध्यान खींचा था। इस फैसले से कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसने अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया और दावा किया कि यह खारिज करना राजनीतिक मकसद से किया गया था।

इसके बाद वैष्णव ने हाई कोर्ट का रुख किया, जिसने उनकी याचिका सुनने के बाद अधिकारियों को उनका नामांकन स्वीकार करने का आदेश दिया, जिससे उन्हें फिर से चुनाव लड़ने की अनुमति मिल गई। कानूनी लड़ाई, साथ ही उनकी कम उम्र ने वैष्णव को निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस अभियान का एक प्रमुख चेहरा बना दिया।

पार्टी नेताओं ने उनके मामले को संस्थागत अन्याय के उदाहरण के रूप में पेश किया और जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई बताया, उसके इर्द-गिर्द समर्थन जुटाया। अदालत के आदेश के बाद फिर से शुरू हुए उनके अभियान में शासन के मुद्दों के साथ-साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की सुरक्षा के बड़े विषय पर ध्यान केंद्रित किया गया।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि उनके पक्ष में आया फैसला न केवल कांग्रेस के लिए, बल्कि स्थानीय निकाय चुनावों के व्यापक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है, जहां कई जगहों पर कानूनी चुनौतियां प्रमुखता से सामने आईं।

वैष्णव की जीत को कांग्रेस के लिए, खासकर युवाओं और पहली बार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने इस नतीजे का स्वागत करते हुए कहा कि इसने न्यायपालिका और चुनावी प्रक्रिया दोनों में जनता के विश्वास को फिर से पक्का किया है।

उन्होंने मतदाताओं को ‘एक उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के वैध अधिकार से वंचित करने के प्रयासों को समझने’ के लिए भी श्रेय दिया।

वैष्णव के लिए, यह जीत कड़ी सार्वजनिक निगरानी में उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत है।

मतदाताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, उन्होंने कहा कि वह उन पर जताए गए भरोसे को सही साबित करने के लिए काम करेंगी और स्थानीय मुद्दों को हल करने पर ध्यान केंद्रित करेंगी।

Continue Reading

अनन्य

सीईसी ज्ञानेश कुमार आज संभालेंगे इंटरनेशनल आईडीईए की वैश्विक अध्यक्षता, भारत का बढ़ाएंगे मान

Published

on

नई दिल्ली, 3 दिसंबर: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बुधवार को इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस (इंटरनेशनल आईडीईए) की अध्यक्षता संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

सीईसी स्वीडन के स्टॉकहोम में होने वाली इंटरनेशनल आईडीईए के सदस्य देशों की समिति की बैठक में आईडीईए की अध्यक्षता संभालेंगे। अध्यक्ष के तौर पर वह साल 2026 में सभी काउंसिल मीटिंग्स की अध्यक्षता करेंगे।

भारतीय चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा, “भारत के इलेक्शन कमीशन और देश के सभी इलेक्शन स्टाफ द्वारा कराए गए फ्री, फेयर और ट्रांसपेरेंट इलेक्शन की ग्लोबल पहचान के तौर पर सीईसी ज्ञानेश कुमार 3 दिसंबर, 2025 को स्टॉकहोम में भारत की ओर से इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस (इंटरनेशनल आईडीईए) की जिम्मेदारी संभालने वाले हैं।”

इंटरनेशनल आईडीईए, 1995 में बना, एक अंतर सरकारी संगठन है जो दुनियाभर में लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। अभी 35 देशों की मेंबरशिप और यूनाइटेड स्टेट्स और जापान के ऑब्जर्वर के तौर पर, यह ऑर्गनाइजेशन सबको साथ लेकर चलने वाली, मजबूत और जवाबदेह डेमोक्रेसी को बढ़ावा देता है।

इंटरनेशनल आईडीईए को 2003 से यूएन जनरल असेंबली में ऑब्जर्वर का दर्जा भी मिला हुआ है।

ईसीआई ने अपने प्रेस नोट में कहा, “इंटरनेशनल आईडीईए की अध्यक्षता मिलने को चुनाव आयोग ने मील का पत्थर माना। उन्होंने कहा कि यह भारतीय चुनव आयोग को दुनिया की सबसे भरोसेमंद और इनोवेटिव इलेक्शन मैनेजमेंट बॉडीज (ईएमबीएस) में से एक के तौर पर ग्लोबल पहचान दिखाता है।”

इंटरनेशनल आईडीईए 1995 में बना एक अंतर सरकारी संगठन है जो दुनियाभर में लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। 35 देश अभी इसके सदस्य हैं। वहीं अमेरिका और जापान ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल है। इंटरनेशनल आईडीईए को 2003 से यूएन जनरल असेंबली में ऑब्जर्वर का दर्जा भी मिला हुआ है।

भारत, इंटरनेशनल आईडीईए का एक संस्थापक सदस्य है और उसने ऑर्गनाइजेशन के गवर्नेंस, डेमोक्रेटिक बातचीत और इंस्टीट्यूशनल पहलों में लगातार योगदान दिया है।

ईसीआई ने कहा, “सीईसी दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में चुनाव कराने के अपने बेजोड़ अनुभव का इस्तेमाल आईआईडीईए के ग्लोबल एजेंडा को आकार देने के लिए करेंगे। यह सहयोग नॉलेज-शेयरिंग को मजबूत करेगा, नवीन चुनाव प्रबंधन निकाय (ईएमबीएस) के बीच प्रोफेशनल नेटवर्क को मजबूत करेगा, और सबूतों पर आधारित वैश्विक चुनाव सुधारों का समर्थन करेगा।”

लगभग एक अरब मतदाताओं वाला विश्व का सबसे बड़ा मतदाता समूह होने के नाते और सुव्यवस्थित और दस्तावेजीकृत पारदर्शी चुनावी प्रक्रियाओं के साथ, भारत विश्वभर के ईएमबीएस के साथ अपने अनुभव को साझा करने का प्रयास करेगा।

चुनाव आयोग के प्रशिक्षण संस्थान ‘इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) और इंटरनेशनल आईडीईए के बीच होने वाले संयुक्त कार्यक्रम, कार्यशालाएं और शोध चुनावी हिंसा, सुप्रचार और मतदाताओं के विश्वास में कमी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए काम करेंगे।

अपनी स्थापना के बाद से आईआईआईडीईएम न केवल देश में बल्कि दुनियाभर में चुनाव अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहा है। अब तक, उसमे 28 देशों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं और लगभग 142 देशों के 3169 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है।

अक्टूबर में, मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयुक्तों के साथ, महासचिव केविन कैसास जमोरा, चीफ ऑफ स्टाफ जेसिका केहेस और सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के नेतृत्व में आईडीईए के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय में बैठक की थी।

Continue Reading

अनन्य

जॉइंट हेल्थ रिसर्च रोडमैप बनाने की कवायद; सीएसआईआर, आईसीएमआर ने की हाई-लेवल बैठक

Published

on

नई दिल्ली, 25 नवंबर: काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) ने मंगलवार को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ जॉइंट हेल्थ रिसर्च के लिए एक इंटीग्रेटेड रोडमैप को मजबूत करने के लिए एक हाई-लेवल बैठक की। साइंस और टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री ने यह जानकारी दी।

राजधीनी दिल्ली स्थित सीएसआईआर साइंस सेंटर में हुई इस मीटिंग की को-चेयर सीएसआईआर के डायरेक्टर जनरल डॉ. एन कलैसेल्वी और आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल और हेल्थ रिसर्च डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी डॉ. राजीव बहल ने को-चेयर की।

मंत्रालय ने कहा कि बातचीत के दौरान दोनों ऑर्गनाइजेशन ने सीएसआईआर मॉलिक्यूल्स के क्लिनिकल ट्रायल्स में जाने, सीएसआईआर लैब्स में आईसीएमआर-सपोर्टेड सेंटर्स ऑफ एडवांस्ड रिसर्च की स्थिति और बड़े प्रोजेक्ट्स के इम्प्लीमेंटेशन सहित चल रहे बड़े कोलेबोरेटिव इनिशिएटिव्स की प्रोग्रेस का रिव्यू किया।

बयान में आगे कहा गया कि शहरों, अस्पतालों और समुदायों में कई पैथोजन्स के लिए वेस्टवॉटर सर्विलांस को जारी रखने और बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया। साथ ही, वन हेल्थ मिशन के जरिए मिलकर किए जाने वाले कामों को मजबूत करने पर आम सहमति बनी।

एक्सपर्ट्स ने नए मॉलिक्यूल्स और दवाओं के डेवलपमेंट में सीएसआईआर और आईसीएमआर की अपनी-अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की, जिसमें सिस्टमैटिक क्लिनिकल ट्रायल्स और आईसीएमआर की बड़े जानवरों की टॉक्सिसिटी टेस्टिंग सुविधाओं का इस्तेमाल शामिल है।

एसआईआर-आईसीएमआर पीएचडी कार्यक्रम की समीक्षा की गई। इसमें युवा शोधकर्ताओं के लिए ज्यादा अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया, जिसमें आईसीएमआर की फेलोशिप को सीएसआईआर की फेलोशिप के साथ जोड़ना भी शामिल है।

डॉ. कलैयसेल्वी और डॉ. बहल ने कहा कि सीएसआईआर की वैज्ञानिक और तकनीकी ताकत को आईसीएमआर के सार्वजनिक स्वास्थ्य लक्ष्यों के साथ मिलाकर काम करना चाहिए, ताकि देश के लिए बड़े और महत्वपूर्ण परिणाम हासिल किए जा सकें।

मंत्रालय ने आगे कहा, “उन्होंने टेक्नोलॉजी के को-डेवलपमेंट के लिए समय पर प्रोग्रेस, बेहतर कोऑर्डिनेशन और स्ट्रक्चर्ड मैकेनिज्म की जरूरत पर जोर दिया, जिसमें एक जॉइंटली प्लान्ड, डिजिटली कंट्रोल्ड मेडिकल इमरजेंसी ड्रोन सर्विस भी शामिल है।”

बयान में यह भी कहा गया कि एक्सपर्ट्स ने कोलेबोरेशन को तेज करने, जॉइंट प्रोजेक्ट डेवलपमेंट को आसान बनाने और बायोमेडिकल साइंस, डायग्नोस्टिक्स, डिजिटल हेल्थ और एनवायर्नमेंटल हेल्थ सर्विलांस जैसे उभरते डोमेन में एंगेजमेंट बढ़ाने पर जोर दिया।

Continue Reading
Advertisement
मनोरंजन6 hours ago

विवादित पोस्ट मामला : नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत

व्यापार7 hours ago

सेंसेक्स, निफ्टी हल्की गिरावट के साथ बंद, मिडकैप शेयरों में रही तेजी

अपराध8 hours ago

मुंबई अपराध: ओशिवारा पुलिस ने आदतन चोर को गिरफ्तार किया, चोरी की गई 1.26 करोड़ रुपये की कीमती वस्तुएं बरामद कीं

राजनीति8 hours ago

भाजपा ने पश्चिम बंगाल में पार्टी की नई कमेटी के लिए 34 सदस्यों के नामों की घोषणा की

राष्ट्रीय समाचार10 hours ago

25 साल बाद पत्नी की हत्या करने वाले को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा

महाराष्ट्र11 hours ago

अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से बाहर हुई शिवसेना, भाजपा-कांग्रेस का अप्रत्याशित गठबंधन

अपराध12 hours ago

मुंबई: लोकल ट्रेन में लूटपाट के मामले में 4 नाबालिगों समेत 6 लोगों पर मामला दर्ज किया गया

अंतरराष्ट्रीय समाचार12 hours ago

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यावधि चुनावों से पहले रिपब्लिकन से एकजुट रहने की अपील की

अपराध13 hours ago

मुंबई: परिवार ने प्यार को स्वीकार नहीं, शादी से इनकार पर युवती ने उठाया खौफनाक कदम

व्यापार14 hours ago

भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे सत्र में लाल निशान में खुला, सेंसेक्स करीब 200 अंक फिसला

व्यापार2 weeks ago

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 367 अंक फिसला

राजनीति4 weeks ago

न्यायपालिका को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रही है भाजपा: शिवसेना (यूबीटी)

अपराध2 weeks ago

मुंबई: रिटायर्ड अधिकारी से 4.10 लाख की ठगी, जांच में जुटी पुलिस

व्यापार3 weeks ago

सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच उच्च स्तर पर खुला भारतीय शेयर बाजार

महाराष्ट्र1 week ago

अंदरूनी कलह पड़ी भारी, 211 वार्ड में समाजवादी पार्टी के साथ सियासी खेल

व्यापार3 weeks ago

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट, जानें मार्केट में आज की कीमत

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

पटना में बढ़ती ठंड पर डीएम का बड़ा फैसला, सभी स्कूलों के समय में बदलाव

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई बिरयानी में ज़्यादा नमक होने पर पत्नी की हत्या के आरोप में पति गिरफ्तार

व्यापार4 weeks ago

चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, इन पांच कारण से तेजी को मिल रही हवा

अपराध4 weeks ago

कल्याण: सिद्धेश्वर एक्सप्रेस से 5.5 करोड़ रुपये के आभूषण चोरी; सीसीटीवी फुटेज में नकाबपोश संदिग्ध दिखे

रुझान