अपराध
एनआईए ने पूर्व एनकाउंटर स्पेशिलिस्ट प्रदीप शर्मा के मुंबई स्थित घर पर छापा मारा, किया गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने यहां गुरुवार की सुबह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, पूर्व एनकाउंटर स्पेशिलिस्ट प्रदीप शर्मा के अंधेरी स्थित घर पर छापा मारा और बाद में एसयूवी प्लॉटिंग और व्यवसायी मनसुख हिरन की हत्या के मामलों की चल रही जांच के तहत उन्हें हिरासत में ले लिया। मुंबई पुलिस के साथ एनआईए की एक टीम ने उनके घर पर छापा मारा, तलाशी ली और बाद में शर्मा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
एनआईए ने यह कार्रवाई 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास 20 जिलेटिन की छड़ें और धमकी भरे नोट के साथ एसयूवी के सनसनीखेज मामले के संबंध में की है।
इसके तुरंत बाद, पुलिस ने 5 मार्च को ठाणे क्रीक दलदल से एसयूवी मालिक का शव बरामद किया। दोनों मामलों में एक बड़ा राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था।
एक विवादास्पद पूर्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक और बाद में शिवसेना कार्यकर्ता शर्मा से पहले एनआईए ने पिछले अप्रैल में दो बार पूछताछ की थी।
पिछले हफ्ते, एनआईए ने दो अन्य व्यक्तियों संतोष आत्माराम शेलार और आनंद पांडुरंग जाधव को गिरफ्तार किया था। दोनों को दो मामलों में उनकी भूमिका के लिए मलाड पूर्व के कुरार गांव में एक झोपड़पट्टी से गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि उनसे हिरासत में पूछताछ के बाद शर्मा के बारे में और जानकारी सामने आई और आज की कार्रवाई का कारण बनी।
इससे पहले, एनआईए ने सचिन वाजे, रियाजुद्दीन काजी, सुनील माने, पूर्व पुलिस अधिकारी विनायक शिंदे और एक क्रिकेट सट्टेबाज नरेश गोर सहित पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था।
प्रदीप शर्मा, वजे के करीबी बताए जाते हैं, जिन्हें एसयूवी-हिरेन मामले में मुख्य आरोपियों में से एक के रूप में नामित किया गया है। दोनों कथित तौर पर मार्च की शुरूआत में मिले थे, जब हिरेन को खत्म करने की साजिश रची गई थी।
1983 बैच के राज्य कैडर के एक पूर्व कॉलेज प्रोफेसर से पुलिसकर्मी बने शर्मा को मुंबई में माफियाओं का सफाया करने के लिए एनकाउंटर स्पेशिलिस्ट का तमगा मिला था।
हालांकि, अंडरवल्र्ड के साथ कथित संबंधों के लिए शर्मा को 2008 में पुलिस बल से बर्खास्त कर दिया गया था, लेकिन 10 साल बाद उनके खिलाफ आरोप साबित नहीं होने पर उन्हें बहाल कर दिया गया था।
उन्होंने सितंबर फरार माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम कास्कर के छोटे भाई इकबाल इब्राहिम कास्कर को 2017 में जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार करके अपनी दूसरी पारी की शुरूआत की थी।
साल 2019 में, उन्होंने शिवसेना में शामिल होने के लिए पुलिस बल छोड़ दिया और पालघर के नालासोपारा निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़े, लेकिन असफल रहे।
अपराध
मुंबई के मीरा भायंदर में नाबालिग से शोषण का सनसनीखेज मामला, ‘ऑनलाइन नीलामी’ का आरोप

crime
मुंबई, 5 जनवरी: महाराष्ट्र के मुंबई महानगर क्षेत्र के मीरा भायंदर इलाके में एक नाबालिग लड़की से कथित तौर पर गंभीर शोषण, ब्लैकमेलिंग और साइबर अपराध का चौंकाने वाला मामला सामने आया। वालिव पुलिस स्टेशन की सीमा में दर्ज शिकायत के अनुसार, 15 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अपने ही इलाके के युवक जावेद पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले जावेद से उसकी जान-पहचान दोस्ती में बदली। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने चोरी-छिपे उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए और बाद में इन्हीं के जरिए उसे ब्लैकमेल किया। पीड़िता का दावा है कि ब्लैकमेलिंग के दबाव में आरोपी उसे मध्य प्रदेश ले गया, जहां एक कमरे में करीब छह महीने तक उसके साथ लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण किया गया।
पीड़िता ने आगे बताया कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उसके नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर एक फर्जी अकाउंट बनाया। आरोप है कि इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए आरोपी ने नाबालिग की तस्वीरें पोस्ट कर ‘रेट कार्ड’ जारी किया और उसे ऑनलाइन नीलाम करने की कोशिश की। यह आरोप सामने आने के बाद साइबर अपराध और नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उस पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश की। बताया गया है कि पीड़िता पहले से ही पारिवारिक संकट से गुजर रही थी, क्योंकि हाल ही में उसके पिता का निधन हुआ था, जिससे उसकी स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई।
पीड़िता की ओर से इस मामले में वालिव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है, लेकिन आरोप है कि शिकायत के बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी खुलेआम उसे धमकियां दे रहा है, जिससे वह और उसका परिवार दहशत में हैं। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की गति पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
न्याय न मिलने और सुरक्षा को लेकर भयभीत पीड़िता अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रही है। उसने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी, अपनी सुरक्षा और जांच की मांग की है।
अपराध
दिल्ली: नबी करीम थाना पुलिस की बड़ी कामयाबी, आजीवन कारावास की सजा पाए फरार दोषी को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली, 5 जनवरी: सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के थाना नबी करीम पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए आजीवन कारावास की सजा पाए एक फरार दोषी (बेल जंपर) को गिरफ्तार किया है। साल 1999 में अपने ही भाई की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए भीम महतो को कई महीनों से फरार रहने के बाद हरियाणा के गुरुग्राम से दबोचा गया।
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, बिहार का रहने वाला भीम महतो को थाना नबी करीम में दर्ज एफआईआर संख्या 120/1999 के तहत अपने भाई किशन महतो की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में साल 2002 में तीस हजारी कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बाद में अपील लंबित रहने के दौरान उसे जमानत मिल गई थी। हालांकि, 30 अक्टूबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने उसकी अपील खारिज कर दी और उसे 5 नवंबर 2025 तक आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए थे। लेकिन, आरोपी फरार रहा। इसके बाद, कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया।
प्रेस नोट में कहा गया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थाना नबी करीम में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम में एसआई नीरज राठी, हेड कांस्टेबल महेश और हेड कांस्टेबल जगसोरन शामिल थे। पूरी कार्रवाई का नेतृत्व थाना प्रभारी निरीक्षक ईश्वर सिंह ने किया, जबकि ऑपरेशन की समग्र निगरानी पहाड़गंज के एसीपी सौरभ ए नरेंद्र द्वारा की गई।
पुलिस टीम ने आरोपी के बिहार स्थित पैतृक गांव और दिल्ली-एनसीआर में उसके संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी। तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल डेटा विश्लेषण, लोकेशन बेस्ड सर्विस (एलबीएस) ट्रैकिंग और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। लंबे तकनीकी और खुफिया इनपुट के बाद पुलिस को उसकी मौजूदगी के पुख्ता सुराग मिले।
2 जनवरी को विश्वसनीय सूचना और तकनीकी पुष्टि के आधार पर पुलिस टीम ने हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सेक्टर-17 के पूजा कॉलोनी, सुखराली एन्क्लेव में देर रात विशेष अभियान चलाया। स्थानीय खुफिया सहयोग से की गई इस कार्रवाई में फरार दोषी भीम महतो को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया।
अपराध
दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता: वरिष्ठ नागरिक के घर से करोड़ों की चोरी के मामले में तीन गिरफ्तार

नई दिल्ली, 3 जनवरी: दिल्ली पुलिस के साउथ डिस्ट्रिक्ट ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक वरिष्ठ नागरिक महिला के घर हुई करोड़ों की चोरी के मामले को सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो आरोपी थाना अंबेडकर नगर के सक्रिय बदमाश (बीसी) हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया सोना-चांदी का आभूषण, नकदी और चोरी की स्कूटी बरामद की।
दिल्ली पुलिस की ओर से शनिवार को जारी प्रेस नोट में बताया गया कि 1 जनवरी को एक वरिष्ठ नागरिक महिला ने थाना अंबेडकर नगर में शिकायत दर्ज कराई कि जब वह सुबह अपने घर लौटीं तो उन्होंने देखा कि मुख्य गेट का हैंडल टूटा हुआ है और घर के अंदर सारा सामान बिखरा पड़ा है। जांच करने पर पता चला कि उनकी जीवन भर की जमा पूंजी के रूप में रखे गए सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी हो चुकी है। इस संबंध में थाना अंबेडकर नगर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एएटीएस साउथ डिस्ट्रिक्ट की एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर उमेश यादव, प्रभारी एएटीएस साउथ डिस्ट्रिक्ट ने किया, जो एसीपी ऑपरेशंस साउथ डिस्ट्रिक्ट अरविंद कुमार की कड़ी निगरानी में काम कर रही थी। टीम में एसआई नवदीप, एचसी अरविंद, एचसी नरेंद्र, एचसी ईश्वर, महिला हेड कांस्टेबल सीमा मलिक, एचसी देवेंद्र, कांस्टेबल काना राम, अरविंद कुमार और कृष्णन शामिल थे। जांच के दौरान आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें तीन संदिग्ध रात करीब 3 बजे चेहरे ढके हुए घर में दाखिल होते नजर आए।
लगातार कई कैमरों की फुटेज का विश्लेषण करने पर आरोपियों की पहचान हुई। तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान इशाक उर्फ कालूआ, पवन और भारत उर्फ विक्की के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि पवन और भारत उर्फ विक्की थाना अंबेडकर नगर के सक्रिय बदमाश हैं। पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नाला रोड, पुष्प विहार और साकेत इलाके से तीनों आरोपियों को उस समय गिरफ्तार किया, जब वे चोरी की स्कूटी पर सवार होकर चोरी किए गए आभूषण और नकदी लेकर जा रहे थे। पुलिस ने मौके से पूरा चोरी का सामान बरामद कर लिया।
पुलिस ने कुल 228.83 ग्राम सोने के आभूषण, 708 ग्राम चांदी के आभूषण, 1.15 लाख नकद और एक चोरी की स्कूटी बरामद की है। बरामद आभूषणों में सोने का हार, 14 सोने की चूड़ियां, कानों के झुमके, मांग टीका, अंगूठी, चांदी की पायलें, कमरबंद, चुटकी और वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चांदी के सिक्के शामिल हैं।
आरोपियों की पहचान इशाक उर्फ कालूआ (24), पवन (26) और भारत उर्फ विक्की (23) के रूप में हुई। इशाक उर्फ कालूआ पहले से 2 मामलों में, पवन 8 मामलों में और भारत उर्फ विक्की 14 मामलों में शामिल रहा है। पूछताछ में आरोपियों की संलिप्तता अन्य मामलों में भी सामने आई है, जिनमें थाना मालवीय नगर का एक ई-एमवीटी मामला भी शामिल है।
दिल्ली पुलिस ने इस सफल कार्रवाई के लिए टीम की सराहना की है और इसमें शामिल पुलिसकर्मियों को उचित पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
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