अपराध
कोरोना के बढ़ते मामलों से कनाडा में प्रतिबंध बढ़े
कनाडा में कोविड-19 के कई वैरिएंट के मामले तेजी से सामने आते जा रहे हैं। बढ़ते मामलों के चलते कनाडा में संक्रामण को रोकने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिबंध लगातार लगाए जा रहे हैं। कनाडा में बुधवार को कोविड-19 के 4,800 नए मामले सामने आये, जिसके बाद कोरोना के कुल मामले 10,25,693 हो गये हैं। इसके साथ ही कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा बढ़तक 23,170 हो गया है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, ओंटारियो प्रांत ने पिछले साल कोविड-19 महामारी की शुरूआत के बाद से बुधवार दोपहर को तीसरी आपातकालीन स्थिति घोषित की, जो गुरुवार सुबह 12.01 बजे से लागू होगा और 28 दिनों तक चलेगा।
ओंटारियो के प्रमुख डग फोर्ड ने बुधवार को कहा, “मैं इस पर जोर नहीं दे सकता। अभी हालात बेहद गंभीर हैं। और मैं बेहद चिंतित हूं।”
फोर्ड ने कहा, “स्थिति हर घंटे तेजी से बिगड़ रही है। हमें जल्दी और निर्णायक रूप से आगे बढ़ने की जरूरत है। अभी हमारी योजना अस्पतालों की रक्षा करने की है। यही कारण है कि,आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी की सलाह पर मैं आपातकाल की स्थिति घोषित कर रहा हूं।”
आदेश के तहत, सभी गैर-आवश्यक खुदरा विक्रेताओं की दुकानें बंद हो जाएगी। जिम और व्यक्तिगत देखभाल सेवाएं बंद हो जाएंगी। बड़े स्टोर को केवल आवश्यक सामान बेचने के लिए खुले रहने की अनुमति दी जाएगी।
पड़ोसी राज्य क्यूबेक में भी फ्रेंकोइस लेगौल्ट ने भी अधिक प्रतिबंधों की घोषणा की।
रेड जोन में जिम, जिसमें मॉन्ट्रियल शहर भी शामिल हैं, वो गुरुवार को बंद हो जाएंगे और पूजा स्थलों पर एक समय में 25 लोगों की अनुमति होगी। साथ ही अगले सप्ताह से माध्यमिक 3, 4 और 5 में हाई स्कूल के छात्र बारी-बारी से क्लास अटेंड करेंगे, जबकि एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज को रोक दिया जाएगा।
लेगौल्ट ने कहा, “9.30 बजे मॉन्ट्रियल क्षेत्र में कर्फ्यू नहीं बदलेगा, लेकिन अगर स्थिति में सुधार नहीं होता है तो सरकार इसे वापस रात 8 बजे करने का निर्णय ले सकती है।”
बुधवार को वैंकूवर कैनक्स ने घोषणा की कि आइस हॉकी टीम के 21 खिलाड़ियों और चार स्टाफ सदस्य कोरोना पॉजिटिव हुए हैं।
टीम ने कहा, “यह वायरस कितनी जल्दी फैल सकता है और स्वस्थ, युवा एथलीटों में भी इसका गंभीर असर हो सकता है।”
अल्बर्टा के प्रमुख जेसन केनी ने घोषणा की कि खुदरा स्टोरों में ग्राहक की क्षमता 15 प्रतिशत तक कम हो जाएगी। रेस्तरां को बंद करना चाहिए और छोटे फिटनेस सेंटरों को एक बार फिर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
आंकड़ों के अनुसार बुधवार को कनाडा में 31 मार्च से 6 अप्रैल तक यानी सात दिनों में 6,328 नए मामले सामने आये हैं।
31 मार्च से 6 अप्रैल तक प्रत्येक दिन कनाडा के अस्पतालों में कोविड -19 के साथ औसत 2,423 लोगों का इलाज किया गया।
कनाडा में सभी आयु वर्ग के लोगों पर कोरोना का असर देखने को मिल रहा है, बुधवार को एक बयान में कनाडाई के मुख्य सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी थेरेसा टैम ने कहा, संक्रमण की दर 20 से 39 वर्ष की आयु के लोगों में सबसे अधिक है।
6 अप्रैल तक कनाडा में कुल 16,127 मामले अलग-अलग वैरिएंट के सामने आए हैं, जिसमें 14,790 बी.1.1.7 वैरिएंट के हैं, 1,000 पी.1 वैरिएंट के और 337 बी.1.351 वैरिएंट के तमाम मामले शामिल हैं।
टैम ने कहा, “बी.1.1.7 का कहर तेजी से फैल रहा है। वहीं, हाल के हफ्तों में पी.1 के मामलों में वृद्धि हुई है। प्रारंभिक साक्ष्यों से पता चलता है कि पी.1 वैरिएंट टीकों की प्रभावशीलता को कम कर सकता है, जिससे इसके प्रसार को नियंत्रित करना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।”
अपराध
एआई डीपफेक और अश्लील तस्वीरों से परेशान रूपाली गांगुली पहुंचीं बॉम्बे हाईकोर्ट, 4 नवंबर को होगी सुनवाई

टीवी की मशहूर अभिनेत्री रूपाली गांगुली ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कई ऑनलाइन पोर्टल उनकी तस्वीरों और अन्य कंटेंट का इस्तेमाल बिना अनुमति कर रहे हैं। इतना ही नहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से उनकी नकली तस्वीरें बनाई जा रही हैं और कुछ वीडियो के साथ भी छेड़छाड़ की गई है।
रूपाली का कहना है कि इस तरह तैयार किए गए कंटेंट को कुछ ऐसी वेबसाइटों पर इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री दिखाई जाती है।
अभिनेत्री ने अपनी याचिका में इसे अपने पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन बताया। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति की पहचान, तस्वीर, आवाज और छवि का इस्तेमाल उसकी सहमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अदालत से इस मामले में दखल देने की मांग की है।
इस याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में 4 नवंबर को सुनवाई होगी। इस मामले को जस्टिस माधव जामदार की बेंच सुनेगी।
रूपाली से पहले कई दूसरी अभिनेत्रियां भी अपनी तस्वीरों और पहचान के गलत इस्तेमाल के खिलाफ अदालत पहुंच चुकी हैं। हाल ही में अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु ने भी बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
उन्होंने आरोप लगाया था कि कई वेबसाइट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उनकी तस्वीरों, आवाज और पहचान का इस्तेमाल करके एआई से नकली वीडियो, मॉर्फ की गई तस्वीरें और अश्लील कंटेंट तैयार कर रहे हैं।
इस मामले में कोर्ट ने सामंथा को अंतरिम राहत दी थी। अदालत ने गूगल, मेटा और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल करने वाले चिह्नित कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया था।
इससे पहले जुलाई में अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने भी एआई से तैयार किए गए डीपफेक वीडियो और मॉर्फ तस्वीरों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के निर्देश दिए थे।
अपराध
कर्नाटक: नकली दवाओं के रैकेट से जुड़े लोगों और कंपनी के पांच ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में ईडी की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत नकली दवाओं के रैकेट से जुड़े लोगों और कंपनी के पांच ठिकानों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया है।
ईडी की ओर से यह कार्रवाई 18 अगस्त से चल रही मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में की गई। यह केस तवरेकेरे पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।
यह एफआईआर ड्रग कंट्रोलिंग अथॉरिटी और पुलिस वालों की ओर से 18 अगस्त को सीके तांड्या गांव में एक रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर की गई जॉइंट सर्च और रेड से जुड़ी है, जहां आरोपी बिना वैलिड लाइसेंस, परमिट या ऑथराइजेशन के दवाएं और फार्मास्युटिकल ड्रग्स स्टोर करते हुए और स्टोर की गई दवाओं पर लेबल बदलते हुए पाए गए।
ईडी ने केस दर्ज किया और पीएमएलए, 2002 के तहत जांच शुरू की। जांच से पता चला है कि आर. प्रशांत ने कथित तौर पर बिना ड्रग लाइसेंस या परमिट के दवाओं को बनाने, री-पैकेजिंग और री-लेबलिंग के लिए बिदादी के पास एक फार्महाउस का इंतजाम किया था। अलग-अलग राज्यों के मैन्युफैक्चरिंग सेंटरों से मंगाए गए सस्ते बल्क फॉर्मूलेशन को कथित तौर पर नई शीशियों में रीपैकेज किया गया और धोखे से महंगे फाइजर एंटीबायोटिक्स, जैसे कि जेविसेफ्टा, एम्ब्लेवो वगैरह के तौर पर रीलेबल किया गया।
शीशियों में जेनेरिक दवाएं थीं, लेकिन उन पर फाइजर-ब्रांडेड लेबल थे। ये दवाएं कथित तौर पर मेसर्स डीएम फार्मास्यूटिकल्स के जरिए बांटी गईं और मेसर्स कृपा हेल्थकेयर को सप्लाई की गईं। इसके बाद मेसर्स कृपा हेल्थकेयर ने पता लगने से बचने के लिए असली दवाओं के साथ दूसरी फार्मास्यूटिकल कंपनियों और अस्पतालों को भी सप्लाई कीं।
छापेमारी के दौरान, वीरेश कुमार के बैंक अकाउंट में लगभग 9 लाख रुपए थे। उस अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया है। इसके अलावा, सर्च एक्शन के दौरान अलग-अलग लोगों के डिजिटल डिवाइस, रिकॉर्ड और गलत जानकारी देने वाले डॉक्यूमेंट्स जब्त किए गए। इस मामले में आगे की जांच की जा रही है।
अपराध
बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी का बड़ा एक्शन, करीब 54 करोड़ रुपए की संपत्ति की जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2,200 करोड़ रुपए से अधिक के बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पारेख एल्युमिनेक्स लिमिटेड (पीएएल) से जुड़ी 53.95 करोड़ रुपए मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
ईडी के मुंबई जोन-1 कार्यालय के अनुसार, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। एजेंसी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 546 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
यह जांच सीबीआई, ईओडब्ल्यू मुंबई और ईओबी मुंबई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। मामले में पारेख एल्युमिनेक्स लिमिटेड और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
ईडी की जांच में सामने आया कि कंपनी ने कथित तौर पर स्टॉक और देनदारियों से संबंधित बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर बैंकों के एक समूह (कंसोर्टियम) से ऋण प्राप्त किया। बाद में कंपनी के ऋण खाते गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घोषित कर दिए गए, जिनकी कुल राशि 2,296 करोड़ रुपए से अधिक थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस कथित धोखाधड़ी में जेके शाह ग्रुप ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विभिन्न संस्थाओं तथा व्यक्तियों के जरिए 110.54 करोड़ रुपए की अपराध से अर्जित आय को इधर-उधर करने में मदद की।
ईडी ने दावा किया कि इस धनराशि का एक लाभार्थी 70.25 करोड़ रुपए का फायदा उठाने में सफल रहा, जो कुल 2,296.58 करोड़ रुपए की कथित अपराध आय का हिस्सा था।
एजेंसी ने बताया कि इससे पहले भी इस मामले में 493 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। साथ ही ईडी विशेष पीएमएलए अदालत, मुंबई में अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) भी दाखिल कर चुकी है, जिस पर अदालत ने संज्ञान ले लिया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, इंडियन ओवरसीज बैंक के नेतृत्व वाले 17 बैंकों के कंसोर्टियम को इस कथित साजिश के कारण भारी वित्तीय नुकसान हुआ। ईडी अब छापों के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि इस बैंक धोखाधड़ी में शामिल अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान की जा सके।
एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच जारी है और धन के प्रवाह तथा अन्य संभावित लाभार्थियों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
बॉलीवुड1 month agoटीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
