महाराष्ट्र
बिहार: महाराष्ट्र से आने वाले प्रवासी मजदूरों की होगी कोरोना जांच
देश भर में कोरोना के बढते मामले को लेकर प्रवासी मजदूरों के पुन: घर वापसी की संभावना को लेकर राज्य सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। कोरोना के सबसे अधिक मामलों वाले राज्य महाराष्ट्र से आने वाली ट्रेनों के सभी यात्रियों की कोरोना जांच करने के निर्देश दिए गए हैं । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रखंडों में भी क्वारंटीन सेंटर तैयार करने को कहा है। बिहार के लोग देश के करीब सभी हिस्सों में रहते हैं। सालभर पहले कोरोना महामारी के कारण झेली परेशानियों को वे अभी तक भूले नहीं हैं। कहा जा रहा है कि राज्यों में कोरोना के बढते मामलों को देख ये सभी एकबार फिर अपने घर लौटेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, कई राज्यों में तो उनके नियोक्ताओं ने ही उन्हें अपने घर लौट जाने को कह भी दिया है। ऐसी स्थिति में बिहार सरकार ने भी स्थिति को भांप तैयारी शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। कई राज्यों में रात्रि कर्फ्यू लगा दिए गए हैं। ऐसे में तय है कि उन राज्यों से बिहार के लोग वापस अपने राज्य लौटेंगे।
महाराष्ट्र से आने वाली हर ट्रेन में सवार ऐसी यात्री जो पटना एवं आसपास के रेलवे स्टेशनों पर उतरेंगे, उनका कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। जिला प्रशासन ने पटना के चार रेलवे स्टेशनों पर कोरोना जांच के लिए व्यवस्था की है।
पटना के जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि होटल पाटलिपुत्र अशोका में 165, मोड़ स्थित राधा स्वामी में 50 बेड, सभी अनुमंडल अस्पताल में 50- 50 बेड कंगन घाट स्थित टूरिस्ट सेंटर में 100 बेड तथा सभी अनुमंडल मुख्यालय में 100- 100 बेड की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र से आने वाली प्रत्येक ट्रेन से उतरने वाले व्यक्ति की कोरोना जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन पर जांच के दौरान जिन मरीजों में कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि होगी उसे जिला स्तर पर बनाए गए आइसोलेशन सेंटर में भर्ती कराया जाएगा तथा जो मरीज संदिग्ध रहेंगे उन्हें संबंधित अनुमंडल स्तर पर बनाए गए आइसोलेशन सेंटर भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने महाराष्ट्र से आने वाली ट्रेनों में सवार लोगों की जांच के लिए 75 मेडिकल टीमें गठित की हैं। शिफ्ट वाइज प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर मेडिकल टीम तैनात रहेगी जो रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों की जांच करेगी। पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर टर्मिनल, पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन और दानापुर रेलवे स्टेशन पर जांच की पूरी व्यवस्था की गई है।
इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बिहार लौटने वाले लोगों के लिए फिर से प्रखंडों में क्वारंटीन सेंटर की तैयारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।
उल्लेखनीय है कि बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। बुधवार को राज्य में 1,527 नए मरीज सामने आए थे, जिससे राज्य में सक्रिय कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 5,925 पहुंच गई है।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र: सुप्रिया सुले पर ओबीसी प्रमाणपत्र के आरोप को लेकर मचा बवाल

कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार द्वारा गुरुवार को यह आरोप लगाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले के पास अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का प्रमाण पत्र है।
इस दावे पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सुले ने आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया और वडेट्टीवार से या तो अपने बयान को साबित करने या सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। सुले के कड़े रुख के बाद, वडेट्टीवार ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अनजाने में उनका नाम लिया था और अपनी गलती पर खेद व्यक्त किया।
आरक्षण की स्थिति से संबंधित बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सुले ने वडेट्टीवार को अपने स्रोत बताने की चुनौती दी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने वडेट्टीवार से यह खुलासा करने का आग्रह किया कि यह जानकारी किसने और किस आधार पर दी। उन्होंने पोस्ट किया कि यदि वडेट्टीवार का दावा है कि यह सच है, तो उन्हें इसे साबित करने के लिए सार्वजनिक प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। अन्यथा, उन्हें निराधार दावे करने के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी होगी।
विरोध के जवाब में, वडेट्टीवार ने एक्स के बारे में स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया कि ओबीसी प्रमाणपत्र मुद्दे पर अपना रुख बताते समय उन्होंने गलती से सुले का नाम ले लिया था। उन्होंने कहा कि उनका सुले पर आरोप लगाने का कोई इरादा नहीं था और अनजाने में हुई इस गलती के लिए खेद व्यक्त किया।
इस बीच, विवाद ने दोनों दलों के नेताओं से तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कीं। महाराष्ट्र राष्ट्रीय बाल्यावस्था सेवा (एनसीपी) इकाई के प्रमुख शशिकांत शिंदे ने वडेट्टीवार की टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं का ऐसा व्यवहार 2014 में सत्ता के पतन का एक प्रमुख कारण था।
शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबदास दानवे ने विवाद पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी ने निर्धारित कानूनी नियमों के भीतर प्रमाण पत्र प्राप्त किया है, तो इसमें कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।
इस बहस ने महाराष्ट्र में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी गुट के बीच बढ़ते आंतरिक मतभेदों को उजागर किया।
महाराष्ट्र
मुंबई के लालबाग परेल में ईद मिलाद-उन-नबी जुलूस से लौटते समय हिंसा

मुंबई के परेल के लालबाग में ईद मिलाद-उन-नबी (पीबीयूएच) के जुलूस से लौटते समय आधी रात को सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद पुलिस ने दंगा करने का केस दर्ज किया है और पांच लोगों को हिरासत में लिया है। मुंबई पुलिस के सूत्रों ने यह जानकारी दी। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 189(1), 189(2), 191(1), 195(1), 118(1), 121 और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। लालबाग परेल इलाके में उस समय तनाव फैल गया जब दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई। ईद मिलाद-उन-नबी (पीबीयूएच) के जुलूस के दौरान मुस्लिम युवक अपनी मोटरसाइकिलों पर लालबाग परेल से गुजर रहे थे, तभी दूसरे समुदाय के युवक इकट्ठा हो गए और मोटरसाइकिलों के शोर और तेज गति से गाड़ी चलाने पर आपत्ति जताई। इस दौरान पुलिस ने कई युवकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी शुरू कर दी। उसी समय, दूसरे समुदाय के युवकों ने मुस्लिम युवकों की मोटरसाइकिल पर लगे धार्मिक झंडे का अपमान किया और दोनों तरफ से नारे लगने लगे। इलाके में मेजोरिटी कम्युनिटी के युवाओं ने पहले से ही पहरा लगा रखा था और जब इन युवाओं ने पुलिस के सामने मुस्लिम युवाओं पर हमला करने की कोशिश की, तो हालात बिगड़ गए और मामले ने हिंसा का रूप ले लिया। पुलिस ने हालात को कंट्रोल करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। फिलहाल यहां टेंशन बनी हुई है लेकिन शांति बनी हुई है। लालबाग परेल विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें भी फैल रही हैं, साथ ही नफरत फैलाने वाले तत्व इसे धार्मिक रंग देकर हालात को और बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, यही वजह है कि अब मुंबई पुलिस ने सोशल मीडिया पर नज़र रखना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही इंस्टाग्राम और फेसबुक समेत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सैकड़ों ऐसे नफरत फैलाने वाले वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें नफरत फैलाने वाले तत्वों ने एक खास कम्युनिटी को टारगेट किया है। इस मामले में भोईवाड़ा पुलिस ने दंगा करने का केस दर्ज किया है और करीब 5 आरोपियों को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे पक्ष से भी बात कर रही है और इस संबंध में क्रॉस एफआईआर दर्ज होने की संभावना है। जिस तरह से मुंबई शहर में हालात बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है, उसके बाद पुलिस ने यहां अलर्ट जारी कर दिया है। ईद मिलाद-उन-नबी के जुलूस से लौट रहे मुस्लिम युवकों पर हुए हमले के बाद पुलिस ने हिंसा और दंगे का केस दर्ज किया है और सीसीटीवी फुटेज भी चेक कर रही है। इसके साथ ही पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की रिक्वेस्ट की है। इतना ही नहीं, अलर्ट जारी किया गया है, सोशल मीडिया पर भी नज़र रखी जा रही है। यह दंगा बदमाशों की शरारत की वजह से हुआ था। अब सोशल मीडिया पर भी भड़काने वाली बातें आम हो गई हैं, जिस पर पुलिस एक्शन ले सकती है।
अपराध
मुंबई की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने 10 करोड़ की चरस के सप्लायर को बिहार से किया गिरफ्तार

मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने बांद्रा टर्मिनस के पास 10 करोड़ रुपए की चरस बरामदगी के मामले में मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मुंबई पुलिस ने गुरुवार को बताया कि आरोपी नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था।
मुंबई पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त को वर्ली यूनिट की एक टीम ने बांद्रा टर्मिनस के पास एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया और उसके पास से 10 किलो से अधिक चरस बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है। इस मामले में निर्मल नगर पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान उसने उस व्यक्ति के बारे में जानकारी दी, जिसने यह चरस सप्लाई की थी। इसके बाद आरोपी की तलाश के लिए वर्ली यूनिट की टीम को बिहार भेजा गया। 23 अगस्त को टीम बिहार के रक्सौल जिले में पहुंची। इसके बाद पुलिस की तलाश की गई।
मुंबई पुलिस ने बताया कि बिहार की स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को पूर्वी चंपारण से गिरफ्तार किया गया। वह नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था।
पिछले हफ्ते मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह के पास स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफएस) के पास 55 किलोग्राम मेथाम्फेटामाइन जब्त किया गया, जिसकी लागत 300 करोड़ बताई गई।
इस मामले में आईएसआई से जुड़ा तस्कर हुसैन दाद संदेह के घेरे में आया। हुसैन के बारे में बताया जाता है कि उसका भारत के नशे के बाजार में दबदबा है। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स के बाजार से भी उसका पुराना नाता रहा है। वह मूल रूप से अफगानिस्तान के कंधार का रहने वाला है। मौजूदा समय में वह इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस का हिस्सा बनकर पाकिस्तान को मदद पहुंचाने का काम कर रहा है। वहीं, ड्रग्स से प्राप्त होने वाले धन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में करने में उसकी मुख्य भूमिका रही है।
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