अपराध
मैंने कोई गुनाह नहीं किया है, मुझे इस मामले में बलि का बकरा बनाया जा रहा है: सचिन वझे
एंटीलिया विस्फोटक मामले और मनसुख हीरेन हत्या मामले में गिरफ्तार किए गए एपीआई सचिन वझे को गुरुवार को एनआईए ने अदालत में पेश किया। वझे ने अदालत में कहा कि मुझे इस मामले में बलि का बकरा बनाया गया है। मेरा इस केस से कोई लेना देना नहीं है। मैं इस मामले की जांच कर रहा था और इस केस का आईओ (इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर था)। अचानक कहीं कुछ बदलाव हुआ और 13 तारीख को जब एनआईए ऑफिस गया तो मुझे अरेस्ट कर लिया गया।
सचिन वझे ने अदालत में कहा, ‘इन सब घटनाओं के पीछे कुछ बैकग्राउंड है, मुझे सब कुछ बताना है। सब कह रहे हैं कि मैंने अपना गुनाह कबूल कर लिया है, तो यह बिल्कुल गलत बात है। मैंने कोई भी जुर्म कबूल नहीं किया है। मैं सिर्फ डेढ़ दिन के लिए इस केस का जांच अधिकारी था। क्राइम ब्रांच, एटीएस सब जांच कर रहे थे। मैंने इसके पहले कोई क्राइम नहीं किया, मेरा कोई रिकॉर्ड भी नहीं है। इसके बाद वझे ने अदालत में कहा कि मुझे कुछ बातें कोर्ट के रिकॉर्ड पर लानी है। तब जज ने कहा आप वकील से पूछ लीजिए। वकील से बात करने के बाद तय हुआ कि सचिन वझे लिखित में अपनी बातें कोर्ट को सौंपेंगे।
सूत्रों के मुताबिक सचिन वझे ने पूछताछ में एनआईए को बताया था कि उसने एंटीलिया के बाहर एक्सप्लोसिव प्लांट किए थे। ताकि वह इस मामले की जांच कर एक सूपर कॉप बन सके। फिलहाल एनआईए उसके इस दावे की जांच में जुटा हुआ है। एनआईए ने आज चौंकाने वाला खुलासा किया है। एनआईए के मुताबिक गिरफ्तार एपीआई सचिन वझे के घर से उन्हें जांच में 62 जिंदा कारतूस मिले थे। यह कारतूस वझे ने घर में क्यों रखे थे। इसका जवाब वो नहीं दे पाए हैं। आखिर इतने सारे कारतूस को घर में रखने के पीछे की वजह क्या थी? यह तमाम बातें अभी भी सवाल ही हैं। यह जानकारी एनआईए ने अदालत में दी है। वहीं सचिन वझे ने अदालत में कहा कि उसे इस मामले में ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है। फ़िलहाल अदालत ने इस मामले सचिन वझे को 3 अप्रैल तक एनआईए की हिरासत में भेजा है।
एनआईए ने बताया कि इसके अलावा सचिन वझे को 30 जिंदा कारतूस बतौर पुलिस अधिकारी सरकारी कोटे से भी दिए गए थे। हालांकि इनमें से सिर्फ पांच गोलियां ही सचिन वझे के पास मिली हैं। बाकी की 25 गोलियां गायब हैं। ये कारतूस कहां गए? इनका क्या इस्तेमाल हुआ? इस बारे में भी सचिन वझे ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। इस मामले ने ना सिर्फ मुंबई महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश को हिला कर रख दिया है क्योंकि इस पूरी साजिश में एक पुलिस अधिकारी शामिल है। जिसने इस पूरी घटना की साजिश रची और उसे अपने सहयोगियों के जरिए अंजाम दिया।
वहीं आरोपी सचिन वझे के वकील ने अदालत में दलील दी है कि एनआईए यह साबित करें कि इस मामले में यूएपीए कैसे लग सकता है। उन्होंने कहा जिलेटिन की छड़ों बिना डेटोनेटर के बम नहीं बन सकती हैं। सिर्फ़ जिलेटिन की रॉड को हैंडल करना काफी आसान है। यह केस इंडिविजुअल के खिलाफ है ना कि पूरे समाज के खिलाफ। यूएपीए में खतरा पूरे समाज को होता है, पूरे देश की एकता को खतरा होता है लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ भी नहीं है। इस मामले में देश की अखंडता को भी किसी प्रकार की इसी प्रकार की चोट नहीं पहुंच रही है। वकील ने यह भी कहा कि आरोपी का इंटेंट भी इस मामले में देखा जाना चाहिए। यूएपीए लगाने के बहुत क्लॉज होते हैं जिनका पालन जांच एजेंसी ने नहीं किया है।
अपराध
बंगाल पुलिस की छापेमारी में 28 करोड़ रुपये और 15 किलो सोना जब्त, तुलु मंडल का रिश्तेदार गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में लगभग 24 घंटे तक चली छापेमारी, तलाशी अभियान और पूछताछ के बाद पुलिस ने गुरुवार को जिले के पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल के रिश्तेदार मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार दोपहर शुरू हुए इस अभियान के दौरान पुलिस ने मीनार मंडल के घर से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद किया। बरामद नकदी की गिनती के लिए पुलिस को स्थानीय बैंक शाखा से करेंसी काउंटिंग मशीनें लानी पड़ी।
गुरुवार सुबह नकदी की गिनती और दोबारा गिनती पूरी होने के बाद जांच दल के एक सदस्य ने बताया कि बरामद नकदी की कुल राशि 28 करोड़ रुपये से कुछ अधिक पाई गई।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा मीनार मंडल के घर से 15 किलोग्राम सोना भी बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 21 करोड़ रुपये से अधिक है।
उन्होंने कहा, “बरामद नकदी और सोने की कुल अनुमानित कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये है।”
गुरुवार सुबह मीनार मंडल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पहले स्थानीय पुलिस थाने ले जाया गया। वहीं, पुलिस उसके घर से नकदी और सोने से भरे दो ट्रंक भी अपने साथ ले गई।
मीनार मंडल को दिन में बाद में सूरी स्थित जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहां सरकारी वकील उसकी पुलिस हिरासत की मांग करेंगे।
शुरुआत में मीनार मंडल ने इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोने के स्रोत को लेकर पुलिस के बार-बार पूछे गए सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। हालांकि, बाद में उसने स्वीकार किया कि बरामद नकदी और सोना एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था। इसकी पुष्टि बीरभूम के पुलिस अधीक्षक बिदित राज बुंदेश ने की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले मंगलवार को बीरभूम के मोहम्मद बाजार थाना पुलिस ने सात डकैतों को गिरफ्तार किया था। उन्हीं डकैतों से मिली जानकारी के आधार पर जांचकर्ताओं को मीनार मंडल के घर में नकदी और सोने के इस बड़े जखीरे का पता चला। इसके बाद बुधवार दोपहर उसके घर पर छापेमारी और तलाशी अभियान शुरू किया गया, जो गुरुवार सुबह तक जारी रहा।
बताया जाता है कि मीनार मंडल राज्य परिवहन निगम में बस चालक था। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि वह तुलु मंडल के पत्थर खदान कारोबार में बड़े स्तर पर शामिल था। तुलु मंडल को बीरभूम में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अनुव्रत मंडल का करीबी माना जाता है।
मीनार मंडल के घर से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना बरामद होने से उसके पड़ोसी भी हैरान रह गए हैं। इससे पहले भी पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल पर अवैध पत्थर खनन के आरोप लग चुके हैं।
अपराध
मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक बिल्डर से 25 लाख रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में गैंगस्टर जुल्फिकार बेहलीम और उसके भाई मोहसिन बेहलीम को गिरफ्तार करने का दावा किया है। इन दोनों ने बिल्डर से 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी और उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस संबंध में बिल्डर ने गैंगस्टर जुल्फिकार और उसके भाई समेत 12 गैंगस्टरों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। क्राइम ब्रांच यूनिट 9 ने जाल बिछाकर इन 12 आरोपियों को फिरौती लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ एक्सटॉर्शन और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। कोर्ट ने आरोपियों को 31 जुलाई तक रिमांड पर रखने का आदेश दिया है। जुल्फिकार और मोहसिन ने मुंबई शहर और उपनगरों में आतंक मचाया था और कई बिल्डरों से फिरौती मांगने की कोशिश भी की थी। इसलिए पुलिस ने अपील की है कि अगर इस गैंग ने किसी से फिरौती मांगी है तो वे उनके खिलाफ पुलिस और क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती, जॉइंट पुलिस कमिश्नर अनिल ने की। जांच कंभारे डीसीपी नुनाथ धोले और क्राइम यूनिट इंचार्ज सचिन प्रणक ने की।
अपराध
एएनसी की कार्रवाई : 3.5 मिलियन के साथ एमडी जब्त, एक गिरफ्तार

ARREST
मुंबई एंटी-नारकोटिक्स सेल ने एक ड्रग स्मगलर को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से 35 लाख रुपये से ज़्यादा कीमत की एमडी मेफेडोन बरामद हुई है। मुंबई के बांद्रा इलाके में एक संदिग्ध व्यक्ति संदिग्ध हालत में मिला। जब उसकी तलाशी ली गई, तो पुलिस को उसके पास से 142 ग्राम एमडी मिला, जिसकी कीमत 35 लाख रुपये बताई जा रही है। उसके खिलाफ खेरवाड़ी पुलिस में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एएनसी वर्ली यूनिट ने की।
-
दुर्घटना11 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
