खेल
ईशांत ने रचा इतिहास, 100वां टेस्ट खेलने वाले दूसरे भारतीय तेज गेंदबाज
अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा कपिल देव के बाद 100 टेस्ट मैच खेलने वाले दूसरे भारतीय तेज गेंदबाज बन गए हैं। ईशांत ने बुधवार से इंग्लैंड के साथ मोटेरा स्थित सरदार पटेल स्टेडियम (अब नरेंद्र मोदी स्टेडियम) में शुरू हुए तीसरे टेस्ट मैच में मैदान पर उतरते ही यह उपलब्धि हासिल की। यह मैच डे-नाइट हो रहा है। इस स्टेडियम की क्षमता 1 लाख 10 हजार है और यह अब दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बन चुका है। इसी स्टेडियम में भारत के सर्वकालिक महान टेस्ट गेंदबाज अनिल कुम्बले ने भी अपना 100वां टेस्ट खेला था।
साल 2007 में बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में अपने टेस्ट करियर का आगाज करने वाले ईशांत ने अब तक कुल 99 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 32.22 की औसत से 302 विकेट चटकाए हैं। उन्होंने घर में 39 टेस्ट मैचों में 103 विकेट जबकि घर से बाहर 60 टेस्ट मैचों में 199 विकेट झटके हैं। घर में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 78 रन पर नौ विकेट और घर से बाहर 108 रन पर 10 विकेट है।
दिल्ली के तेज गेंदबाज ने अपने करियर में अब तक सबसे ज्यादा विकेट आस्ट्रेलिया के खिलाफ लिए हैं। उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ 25 टेस्ट मैचों में 59 विकेट चटकाए हैं। इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 19 टेस्ट मैचों में 61, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 15 टेस्ट मैचों में 31, वेस्टइंडीज के खिलाफ 12 टेस्ट मैचों में 46 लिए हैं।
उन्होंने साथ ही श्रीलंका के खिलाफ 12 टेस्ट मैचों में 36, न्यूजीलैंड के खिलाफ सात टेस्ट मैचों में 35, बांग्लादेश के खिलाफ सात टेस्ट मैचों में 25, पाकिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट में पांच और अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट में चार विकेट चटकाए हैं।
ईशांत अब तक छह कप्तानों के अंडर में खेल चुके हैं। ये छह कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, महेंद्र सिंह धोनी, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे रहे हैं।
ईशांत ने 100 टेस्ट मैच खेलने की उपलब्धि हासिल करने के बाद मैच शुरू होने से पहले टॉस के बाद कहा, ” मेरे लिए अभी तक का करियर का अनुभव काफी अच्छा रहा है। मैंने यहां तक पहुंचने के दौरान इसका काफी लुत्फ उठाया और टीम के साथ इसका पूरा आनंद लिया है।”
ईशांत का भारतीय टीम के साथ यह दूसरा पिंक बॉल टेस्ट है। पहले पिंक बॉल टेस्ट में उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ पांच विकेट लिए थे।
उन्होंने कहा, ” जब हमने बांग्लादेश के खिलाफ अपना पहला पिंक बॉल टेस्ट खेला था, तो उस समय लाल गेंद की तरह ही पिंक बॉल भी स्विंग हो रही थी। हालांकि यह बताना मुश्किल है कि गेंद कितनी स्विंग होगी। विकेट देखने के बाद ही आपको पता चलेगा कि इस विकेट पर कौन सी लैंथ सही रहेगी।”
तेज गेंदबाज ने ओस फैक्टर को लेकर कहा, ” मुझे लगता है कि अंतिम सत्र में ओस बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। उस समय तेज गेंदबाज लय में आएंगे और फिर यह देखना पड़ेगा कि कौन सी लैंथ सही रहती है।”
उन्होंने दुनिया के इस सबसे बड़े स्टेडियम के बारे में कहा, ” यह काफी बड़ा और अच्छा स्टेडियम है। देखकर गर्व महसूस हो रहा है कि आप एक बड़े स्टेडियम में खेल रहे हैं। यहां का वातावरण भी काफी अच्छा है।”
ईशांत ने इससे पहले कहा था कि एक ही फॉर्मेट में खेलने से उनके लिए तेजी से 100 टेस्ट मैच खेलने की उपलब्धि तक पहुंचना आसान हुआ है। हालांकि उन्होंने साथ ही कहा कि बतौर तेज गेंदबाज कपिल देव के 131 टेस्ट मैच खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी करने पर फिलहाल उनका ध्यान नहीं है।
ईशांत ने कहा था, ” अगर आप इसे सकारात्मक रूप में सोचेंगे तो आपके लिए यह और आसान और बेहतर होगा। एक ही फॉर्मेट में खेलते रहने से 100 टेस्ट तक पहुंचने में आसानी हुई है। लेकिन मैं नहीं सोचता कि अगर मैं सीमित ओवरों के क्रिकेट में खेलता तो, मैं 100 टेस्ट मैच नहीं खेल पाता। मैं अभी केवल 32 साल का ही हूं। मैं आगे और बेहतर प्रदर्शन करूंगा।”
ईशांत के पास आस्ट्रेलिया दौरे पर ही 100 टेस्ट मैच खेलने का मौका था, लेकिन पिछले साल आईपीएल में मांसपेशियों में खिंचाव के कारण वह आस्ट्रेलिया दौरे पर नहीं जा सके थे। उन्होंने कहा कि इससे वह निराश नहीं हुए हैं।
ईशांत ने कहा था, ” मैं आस्ट्रेलिया दौरे पर ही अपना 100 टेस्ट मैच पूरा करना पसंद करता। लेकिन कई चीजें थीं, जोकि मेरे हाथ में नहीं है। चोट के कारण मैं आस्ट्रेलिया नहीं जा सका। अब उन चीजों को जल्द से जल्द भूलकर आगे बढ़ना चाहता हूं, इससे आपके जीवन में दूसरी चीजें आसान हो जाती है। यही मैंने अपने करियर में सीखा है। बीते बातों को भूलकर आगे बढ़ो। अब मेरा ध्यान अगले मैच पर है।”
तेज गेंदबाज ईशांत ने पिछले तीन साल से टेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने 2018 से लेकर अब तक 20 टेस्ट मैचों में 76 विकेट लिए हैं और इस दौरान उन्होंने चार बार पांच विकेट लिए हैं। ईशांत अब तक 11 बार पांच विकेट ले चुके हैं। उन्होंने अब तक 99 टेस्ट मैचों में 302 विकेट लिए हैं।
भारत के लिए सर्वाधिक टेस्ट खेलने वाले तेज गेंदबाजों में कपिल देव (1978-1994), 131 टेस्ट पहले स्थान पर हैं। कपिल ने अपने करियर में कुल 434 विकेट लिए हैं। इसके बाद इशांत का नाम है।
तीसरे स्थान पर जहीर खान हैं, जो 2000 से 2014 के बीच 92 टेस्ट मैचों में खेले थे। जहीर ने कुल 311 विकेट लिए हैं। इस क्रम में चौथे स्थान पर जवागल श्रीनाथ, हैं, जिन्होंने 1991 से 1992 के बीच कुल 67 टेस्ट मैचों में खेलते हुए 231 विकेट हासिल किए थे।
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फीफा वर्ल्ड कप: ऑस्ट्रेलिया ने किया बड़ा उलटफेर, एकतरफा मुकाबले में तुर्की को 2-0 से हराया

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में रविवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। वैंकूवर के बीसी प्लेस में ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप डी के मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए तुर्की को 2-0 से हराया।
ऑस्ट्रेलिया के युवा गोलकीपर पैट्रिक बीच ने अपने इंटरनेशनल डेब्यू पर शानदार प्रदर्शन किया। वहीं, नेस्टोरी इरनकुंडा और कॉनर मेटकाफ ने गोल करते हुए ऑस्ट्रेलिया को यादगार जीत दिलाई। ऑस्ट्रेलिया की टीम शुरुआत ही तुर्की के डिफेंस पर हावी नजर आई। टीम ने एक के बाद एक हमले किए और आखिरकार टीम को पहली सफलता मैच के 27वें मिनट में मिली।
पॉल ओकॉन-एंगस्टलर ने नेस्टोरी इरानकुंडा को बेहतरीन पास दिया, जिसके बाद इरानकुंडा ने डिफेंडर को छकाते हुए गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाकर ऑस्ट्रेलिया को मैच में 1-0 की बढ़त दिला दी। 20 वर्षीय इरानकुंडा फीफा वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया की ओर से गोल दागने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। इसके बाद तुर्की ने बराबरी करने के कई प्रयास किए, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के गोलकीपर पैट्रिक कई बार शानदार बचाव करते हुए टीम की बढ़त को बरकरार रखा। पहले हाफ के अंत तक ऑस्ट्रेलिया 1-0 से आगे रहा।
दूसरे हाफ में ऑस्ट्रेलिया ने अपने खेल में और आक्रामकता दिखाई और तुर्की को डिफेंस को बैकफुट पर धकेला। मैच के 53वें मिनट में कॉर्नर किक पर हैरी साउटर ने हेडर के जरिए गोल करने का प्रयास किया, लेकिन तुर्की के गोलकीपर उगुरकान काकिर ने उनकी इस कोशिश को विफल कर दिया। इसके बाद मैच के 56वें मिट नें तुर्की के पास गोल करने का शानदार मौका आया, लेकिन अर्दा गुलेर के शॉट को ऑस्ट्रेलिया के गोलकीपर पैट्रिक बीच ने डाइव लगाते हुए गोल पोस्ट में जाने से बचा लिया।
मैच के 75वें मिनट में ऑस्ट्रेलिया की बढ़त को मेटकाफ ने दोगुना किया। मेटकाफ के इस गोल से ऑस्ट्रेलिया की यादगार जीत पक्की हो गई। इसके बाद तुर्की कई प्रयास करने के बावजूद कोई गोल नहीं कर सकी। साल 2006 के बाद यह ऑस्ट्रेलिया की फीफा वर्ल्ड कप के पहले मैच में पहली जीत है।
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फीफा वर्ल्ड कप: भारत में मेक्सिको बनाम साउथ अफ्रीका मैच कब और कहां देखें? जानें सभी जानकारी

मेक्सिको सिटी, 11 जून: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 11 जून से होने जा रहा है। टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में मेजबान मेक्सिको ग्रुप ए के मैच में साउथ अफ्रीका से भिड़ेगा। इस मुकाबले की मेजबानी मेक्सिको सिटी स्टेडियम करेगा।
फुटबॉल के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा वर्ल्ड कप होगा। इस बार टूर्नामेंट में कुल 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनके बीच 104 रोमांचक मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट के पहले ही मैच में एक अनोखा संयोग बन रहा है। यह मुकाबला 2010 के विश्व कप उद्घाटन मैच का ठीक उलट होगा। उस समय साउथ अफ्रीका मेजबान देश था, लेकिन इस बार मुकाबला मेक्सिको की धरती पर हो रहा है। गौरतलब है कि साउथ अफ्रीका ने सीएएफ क्वालिफाइंग के ग्रुप सी में टॉप पर रहते हुए फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अपनी जगह पक्की की है।
भारत में मेक्सिको बनाम साउथ अफ्रीका को लाइव ऐसे देख पाएंगे।
भारत में फीफा वर्ल्ड कप 2026 फुटबॉल मुकाबलों की लाइव स्ट्रीमिंग और लाइव टेलीकास्ट जी5 प्लेटफॉर्म और ऐप पर उपलब्ध होगा। इसके लिए सब्सक्रिप्शन की जरूरत होगी।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का लाइव टेलीकास्ट भारत में यूनाइट8 स्पोर्ट्स 1, यूनाइट8 स्पोर्ट्स 1 एचडी, यूनाइट8 स्पोर्ट्स 2, और यूनाइट8 स्पोर्ट्स 2 एचडी टीवी चैनलों पर उपलब्ध होगा।
मैच से जुड़ी खास बातें:
समय: शुक्रवार, 12 जून 12:30 एएम (भारतीय समयानुसार)
जगह: एस्टाडियो एज्टेका, मेक्सिको सिटी
रेफरी: विल्टन सैम्पाइओ (ब्राजील)
वीएआर: निकोलस गैलो (कोलंबिया)
मेक्सिको की टीम:
गोलकीपर: कार्लोस एसेवेडो, गुइलेर्मो ओचोआ, राउल रंगेल।
डिफेंडर: एडसन अल्वारेज, इजराइल रेयेस, जीसस गैलार्डो, जोहान वास्केज, जॉर्ज सांचेज, माटेओ शावेज।
मिडफील्डर: अल्वारो फिडाल्गो, ब्रायन गुटिरेज, एरिक लीरा, गिल्बर्टो मोरा, लुइस रोमो, ओबेद वर्गास, ओरबेलिन पिनेडा।
फॉरवर्ड: एलेक्सिस वेगा, अरमांडो गोंजालेज, सीजर हुएर्टा, गुइलेर्मो मार्टिनेज, जूलियन क्विनोन्स, राउल जिमेनेज, सैंटियागो गिमेनेज।
साउथ अफ्रीका की टीम :
गोलकीपर: सिफो चेन, रिकार्डो गॉस, रॉनवेन विलियम्स।
डिफेंडर: ऑब्रे मोदिबा, खुलिसो मुडाऊ, नकोसिनाथी सिबिसी, मबेकेजेली म्बोकाजी, इमे ओकोन, समुकेले काबिनी, खुलुमानी नदामने, थबांग माटुलुडी, कामोगेलो सेबेलेबेले, ब्रैडली क्रॉस, ओल्वेथी मखान्या।
मिडफील्डर: तेबोहो मोकोएना, स्फेफेलो सिथोले, थालेंटे मबाथा, जेडन एडम्स।
फॉरवर्ड: थेम्बा जवाने, लाइल फोस्टर, एविडेंस मकगोपा, ओसविन एपोलिस, इकराम रेनर्स, रेलेबोहिले मोफोकेंग, थापेलो मासेको, त्शेपांग मोरेमी।
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वनडे विश्व कप में कोहली-रोहित की मौजूदगी गिल के लिए होगी फायदेमंद: सुरेश रैना

नई दिल्ली, 11 जून: भारत के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना का मानना है कि 2027 विश्व कप में भारतीय टीम के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि युवा कप्तान शुभमन गिल को इन दोनों दिग्गजों के अनुभव का बहुत फायदा मिलेगा।
रैना के अनुसार, बड़े टूर्नामेंटों में अनुभव अक्सर निर्णायक भूमिका निभाता है और कोहली-रोहित जैसे खिलाड़ी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालने की क्षमता रखते हैं। टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब कोहली और रोहित केवल वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं। दोनों का विश्व कप में शानदार रिकॉर्ड रहा है।
2019 में हुए आईसीसी वनडे विश्व कप में रोहित शर्मा ने 9 मुकाबलों में 648 रन बनाए थे। उन्होंने पांच शतक और एक अर्धशतक लगाया था और वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। इसके साथ ही वह विश्व कप के एक ही संस्करण में पांच शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने थे।
वहीं, 2023 में भारत की धरती पर खेले गए वनडे विश्व कप में विराट कोहली ने इतिहास रचते हुए 11 पारियों में 765 रन बनाए थे। वह टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। कोहली ने एक विश्व कप संस्करण में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया, जो इससे पहले सचिन तेंदुलकर( 673 रन) के नाम था।
रैना का मानना है कि अगर कोहली और रोहित 2027 विश्व कप तक फिट रहते हैं, तो उनका अनुभव और मैच जिताने की क्षमता भारतीय टीम की खिताबी उम्मीदों को और मजबूत कर सकती है। रैना ने ‘जियोस्टार’ से बात करते हुए कहा, “विराट कोहली के लिए शारीरिक और मानसिक तैयारी जरूरी होगी। वह सफेद गेंद की क्रिकेट में बहुत मजबूत दिखते हैं। यही बात रोहित शर्मा पर भी लागू होती है। दोनों आईसीसी वर्ल्ड कप में रन बनाने में माहिर हैं। रोहित 2019 में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में टॉप पर थे, जबकि 2023 में विराट कोहली ने भी ऐसा ही किया था। उन्होंने आईसीसी ट्रॉफी भी जीती हैं, जो उनकी लीडरशिप और मौजूदगी को बहुत ज्यादा अहमियत देती है। वे जानते हैं कि नॉकआउट मैचों में दबाव कैसे झेलना है। वे वहां रहे हैं, ऐसा किया है।”
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने आगे कहा, “”बड़े टूर्नामेंट में अनुभव मायने रखता है। उनके आस-पास के युवा बल्लेबाज को उनकी सलाह से फायदा होगा। शुभमन गिल के लिए वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी करते हुए रोहित और विराट का उनके साथ होना एक बहुत बड़ा फायदा होगा। उनका अनुभव मैदान पर और मैदान के बाहर बहुत कीमती होगा। वर्ल्ड कप जैसे अधिक दबाव वाले टूर्नामेंट में इस तरह की मौजूदगी बहुत फर्क ला सकती है।”
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