राजनीति
प्रधानमंत्री मोदी से राहुल गांधी का नहीं है कोई मुकाबला
देश में चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन करने के बाद भी पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की छवि ऐसी नहीं हो पाई है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दे सकें।
आईएएनएस सी-वोटर स्टेट ऑफ द नेशन 2021 के सर्वे के मुताबिक कोविड-19 महामारी और किसानों के विरोध के बावजूद मोदी की लोकप्रियता बरकरार है और अप्रूवल रेटिंग बहुत अच्छी है।
सर्वे के अनुसार, राहुल गांधी केरल में सबसे लोकप्रिय हैं और यहीं से वह लोकसभा के लिए चुने गए हैं और उत्तराखंड में सबसे कम लोकप्रिय हैं जहां के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्रियों की लोकप्रियता की सूची में सबसे निचला स्थान मिला है।
केरल में राहुल गांधी के लिए अप्रवूल रेटिंग 43 प्रतिशत है, इसके बाद तमिलनाडु में यह 25 प्रतिशत और जम्मू-कश्मीर में 15 प्रतिशत है।
पूरे देश में विपक्षी नेता की रेटिंग निराशाजनक तौर पर 5.07 प्रतिशत है। केवल 18.73 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने ही कहा है कि वे उनके प्रदर्शन से बहुत संतुष्ट हैं, वहीं 20 प्रतिशत ने कहा कि वे संतुष्ट हैं और 44.08 प्रतिशत ने कहा है कि वे बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं।
केंद्रशासित प्रदेशों में भी स्थिति बहुत अलग नहीं है। वहां भी राहुल गांधी को 5 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग ही मिली है, जबकि 35 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा है कि वे राहुल गांधी के काम से संतुष्ट नहीं हैं।
कांग्रेस शासित राज्य छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व कांग्रेस प्रमुख की तुलना में बेहतर हैं। यहां 51 प्रतिशत लोग राहुल गांधी के प्रदर्शन से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं।
पश्चिम बंगाल जहां जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं और कांग्रेस वाम दलों के साथ गठबंधन में है, वहां तो राहुल गांधी को माइनस 7.09 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग मिली है। यहां लगभग 45 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वे राहुल गांधी के कामों से संतुष्ट नहीं हैं, 14 प्रति लोगों ने कहा है कि वे बहुत संतुष्ट हैं और 23 प्रतिशत ने कहा है कि वे कुछ हद तक संतुष्ट हैं।
उत्तराखंड में राहुल गांधी की अप्रूवल रेटिंग माइनस 41 फीसदी है। इसी तरह पूर्वोत्तर राज्यों में माइनस 38 प्रतिशत और दिल्ली में माइनस 23 प्रतिशत है।
कांग्रेस शासित राजस्थान तक में स्थिति ऐसी ही है। यहां उन्हें माइनस 21 प्रतिशत रेटिंग मिली है। सर्वे में 54 फीसदी लोगों ने कहा है कि वे उनसे नाखुश हैं।
किसानों के विरोध को समर्थन देने के बावजूद पंजाब और हरियाणा में कांग्रेस नेता को क्रमश: माइनस 18 प्रतिशत और माइनस 17 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग मिली है।
वहीं, भाजपा शासित गुजरात और उत्तर प्रदेश में उनकी अनुमोदन रेटिंग क्रमश: माइनस 1.59 प्रतिशत और माइनस 1.91 प्रतिशत है।
बता दें कि यह सर्वे पूरे देश में 30 हजार से ज्यादा उत्तरदाताओं के बीच किया गया है।
महाराष्ट्र
मुंबई: साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल किया गया सिम कार्ड, नागपारा और अंधेरी के सिम कार्ड एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज

CRIME
मुंबई; मुंबई क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने अब ऐसे सिम कार्ड बेचने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने का दावा किया है, जिनके सिम कार्ड का इस्तेमाल फ्रॉड में किया जाता था। क्राइम ब्रांच ने पांच सिम कार्ड बेचने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया है। फ्रॉड केस में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि आरोपी साइबर फ्रॉड के लिए एजेंट और दुकानदारों के जरिए सिम कार्ड खरीदते थे और इन नंबरों का इस्तेमाल फ्रॉड के लिए किया जाता था। ये सिम कार्ड बेचने वाले अपनी दुकान से कस्टमर के डॉक्यूमेंट का गलत इस्तेमाल करते थे और अगर कस्टमर सिम कार्ड मांगता था, तो उसके डॉक्यूमेंट पर एक, दो या तीन सिम कार्ड जारी करवा लेते थे और फिर ये लोग इन सिम कार्ड का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करते थे और साइबर क्राइम में फरार आरोपियों को देते थे। साइबर सेल ने नागपारा से सिम कार्ड बेचने वाले आरोपी मुहम्मद सुल्तान मुहम्मद हनीफ, जीशान कमाल के खिलाफ ID एक्ट की दूसरी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इसी तरह दया शंकर भगवान शुक्ला, प्रदीप कुमार बर्नलवाला, नीरज शिवराम के खिलाफ गैर-कानूनी तरीके से सिम कार्ड बेचने का केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती के निर्देश पर DCP साइबर सेल पुरुषोत्तम कराड ने की है। साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि वे संचार साथी ऐप पर अपना मोबाइल नंबर चेक करें। अगर उन्हें अपने नाम पर कोई और नंबर मिलता है, तो वे इसकी रिपोर्ट करें और इस मामले में लोग संचार साथी ऐप पर शिकायत भी कर सकते हैं।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में भूमि रिकॉर्ड घोटाले से मचा हड़कंप, राज्यभर में जांच के आदेश

मुंबई: ( कमर अंसारी )
मुंबई: महाराष्ट्र में भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी एक बड़ी अनियमितता सामने आई है, जिससे राज्यभर में हड़कंप मच गया है। इस मामले ने जमीन के मालिकाना हक और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस मामले से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो सकते हैं, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग।
यह मामला महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता के एक प्रावधान के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है, जिसे केवल मामूली त्रुटियों—जैसे टाइपिंग या क्लेरिकल गलती—को सुधारने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। लेकिन आरोप है कि इसी प्रावधान का इस्तेमाल करके जमीन के मालिकाना हक में बड़े और गैरकानूनी बदलाव किए गए।
सूत्रों के अनुसार, कई मामलों में बिना उचित जांच और कानूनी प्रक्रिया के जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव किए गए, जिससे अवैध रूप से जमीन के हस्तांतरण की आशंका जताई जा रही है। इससे कई असली जमीन मालिकों में अपनी संपत्ति खोने का डर पैदा हो गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में किए गए सभी ऐसे बदलावों की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। जिला स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे भूमि रिकॉर्ड में किए गए सभी संशोधनों की जांच करें और उनकी वैधता सुनिश्चित करें।
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह मामला केवल कुछ गिने-चुने मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की संभावना है। इस जांच का उद्देश्य पूरे मामले की सच्चाई सामने लाना और जिम्मेदार लोगों की पहचान करना है।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जा सकते हैं। साथ ही, जिन लोगों के साथ अन्याय हुआ है, उनके अधिकार बहाल करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल जांच जारी है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और भूमि रिकॉर्ड प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
अपराध
मुंबई प्रेस क्लब में बम की धमकी से सुरक्षा अलर्ट जारी, पुलिस ने जांच शुरू की

मुंबई, 20 मार्च: मुंबई प्रेस क्लब को एक धमकी भरा ईमेल मिला है। जिसमें दावा किया गया है कि इमारत के अंदर जहरीली गैस से भरे कई छोटे बम लगाए गए हैं और वे शुक्रवार को दोपहर 1 बजे फट जाएंगे। ईमेल भेजने वाली ने अपना नाम नीरजा अजमल खान बताया है।
ईमेल मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। प्रेस क्लब परिसर के अंदर और आसपास तलाशी अभियान जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोकने के लिए बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) और डॉग स्क्वाड को मौके पर बुलाया गया है।
ईमेल में, भेजने वाले ने कोयंबटूर के मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करने का दावा किया और कुछ राजनीतिक आरोप लगाए। संदेश में कहा गया कि उनके साथ अन्याय हुआ है और उनकी आवाज़ दबाई जा रही है। इसमें यह भी बताया गया कि भेजने वाले के पास सीमित संसाधन थे और उसने उनका इस्तेमाल मुंबई प्रेस क्लब को निशाना बनाने के लिए किया। हालांकि, भेजने वाले ने यह भी लिखा कि उसका इरादा नुकसान पहुंचाना था और लोगों को इमारत खाली करने की सलाह दी।
ईमेल में नक्सलियों और पाकिस्तान से जुड़े कथित गुप्त नेटवर्क का भी जिक्र किया गया था, जिससे जांचकर्ताओं के लिए मामला और भी गंभीर हो गया है। इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए मुंबई पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी। साइबर टीम संदेश भेजने के लिए इस्तेमाल की गई ईमेल आईडी, संदेश के संभावित स्थान और इसके पीछे कौन हो सकता है, जैसी जानकारियों की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि ईमेल सुरक्षित ईमेल सेवा प्रोटॉन मेल का उपयोग करके भेजा गया था, जिसे आमतौर पर ट्रैक करना मुश्किल होता है।
फिलहाल प्रेस क्लब के अंदर मौजूद लोगों को सतर्क कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ईमेल कल शाम 7.33 बजे भेजा गया था।
मुंबई प्रेस क्लब के अध्यक्ष समर खदास ने बताया कि क्लब को शुक्रवार सुबह एक परेशान करने वाला ईमेल मिला, जिसमें ‘हमें दयानिधि मारन के कपड़े धोने के लिए मजबूर किया गया’ जैसे अजीब और धमकी भरे संदेश थे। ईमेल में यह भी दावा किया गया था कि परिसर में गैस बम लगाए गए हैं और वे दोपहर 1 बजे के आसपास फटेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रेस क्लब के सचिव मयूरेश गणपतये ने उन्हें इस ईमेल की जानकारी दी। इसके बाद प्रेस क्लब ने तुरंत डीसीपी मुंधे को सूचित किया। साइबर सेल की एक टीम जल्द ही घटनास्थल पर पहुंची और आगे की जांच के लिए प्रेषक का आईपी पता प्राप्त किया।
बाद में बम निरोधक दस्ते ने परिसर की गहन तलाशी ली, लेकिन तत्काल कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। अधिकारी ईमेल के स्रोत की जांच जारी रखे हुए हैं।
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