अंतरराष्ट्रीय
ला लीगा : मेसी के बिना उतरी बार्सिलोना को इबार ने ड्रॉ पर रोका
अपने कप्तान और स्टार स्ट्राइकर लियोनेल मेसी के बिना उतरी मेजबान बार्सिलोना को घर में खेले गए ला लीगा मुकाबले में इबार से 1-1 से ड्रॉ खेलना पड़ा। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, कप्तान किके गार्सिया ने रोनाल्ड आराउजो की गलती का फायदा उठाकर 57वें मिनट में शानदार गोल करते हुए इबार की टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
हालांकि उसकी यह बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह पाई और बार्सिलोना ने 10 मिनट बाद ही बराबरी हासिल कर ली। ओसमाने डेंबले ने 67वें मिनट में दाएं पैर से जोरदार किक के सहारे गोल करके बार्सिलोना को 1-1 से बराबरी दिला दी।
मेसी एड़ी की चोट से उबर रहे हैं और इसलिए वह इस मैच में खेलने नहीं उतरे। लेकिन उन्होंने स्टैंड्स में बैठकर ही मैच का आनंद लिया।
इबार से ड्रॉ खेलने के बाद बार्सिलोना ला लीगा में छठे स्थान पर है, जबकि इबार 14वें नंबर पर है।
अंतरराष्ट्रीय
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई बच्चों के भविष्य में निवेश जैसी, हमले तेज करने की दी चेतावनी

वॉशिंगटन, 2 अप्रैल : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आने वाले हफ्तों में ईरान के खिलाफ हमले और तेज करने की बात कही और चेतावनी दी है। कि ये हमले अभी कुछ हफ्तों तक और चलेगा। ट्रंप ने कहा कि हम अगले दो से तीन हफ्तों में उन पर बहुत जोरदार हमला करने वाले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ इन हमलों को बच्चों के भविष्य में निवेश बताया।
देश के नाम अपने संबोधन में स्थानीय समयानुसार बुधवार को ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एक महीने से थोड़ा ज्यादा चला है, लेकिन अमेरिका ने पहले ही उस चीज को खत्म कर दिया है जिससे बड़ा खतरा बताया था। उन्होंने कहा, “हम इस सैन्य ऑपरेशन में 32 दिनों से हैं और देश को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है और असल में अब कोई खतरा नहीं है।”
उन्होंने कैंपेन की रफ्तार में तेजी को दिखाने के लिए इसकी तुलना पिछले अमेरिकी युद्धों के समय से की। ट्रंप ने कहा, “पहले विश्व युद्ध में अमेरिका की भागीदारी एक साल, सात महीने और पांच दिन तक चली। दूसरा वर्ल्ड वॉर तीन साल, आठ महीने और 25 दिन तक चला। कोरियाई युद्ध तीन साल, एक महीने और दो दिन तक चला। वियतनाम युद्ध 19 साल, पांच महीने और 29 दिन तक चला और इराक युद्ध आठ साल, आठ महीने और 28 दिन तक चला।”
ईरान ऑपरेशन को बहुत तेज बताते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने ऐसी रफ्तार से नतीजे दिए हैं जो मॉडर्न लड़ाई में बहुत कम देखी गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “लड़ाई के इतिहास में कभी किसी दुश्मन को कुछ हफ्तों में इतना साफ, भयानक और बड़े पैमाने पर नुकसान नहीं हुआ।” उन्होंने कहा कि लड़ाई का कम समय सैन्य ताकत और रणनीतिक स्पष्टता दोनों को दिखाता है।
ट्रंप ने कहा, “हम अमेरिका और दुनिया के लिए ईरान के खतरे को खत्म करने की कगार पर हैं।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “हम तब तक काम करते रहेंगे, जब तक हमारे मकसद पूरी तरह पूरे नहीं हो जाते। हमने जो प्रक्रिया की है, उसकी वजह से मैं कह सकता हूं कि हम बहुत जल्द अमेरिका के सभी मकसद पूरे करने की राह पर हैं।”
उन्होंने ईरान को यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो हम उनके हर बिजली बनाने वाले प्लांट पर बहुत जोरदार हमला करेंगे और शायद एक साथ।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस लड़ाई को अमेरिका के लिए बेहतर और सुरक्षित भविष्य पक्का करने की कोशिश बताया है। ट्रंप ने कहा, “यह आपके बच्चों और आपके नाती-पोतों के भविष्य में एक सच्चा निवेश है।
उन्होंने दोहराया कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकने के लिए जंग जरूरी है। हालांकि ट्रंप के अपने इंटेलिजेंस चीफ ने पिछले साल माना था कि तेहरान ऐसा नहीं चाहता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के आखिरी में कहा, “जंग पहले ही जीत ली गई है और लगभग खत्म हो चुकी है। हम अमेरिका और दुनिया के लिए ईरान के खतरनाक खतरे को खत्म करने की कगार पर हैं।”
अंतरराष्ट्रीय
अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो ईरान को वापस पाषाण युग में भेज देंगे, ट्रंप की खुली चेतावनी

TRUMP
वॉशिंगटन, 2 अप्रैल : ईरान के खिलाफ युद्ध के उद्देश्यों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुरू से ही भ्रमित दिख रहे हैं। वह कभी कहते हैं कि वह ईरान के विरुद्ध अपने अभियान को खत्म कर सकते हैं तो कहीं ईरान को धमकाते दिखते हैं। इस बीच उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना कुछ ही हफ्तों में उन्हें पाषाण युग में वापस ले जा सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर से दावा किया है कि ईरान की सेना खत्म हो चुकी है। स्थानीय समयानुसार बुधवार को टीवी पर दिए भाषण में ट्रंप ने कहा कि “अभी सिर्फ एक महीना हुआ है, जब अमेरिकी सेना ने आतंक के दुनिया के नंबर वन स्पॉन्सर ईरान को टारगेट करते हुए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया था।”
उन्होंने दावा किया कि लड़ाई के मैदान में तेजी से बढ़त हासिल की जा रही है।
उन्होंने कहा, “आज रात, ईरान की नेवी खत्म हो गई है। उनकी एयरफोर्स बर्बाद हो गई है। उनके नेता अब मर चुके हैं। ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता बहुत कम कर दी गई हैं और हथियार फैसिलिटी टुकड़ों में उड़ा दी गई हैं।”
उन्होंने इस कैंपेन को ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकने के लिए जरूरी बताया। ट्रंप ने कहा, “मैंने कसम खाई है कि मैं ईरान को कभी न्यूक्लियर हथियार नहीं रखने दूंगा।” ट्रंप ने ईरान की मौजूदा सरकार को “धरती की सबसे हिंसक सरकार” कहा।
ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और पहले के अमेरिकी हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमने उन न्यूक्लियर साइट्स को पूरी तरह से खत्म कर दिया। ईरान ने कहीं और अपना प्रोग्राम फिर से बनाने की कोशिश की थी।”
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता और अपनी सीमाओं के बाहर ताकत दिखाने की उसकी काबिलियत को खत्म करना था। उन्होंने कहा, “ये मुख्य रणनीतिक मकसद पूरे होने वाले हैं।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत फेल हो जाती है तो और तनाव बढ़ेगा और कहा, “अगले दो से तीन हफ्तों में, हम उन्हें स्टोन एज में वापस ले जाएंगे। अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट कर सकता है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि ईरान के शासन में बदलाव तय मकसद नहीं था। ट्रंप ने कहा कि लीडरशिप में बदलाव पहले ही हो चुके हैं। सत्ता परिवर्तन हमारा मकसद नहीं था, लेकिन शासन में बदलाव उनके सभी असली नेताओं की मौत की वजह से हुआ है।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनियाभर में तेल की कीमतों में हाल की बढ़ोतरी के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि ऐसा कमर्शियल तेल टैंकरों पर हुए आतंकी हमलों की वजह से हुआ। उन्होंने मिडिल ईस्ट के तेल पर निर्भर देशों से शिपिंग रूट सुरक्षित करने और इस इलाके पर निर्भरता कम करने की अपील की।
ट्रंप इजरायल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन जैसे क्षेत्रीय साथियों की सराहना करते हुए कहा कि वे अभियान में बहुत अच्छे साझेदार रहे हैं। ट्रंप ने अमेरिका की आर्थिक मजबूती पर भी जोर दिया और कहा कि देश दुनिया में तेल और गैस का नंबर एक प्रोड्यूसर है और लड़ाई से जुड़ी रुकावटों को झेल सकता है। उन्होंने 13 अमेरिकी सैनिकों के खोने की बात को स्वीकार किया और कहा कि उनके परिवारों ने उनसे काम पूरा करने की अपील की थी।
ऑपरेशन को ऐतिहासिक रूप से तेज बताते हुए, ट्रंप ने कहा कि इस कैंपेन ने सिर्फ एक महीने में एक बड़े खतरे को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा, “हम अमेरिका और दुनिया के लिए ईरान के खतरनाक खतरे को खत्म करने की कगार पर हैं।”
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ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका को लिखा खुला पत्र, कहा-अमेरिकी जनता से कोई दुश्मनी नहीं

तेहरान, 2 अप्रैल : ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरानी जनता अमेरिकी लोगों के प्रति कोई दुश्मनी नहीं रखती है। वहीं, उन्होंने अमेरिकी प्रशासन पर ईरान के खिलाफ “इज़रायल के प्रतिनिधि (प्रॉक्सी)” के रूप में लड़ने का आरोप लगाया।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने ये टिप्पणियां अमेरिकी जनता को संबोधित एक पत्र में कीं, जिसमें उन्होंने अमेरिका और इज़रायल के साथ चल रहे युद्ध को लेकर ईरान के रुख को विस्तार से बताया।
पेज़ेशकियन ने कहा, “ईरानी लोग अमेरिका, यूरोप या पड़ोसी देशों के लोगों सहित किसी भी अन्य राष्ट्र के प्रति दुश्मनी नहीं रखते।” उन्होंने कहा, “अपने गौरवशाली इतिहास के दौरान बार-बार विदेशी हस्तक्षेप और दबावों का सामना करने के बावजूद, ईरानियों ने हमेशा सरकारों और उनके लोगों के बीच स्पष्ट अंतर किया है।”
पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान ने “अपने आधुनिक इतिहास में कभी भी आक्रामकता, विस्तारवाद, उपनिवेशवाद या प्रभुत्व का रास्ता नहीं चुना,” जबकि उसे वैश्विक शक्तियों द्वारा कब्जे, आक्रमण और दबाव का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि ईरान को खतरे के रूप में प्रस्तुत करना इज़रायल द्वारा गढ़ी गई कहानी है जिसका उद्देश्य “फिलिस्तीनियों के खिलाफ अपने अपराधों से वैश्विक ध्यान हटाना” है।
पेज़ेशकियन ने ईरान के आसपास अमेरिकी सैन्य जमावड़े और ठिकानों का जिक्र करते हुए कहा कि इन ठिकानों से शुरू हुई अमेरिकी “आक्रामकताएं” यह दिखाती हैं कि ऐसी सैन्य मौजूदगी कितनी खतरनाक हो सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आने वाले दिनों में ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले की धमकी के जवाब में उन्होंने कहा कि देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमला सीधे ईरानी जनता को निशाना बनाता है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे कदम “युद्ध अपराध” हैं और इनके प्रभाव ईरान की सीमाओं से बाहर तक जाएंगे।
पेज़ेशकियन ने कहा कि अमेरिका इज़रायल के “प्रॉक्सी” के रूप में और उसके प्रभाव में आकर ईरान के साथ युद्ध में शामिल हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इज़रायल अपने “अवैध हितों” के लिए “आखिरी अमेरिकी सैनिक और आखिरी अमेरिकी करदाता के पैसे तक” ईरान से लड़ना चाहता है।
उन्होंने सवाल किया, “क्या ‘अमेरिका फर्स्ट’ वास्तव में आज अमेरिकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है?” उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय “एक चौराहे पर खड़ी है,” जहां उसे टकराव और संवाद के बीच चयन करना होगा।
28 फरवरी को, इज़रायल और अमेरिका ने तेहरान और ईरान के कई अन्य शहरों पर संयुक्त हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और नागरिकों की मौत हो गई।
इसके जवाब में ईरान ने इज़रायल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों व संपत्तियों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की श्रृंखला शुरू की।
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