राजनीति
ममता बंगाल में ‘डोर-टू-डोर सरकार’ अभियान शुरू करेंगी
ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार 2021 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले लोगों तक पहुंच बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर अपने कार्यक्रमों के लिए कमर कस रही है। ममता सरकार का ‘डोर-टू-डोर सरकार’ शीर्षक वाला यह कार्यक्रम एक दिसंबर से शुरू होगा, जिसमें राज्य प्रशासन की ओर से बंगाल भर में चल रही 10 विभिन्न प्रदेश स्तर की सरकारी योजनाओं का उल्लेख किया जाएगा।
बांकुरा में पिछले हफ्ते एक प्रशासनिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से घोषणा किए जाने के बाद इस पहल पर काम शुरू हुआ था। कार्यक्रम के तहत जिन योजनाओं को प्रमुख तौर पर लोगों के सामने रखा जाएगा, उनमें कोन्याश्री, कद द्योष्ठी (खाद्य योजना), सस्थोष्ठी (स्वास्थ्य योजना), 100 दिन का काम, शिक्खा श्री (शिक्षा योजना) आदि योजनाएं शामिल हैं।
राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, यह अभियान एक दिसंबर से 30 जनवरी तक चार चरणों में सभी जिलों में सभी नगरपालिका एवं पंचायत क्षेत्रों में जारी रहेगा। राज्य सरकार के विभिन्न विभाग उन योजनाओं की शिकायतों और कार्यान्वयन की स्थिति को सुनने के लिए शिविर आयोजित करेंगे।
जिला मजिस्ट्रेट अपने-अपने जिलों में ‘डोर-टू-डोर सरकार’ अभियान का नेतृत्व करेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि ये शिविर विभिन्न स्कूलों, कॉलेज परिसरों, सामुदायिक हॉलों और पंचायत कार्यालयों में लगाए जाएंगे, ताकि राज्यभर में ऐसी सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोग उठा सकें।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, राज्य सरकार आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए ये कार्यक्रम शुरू कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
पेरिस से भी बड़ा होगा अमेरिकी एयर शो : ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित पूर्व स्पेस शटल लैंडिंग सुविधा केंद्र पर एक विशाल एयरोस्पेस प्रदर्शनी स्थल बनाने की योजना पेश की है। उन्होंने वादा किया कि लगभग दो वर्षों के भीतर तैयार होगा और यहां होने वाला शो ‘पेरिस एयर शो’ से भी बेहतर होगा।
केनेडी स्पेस सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित 1,900 एकड़ का यह स्थान कमर्शियल विमानों, निजी विमानन और अंतरिक्ष तकनीक को एक साथ लाएगा। इससे अमेरिकी कंपनियों को अपने उत्पाद पेश करने और देश के भीतर ही बड़े सौदे करने के लिए एक बड़ा मंच मिलेगा।
ट्रंप ने कहा, “हम एक ऐसा शो आयोजित करने जा रहे हैं, जैसा पहले कभी नहीं हुआ है।”
उन्होंने पेरिस, ब्रिटेन और दुबई में होने वाली प्रमुख एयरोस्पेस प्रदर्शनियों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका को उन उद्योगों के लिए सबसे बड़ा प्रदर्शनी मंच आयोजित करना चाहिए, जिनमें अमेरिकी कंपनियों का दबदबा है।
उन्होंने कहा, “हमारा दबदबा है, इसलिए सबसे बड़ा शो भी हमारा ही होना चाहिए।”
ट्रंप ने अनुमान जताया कि यहां हर साल लाखों लोग आएंगे, अरबों डॉलर की आर्थिक गतिविधियां होंगी और सैकड़ों अरब डॉलर के सौदे होंगे।
राष्ट्रपति ने बताया कि यहां मौजूद रनवे और आसपास की जमीन, विमानों के प्रदर्शन, अंतरिक्ष संबंधी डेमो और नई प्रदर्शनी इमारतों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ वर्षों में इस जगह का और विस्तार किया जाएगा।
यह प्रस्ताव ‘मैक्स पावर’ के दौरान दिए गए भाषण का मुख्य हिस्सा था। ‘मैक्स पावर’ एक एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी एक्सपो और एयर शो है, जो 6 से 8 नवंबर तक केनेडी स्पेस सेंटर और उसके आसपास आयोजित हो रहा है।
ट्रंप ने नासा प्रशासक जेरेड इसाकमैन की तारीफ की और इस प्रदर्शनी परियोजना को अमेरिकी विमानन, विनिर्माण और अंतरिक्ष अन्वेषण से जुड़े बड़े लक्ष्यों से जोड़ा।
उन्होंने अपने कार्यकाल के खत्म होने से पहले अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को फिर से चंद्रमा की सतह पर भेजने के अपने लक्ष्य को दोहराया, ताकि भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों की स्थायी मौजूदगी सुनिश्चित हो सके।
नासा के कार्यक्रम के अनुसार, 2028 में ‘आर्टेमिस IV’ मिशन के तहत चंद्रमा पर लैंडिंग से पहले, 2027 में ‘आर्टेमिस III’ मिशन के जरिए पृथ्वी की कक्षा में एकीकृत प्रणालियों और परिचालन क्षमताओं का परीक्षण किया जाएगा।
ट्रंप ने मंगल ग्रह के लिए एक परमाणु-संचालित अंतरिक्ष यान की योजना का भी जिक्र किया। नासा ने मार्च में ‘स्पेस रिएक्टर-1 फ्रीडम’ मिशन की घोषणा की थी, जिसे 2028 के अंत से पहले लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह रोबोटिक मिशन डीप स्पेस में ‘न्यूक्लियर इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन’ तकनीक का प्रदर्शन करेगा और मंगल ग्रह की खोज के लिए छोटे हेलीकॉप्टरों को तैनात करेगा। यह मिशन, मंगल ग्रह पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने के दीर्घकालिक लक्ष्य से अलग है।
विमानन की बात करते हुए, ट्रंप ने ‘कॉनकॉर्ड’ विमान में अपनी यात्रा को याद किया और सुपरसोनिक यात्री सेवा के बंद हो जाने पर अफसोस जताया।
उन्होंने कहा, “शायद यह दुनिया का इकलौता ऐसा उद्योग है जिसमें हम पीछे की ओर गए हैं, लेकिन अब और नहीं, हम बहुत आगे बढ़ रहे हैं।”
उन्होंने ड्रोन, इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ़ और लैंडिंग विमान, और स्वायत्त उड़ान के साथ-साथ बिना शोर मचाए चलने वाले सुपरसोनिक विमानों के विकास के प्रयासों को बढ़ावा दिया।
ट्रंप ने प्रस्तावित फ्लोरिडा प्रदर्शनी को इन प्रौद्योगिकियों और अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक साझा मंच के रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें वाणिज्यिक विमान निर्माता कंपनियां परिवहन के नए रूपों को विकसित करने वाली कंपनियों के साथ भाग लेंगी।
भाषण में विस्तारित एयरोस्पेस कार्यक्रम के लिए निकट भविष्य की महत्वाकांक्षाओं को दीर्घकालिक अन्वेषण लक्ष्यों के साथ जोड़ा गया। उन्होंने जिन चंद्र और मंगल कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला, वे पहले से ही नासा की प्रकाशित योजनाओं का हिस्सा थे।
राजनीति
तमिलनाडु सरकार ने स्टालिन की केंद्र-राज्य संबंध समिति भंग की, विधि आयोग को सौंपी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव करते हुए पूर्व डीएमके सरकार द्वारा गठित केंद्र-राज्य संबंधों पर उच्चस्तरीय समिति को समाप्त कर दिया है और इसकी जिम्मेदारी तमिलनाडु राज्य विधि आयोग को सौंप दी है।
सरकारी आदेश के माध्यम से औपचारिक रूप से पारित इस निर्णय के साथ पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन द्वारा केंद्र-राज्य संबंधों को नियंत्रित करने वाले संवैधानिक प्रावधानों की जांच करने और संघवाद व राज्य स्वायत्तता को मजबूत करने के उपायों की सिफारिश करने के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति का अंत हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ की अध्यक्षता वाली इस समिति में पूर्व आईएएस अधिकारी के. अशोक वर्धन शेट्टी और राज्य योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष एम. नागनाथन शामिल थे। स्टालिन ने अप्रैल 2025 में तमिलनाडु विधानसभा में इसके गठन की घोषणा की थी और इसे राज्य के संवैधानिक अधिकारों और प्रशासनिक शक्तियों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया था।
इसके बाद समिति ने केंद्र सरकार और राज्य के बीच संबंधों को प्रभावित करने वाले संवैधानिक, कानूनी और प्रशासनिक मुद्दों की गहन जांच की। इसने 16 फरवरी 2026 को स्टालिन को अपनी रिपोर्ट का पहला भाग प्रस्तुत किया, जिसमें संघीय शासन और राज्य स्वायत्तता से संबंधित सिफारिशें शामिल थीं।
हालांकि, विजय सरकार ने अब यह निष्कर्ष निकाला है कि समिति को अलग से जारी रखना अनावश्यक है क्योंकि इसकी जिम्मेदारियां राज्य विधि आयोग को सौंपी गई जिम्मेदारियों से मिलती-जुलती हैं।
सरकारी आदेश के अनुसार, 7 अगस्त 2026 को पुनर्गठित विधि आयोग को पहले से ही अंतरराज्यीय और केंद्र-राज्यीय संबंधों, मौजूदा कानूनों की समीक्षा और राज्य के कानूनी और संस्थागत ढांचे में सुधार सहित व्यापक अधिकार प्राप्त हैं।
सरकार का तर्क था कि समान जिम्मेदारियों वाले दो निकायों को बनाए रखने से कार्यों का दोहराव होगा। परिणामस्वरूप, उसने उच्चस्तरीय समिति को तत्काल भंग करने का आदेश दिया और केंद्र-राज्य संबंधों से संबंधित मामलों की जांच का जिम्मा विधि आयोग को सौंप दिया।
महत्वपूर्ण बात यह है कि आदेश में भंग की गई समिति को गैर-वैधानिक निकाय बताया गया है और प्रशासनिक निर्णय को उचित ठहराया गया है। हालांकि, तमिलनाडु राज्य विधि आयोग स्वयं भी एक गैर-वैधानिक संस्था है, जिसकी स्थापना विधायी प्रक्रिया के बजाय कार्यकारी सरकारी आदेश द्वारा की गई है।
यह ताजा फैसला संघीय संबंधों को लेकर पूर्व डीएमके प्रशासन के दृष्टिकोण से एक अलग दिशा में है। हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि विधि आयोग के माध्यम से इस विषय पर संस्थागत ध्यान दिया जाता रहेगा।
राष्ट्रीय समाचार
भारत की केमिकल और पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री 2030 तक 300 अरब डॉलर और 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: सरकार

भारत का रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग, जिसका वर्तमान आकार लगभग 220 अरब डॉलर है, वर्ष 2030 तक 300 अरब डॉलर और 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। सरकार द्वारा शनिवार को जारी एक फैक्टशीट के अनुसार, भारत वैश्विक रसायन उद्योग में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और यह क्षेत्र देश की औद्योगिक एवं विनिर्माण वृद्धि का महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है।
फैक्टशीट में कहा गया है कि भारत वर्तमान में दुनिया का छठा सबसे बड़ा रसायन उत्पादक और एशिया का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक है। इस क्षेत्र के उत्पादों का उपयोग औषधि, वस्त्र, निर्माण, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता वस्तुओं सहित अनेक उद्योगों में किया जाता है।
सरकार ने अधिकांश रसायन क्षेत्रों में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को स्वचालित मार्ग के तहत अनुमति दे रखी है, जिसके तहत विदेश से आने वाले निवेश को सरकार की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। इसी का परिणाम है कि 2014 से 2026 के बीच इस क्षेत्र में 1,04,895 करोड़ रुपए का एफडीआई आया, जो 2004 से 2014 के दौरान प्राप्त 45,240 करोड़ रुपए के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है।
फैक्टशीट के अनुसार, प्रमुख रसायनों और पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उत्पादन 2015-16 के 45,638 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 2024-25 में 58,617 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया। यह वृद्धि उत्पादन क्षमता विस्तार, विशेषीकृत विनिर्माण हब के विकास और बुनियादी ढांचे में सुधार का परिणाम मानी जा रही है।
बयान में आगे कहा गया है कि विशेष रसायनों के क्षेत्र में भी भारत की वैश्विक उपस्थिति मजबूत है। देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा डाई निर्माता और निर्यातक है, जबकि कृषि रसायनों के निर्यात में तीसरे स्थान पर है। वर्तमान में इस क्षेत्र में लगभग 13,000 बड़े उद्योग और 4.45 लाख सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) कार्यरत हैं।
सरकार इस क्षेत्र को और गति देने के लिए कई नई पहलें लागू कर रही है, जिनमें समर्पित केमिकल पार्क, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने वाली योजनाएं तथा गुणवत्ता और निवेश को प्रोत्साहित करने वाले कदम शामिल हैं। इनका उद्देश्य भारत की वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में भागीदारी को मजबूत करना है।
जुलाई 2026 में मंजूर की गई भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन (भव्य रसायन) के तहत देश में तीन विशेष केमिकल पार्क स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक पार्क का क्षेत्रफल कम से कम 8 वर्ग किलोमीटर (करीब 2,000 एकड़) होगा। केंद्र सरकार प्रत्येक पार्क के लिए 1,000 करोड़ रुपए तक की सहायता देगी, जबकि संबंधित राज्य सरकार को कम से कम 500 करोड़ रुपए का योगदान देना होगा।
इस योजना का कुल वित्तीय प्रावधान 3,030 करोड़ रुपए है, जिसमें 3,000 करोड़ रुपए बुनियादी ढांचे और सामान्य सुविधाओं के विकास के लिए तथा 30 करोड़ रुपए प्रशासनिक खर्चों के लिए निर्धारित किए गए हैं। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए लागू रहेगी।
इसके अलावा, नवंबर 2025 में शुरू की गई अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) योजना के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का कोष बनाया गया है, जिसका उद्देश्य निजी क्षेत्र के अनुसंधान और नवाचार निवेश को बढ़ावा देना है। यह योजना दीर्घकालिक वित्तपोषण और पुनर्वित्त सुविधा प्रदान करती है, जिससे उन्नत तकनीकों को अपनाने, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और महत्वपूर्ण तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिलेगी।
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