राष्ट्रीय
बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहे रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजे
एनालिस्टों और बाजार के पंडितों के अनुमानों को मात देते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को अपने तिमाही नतीजों में 9,567 करोड़ रू का शुद्ध लाभ दिखाया। हलांकि यह पिछले वर्ष की इसी तिमाही से 15 फीसदी कम है पर ब्लूमबर्ग के एनालिस्ट सर्वे से कहीं अधिक है। ब्लूमबर्ग के एनालिस्ट सर्वे में करीब 9,017 करोड़ रू के लाभ का अनुमान लगाया गया था। कंपनी का कंसोलिडेटिड शुद्ध लाभ एक बार फिर 10,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गया; कंसोलिडेटिड शुद्ध लाभ पिछली तिमाही के मुकाबले 28 प्रतिशत बढ़कर 10,602 करोड़ रुपये दर्ज हुआ।
रिलायंस रिटेल और जियो प्लेटफॉर्म्स की स्टार परफॉर्मेंस के दम पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंसोलिडेटिड रेवेन्यू 27.2 फीसदी की मजबूत क्रमिक वृद्धि के साथ तिमाही में 1,28,285 करोड़ रुपये दर्ज हुआ। हालांकि कोविड-19 के कारण उपजी परिस्थितियों में दुनिया भर में ईंधन की मांग और कच्चे तेल की कीमतों में जबर्दस्त गिरावट दर्ज की गई थी। इसका असर रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऑयल एंड गैस कारोबार पर भी पड़ा। कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित जून तिमाही के मुकाबले सितंबर तिमाही के कंसोलिडेटिड शुद्ध लाभ में 28 फीसदी का उछाल देखने को मिला।
रिलायंस जियो ने रिलायंस समूह की सभी कंपनियों में सबसे जोरदार रिजल्ट पेश किए। पिछले साल समान तिमाही के 990 करोड़ रू के शुद्ध लाभ को करीब तिगुना करते हुए सितंबर तिमाही में कंपनी ने 2,844 करोड़ का शुद्ध लाभ दिखाया। राजस्व में भी 4 हजार करोड़ से अधिक का इजाफा देखने को मिला। कंपनी के एआरपीयू यानी प्रति ग्राहक रेवेन्यू में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सितंबर तिमाही में यह 145 रू रहा। जबकि पिछली जून तिमाही में यह 140 और एक वर्ष पूर्व, वित्तिय वर्ष 2019-20 की सितंबर तिमाही में यह करीब 120 रू ही था।
चीन के बाहर 40 करोड़ ग्राहक संख्या रखने वाली पहली कंपनी बनने का दावा भी रिलायंस जियो ने किया है। कंपनी के नेटवर्क पर डेटा की खपत में भी 1.5 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है। सितंबर तिमाही में यह 1442 करोड़ जीबी को छू गया।
रिलायंस रिटेल ने भी सितंबर तिमाही में बेहतरीन प्रदर्शन किया, कंपनी ने 232 नए स्टोर खोले। स्टोर्स की कुल संख्या अब बढ़कर 11,931 हो गई है। रिलायंस रिटेल ने 5.6 बिलियन डॉलर यानी करीब 41 हजार करोड़ रू का रेवेन्यू जनरेट किया। यह पिछले साल की इसी तिमाही से मामूली सा कम है पर पिछली जून तिमाही के मुकाबले इसमें 30 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है। पिछली तिमाही के मुकाबले रिलायंस रिटेल के शुद्ध लाभ में भी 125 प्रतिशत से अधिक का इजाफा देखने को मिला।
नतीजों पर टिप्पणी करते हुए चेयरमैन, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश डी. अंबानी ने कहा, हमने पेट्रोकेमिकल्स और रिटेल सेगमेंट में अच्छी रिकवरी की है, जियो में हमारा बिजनेस लगातार मजबूत हुआ है और कुल मिलाकर हमने पिछली तिमाही के मुकाबले इस तिमाही में बेहतर नतीजे दिए हैं। हमारे बिजनेस में मांग के स्तर में तेज सुधार हुआ है। ज्यादातर प्रॉडक्ट्स के मामले में घरेलू मांग एक बार फिर बढ़कर तकरीबन कोविड के पहले वाले स्तरों पर पहुंच गई है। देश भर में लॉकडाउन के हटने से रिटेल व्यापार में स्थितियां तेजी से सामान्य हुई और महत्वपूर्ण उपभोक्ता वस्तुओं की मांग में वृद्धि हुई है। पिछले छह महीनों में हमने जियो और रिटेल बिजनेस में खासी पूंजी जुटाई है और साथ ही कुछ प्रभावशाली रणनीतिक और वित्तीय निवेशकों को रिलायंस परिवार में शामिल किया है। भारतवर्ष की उन्नति को ध्यान में रखते हुए हमने अपने सभी व्यवसायों में तेज वृद्धि का लक्ष्य रखा है।
राष्ट्रीय
एचपीसीएल का सख्त एक्शन: सरकार की सख्ती के बीच एलपीजी से संबंधित अनियमितताओं के चलते 10 डिस्ट्रीब्यूटर को किया सस्पेंड

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नई दिल्ली, 3 अप्रैल : हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने शुक्रवार को कहा कि उसने कथित अनियमितताओं के चलते 10 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर को सस्पेंड कर दिया है। कंपनी ने अपने वितरण नेटवर्क में अनियमितताओं के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति को दोहराया है।
कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि जिन 10 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर को गड़बड़ी में शामिल पाया गया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।
कंपनी ने अपने बयान में कहा, “जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत हम जवाबदेही सुनिश्चित कर रहे हैं और जहां जरूरत है, वहां समय पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रहे हैं।”
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सरकार एलपीजी की उपलब्धता और वितरण से जुड़ी अनियमितताओं और अफवाहों पर काबू पाने के लिए सक्रिय हो गई है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा था कि वे अफवाहों और गलत जानकारी को रोकने के लिए सक्रिय रूप से सही जानकारी साझा करें, क्योंकि कुछ इलाकों में इन अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी और जमाखोरी देखने को मिली है।
मंत्रालय ने अपने संदेश में कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों, खासकर एलपीजी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और फेक न्यूज काफी बढ़ गई है, जिससे वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
इसलिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे रोजाना वरिष्ठ स्तर पर प्रेस ब्रीफिंग करें और सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए सही जानकारी समय पर लोगों तक पहुंचाएं, ताकि लोगों को भरोसा दिलाया जा सके कि एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई सामान्य है।
सरकार ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि वे जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखें।
एचपीसीएल ने यह भी कहा कि उसकी प्राथमिकता उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना, पारदर्शिता बनाए रखना और भरोसेमंद सेवाएं देना है।
एक अन्य पोस्ट में कंपनी ने कहा कि डीलरों द्वारा की जा रही गड़बड़ियों को उसने गंभीरता से लिया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
कंपनी ने कहा, “हम किसी भी ऐसी गतिविधि के लिए जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाते हैं जो ग्राहक हित, पारदर्शिता या सेवा की गुणवत्ता को प्रभावित करती हो। जवाबदेही तय की जा रही है और जहां जरूरत है, वहां सख्त कार्रवाई की जा रही है।
राजनीति
प्रियंका गांधी ने असम में ‘डबल-इंजन’ सरकार पर कसा तंज, ‘दोहरी गुलामी’ वाला मॉडल बताया

गुवाहाटी, 1 अप्रैल : कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ‘डबल-इंजन’ सरकार पर तंज कसते हुए इसे ‘दोहरी गुलामी’ वाला मॉडल बताया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार शासन के ‘दोहरी गुलामी’ वाले मॉडल का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक ऊंचे-नीचे कंट्रोल चेन में काम कर रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने नजीरा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री अमेरिका के प्रभाव में काम करते हैं, जबकि मुख्यमंत्री सरमा बदले में पीएम मोदी के निर्देशों का पालन करते हैं। यह कोई डबल-इंजन सरकार नहीं है जैसा वे दावा करते हैं, बल्कि यह एक ‘दोहरी गुलामी’ वाली सरकार है।
उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर असम के लोगों की भलाई के बजाय बड़े उद्योगपतियों के हितों को प्राथमिकता देने का भी आरोप लगाया।
प्रियंका गांधी ने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधन, जिसमें जमीन और खनिज संपदा शामिल है, चुनिंदा कॉर्पोरेट संस्थाओं को सौंपे जा रहे हैं, जिससे स्थानीय समुदायों के अधिकार और आजीविका हाशिए पर जा रही है।
मशहूर असमिया गायक स्वर्गीय जुबीन गर्ग से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री सरमा के उन आरोपों का जवाब दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है। जुबीन गर्ग की पिछले साल सितंबर में सिंगापुर में समुद्र की सैर के दौरान मृत्यु हो गई थी।
असम के प्रतिष्ठित गायक जुबीन गर्ग का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री शर्मा के उन आरोपों का जवाब दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है।
उन्होंने कहा कि हम लाखों लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते। उनके साथ खड़ा होना हमारा कर्तव्य है। निर्धारित समय सीमा के भीतर न्याय दिलाने का वादा करना राजनीतिक अवसरवादिता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह कहना कि हम 100 दिनों के भीतर न्याय दिलाएंगे, राजनीतिकरण नहीं है बल्कि एक वादा है।
उन्होंने मतदाताओं से भाजपा के शासन के रिकॉर्ड पर सवाल उठाने का भी आह्वान किया और उनसे ऐसी सरकार का समर्थन करने का आग्रह किया जो लोगों पर केंद्रित नीतियों और जवाबदेही को प्राथमिकता देती हो।
राष्ट्रीय
मुंबई पुलिस ने अंधेरी ईस्ट से लापता महिला को सुरक्षित बरामद किया

police
मुंबई, 18 मार्च : मुंबई की अंधेरी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने एक 52 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया और उसे उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया है। महिला की वापसी से परिवारवालों ने राहत की सांस ली है।
दरअसल, मुंबई पुलिस के कमिश्नर देवेन भारती के निर्देश पर लापता महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अंधेरी पुलिस ने 15 दिन की कड़ी मेहनत के बाद 52 साल की रत्ना धर्मेंद्र यादव को खोज निकाला, जो कि पिछले कई दिनों से लापता थीं।
रत्ना अंधेरी ईस्ट के सैवादी इलाके से गायब हुई थीं। उनकी बेटी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और उसी के आधार पर लापता होने का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद अंधेरी पुलिस ने उनकी खोजबीन के लिए एक स्पेशल अभियान चलाया।
पुलिस की टीम ने हर छोटे-बड़े रास्ते, कॉलोनी और आस-पड़ोस की जगहों पर छानबीन की। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के सहारे पता चला कि रत्ना अस्थायी तौर पर चेंबूर के एक होमलेस शेल्टर में रह रही थीं।
जांच के दौरान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि रत्ना मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और बोल नहीं सकती थीं। ऐसे में उन्हें सुरक्षित ढंग से ढूंढना और वहां से लाना आसान काम नहीं था। पुलिस ने बहुत धैर्य और समझदारी से काम लिया और आखिरकार उन्हें सुरक्षित उनके परिवार के पास पहुंचा दिया।
उनकी बेटी और परिवार ने मुंबई पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने जो मेहनत और लगन दिखाई, उससे उन्हें रत्ना की खोज में बहुत मदद मिली। इसके लिए उनका परिवार मुंबई पुलिस का आभारी है।
पुलिस का कहना है कि उनके द्वारा लापता महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की टीमें जल्द से जल्द लापता लोगों की खोज में लग जाती हैं। इस क्रम में रत्ना को भी सुरक्षित बरामद कर उनके परिवार को सौंप दिया गया।
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