राजनीति
पाकिस्तान के राजनीतिक संकट का असर सीपीईसी, आर्थिक विकास पर पड़ने का अंदेशा
पाकिस्तान में गृहयुद्ध जैसे हालात का असर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर पड़ सकती है, जिससे इसके आर्थिक विकास की संभावनाएं कहीं न कहीं बाधित हो सकती हैं।
देश में विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री इमरान खान की ‘कठपुतली’ सरकार और सेना के खिलाफ एक संयुक्त रैली का नेतृत्व किया है। इसके अलावा, फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने भी पाकिस्तान को ‘ग्रे लिस्ट’ से हटाने के खिलाफ फैसला सुनाया है और साथ ही इसके 27 सूत्री कार्ययोजना को पूरा करने के लिए 2021, फरवरी तक का वक्त दिया है।
इमरान खान ने 60 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत वाली सीपीईसी परियोजना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि इससे सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
साल 2019 में पाकिस्तान की जीडीपी एक प्रतिशत नीचे लुढ़क गई थी और इस साल भी देश की सकल घरेलू उत्पाद में गिरावट देखी जा सकती है।
पाकिस्तान में भारत के पूर्व राजदूत टीसीए राघवन ने इंडियानेरेटिव डॉट कॉम को बताया कि वर्तमान समय की इस राजनीतिक उथलपुथल के कुछ और समय तक जारी रहने की संभावना है।
उन्होंने कहा, “यह सच है कि इस वक्त देश राजनीतिक संकट की ओर आगे बढ़ रहा है और ऐसा लगता है कि इसके कुछ समय तक जारी रहने की संभावना है।”
साथ ही राघवन ने यह भी कहा कि इस राजनीति उथलपुथल का प्रभाव देश की आर्थिक विकास पर पड़ेगा, लेकिन ऐसा अभी तुरंत ही नहीं होने वाला है।
उन्होंने आगे बताया, “पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस वक्त एक गंभीर स्थिति में है और इसके और भी घनीभूत होने की आशंका है, जिससे सीपीईसी की परियोजना भी प्रभावित हो सकती है। पहले से ही कई वजहों के चलते इसकी गति धीमी रही है और मौजूदा हालात के असर से भी यह परियोजना अछूती नहीं रहेगी।”
राष्ट्रीय समाचार
गुजरात में अघोरी बाबा बनकर बुजुर्ग से 19.60 लाख रुपये की ठगी, तीन और आरोपी गिरफ्तार

गुजरात के वलसाड जिले में अघोरी बाबा और गुरु बनकर दैवीय आशीर्वाद दिलाने तथा पैसे दोगुने करने का झांसा देकर 76 वर्षीय बुजुर्ग से 19.60 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने के मामले में पुलिस ने तीन और वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महबूब शेख (23), सरफराज पठान (39) और साहिलमियां शेख (23) के रूप में हुई है। तीनों को महीसागर जिले के वीरपुर से वलसाड साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम ने जांच के बाद गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, ठगी की यह घटना 29 अप्रैल को हुई थी। इस दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने इंटरनेट के जरिए शिकायतकर्ता के 76 वर्षीय पिता से संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को अघोरी बाबा और गुरु बताकर उन्हें देवी का आशीर्वाद दिलाने और रुका हुआ पैसा दोगुना करने का झांसा दिया।
इसके बाद आरोपियों ने उन्हें अलग-अलग बैंक खातों का विवरण दिया और उनमें पैसे जमा कराने के लिए राजी कर लिया। इस तरह बुजुर्ग से कुल 19,60,500 रुपये से अधिक की ठगी की गई।
मामले में वलसाड साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने इस मामले में पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि छह अन्य को वांछित घोषित किया गया था। इसके बाद साइबर क्राइम टीम ने फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए उनके सोशल मीडिया अकाउंट, बैंक लेनदेन और रिश्तेदारों, दोस्तों व सहयोगियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर खुफिया जानकारी भी जुटाई गई।
पुलिस के अनुसार, 26 अक्टूबर को पुलिस उपनिरीक्षक डी.एस. पटेल को सूचना मिली कि वांछित आरोपी महबूब शेख को बालासिनोर के देव चौक के पास देखा गया है। वह महीसागर जिले के वीरपुर का रहने वाला है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी शुरू की और स्थानीय दुकानदारों, ऑटो रिक्शा चालकों तथा मुखबिरों की मदद से उसकी तलाश की। महबूब की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पुलिस को अन्य दो वांछित आरोपियों सरफराज पठान और साहिलमियां शेख के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद दोनों को भी वीरपुर से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, सरफराज पठान पेशे से ड्राइवर है और वीरपुर के टिंबा फली इलाके में पानी की टंकी के पास रहता है। वहीं, साहिलमियां शेख पान की दुकान चलाता है और कस्बे में देसाई सीएम हाई स्कूल के पास रहता है। महबूब शेख योगेश्वर पार्क सोसायटी के सामने रहता है और नौकरी करता है। तीनों गिरफ्तार आरोपियों से आगे की पूछताछ की जा रही है।
इस बीच पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि तांत्रिक अनुष्ठानों या धार्मिक क्रियाओं के जरिए पैसे दोगुने करने के दावे पूरी तरह धोखाधड़ी हो सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान कॉल करने वालों को पैसे ट्रांसफर न करें और न ही उनके साथ अपनी निजी जानकारी साझा करें। किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत बातचीत बंद कर दें। साइबर ठगी का शिकार होने या संदिग्ध कॉल और संदेश मिलने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने अथवा नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
महाराष्ट्र
समुद्र में 20 होर्डिंग लगाए जाने की खबर भ्रामक और गलतः मंत्री नितेश राणे

महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड के फ्लोटिंग होर्डिंग टेंडर को लेकर महाराष्ट्र सरकार के मत्स्य पालन एवं बंदरगाह विकास कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने स्पष्टीकरण दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि वे मुंबई के समुद्री पर्यावरण या सुंदर तट रेखा के नाजारों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी प्रयास का समर्थन नहीं करेंगे।
नितेश राणे ने एक्स पोस्ट में कहा, “महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (एमएमबी) द्वारा जारी किए गए होर्डिंग टेंडर को लेकर काफी गलतफहमी और गलत व्याख्याएं सामने आ रही हैं। मैं तथ्यों को स्पष्ट करना चाहता हूं। प्रस्तावित चार होर्डिंग में से दो पहले से ही सी-लिंक के पास मौजूद हैं और केवल दो नए होर्डिंग लगाने का प्रस्ताव है। यह जानकारी पूरी तरह से गलत और भ्रामक है कि समुद्र में 20 होर्डिंग लगाए जाने वाले हैं।”
राणे ने कहा, “पत्तन मंत्री और एमएमबी के अध्यक्ष के रूप में मैं इन तथ्यों को आधिकारिक तौर पर रखना चाहता हूं। एक गर्वित मुंबईकर होने के नाते मैं कभी भी ऐसी किसी पहल का समर्थन नहीं करूंगा, जिससे मुंबई के समुद्री पर्यावरण को नुकसान पहुंचे या इसके खूबसूरत तटवर्ती नज़ारों में कोई बाधा आए। जो भी व्यक्ति स्पष्टीकरण चाहता है, हम उनसे बात करने और पूरी जानकारी पारदर्शिता के साथ साझा करने के लिए तैयार हैं।”
मंत्री राणे ने फ्लोटिंग होर्डिंग टेंडर को लेकर राजनीति नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा, “आइए, इस मुद्दे का अनावश्यक रूप से राजनीतिकरण न करें। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी और प्रगतिशील विकास, दोनों के लिए प्रतिबद्ध है। इन दोनों का साथ-साथ चलना जरूरी है। मुझे उम्मीद है कि इससे तथ्यों को सही परिप्रेक्ष्य में समझने में मदद मिलेगी।”
बता दें कि खबरें सामने आई थीं कि एमएमबी ने मुंबई और एमएमआर में जुहू बीच, बांद्रा-वर्ली सी लिंक, वर्ली जेटी, कार्टर रोड, मार्वे जेटी आदि में करीब 15 से 20 स्थानों पर डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और मेंटेन के आधार पर फ्लोटिंग होर्डिंग्स और विज्ञापन लाइसेंस के लिए टेंडर जारी किए हैं। इस खबर का ही नितेश राणे ने खंडन किया है।
राजनीति
चक्रवात ‘अर्नब’ से तबाही पर खड़गे और प्रियंका गांधी ने जताई चिंता, कार्यकर्ताओं से मदद की अपील

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब से हुई तबाही और ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ से बने हालात पर चिंता जताई। दोनों नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने की अपील की।
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दोनों राज्यों में चक्रवात और खराब मौसम से प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता जताई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करने को कहा।
उन्होंने लिखा, “मेरी संवेदनाएं आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘अर्नब’ से तबाही झेल रहे लोगों और ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों के साथ हैं। मैं सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करती हूं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह करती हूं कि वे प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करें और राहत तथा बचाव प्रयासों में सहयोग दें।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी आंध्र प्रदेश में जान-माल के नुकसान और ओडिशा में चक्रवात से जनजीवन में आए व्यवधान पर दुख जताया। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य सरकारों के साथ मिलकर राहत और पुनर्वास के उपाय करने और प्रभावित परिवारों को मदद सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
खड़गे ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण आंध्र प्रदेश में लोगों की जान जाने और ओडिशा में जनजीवन में बड़े पैमाने पर व्यवधान से बहुत दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। केंद्र सरकार को राज्य सरकारों के साथ मिलकर राहत और पुनर्वास के समन्वित प्रयास करने चाहिए और पीएम केयर्स फंड के जरिए सभी प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए। मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे मुसीबत में फंसे लोगों की हर संभव मदद करें।”
इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को बताया कि चक्रवात ‘अर्नब’ ने राज्य में सात लोगों की जान ले ली है और इससे करीब 4,600 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है।
चक्रवात प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि नुकसान का प्रारंभिक अनुमान 4,600 करोड़ रुपए है, लेकिन विस्तृत आकलन के बाद यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
सीएम नायडू ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चक्रवात से हुए नुकसान के बारे में बात की है, उन्हें मौजूदा स्थिति और राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी है और केंद्र को नुकसान पर प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है।
वहीं, ओडिशा सरकार ने भी चक्रवात के कारण असाधारण रूप से भारी बारिश से आई बाढ़ के बाद गंजम और गजपति जिलों में बचाव और राहत अभियान तेज कर दिया है।
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