Connect with us
Tuesday,07-April-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

संयुक्त राष्ट्र को 75वीं वर्षगांठ से पहले मजबूत बनाने की वैश्विक अपील

Published

on

votes

संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर होने जो रही एक उच्चस्तरीय बैठक से पहले नेताओं के एक समूह ने दुनिया से संयुक्त राष्ट्र को मजबूत बनाने का आह्वान किया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘ए टाइम फॉर रिन्यूवल : कॉलिंग फॉर ए स्ट्रॉन्गेस्ड मल्टीलेटरल सिस्टम’ शीर्षक से शुक्रवार को जारी किए एक खुले पत्र में दुनिया भर के 48 पूर्व संयुक्त राष्ट्र और सरकारी अधिकारियों ने 193-राष्ट्रों के निकाय की 75 वीं वर्षगांठ पर ‘एक मजबूत, जबावदेह और समावेशी बहुपक्षीय प्रणाली’ को लेकर आह्वान किया।

पत्र में नेताओं ने कहा, “वैश्विक प्रशासन के इस संस्थागत ढांचे को दुनिया में मानव सुरक्षा और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, नेतृत्व और निर्णय प्रदान करने के लिए और अधिक काम करना चाहिए। जलवायु परिवर्तन से लेकर मानवाधिकारों, लैंगिक और नस्लीय समानता और सतत विकास से लेकर अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा तक- अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को संयुक्त राष्ट्र के चार्टर, एजेंडा 2030 और पेरिस समझौते का सम्मान करना चाहिए।”

इसमें आगे कहा गया, “कोविड -19 महामारी से उबरने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रभावी वैश्विक सहयोग की जरूरत है।”

आयरलैंड की पूर्व राष्ट्रपति और मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के पूर्व उच्चायुक्त मैरी रॉबिन्सन ने कहा, “बहु-पक्षवाद एक विकल्प नहीं है, बल्कि यह एकमात्र रास्ता है जो एक ग्रीन, टिकाऊ और न्यायसंगत रिकवरी दे सकता है।”

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र की अध्यक्ष और इक्वाडोर की पूर्व विदेश मंत्री मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा ने कहा कि “कोविड-19 महामारी के लिए एक समन्वित प्रतिक्रिया का नेतृत्व करने में यूएन की महत्वपूर्ण भूमिका है।”

इस पत्र में हस्ताक्षर करने वालों में संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बान की मून भी शामिल हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधान मंत्री केविन रुड, न्यूजीलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री हेलेन क्लार्क आदि भी हैं।

यह पत्र हस्ताक्षरों के लिए 24 अक्टूबर तक खुला रहेगा।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

ईरान से अपने नागरिकों को निकालने में मदद के लिए भारत ने आर्मेनिया का जताया आभार

Published

on

भारत ने शनिवार को ईरान से ईरान से अपने नागरिकों को निकालने में मदद के लिए भारत ने आर्मेनिया का जताया आभार नागरिकों को निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनिया का आभार जताया है।

आर्मेनिया के रास्ते कई भारतीय मछुआरों की ईरान से सुरक्षित निकासी हुई है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पोस्ट में कहा, “आज ईरान से आर्मेनिया के रास्ते भारत में भारतीय मछुआरों को निकालने में मदद करने के लिए विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान और आर्मेनियाई सरकार को धन्यवाद।”

पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात के बीच, हाल के दिनों में सैकड़ों भारतीय नगरिक सीमा पार कर जमीनी रास्ते से आर्मेनिया पहुंचे हैं। भारत अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित ट्रांजिट रूट सुनिश्चित करने के लिए इलाके की सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

इस हफ्ते की शुरुआत में, भारत ने में मदद के लिए अजरबैजान को भी धन्यवाद दिया थी। नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफ़िंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लगभग 204 भारतीय नागरिक जमीनी सीमा चौकियों के रास्ते ईरान से अजरबैजान में सफलतापूर्वक पहुंच गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि जहां कई पहले ही भारत लौट चुके हैं, वहीं आगामी दिनों में और लोगों के आने की उम्मीद है।

जायसवाल ने कहा, “अजरबैजान में हमारे राजदूत मौजूद हैं। हमारे कई भारतीय नागरिक—ठीक-ठीक कहें तो 204—ईरान से अजरबैजान के लिए जमीनी सीमा चौकियों के रास्ते निकलने में सफल रहे हैं। वो लोग वहां से, वे स्वदेश लौटेंगे। उनमें से कई लौट चुके हैं; बाकी अगले कुछ दिनों में लौट आएंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “हम अजरबैजान सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने जमीनी रास्ते ईरान से भारतीय नागरिकों के निकलने में मदद की। हमारे दोनों पक्षों के बीच परामर्श और नियमित आदान-प्रदान होता रहता है।”

भारत ने पहले भी लोगों को निकालने की कोशिशों में आर्मेनिया की मदद की सराहना की थी। 16 मार्च को, ईएएम जयशंकर ने मुश्किल हालात में मिल रहे सहयोग की प्रशंसा की थी, ईरान से 550 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनियाई सरकार और वहां के लोगों को धन्यवाद दिया था।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

यूएई ने ईरानी पासपोर्ट धारकों के प्रवेश और ट्रांजिट पर लगाई रोक, क्षेत्रीय तनाव के बीच फैसला

Published

on

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरानी पासपोर्ट धारकों के लिए नए यात्रा प्रतिबंध लागू किए हैं, जिसके तहत उन्हें देश में प्रवेश करने या उसके हवाई अड्डों के माध्यम से अन्य देशों के लिए ट्रांजिट करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह कदम मध्य पूर्व में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच उठाया गया माना जा रहा है।

नवीनतम निर्देशों के अनुसार, एयरलाइंस के सिस्टम में ऐसे बदलाव किए गए हैं जिनके कारण ईरानी नागरिक अब यूएई के लिए उड़ान बुक नहीं कर पा रहे हैं और न ही दुबई या अबू धाबी जैसे प्रमुख ट्रांजिट हब का उपयोग कर पा रहे हैं। वीज़ा और यात्रा नियमों के माध्यम से इस प्रतिबंध को प्रभावी बनाया गया है।

हालांकि यह प्रतिबंध व्यापक दिखाई देता है, लेकिन कुछ श्रेणियों के लोगों को इससे छूट मिल सकती है। इनमें लंबे समय के निवास वीज़ा धारक, विशेष अनुमति प्राप्त व्यक्ति या यूएई में पारिवारिक या पेशेवर संबंध रखने वाले लोग शामिल हो सकते हैं। ऐसे मामलों में अतिरिक्त जांच और स्वीकृति की आवश्यकता हो सकती है।

अधिकारियों ने इस प्रतिबंध को स्थायी नहीं बताया है, जिससे संकेत मिलता है कि यह मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के जवाब में उठाया गया एक अस्थायी कदम हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय क्षेत्र में बदलते सुरक्षा हालात के मद्देनज़र एहतियाती उपायों का हिस्सा है।

इस फैसले का असर कई ईरानी यात्रियों पर पड़ने की संभावना है, खासकर उन लोगों पर जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए यूएई के हवाई अड्डों को प्रमुख ट्रांजिट मार्ग के रूप में इस्तेमाल करते थे। एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की पात्रता की जांच करें और फिलहाल वैकल्पिक मार्गों पर विचार करें।

स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने से पहले नवीनतम अपडेट की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

मध्यस्थता की पेशकश के बावजूद ईरान का पाकिस्तान को झटका: सेलेन जहाज होर्मुज से लौटाया

Published

on

ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पाकिस्तान के सेलेन नामक एक जहाज को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने से रोक दिया। इसकी वजह तय मानकों को पूरा न करना, यानि संबंधित विभाग से इजाजत न लेना, बताई गई। इसकी टाइमिंग अहम है। असल में पाकिस्तान ईरान और यूएस के बीच मध्यस्थ बनने को तैयार है, तो इस कदम से ईरान ने शायद जताने की कोशिश की है कि फिलहाल वो किसी कूटनीतिक बातचीत का हिस्सा नहीं है।

एआईएस ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि सेलेन, जो 23 मार्च को देर रात शारजाह एंकरेज से निकला था, पाकिस्तान की ओर तयशुदा रूट पर जा रहा था, लेकिन होर्मुज के पास अचानक रास्ता बदलकर खाड़ी में वापस चला गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) का कहना है कि जहाज के पास ‘लीगल क्लियरेंस’ नहीं था।

आईआरआईबी (इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग) ने आईआरजीसी के रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी के हवाले से बताया कि जहाज ने नियमों का पालन नहीं किया, इसलिए उसे वापस भेज दिया गया।

साफ कहा कि इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज को पहले ईरान के अधिकारियों से इजाजत लेनी होगी। इक्वासिस डेटा के मुताबिक सेलेन (आईएमओ: 9208459) सेंट किट्स एंड नेविस का झंडा वाला एक छोटा फीडर कंटेनरशिप है और यह दुबई की एक्सीड ओशनिक ट्रेडिंग एलएलसी के अधीन है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका का मध्यस्थ बनने को तैयार है। वो अपनी ओर से कूटनीतिक प्रस्ताव लेकर आगे आया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खुद सामने से कह रहे हैं कि इस्लामाबाद संघर्ष के पूरे समाधान के लिए प्रयत्न करने को ‘तैयार’ है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर शरीफ का बयान शेयर करके इस ऑफर को और मजबूत किया, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वॉशिंगटन इसमें हिस्सा लेगा या नहीं। इन संकेतों के बावजूद, ईरान ने सबके सामने कहा है कि कोई बातचीत नहीं चल रही है और उसने लड़ाई जारी रखने का अपना इरादा दोहराया है।

Continue Reading
Advertisement
अंतरराष्ट्रीय46 minutes ago

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने आईआरजीसी खुफिया प्रमुख की हत्या की निंदा की

अंतरराष्ट्रीय60 minutes ago

ट्रंप ने समयसीमा तय की, ईरान पर हमलों की चेतावनी दी

Supreme Court
राष्ट्रीय1 hour ago

सुप्रीम कोर्ट आज से सबरीमाला मामले की लंबे समय से लंबित समीक्षा पर करेगा सुनवाई

अंतरराष्ट्रीय2 hours ago

ईरानी बुनियादी ढांचों पर हमले की अमेरिकी धमकी से संयुक्त राष्ट्र चिंतित; प्रवक्ता ने जताई आपत्ति

अंतरराष्ट्रीय2 hours ago

ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को ठुकराया, ‘स्थायी समाधान’ के लिए 10-सूत्रीय योजना पेश की

व्यापार2 hours ago

मध्य पूर्व संघर्ष के तेज होने की चिंताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 300 अंक टूटा

अंतरराष्ट्रीय18 hours ago

मार्च में चीन के कमोडिटी मूल्य सूचकांक में फरवरी से 4 प्रतिशत की वृद्धि

महाराष्ट्र18 hours ago

अबू आसिम आज़मी ने मानखुर्द से कलीना विद्यापीठ के लिए नई बस सर्विस की मांग की

महाराष्ट्र19 hours ago

मुंबई: ऑनलाइन आतंकवादी समूह ‘सोल्जर्स ऑफ खिलाफत’ में संलिप्तता के आरोप में दो गिरफ्तार

व्यापार19 hours ago

भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 787 अंक उछला

महाराष्ट्र2 weeks ago

लॉकडाउन लागू नहीं होगा… तेल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी, अफवाह फैलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज होंगे: देवेंद्र फडणवीस

अपराध4 weeks ago

मुंबई सेंट्रल के रेलवे अस्पताल में महिला डॉक्टर की संदिग्ध हालात में मौत, जांच में जुटी पुलिस

अंतरराष्ट्रीय1 week ago

व्हाइट हाउस ने ईरान संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत की सराहना की

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने फोन पर की बात, मध्य पूर्व संघर्ष को कम करने पर जोर

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई के लोगों को महायोति का बड़ा तोहफा… अब 500 स्क्वायर फीट तक के घरों पर कोई टैक्स नहीं, महानगरपालिका ने यह सीमा बढ़ाकर 700 स्क्वायर फीट कर दी है।

राष्ट्रीय4 weeks ago

मुंबई में गैस संकट से 20 फीसदी होटल-रेस्टोरेंट बंद, पेट्रोलियम मंत्री से आपूर्ति सुचारू रखने की मांग

अपराध1 week ago

मुंबई में डिलीवरी वाहन से 27 गैस सिलेंडर चोरी, जांच जारी

महाराष्ट्र2 weeks ago

अबू आसिम आज़मी ने महाराष्ट्र में हेट स्पीच से जुड़े अपराधों की घटनाओं पर चिंता जताई, विधानसभा में सख्त कार्रवाई की मांग की

अपराध3 weeks ago

मुंबई में अभिनेत्री निमिषा नायर की कैब का पीछा करने वाले दो युवक हिरासत में, पुलिस ने नोटिस देकर छोड़ा

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

यूएई ने हबशान गैस प्लांट पर ईरान के हमले की कड़ी निंदा की, कुछ समय के लिए रोका गया ऑपरेशन

रुझान