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Saturday,22-August-2026
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साल के अंत तक भारत में 2 करोड़ एम सीरीज फोन बेचना चाहता है सैमसंग

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सैमसंग इंडिया ने कहा है कि वह इस साल के अंत तक भारत में दो करोड़ गैलेक्सी एम सीरीज स्मार्टफोन बेचने का लक्ष्य लेकरचल रहा है। कम्पनी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि शाओमी और विवो के मिड बजट सेगमेंट स्मार्टफोन्स की टक्कर में सैमसंग अपना यह ब्रांड न्यू ऑनलाइन एक्सक्लूसिव गैलेक्सी एम सीरीज लेकर आया है।

यह फोन बीते साल जनवरी में लॉन्च किया गया था और तब से लेकर आज तक इसने लोगों को तेजी से आकर्षित किया है। इससे सैमसंग को भारतीय बाजार में अपना शेयर मजबूत करने में मदद मिल रही है।

सैमसंग इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट असीम वारसी ने कहा, “हम इस साल के अंत तक दो करोड़ गैलेक्सी एम सीरीज स्मार्टफोन बेचने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। एम सीरीज को लोगों ने दिल से स्वीकार किया है और इसीलिए हम अपने लक्ष्य को लेकर आशान्वित हैं। हम जानते हैं कि भारत में नोएडा की फैक्टरी में बन रहे इस फोन ने युवा भारतीयों को भी अपनी ओर आकर्षित किया है।”

सैमसंग ने अब तक एम सीरीज के तहत 8 फोन लॉन्च किए हैं। इनमें सबसे ताजातरीन एम सीरीज फोन में 7000 एमएएच की बैटरी है। यह एक तरह का पावरहाउस है। सैमसंग को भारत में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में एम30 से काफी मदद मिली है क्योंकि इस फोन ने ऑनलाइन सेगमेंट में काफी अच्छा रेस्पांस पाया है।

इस दक्षिण कोरियाई कम्पनी ने 10 सितम्बर को एम सीरीज का विस्तार करते हुए एम51 स्मार्टफोन भारत में लॉन्च किया था। यह फोन स्नैपड्रैगन 730जी प्रोसेसर पर चलता है और इसमें 7000एमएएच की बैटरी लगी है।

गैलेक्सी एम51 की कीमत 6जीबी-128जीबी वेरिएंट के लिए 24,999 रुपये है जबकि इसके 8जीबी-128जीबी वेरिएंट की कीमत 26,999 रुपये है।

यह स्मार्टफोन 18 सितम्बर से बिक्री के लिए एमेजॉन डॉट इन, सैमसंग डॉट कॉम और चुनिंदा रिटेल स्टोर्स पर उपलब्ध होगा।

इस स्मार्टफोन का स्क्रीन 6.7 इंच एसएमोलेड प्लस इंफीनिटी ओ से सुसज्जित है। इसमें स्नैपड्रैगन 730जी मोबाइल प्लेटफार्म उपयोग में लाया गया है।

इस फोन में क्वॉड कोर कैमरा सेटअप है जिसमें मेन सोनी आईएमएक्स 682 सेंसर 64एमपी का है जबकि इसके अलावा 12 एमपी का अल्ट्रा वाइड लेंस, 5एमपी का डेडिकेटेड मैक्रो लेंस और 5एमपी का डेप्थ लेंस है। इसमें 32एमपी का एक फ्रंट कैमरा है।

राष्ट्रीय समाचार

भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद, मेटल और बैंकिंग स्टॉक्स में हुई खरीदारी

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भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में करीब सपाट बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 3 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 और निफ्टी 20.15 अंक या 0.08 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,252.00 पर था।

सत्र के दौरान बाजार में खरीदारी को सहारा मेटल और बैंकिंग शेयरों ने दिया। सूचकांकों में निफ्टी मेटल 0.86 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर था। इसके अलावा, निफ्टी बैंक (0.46 प्रतिशत), निफ्टी पीएसई (0.46 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (0.40 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.32 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (0.22 प्रतिशत) और निफ्टी इन्फ्रा (0.15 प्रतिशत) की तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुए।

इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी (0.74 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (0.60 प्रतिशत), निफ्टी आईटी (0.46 प्रतिशत), निफ्टी कंजप्शन (0.40 प्रतिशत) और निफ्टी हेल्थकेयर ( 0.25 प्रतिशत) की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।

लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 64.20 अंक या 0.10 प्रतिशत की तेजी के साथ 63,735.75 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 136.30 अंक या 0.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,977.75 पर था।

सेंसेक्स पैक में पावर ग्रिड, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, टाइटन, टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक गेनर्स थे। ट्रेंट, मारुति सुजुकी, इंडिगो, एचसीएल टेक, एचयूएल, इन्फोसिस, एमएंडएम, टेक महिंद्रा, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस लूजर्स थे।

बाजार के जानकारों ने कहा कि ग्लोबल बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर मार्केट में चिंता का कारण बना हुआ है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और लगातार महंगाई की आशंकाओं के बीच, बॉन्ड यील्ड को कम करने के लिए यूएस ट्रेजरी के हालिया कदम से कोई खास और लंबे समय तक रहने वाली राहत नहीं मिली। घरेलू स्तर पर, आरबीआई की सख्त रुख वाली मीटिंग के मिनट्स और स्थानीय महंगाई के जोखिम व कम लिक्विडिटी के कारण भारत की 10-साल की बॉन्ड यील्ड दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

उन्होंने आगे कहा कि हालिया सर्विस पीएमआई डेटा अनिश्चित ग्लोबल माहौल के बावजूद घरेलू मजबूती को दिखाता है। हालांकि, गिरावट के बाद आकर्षक वैल्यूएशन और मजबूत क्रेडिट ग्रोथ के दम पर फाइनेंशियल सेक्टर की बड़ी कंपनियों में अच्छी वैल्यू बाइंग से मार्केट सपाट कारोबार कर रहा है। मेटल की स्थिर कीमतें भी कमोडिटी स्टॉक्स को अहम सपोर्ट दे रही हैं।

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राष्ट्रीय समाचार

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ खुला बाजार, सेंसेक्स 188 अंक चढ़ा, निफ्टी में 0.21 प्रतिशत की तेजी

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कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बावजूद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ हरे निशान में खुला। रियल्टी, धातु और दवा क्षेत्र के शेयरों में खरीदारी के दम पर प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज करते दिखाई दिए। हालांकि बाद में यह बढ़त कम हो गई और बाजार लाल निशान में आ गया।

कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 163.35 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,701.07 पर खुला, और सत्र में एक समय यह 0.24 प्रतिशत यानी 187.95 अंकों की बढ़त के साथ 77,725.67 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि दिन का लो 77,445.86 रहा।

वहीं निफ्टी 50 ने भी 52.20 अंक यानी 0.22 प्रतिशत मजबूत होकर 24,284.05 के स्तर पर कारोबार शुरू किया। वहीं दिन के सत्र में इसने 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,284.05 का हाई टच किया, जबकि दिन का लो 24,206.80 रहा।

व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.73 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें, तो निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा बढ़त वाला सूचकांक रहा और इसमें 0.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी मेटल में 0.48 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा में 0.32 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर और निफ्टी रीट्स एवं रियल्टी भी हरे निशान में रहे और क्रमशः 0.32 प्रतिशत तथा 0.28 प्रतिशत तक मजबूत हुए।

दूसरी ओर निफ्टी आईटी सबसे कमजोर क्षेत्र रहा, जिसमें 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम सेक्टर में 0.17 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.19 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कारोबारी सत्र की तेजी को बनाए रखना आसान नहीं होगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचाई पर बनी हुई हैं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी बढ़ रहे हैं। उनका मानना है कि ब्रेंट कच्चा तेल 94 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से बड़े शेयरों पर दबाव बढ़ सकता है और निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं।

हालांकि, व्यापक बाजार में मजबूती बने रहने की संभावना जताई जा रही है। संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी और घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सकारात्मक संकेत बाजार को समर्थन प्रदान कर रहे हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जुड़ी कंपनियां, फार्मा क्षेत्र और अनुबंध आधारित अनुसंधान एवं विनिर्माण सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है। ऊंचे मूल्यांकन के बावजूद इन क्षेत्रों में खरीदारी जारी है।

तकनीकी दृष्टि से विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी ने लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद तेजी का संकेत देने वाला डोजी पैटर्न बनाया है, जो बिकवाली के दबाव में कमी का संकेत देता है। यदि निफ्टी 24,060 से 24,000 के समर्थन क्षेत्र के ऊपर बना रहता है, तो इसमें 24,317 से 24,380 और उसके बाद 24,400 से 24,545 तक बढ़त देखने को मिल सकती है।

वैश्विक बाजारों में मिश्रित संकेत देखने को मिले। एशियाई बाजारों में कमजोरी रही, क्योंकि वॉल स्ट्रीट पर लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने से दबाव देखा गया।

इसी बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी तेजी जारी रही। ब्रेंट क्रूड 93.96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के उस बयान के बाद तेल कीमतों में बढ़त आई, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंधों में से कुछ लागू कर सकता है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहेंगी, भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार कर सकता है। हालांकि घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी और बेहतर आर्थिक संकेतक बाजार को सहारा देते रहेंगे।

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व्यापार

सेफ हेवन डिमांड से चमका सोना-चांदी; गोल्ड में 0.75 प्रतिशत तो सिल्वर में करीब 3,000 रुपए की तेजी

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वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, महंगाई की चिंताओं और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में मजबूत तेजी देखने को मिली। मुद्रा और बॉन्ड बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के चलते निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा, जिससे दोनों कीमती धातुओं को मजबूती मिली। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों, विशेष रूप से चीन के केंद्रीय बैंक की लगातार खरीदारी और मजबूत निवेश मांग ने भी सोने की कीमतों को समर्थन दिया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव 1,59,425 रुपए के मुकाबले 1,205 रुपए यानी 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,60,630 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो दिन का उच्चतम स्तर रहा। वहीं दिन में एक समय इसने 1,59,601 रुपए का निचला स्तर छुआ। हालांकि कारोबार के दौरान इसमें हल्की मुनाफावसूली भी देखने को मिली, लेकिन कीमतें मजबूती के साथ बनी रहीं।

खबर लिखे जाने तक अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स 1,124 रुपए यानी 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,60,549 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। हालांकि यह अभी भी अपने वार्षिक रिकॉर्ड उच्च स्तर 1,80,779 रुपए प्रति 10 ग्राम से नीचे बना हुआ है।

सोने के साथ-साथ चांदी में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद 2,43,243 रुपए से 1,745 रुपए यानी 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,44,988 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली।

वहीं, कारोबार के दौरान चांदी 2,986 रुपए यानी 1.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,46,229 रुपए प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई, जबकि एक समय इसने 2,44,251 रुपए का दिन का निम्नतम स्तर छुआ।

खबर लिखे जाने तक यह 2,054 रुपए यानी 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,45,562 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। हालांकि यह अपने सालाना रिकॉर्ड स्तर 4,20,048 रुपए प्रति किलोग्राम से अभी भी काफी नीचे है।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में तेजी का माहौल देखने को मिला। कॉमेक्स पर सोना 4,577 डॉलर प्रति औंस पर खुला और बाद में यह 4,604.40 डॉलर प्रति औंस के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। हालांकि यह 40.60 डॉलर यानी 0.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,612 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता नजर आया।

वहीं, कॉमेक्स पर चांदी 68.29 डॉलर प्रति औंस पर खुली और एक समय 0.96 डॉलर की बढ़त के साथ 69.25 डॉलर प्रति औंस के हाई पर पहुंच गई। हालांकि यह 0.77 डॉलर यानी 1.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 68.88 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती नजर आई।

वैश्विक बाजार में सोना के 4,612 डॉलर और चांदी के करीब 69 डॉलर प्रति औंस के आसपास बने रहने से घरेलू बाजार को भी मजबूती मिली।

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान पर व्यापक प्रतिबंध लगाने की तैयारियों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। इससे ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है और महंगाई के दबाव बढ़ने का जोखिम भी सामने आया है।

इसी अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश साधनों की ओर बढ़ रहे हैं, जिसका लाभ सोना और चांदी को मिल रहा है। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और बढ़ती निवेश मांग भी कीमतों को ऊपर बनाए हुए है।

कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 93.82 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 86.78 डॉलर प्रति बैरल पर है। पिछले एक सप्ताह में ब्रेंट क्रूड 7 प्रतिशत से अधिक और डब्ल्यूटीआई 8 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुका है।

विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष के समाधान को लेकर कोई ठोस प्रगति नहीं होने और पश्चिम एशिया से तेल आपूर्ति पर बने जोखिम के चलते तेल की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका भी बढ़ी है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव बना रहेगा और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता खत्म नहीं होती, तब तक सोना और चांदी सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में मजबूत बने रह सकते हैं। यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहती हैं और भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ते हैं, तो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं में और तेजी देखने को मिल सकती है।

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