Connect with us
Saturday,18-July-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

मध्य प्रदेश में उप-चुनाव राज्य के भविष्य का चुनाव : कमल नाथ

Published

on

KamalNath

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने गुरुवार को कहा कि आगामी समय में होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव राज्य के भविष्य का चुनाव है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने गुरुवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि, “आगामी समय में होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव में कांग्रेस का मुकाबला भाजपा सरकार की उपलब्धियों से नहीं बल्कि भाजपा के संगठन से है। इसलिए बीते चार माह कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने में लगाए हैं। यह चुनाव उप-चुनाव या आम चुनाव नहीं है, वास्तव में यह चुनाव राज्य के भविष्य का चुनाव है।”

भाजपा की सरकार पर हमला बोलते हुए कमल नाथ ने कहा कि, “बीते पंद्रह साल का चित्र मतदाता के सामने है और हमारे पंद्रह माह का चित्र उनके सामने है। इसमें से ढाई माह लेाकसभा चुनाव में और एक माह उथल-पुथल में निकल गए, कुल साढ़े 11 माह में हमने अपने काम से जो परिचय दिया नीति और नियत का वह सब के सामने है। भले ही कांग्रेस का साथ न दें, कमल नाथ का साथ न दें, मगर सच्चाई का साथ दें।”

उन्होंने आगे कहा कि जिन 27 विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव होने वाले है वह राज्य के भविष्य से जुड़ा हुआ है। सौदे की राजनीति से मध्य प्रदेश कलंकित हुआ है। यह बोली से बनी हुई सरकार है, सौदा किया गया।

कमल नाथ ने किसानों की कर्ज माफी का जिक्र करते हुए कहा, “राज्य में साढ़े 26 लाख किसानों का कर्ज माफ हुआ है, उसकी पेनड्राइव हमारे पास है, इसमें हर किसान का ब्यौरा दर्ज है। इस पेनड्राइव को हम सभी को देना चाहते है।”

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला बोले हुए कमल नाथ ने कहा कि अभी हाल ही में ग्वालियर में बड़े-बड़े भाषण हुए जिन्होंने खुद कर्ज माफी के कार्यक्रम किए, वे अब कहते हैं कि कर्ज माफ नहीं हुआ इसलिए कांग्रेस छोड़ दी। यह झूठ और मीडिया की राजनीति अपने प्रदेष में चलने वाली नहीं है।

कमल नाथ ने कहा कि राज्य को देश में नई पहचान बनाने का प्रयास किया था। राज्य की पहचान माफिया से न हो, मिलावट से पहचान न बने। इसके लिए माफिया और मिलावटखोरों के खिलाफ मोर्चा खोला था।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

महाराष्ट्र

मानसून के मौसम में मरीजों की देखभाल के लिए बीएमसी की हेल्थ मशीनरी हमेशा तैयार रहे, ज़्यादा जोखिम वाले इलाकों पर ध्यान दें

Published

on

मुंबई; मॉनसून के मौसम को देखते हुए, मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) की हेल्थ मशीनरी को मरीज़ों की देखभाल के लिए लगातार तैयार और पूरी तरह से काबिल होना चाहिए। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (सिटी) प्राजक्ता वर्मा-लौंगरे ने सभी अस्पतालों में सभी ज़रूरी एहतियाती उपायों को असरदार तरीके से लागू करने के लिए ज़रूरी निर्देश जारी किए हैं।
आज (18 जुलाई, 2026) प्राजक्ता वर्मा-लौंगरे ने जोगेश्वरी (ईस्ट) में हिंदू हरदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर म्युनिसिपल हॉस्पिटल का दौरा किया और हेल्थ से जुड़े अलग-अलग मामलों का डिटेल में रिव्यू किया।
उन्होंने ज़ोनल डिप्टी कमिश्नरों और सभी असिस्टेंट कमिश्नरों को हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों और स्टाफ के साथ कोऑर्डिनेट करके हर वार्ड के लिए हेल्थ से जुड़ी प्रायोरिटी तय करने का निर्देश दिया। उन्होंने उन्हें हेल्थ मामलों का रेगुलर रिव्यू करने और नागरिकों का फीडबैक इकट्ठा करने के लिए एक असरदार सिस्टम बनाने का निर्देश दिया। इसके अलावा, उन्होंने निर्देश दिया कि बीएमसी की ओवरऑल हेल्थ पॉलिसी के साथ जुड़े नए उपायों को असरदार तरीके से लागू किया जाना चाहिए। मानसून से जुड़ी बीमारियों को रोकने के लिए खास उपाय
उन्होंने मानसून के मौसम को देखते हुए कंस्ट्रक्शन साइट्स का इंस्पेक्शन करने और बचाव के हेल्थ उपायों को असरदार तरीके से लागू करने के भी निर्देश दिए। बचाव के उपायों को झुग्गी-झोपड़ियों पर खास ध्यान देते हुए लागू किया जाना चाहिए। डेंगू, मलेरिया, लेप्टोस्पायरोसिस और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी मानसून से जुड़ी और फैलने वाली बीमारियों से पीड़ित मरीजों की पहचान करने और उन्हें फैलने से रोकने के लिए खास कैंपेन और ज़रूरी सावधानियां लागू की जानी चाहिए। श्रीमती वर्मा-लोवांगरे ने निर्देश दिया कि इस मकसद के लिए ज़्यादा जोखिम वाले इलाकों पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए।
हेल्थ उपायों की रेगुलर मॉनिटरिंग
ज़ोन 4 में सभी असिस्टेंट कमिश्नर और हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों को हेल्थ से जुड़े उपायों को लागू करने की रेगुलर मॉनिटरिंग करनी चाहिए। हेल्थ मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस), आवारा कुत्तों को कंट्रोल करने के उपायों, हेल्थ सुविधाओं में ज़रूरी छोटी-मोटी मरम्मत और हेल्थ सेंटरों में सफाई अभियान के बारे में रेगुलर रिव्यू किए जाने चाहिए। असिस्टेंट कमिश्नरों को काम का इंस्पेक्शन करने के लिए खुद फील्ड में जाने और फैसले लेने के लिए डेटा-ड्रिवन तरीका अपनाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि असिस्टेंट मेडिकल ऑफिसर और इंसेक्टिसाइड ऑफिसर जैसे हेल्थ से जुड़े खाली पदों को तय प्रोसेस को फॉलो करके जल्द से जल्द भरा जाए। हेल्थ सुविधाओं की मरम्मत को प्राथमिकता
हॉस्पिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेल (एचआईसी) को एक पॉलिसी बनानी चाहिए ताकि यह पक्का हो सके कि ज़ोन में हेल्थ सुविधाओं की मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर और तेज़ी से पूरा हो। ज़ोन को एक यूनिट मानने और मरम्मत के कामों को ‘मिशन मोड’ में तेज़ी से पूरा करने के लिए ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
इस मौके पर, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर ने एस.के. पाटिल हॉस्पिटल, एम.डब्ल्यू. देसाई हॉस्पिटल और सिद्धार्थ हॉस्पिटल के कामकाज का भी रिव्यू किया, जो सभी ज़ोन 4 में आते हैं। वर्मालावांगिरे ने सभी संबंधित अधिकारियों को ज़िम्मेदारी और ईमानदारी से काम करने का निर्देश दिया, जिसमें मरीज़ों को सेंटर में रखना और उनकी ज़रूरतों को ध्यान में रखना शामिल है, खासकर मानसून के मौसम को देखते हुए। डिप्टी कमिश्नर और असिस्टेंट कमिश्नर रेगुलर तौर पर हॉस्पिटल का रिव्यू करेंगे। वर्मालावांगिरे ने ज़ोन 4 के हॉस्पिटल से जुड़े मामलों और पेंडिंग मामलों का रिव्यू किया। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर और असिस्टेंट कमिश्नर को रेगुलर तौर पर हॉस्पिटल का दौरा करने और अलग-अलग मामलों को समय पर हल करने के लिए ज़रूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस मौके पर, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (सिटी) प्राजक्ता वर्मलवांगिरे ने जोगेश्वरी (ईस्ट) में हिंदू हरदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर म्युनिसिपल हॉस्पिटल में हेल्थकेयर सुविधाओं और ऑपरेशन्स का इंस्पेक्शन किया।
लाइसेंसिंग और रेगुलेटरी प्रोसेस को और ज़्यादा नागरिक-केंद्रित बनाएं
संबंधित डिपार्टमेंट्स को मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) द्वारा जारी किए गए अलग-अलग लाइसेंस पर एक क्लियर विज़न रखना चाहिए और सभी लाइसेंसिंग रेगुलेशन का सख्ती से पालन पक्का करना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बिज़नेस को आसान बनाने और नागरिकों को सर्विसेज़ की आसान डिलीवरी पक्का करने के लिए, नागरिक-केंद्रित सिस्टम – जैसे ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस और ऑनलाइन लाइसेंस जारी करना – को असरदार तरीके से लागू करने और अपनाने पर ज़ोर दिया जाना चाहिए।
सिटिजन फैसिलिटेशन सेंटर्स को मज़बूत करने पर ध्यान दें
सिटिजन फैसिलिटेशन सेंटर (सीएफसी) बीएमसी की हेल्थ सर्विसेज़ और जनता के बीच एक ज़रूरी कड़ी का काम करता है। इसलिए, हेल्थ से जुड़े सभी रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को आसान बनाने के लिए इन सेंटर्स को मज़बूत किया जाना चाहिए। इन उपायों में हेल्थ सर्विसेज़ के लिए एक डेडिकेटेड विंडो देना, एप्लीकेशन ट्रैकिंग को इनेबल करना, और स्टैंडर्ड एप्लीकेशन फॉर्म्स को ऐसी जगहों पर दिखाना शामिल होना चाहिए जो नागरिकों को आसानी से दिखें। इसका मकसद हेल्थ से जुड़ी सर्विसेज़ में इंसानी दखल को कम करते हुए सर्विस डिलीवरी को ज़्यादा से ज़्यादा करना है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

‘आत्मनिर्भर भारत’ का असली प्रमाण है विक्रम-1 की सफलता: गौतम अदाणी

Published

on

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने शनिवार को स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 की सफल ऑर्बिटल लॉन्चिंग पर बधाई देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक मिशन भारत के निजी स्पेस इंडस्ट्री के लिए एक नए युग की शुरुआत है और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना का सच्चा उदाहरण भी है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में गौतम अदाणी ने कहा कि विक्रम-1 की पहली ऑर्बिटल फ्लाइट का सफल होना और मिशन के सभी उद्देश्यों को हासिल करना भारत के तेजी से उभरते निजी स्पेस इकोसिस्टम के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

उन्होंने कहा, “पवन चंदाना, भारत डाका, स्काईरूट एयरोस्पेस की शानदार टीम और इस मिशन को संभव बनाने वाले इसरो तथा आईएन-स्पेस को मेरी ओर से हार्दिक बधाई।”

गौतम अदाणी ने कहा कि विक्रम-1 ने अपनी पहली ऑर्बिटल फ्लाइट में मिशन के सभी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर भारत के निजी स्पेस सेक्टर के लिए एक नए दौर की शुरुआत कर दी है।

उन्होंने कहा, “इतिहास रच दिया गया है। विक्रम-1 ने अपनी पहली ऑर्बिटल फ्लाइट में मिशन के सभी उद्देश्यों को शानदार तरीके से पूरा किया है। यही ‘आत्मनिर्भर भारत’ का असली प्रमाण है।”

मिशन को भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता और नवाचार की ताकत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करती है।

उन्होंने कहा, “इस टीम की औसत उम्र सिर्फ 28 वर्ष है। यह पूरी दुनिया के लिए इस बात का प्रमाण है कि युवा भारत क्या हासिल कर सकता है। जय हिंद!”

इससे पहले शनिवार को हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस ने ‘मिशन आगमन’ के तहत विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण किया। इसके साथ ही भारत, अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा ऐसा देश बन गया, जहां किसी निजी कंपनी ने सफलतापूर्वक रॉकेट को ऑर्बिट में पहुंचाने की क्षमता प्रदर्शित की है।

भारत के स्पेस प्रोग्राम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर विकसित चार चरणों वाला विक्रम-1 लॉन्च व्हीकल छोटे सैटेलाइट्स के लिए तेज और मांग के अनुसार लॉन्च सर्विस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

यह मिशन वैश्विक कमर्शियल लॉन्च मार्केट में भारत की स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।

करीब सात मंजिला ऊंचा यह रॉकेट पृथ्वी की निचली कक्षा (लो अर्थ ऑर्बिट – एलईओ) में लगभग 450 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचने के लिए भेजा गया है।

इस सफल लॉन्चिंग के साथ भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है, जहां निजी कंपनियों ने ऑर्बिटल लॉन्च की क्षमता का सफल प्रदर्शन किया है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर ममता बनर्जी ने जताई चिंता, बोलीं- लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान होना चाहिए

Published

on

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने केवल संवाद की मांग की थी, लेकिन उनकी अपील को कई सप्ताह तक नजरअंदाज किया गया।

ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “सोनम वांगचुक की सेहत और कुशलक्षेम को लेकर मैं बेहद चिंतित हूं। उन्होंने केवल बातचीत की मांग की, लेकिन उनकी अपील का जवाब लंबे समय तक खामोशी से दिया गया। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण असहमति का सम्मान होना चाहिए, उसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। उनकी आवाज भी वैसे ही अनसुनी कर दी गई, जैसे देश के अनेक युवाओं की आवाजों को नजरअंदाज किया जा रहा है।”

शनिवार तड़के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने पर वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।

वांगचुक की भूख हड़ताल का शनिवार को 21वां दिन था। वह कथित नीट-यूजी परीक्षा अनियमितताओं के मामले में केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं।

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उसके संस्थापक अभिजीत दिपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पार्टी ने यह भी कहा कि 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा।

ममता बनर्जी ने कहा कि सोनम वांगचुक को किसी निजी अस्पताल में भर्ती होने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “जरूरत पड़ने पर उपचार का खर्च नागरिक स्वयं वहन करने के लिए भी तैयार हैं। जनता का विश्वास पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान से हासिल होता है, न कि शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने या संवाद से बचने से। जो सरकार असहमति को लोकतांत्रिक जिम्मेदारी के बजाय खतरे के रूप में देखती है, वह जवाबदेही से बचते हुए जनता का विश्वास नहीं मांग सकती।”

इससे पहले 14 जुलाई को भी ममता बनर्जी ने दिल्ली में चल रहे सीजेपी के आंदोलन को अपना समर्थन दिया था। उन्होंने फोन पर सोनम वांगचुक की सेहत की जानकारी ली थी और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग वाले इस आंदोलन के प्रति एकजुटता भी जताई थी।

ममता के समर्थन का स्वागत करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया के जरिए उनका आभार व्यक्त किया।

गौरतलब है कि सीजेपी ने 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में आंदोलन शुरू किया था। सोनम वांगचुक शुरुआत से ही इस आंदोलन के साथ जुड़े रहे। बाद में उन्होंने घोषणा की थी कि यदि 27 जून तक केंद्र सरकार प्रश्नपत्र लीक मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो वह आमरण अनशन शुरू करेंगे। केंद्र से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उन्होंने 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी थी।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र4 hours ago

मानसून के मौसम में मरीजों की देखभाल के लिए बीएमसी की हेल्थ मशीनरी हमेशा तैयार रहे, ज़्यादा जोखिम वाले इलाकों पर ध्यान दें

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

‘आत्मनिर्भर भारत’ का असली प्रमाण है विक्रम-1 की सफलता: गौतम अदाणी

राष्ट्रीय समाचार6 hours ago

सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर ममता बनर्जी ने जताई चिंता, बोलीं- लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान होना चाहिए

महाराष्ट्र6 hours ago

मुंबई में सभी निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तय समय में पूरे होने चाहिए: नगर निगम कमिश्नर अश्विनी भिड़े

महाराष्ट्र6 hours ago

डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर और म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने बूथ लेवल ऑफिसर्स से वोटर लिस्ट के स्पेशल रिवीजन (एसआईआर) को तेज करने की अपील की।

महाराष्ट्र7 hours ago

मुंबई: कॉर्पोरेटर्स ने सीट से जुड़ी अव्यवस्था या दिक्कतों के बारे में कोई शिकायत नहीं की; बीएमसी ने आरटीआई के जवाब में इन दावों को खारिज किया।

महाराष्ट्र7 hours ago

महाराष्ट्र: शादी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को निशाना बनाने वाला गिरफ्तार

अपराध9 hours ago

नासिक में युवती की चाकू से वार कर हत्या, एकतरफा प्रेम प्रसंग में वारदात की आशंका

खेल9 hours ago

फीफा वर्ल्ड कप: खिताबी मुकाबले में मेसी तोड़ सकते हैं ये 5 बड़े रिकॉर्ड्स, इस मामले में बनेंगे नंबर वन

अंतरराष्ट्रीय समाचार9 hours ago

रूस पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला, मास्को के पास वेयरहाउस पर हमले में 7 की मौत

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई प्रेस की रिपोर्ट के बाद सूरताल डांस बार पर क्राइम ब्रांच की छापेमारी; आठ महिलाएं हिरासत में

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई-गुड़गांव मोबाइल चोरी गैंग का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार, चोरी का माल बरामद, 7 पुलिस ने रहस्य सुलझाने का दावा किया

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

केतन मर्डर केस : घंटों की पूछताछ में सिया के भाई का बयान- अगर बहन ने मना किया होता तो शादी ही रद्द कर देते

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच भारत ने एलपीजी आयात के स्रोत बढ़ाए, तेल कंपनियों को हुआ करीब 22,000 करोड़ रुपए का नुकसान

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

सोना इस हफ्ते धड़ाम, चांदी का दाम 15 हजार रुपए से अधिक घटा

व्यापार4 weeks ago

एससी और ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए अब नहीं देना होगा डोमिसाइल प्रमाण पत्र

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

सोना इस हफ्ते 6 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ, चांदी 2.3 लाख के पार

महाराष्ट्र3 weeks ago

बेटे का पॉलिटिकल करियर बचाने की दौड़ शुरू हो गई, उद्धव ठाकरे को ‘माफी यात्रा’ शुरू करनी चाहिए, शिवसेना सेक्रेटरी किरण पावस्कर ने किया उद्धव पर हमला

महाराष्ट्र1 week ago

महाराष्ट्र: पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में गिरी इमारत के बाद बचाव जारी, 9 लोगों को बाहर निकाला गया

खेल4 weeks ago

फीफा वर्ल्ड कप: 92 साल में पहली फतह, मिस्र के राष्ट्रपति बोले- यह जीत दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति को दर्शाती है

रुझान