राजनीति
सिंधिया पर गहरा होता भाजपा का रंग
कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर अब भाजपा का रंग धीरे-धीरे गहराने लगा है। एक तरफ जहां उनकी पार्टी में पैठ बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं।
सिंधिया ने लगभग पांच माह पहले कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली थी, इतना ही नहीं सिंधिया के साथ 22 तत्कालीन विधायकों ने कांग्रेस छोड़ी तो कमलनाथ सरकार गिर गई। सिंधिया भाजपा की ओर से राज्यसभा में निर्वाचित भी हो चुके हैं और उनकी पार्टी के भीतर सक्रियता भी बढ़ रही है।
ग्वालियर में भाजपा के तीन दिवसीय सदस्यता अभियान में सिंधिया ने अपनी ताकत का भी प्रदर्शन किया और ग्वालियर-चंबल अंचल के 76 हजार से अधिक कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं को भाजपा की सदस्यता भी दिलाई। सिंधिया पर कांग्रेस की ओर से किए जाने वाले किसी भी हमले के बचाव में पूरी भाजपा उनके साथ खड़ी नजर आने लगी है। यही कारण है कि कांग्रेस सिंधिया और उनके साथ पार्टी छोड़ कर गए लोगों को गद्दार कह रही है, तो भाजपा उनके बचाव में खड़ी है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंधिया का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस में सच बोलने वालों की कोई कीमत नहीं है, वहां तो तलवे चाटने वालों को वफादार कहा जाता है।
एक तरफ जहां भाजपा का संगठन और राज्य सरकार सिंधिया के साथ है, वहीं सिंधिया ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी नजदीकी बढ़ाना शुरू कर दी है। इसी क्रम में सिंधिया बीते रोज नागपुर पहुंचे और उन्होंने सरसंघचालक डॉक्टर मोहन भागवत से मुलाकात की। इस मुलाकात को आगामी समय के सियासी रणनीतिक तौर पर भाजपा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्ांघ के पदाधिकारी का कहना है कि सिंधिया परिवार से संघ का पुराना नाता है, ज्येातिरादित्य सिंधिया उसी परिवार से है। सिंधिया भले ही कांग्रेस में रहे हों मगर उन्होंने संघ के मुद्दों का खुलकर समर्थन किया है। इसलिए सिंधिया का संघ कार्यालय जाना और संघ प्रमुख से मिलना कोई बड़ी बात नहीं है।
वरिष्ठ पत्रकार शिव अनुराग पटैरिया का कहना है कि सिंधिया का संघ कार्यालय जाना और संघ प्रमुख से मिलना दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। संघ भाजपा का विचार प्रमुख है। वहीं उसका एक सिरा महाराष्ट से जुड़ा है, सिंधिया भी मराठा राज परिवार से नाता रखते हैं। वहीं सिंधिया की यह मुलाकात सियासी रणनीति का एक बड़ा हिस्सा भी है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
यूएई ने ईरानी पासपोर्ट धारकों के प्रवेश और ट्रांजिट पर लगाई रोक, क्षेत्रीय तनाव के बीच फैसला

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरानी पासपोर्ट धारकों के लिए नए यात्रा प्रतिबंध लागू किए हैं, जिसके तहत उन्हें देश में प्रवेश करने या उसके हवाई अड्डों के माध्यम से अन्य देशों के लिए ट्रांजिट करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह कदम मध्य पूर्व में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच उठाया गया माना जा रहा है।
नवीनतम निर्देशों के अनुसार, एयरलाइंस के सिस्टम में ऐसे बदलाव किए गए हैं जिनके कारण ईरानी नागरिक अब यूएई के लिए उड़ान बुक नहीं कर पा रहे हैं और न ही दुबई या अबू धाबी जैसे प्रमुख ट्रांजिट हब का उपयोग कर पा रहे हैं। वीज़ा और यात्रा नियमों के माध्यम से इस प्रतिबंध को प्रभावी बनाया गया है।
हालांकि यह प्रतिबंध व्यापक दिखाई देता है, लेकिन कुछ श्रेणियों के लोगों को इससे छूट मिल सकती है। इनमें लंबे समय के निवास वीज़ा धारक, विशेष अनुमति प्राप्त व्यक्ति या यूएई में पारिवारिक या पेशेवर संबंध रखने वाले लोग शामिल हो सकते हैं। ऐसे मामलों में अतिरिक्त जांच और स्वीकृति की आवश्यकता हो सकती है।
अधिकारियों ने इस प्रतिबंध को स्थायी नहीं बताया है, जिससे संकेत मिलता है कि यह मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के जवाब में उठाया गया एक अस्थायी कदम हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय क्षेत्र में बदलते सुरक्षा हालात के मद्देनज़र एहतियाती उपायों का हिस्सा है।
इस फैसले का असर कई ईरानी यात्रियों पर पड़ने की संभावना है, खासकर उन लोगों पर जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए यूएई के हवाई अड्डों को प्रमुख ट्रांजिट मार्ग के रूप में इस्तेमाल करते थे। एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की पात्रता की जांच करें और फिलहाल वैकल्पिक मार्गों पर विचार करें।
स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने से पहले नवीनतम अपडेट की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
महाराष्ट्र
मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने वीआईपी बताने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 8 वाहनों की लाइटें और सायरन ज़ब्त किए, और ट्रैफिक विभाग से उनके रजिस्ट्रेशन रद्द करने की सिफारिश की।

मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने खुद को वीआईपी बताने वालों पर सख्ती की है और बिना किसी परमिशन के वीआईपी कल्चर वाली फ्लैश लाइट और सायरन इस्तेमाल करने वाली गाड़ियों के खिलाफ एक्शन लिया है। इसमें ऐसी गाड़ियों और लाइट के खिलाफ एक्शन लिया गया जो खुद को वीआईपी साबित करने के लिए गाड़ियों पर लाइट लगा रहे थे। एक खास कैंपेन के तहत 1 और 2 अप्रैल को पुलिस ने शहर में गाड़ियों पर जबरदस्ती लाल, नीली, पीली और पीली डिम लाइट वाली फ्लैश लाइट लगाने वालों के खिलाफ एक्शन लिया। इस दौरान 8 गाड़ियों के खिलाफ एक्शन लिया गया, कई लाइटें सीज की गईं और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत फाइन भी लिया गया। इस एक्शन में यह साफ किया गया है कि अगर कोई प्राइवेट गाड़ियों पर डिम लाइट लगाता है तो उसकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया जाएगा और एक्स्ट्रा फाइन लगाया जाएगा और ट्रैफिक डिपार्टमेंट गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने की सिफारिश आरटीओ से करेगा। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कोई प्राइवेट गाड़ी लाल बत्ती पर सिर्फ फ्लैश लाइट लगी दिखे तो वे इसकी शिकायत ट्रैफिक पुलिस या ट्विटर हैंडल पर कर सकते हैं। ये गाड़ियां ट्रैफिक में रुकावट डालती हैं, जिसके बाद ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने यह एक्शन लिया है। यह कार्रवाई अब मुंबई शहर में जारी रहेगी।
महाराष्ट्र
मुंबई: काला चौकी इलाके में जैन मंदिर में चोरी, पुलिस चोर को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर मुंबई लाई

मुंबई: पुलिस ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार करने का दावा किया है। जो चोरी के कई मामलों में वॉन्टेड था और मुंबई के काला चौकी इलाके में एक जैन मंदिर में चोरी करके भाग गया था। उसे पुलिस ने मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत चोरी के 17 मामले दर्ज हैं। जानकारी के मुताबिक, 30 मार्च को आरोपी ने एक जैन मंदिर में चोरी की और मंदिर से सोने के गहने और दूसरा सामान लेकर भाग गया, जिसकी कुल कीमत 1.57 करोड़ रुपये बताई गई। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया और टीमें बनाकर करीब 200 से 300 CCTV फुटेज चेक किए और पुलिस को पता चला कि ज़म मध्य प्रदेश में किसी रिश्तेदार के यहां छिपा हुआ है, जिस पर पुलिस ने जाल बिछाया और उसे ढूंढ निकाला। जब पुलिस वहां पहुंची तो आरोपी छत पर चढ़ गया था और पुलिस को देखकर दूसरी छत पर भाग रहा था। पुलिस ने उसका पीछा किया और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान जितेंद्र उर्फ बंटी उर्फ पंडित के तौर पर हुई है। 34 साल का यह शख्स मध्य प्रदेश का रहने वाला है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है क्योंकि मामला जैन मंदिर से जुड़ा था। इसलिए पुलिस ने 48 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती के निर्देश पर DCP रागसुधा ने की।
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