अनन्य
सोमवार से शुरू होगा रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन
नवंबर में होने राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नाम की औपचारिक घोषणा करने के लिए साल 2020 का रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन सोमवार से शुरू हो रहा है। इस कन्वेंशन में ट्रम्प चुनाव के लिए पार्टी के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को औपचारिक रूप से स्वीकार करेंगे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, चार दिन का यह सम्मेलन गुरुवार तक चलेगा।
दरअसल, ट्रम्प ने अपने स्वीकृति भाषण को जैक्सनविले, फ्लोरिडा में स्थानांतरित करने की योजना बनाई थी, लेकिन वहां कोरोनावायरस संक्रमण फैलने के बाद इस फैसले को रद्द कर दिया गया।
अब वह अपना भाषण गुरुवार की रात व्हाइट हाउस के दक्षिण लॉन में देंगे। जबकि चुनावी कैंपेन के हिस्से के रूप में संघीय संपत्ति का उपयोग किए जाने के उनके निर्णय की जमकर आलोचना की जा रही है।
वहीं आरएनसी के उद्घाटन दिवस पर प्रत्येक राज्य और क्षेत्र के 6-6 प्रतिनिधि भाग लेंगे। कुल मिलाकर ये 336 प्रतिनिधि दूसरे कार्यकाल के लिए ट्रम्प और माइक पेंस को नामित करेंगे।
कोरोना महामारी के बीच इतने लोगों के इकट्ठा होने को लेकर रविवार को रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के चेयरमैन रोना मैकडैनियल ने कहा कि उन्हें नहीं लगता है कि नॉर्थ केरोलाइना शेर्लोट में होने जा रहे सम्मेलन में लोगों की उपस्थिति सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम पैदा करेगी।
मैकडैनियल ने सीबीएस न्यूज को बताया, “हमने शेर्लोट में आने से पहले हर किसी का परीक्षण किया है। हम ऐसी चीजें कर रहे हैं जो लोगों को अपना जीवन जीने की अनुमति देती हैं।”
बता दें कि कन्वेंशन में प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प मंगलवार की रात व्हाइट हाउस के हाल ही में रिनोवेट हुए रोज गार्डन से भाषण देंगी, जबकि पेंस बुधवार की रात को मैरीलैंड के बाल्टीमोर में फोर्ट मैकहेनरी से अपना स्वीकृति भाषण देंगे।
वहीं इस बीच 4 देशों की यात्रा पर निकले विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ कथित तौर पर यरूशलेम में किसी “अघोषित स्थान” से आरएनसी को संबोधित करेंगे।
इसके अलावा आरएनसी के अन्य वक्ताओं में ट्रम्प परिवार के सदस्य, साथ ही सीनेट के मेजॉरिटी लीडर मिच मैककोनेल, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के पूर्व राजदूत निक्की हेली और न्यूयॉर्क सिटी के पूर्व मेयर और ट्रम्प के सलाहकार रुडूल गियुलियानी भी शामिल हैं।
वहीं रिपब्लिकन पार्टी के एकमात्र जीवित पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश इस साल के सम्मेलन में नहीं बोलेंगे, इससे पहले 2016 के सम्मेलन में भी वे शामिल नहीं हुए थे।
बुश ने बतौर राष्ट्रपति 2001 से 2009 के बीच अपनी सेवाएं दी थीं।
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नीट पेपर लीक मामला : दिल्ली की अदालत ने आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई

नई दिल्ली, 6 जून। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 13 मई को सीबीआई ने शुभम खैरनार को नासिक से गिरफ्तार किया था।
आरोपी शुभम खैरनार की शनिवार को न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद उसे राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई।
शुभम खैरनार, महाराष्ट्र के नासिक जिले के नंदगांव का रहने वाला है। उसने मध्य प्रदेश की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से बीएएमएस (आयुर्वेद) की पढ़ाई की है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोप है कि उसने पुणे के एक संदिग्ध से यह पेपर 10 लाख में खरीदा और इसे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख में बेच दिया।
बता दें कि नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जानकारी सामने आई कि सीबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को कल्याण के म्हारल क्षेत्र में रहने वाली एक छात्रा से भी पूछताछ की।
सूत्रों ने बताया कि जांच टीम ने म्हारल इलाके में छात्रा के घर पहुंचकर उसका बयान दर्ज किया। सूत्रों का दावा है कि संबंधित छात्रा नाशिक की एक अन्य छात्रा के संपर्क में थी, जिसकी जांच के दौरान उसका मोबाइल नंबर जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में आया। इसी आधार पर सीबीआई ने उससे पूछताछ की है। हालांकि, सीबीआई की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। एजेंसियों की शुरुआती जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे। इसी आधार पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया और अब इसे नए सिरे से आयोजित किया जाएगा। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी।
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कथित बांग्लादेशियों के जाली और फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों की जांच शुरू; किरीट सोमैया के आरोपों के बाद मुंबई पुलिस हरकत में।

मुंबई: भाजपा नेता किरीट सौम्या ने मुंबई में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच भी एक्शन में आ गई है। मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट के मामलों में कार्रवाई करने के लिए एक एसआईटी टीम बनाने को मंजूरी दे दी है और एक आदेश भी जारी किया है। किरीट सौम्या ने पहले इस मामले की जांच की मांग की थी। मुंबई पुलिस कमिश्नर ने अब एक आदेश जारी कर यह जिम्मेदारी मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी को दी है, जो इन मामलों की जांच करेगी। मुंबई शहर से अब तक एक हजार से ज्यादा बांग्लादेशी अप्रवासियों को निकाला जा चुका है, इसके बावजूद किरीट सौम्या ने आरोप लगाया है कि शहर में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी रहते हैं और यह देश की अखंडता के लिए खतरा है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में धार्मिक नफरत फैलाना भी शुरू कर दिया है। मुंबई मुंबई पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बर्थ सर्टिफिकेट और शिकायत की जांच के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी बनाई है। इस एसआईटी के बारे में डिपार्टमेंटल ऑर्डर जारी करते हुए मुंबई पुलिस कमिश्नर ने साफ किया है कि इस टीम को जॉइंट पुलिस कमिश्नर क्राइम लक्ष्मी गौतम हेड करेंगी, जबकि एडिशनल कमिश्नर क्राइम मुंबई, एडिशनल कमिश्नर स्पेशल ब्रांच, डीसीपी डिटेक्शन क्राइम और असिस्टेंट कमिश्नर क्राइम इस टीम का हिस्सा हैं। ऑर्डर में कहा गया है कि यह एसआईटी टीम बड़े पैमाने पर फर्जी डॉक्यूमेंट्स और बर्थ सर्टिफिकेट में फर्जी सर्टिफिकेट की शिकायतें सामने आने के बाद बनाई गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का मकसद डॉक्यूमेंट्स की जांच करके जरूरी एक्शन लेना है। यह ऑर्डर मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने जारी किया है।
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नासिक: जालसाज अशोक खराट की जांच में अहम नतीजा, कई जगहों पर छापेमारी के दौरान जानवरों के अवशेष और महिलाओं के बाल बरामद, बली देने का संदेह

मुंबई: नासिक के धोखेबाज अशोक खरात की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं और SIT ने कई जगहों पर छापेमारी की है। SIT को यहां से जानवरों के अवशेष भी मिले हैं, लेकिन SIT ने यह जांच शुरू कर दी है कि क्या ये सच में जानवरों के अवशेष हैं या फिर मानव बलि का मामला है। इस मामले में SIT ने अवशेषों को अपने कब्जे में भी ले लिया है, वहीं शक है कि अशोक खरात अघोरी करता था और इसी प्रथा के चलते उसने मानव बलि भी दी होगी। इस बारे में SIT की जांच सही दिशा में जा रही है। नासिक के धोखेबाज अशोक खरात मामले में SIT की जांच में कई अहम नतीजे भी निकले हैं। SIT टीम की हेड तेजस्वी सतपोवे पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों पर काम कर चुकी हैं और उनकी जांच कर चुकी हैं। इसी तरह अब नासिक मामले में भी जांच चल रही है। तेजस्वी सतपोवे की मां टीचर हैं जबकि उनके पिता किसान हैं। वह अहमदनगर के शेगांव की रहने वाली हैं। तेजस्वी सतपोवे ने अब खरात के पॉलिटिकल कनेक्शन की जांच शुरू कर दी है। अशोक खरात के कई बड़े नेताओं और अफसरों से भी कनेक्शन थे। महिला आयोग की हेड रूपाली चाकणकर से भी उनके कनेक्शन थे, इसी आधार पर रूपाली को इस्तीफा देना पड़ा था। SIT जांच में जानवरों के अवशेषों के साथ महिलाओं के बाल भी मिले थे। अब SIT टीमें पता लगा रही हैं कि ये बाल किसके हैं, क्या ये एक महिला के बाल हैं या कई महिलाओं के बाल हैं।
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