राजनीति
उच्च शिक्षा में परिवर्तनकारी सुधारों पर प्रधानमंत्री देंगे उद्घाटन भाषण
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 7 अगस्त 2020 को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में परिवर्तनकारी सुधारों पर सम्मेलन’ में उद्घाटन भाषण देंगे। इस सम्मेलन का आयोजन मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा किया जा रहा है। सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के तहत कवर किए गए शिक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे कि समग्र, बहु-विषयक एवं भविष्य की शिक्षाएं, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और शिक्षा में बेहतर पहुंच के लिए प्रौद्योगिकी के समान उपयोग पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। विश्वविद्यालयों के कुलपति, संस्थानों के निदेशक और कॉलेजों के प्रधानाचार्य एवं अन्य हितधारक इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीम किया जाएग।
केंद्रीय कैबिनेट देश की नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे चुकी है। इससे पहले शिक्षा नीति को 1986 में तैयार किया गया और 1992 में संशोधित किया गया था। डॉ. के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रारूप तैयार करने हेतु गठित समिति द्वारा तैयार किए गए एनईपी 2019 और उस पर प्राप्त हितधारकों की प्रतिक्रियाओं एवं सुझावों के आधार पर इसे तैयार किया गया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, “नई शिक्षा नीति के लिए परामर्श प्रक्रिया जनवरी 2015 में शुरू की गई थी। 33 चिन्हित किए गए विषयों पर बहुआयामी परामर्श प्रक्रिया में ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक जमीनी स्तर पर परामर्श हासिल किए गए। लगभग 2.5 लाख ग्राम पंचायतों, 6600 ब्लॉक, 6000 शहरी स्थानीय निकायों, 676 जिलों और 36 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों में एक व्यापक, समयबद्ध, भागीदारी वाली परामर्श प्रक्रिया अपनाई गई।”
महाराष्ट्र
कुर्ला साकी नाका पाइपलाइन की मरम्मत का काम पूरा, पानी की सप्लाई बहाल

मुंबई: के कुर्ला साकीनाका 90 फीट तिलक नगर में नाले के पास BMC की 1200 mm डायमीटर वाली पानी की पाइपलाइन की मरम्मत का काम आज सुबह सफलतापूर्वक पूरा हो गया, जिसके बाद अब कुर्ला के प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई फिर से शुरू कर दी गई है। सड़क की सतह से करीब 5 मीटर गहरी पानी की पाइप को पूरी तरह से खोलकर उसके खराब हिस्से को बदल दिया गया। खुदाई के दौरान यह पाइपलाइन प्रभावित हुई थी और पाइपलाइन फटने के बाद कुर्ला के लोग दो दिनों से पानी के लिए परेशान थे और यहां पानी की सप्लाई पूरी तरह से बंद हो गई थी, लेकिन अब इसे फिर से बहाल कर दिया गया है। खुदाई के दौरान तकनीकी दिक्कतें भी आईं क्योंकि एक तरफ महानगर गैस लिमिटेड MGL की 300 mm डायमीटर वाली गैस पाइपलाइन थी और दूसरी तरफ एक पुल की नींव रखी गई थी, फिर भी इंजीनियरों और कर्मचारियों ने पूरी सावधानी और प्लानिंग के साथ काम किया। वार्ड नंबर 156,158,161,162,163,171,168,167,166,165,164 के प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई फिर से शुरू कर दी गई है। आज रात हमेशा की तरह पानी की सप्लाई होगी, यह जानकारी आज मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने दी। BMC के मुताबिक, रात में पानी की सप्लाई में देरी और लो प्रेशर की संभावना है, इसलिए लोगों को पानी सप्लाई करते समय सावधानी बरतने की ज़रूरत है।
राजनीति
सीबीएसई मूल्यांकन गड़बड़ी : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और सीबीएसई को जारी किया नोटिस

नई दिल्ली, 8 जून: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा 12वीं की परीक्षा में डिजिटल इवैल्यूएशन सिस्टम (ओएसएम) में हुई गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और सीबीएसई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 12 जून 2026 को तय की है।
कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने यह कदम उठाया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम में आई तकनीकी खामियों और गड़बड़ियों के कारण हजारों छात्रों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्रों की आंसर स्क्रिप्ट गायब बताई जा रही हैं, कुछ धुंधली हैं, तो कुछ की गलत तरीके से जांच की गई है।
एनएसयूआई ने याचिका में मांग की है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में हुई सभी गड़बड़ियों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा उपाय, प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देश तैयार किए जाएं। याचिका में सीबीएसई को उन सभी छात्रों को कंपेन्सेटरी मार्क्स देने का भी निर्देश देने की अपील की गई है जिनकी उत्तर पुस्तिकाएं प्रभावित हुई हैं।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम में बार-बार आने वाली समस्याएं छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही हैं। कई अभिभावकों और छात्रों ने शिकायत की है कि अंकों में बेतरतीबी, स्क्रिप्ट लापता होना और गलत मूल्यांकन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। एनएसयूआई ने सीबीएसई पर आरोप लगाया कि बोर्ड इन शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
एनएसयूआई ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ रहा है लेकिन इसके साथ ही मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और बैकअप प्लान भी जरूरी है। याचिका में मांग की गई है कि सीबीएसई को तुरंत एक शिकायत निवारण तंत्र विकसित करना चाहिए ताकि छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
राजनीति
इंडिया ब्लॉक की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बोले, विपक्षी एकता को और मजबूत करना होगा

नई दिल्ली, 8 जून: दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया’ ब्लॉक की बैठक कांग्रेस, टीएमसी समेत कई पार्टियों के प्रमुख नेता शामिल हुए। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी नेताओं का स्वागत किया और केंद्र सरकार पर हमला बोला।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “मैं ‘इंडिया’ समूह के नेताओं की इस बैठक में आप सभी का स्वागत करता हूं। यह समूह लगभग ठीक तीन साल पहले अस्तित्व में आया था। मैं ज्यादा नहीं बोलना चाहता क्योंकि हमारे सामने मौजूद मुद्दे आप सभी अच्छी तरह जानते हैं। हमने 17 अप्रैल को लोकसभा में अपनी एकजुटता और एकता को बहुत निर्णायक तरीके से दिखाया, जब हम सबने मजबूती से एकजुट होकर डिलिमिटेशन पर केंद्र सरकार के दुर्भावनापूर्ण बिलों को परास्त किया।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “अब हमें उसी भावना को और मजबूत करना है और आगे बढ़ाना है, ताकि केंद्र सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने खड़ी कई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सके। एसआईआर के कारण करोड़ों लोगों से उनका मताधिकार छीना जा रहा है। संविधान पर हमला लगातार जारी है। जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और डराने-धमकाने के औजार के रूप में लगातार किया जा रहा है।”
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “गैर-भाजपा सरकारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आर्थिक माहौल बेहद नकारात्मक है। नई नौकरियां पैदा करने के लिए जिस रफ्तार से नए निवेश आने चाहिए, वे बिल्कुल उस रफ्तार से नहीं आ रहे हैं। कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और एमएसएमई का भविष्य गंभीर संकट में है। परीक्षा प्रणाली के पूर्ण कुप्रबंधन के कारण हमारे लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात किया जा रहा है। समाज के कमजोर वर्गों पर अत्याचार, खासकर भाजपा शासित राज्यों में लगातार जारी हैं। हमारी विदेश नीति के साथ पूरी तरह से समझौता किया गया है और उन पारंपरिक मूल्यों को कायम नहीं रखा गया है, जिनका भारत लंबे समय से पुरजोर समर्थन करता रहा है।”
खड़गे ने कहा, “मैं प्रत्येक दल के नेताओं से अनुरोध करूंगा कि वे कुछ शब्द कहें, जिसके बाद हम आगे उठाए जाने वाले कदमों पर सामूहिक रूप से चर्चा कर सकते हैं। हम सभी संयुक्त रूप से मीडिया से मिलेंगे।”
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