व्यापार
भारत में ओप्पो ए52 लॉन्च, कीमत 16990 रुपये
चीनी हैंडसेट निर्माता कंपनी ओप्पो ने शुक्रवार को भारत में अपना ओप्पो ए5 को 16,990 रुपये में लॉन्च किया।
कंपनी ने ओप्पो ए52 स्मार्टफोन में 6.5 इंच का एचडी डिस्प्ले दिया है, जिसका रिजॉल्यूशन 1,080इंटू2,400 पिक्सल है। साथ ही इस स्मार्टफोन में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 665 प्रोसेसर का सपोर्ट दिया गया है। वहीं, यह स्मार्टफोन एंड्रॉयड 10 पर आधारित कलर ओएस 7.1 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।
ओप्पो इंडिया प्रोडक्ट मार्केटिंग वीपी, सुमित वालिया ने कहा, “हमारी सीरीज को हमेशा मार्केट में नए ²ष्टिकोण लाने के लिए जाना जाता है। इसी क्रम में हमने ए सीरीज का एक और मोबाइल लॉन्च कर रहे हैं। ओप्पो ए 52 आधुनिकरण से लैस है, यह स्मार्टफोन ग्राहकों को एक अलग अनुभव देगा।”
फोटोग्राफी की बात करें तो, स्मार्टफोन में 12 मेगापिक्सल मेन कैमरा, 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा-वाइड-एंगल लेंस, 2 मेगापिक्सल मोनो लेंस और 2 मेगापक्सिल पोट्र्रेट लेंस के साथ क्वाड कैमरा में आता है।
एफ2.0 लार्ज-अपर्चर लेंस के साथ 16 मेगापिक्सल कैमरा है, जो सेल्फी लेने में जबरदस्त है।
ओप्पो ए52 को 5000एमएच की बैटरी के साथ आता है और यह डिवाइस में टाइप-सी चार्जर सपोर्ट करता है। 18वाट से फास्ट चार्जिग करता है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत की डेटा सेंटर क्षमता वित्त वर्ष 30 तक करीब चार गुना बढ़ेगी, 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश होने की उम्मीद: रिपोर्ट

भारत की डेटा सेंटर क्षमता वित्त वर्ष 30 तक करीब चार गुना बढ़कर 4 गीगावाट हो सकती है। इसमें 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश होने की संभावना है। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के प्रति मिलियन इंटरनेट उपभोक्ताओं पर 1.2 मेगावाट की डेटा सेंटर क्षमता मौजूद है, जो कि वैश्विक औसत प्रति मिलियन 5 मेगावाट की क्षमता से काफी कम है।
रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटलीकरण, लागत प्रतिस्पर्धा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का बढ़ता उपयोग भारत के डेटा सेंटर क्षेत्र में मजबूत वृद्धि के कारक हैं। वैश्विक डेटा सेंटर बाजार में भारत की हिस्सेदारी 2025 तक लगभग 4 प्रतिशत और क्षमता 1.2 गीगावाट होने की उम्मीद है।
वित्त वर्ष 2022-2025 के दौरान देश की को-लोकेशन डेटा सेंटर क्षमता दोगुनी होकर 1.2 गीगावाट हो गई, साथ ही उच्च उपयोग स्तर (औसतन 90 प्रतिशत से अधिक) ने भी इसमें योगदान दिया।
रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2026-2030 के दौरान उद्योग के राजस्व में लगभग 24 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) का अनुमान लगाया है, जिसमें ईबीआईटीडीए मार्जिन लगभग 40-42 प्रतिशत पर स्थिर रहेगा। हालांकि, विकास चरण में उच्च पूंजीगत व्यय चक्र के कारण लीवरेज स्तर अपेक्षाकृत उच्च बना रह सकता है।
लंबी अवधि के समझौतों के माध्यम से इस क्षेत्र में राजस्व की मजबूत स्पष्टता है, जो स्थिर नकदी प्रवाह सुनिश्चित करती है और ग्राहकों की उच्च स्तर की प्रतिबद्धता को बढ़ावा देती है।
केयरएज रेटिंग्स की निदेशक पूजा जालान ने कहा, “उच्च पूंजीगत व्यय, मजबूत प्रायोजकों की धन जुटाने की क्षमता और भारतीय डेटा सेंटर संस्थाओं को लक्षित बड़े इक्विटी निवेशों के साथ यह उद्योग तेजी से विकास कर रहा है।”
उन्होंने कहा कि एआई-आधारित मांग विकास की रफ्तार को गति देगी, जबकि उद्योग की पूरी क्षमता को साकार करने के लिए विद्युत अवसंरचना का समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आगे कहा कि बढ़ती लागत और कमीशनिंग की समयसीमा में वृद्धि के बीच नकदी प्रवाह को प्रबंधित करने की क्षमता निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण होगी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल के वर्षों में डेटा सेंटर की लागत में 50-70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसका मुख्य कारण भूमि की ऊंची कीमतें, एडवांस कूलिंग टेक्नोलॉजी को अपनाना और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश है। इसके साथ ही, कार्यक्षेत्र में बदलाव और मंजूरी मिलने में देरी के कारण कमीशनिंग की समयसीमा भी बढ़ गई है।
केयरएज रेटिंग्स के एसोसिएट डायरेक्टर तेज किरण ने कहा कि डेटा सेंटर की मांग वर्तमान में एंटरप्राइज आईटी और क्लाउड स्टोरेज द्वारा संचालित है, लेकिन अगले 5-7 वर्षों में एआई-आधारित कार्यभार विकास के अगले चरण को गति प्रदान करेगा।
व्यापार
भारतीय शेयर बाजार में लौटी रौनक; सेंसेक्स 1,372 अंक चढ़कर बंद, निवेशकों ने कमाए करीब 8 लाख करोड़ रुपए

SHARE MARKET
मुंबई, 24 मार्च : सोमवार की बड़ी गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली और घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी और सेंसेक्स 1.5 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गए।
ऑटो और बैंक शेयरों ने बाजार को समर्थन दिया, जिससे दोनों प्रमुख बेंचमार्क अपने दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुए। दोनों पक्षों के विरोधाभासी बयानों के बीच अमेरिका-ईरान युद्ध में तनाव कम होने की उम्मीद से निवेशकों में जोखिम भावना में सुधार हुआ।
बाजार बंद होने के समय एनएसई निफ्टी50 399.75 अंक या 1.78 प्रतिशत बढ़कर 22,912.40 पर था, तो वहीं बीएसई सेंसेक्स 1.89 प्रतिशत या 1,372.06 अंकों की बढ़त के साथ 74,068.45 पर था।
इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 74,212.47 पर खुलकर एक समय 74,489.39 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी50 22,878.45 पर खुलकर एक समय 23,057.30 को टच कर गया था।
व्यापक बाजारों ने बेंचमार्क सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप में जहां 2.60 प्रतिशत की तेजी आई, तो वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.63 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो सेक्टर में 2.43 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वहीं निफ्टी मीडिया (3.45 प्रतिशत की तेजी) और निफ्टी बैंक सेक्टर (2.27 प्रतिशत की तेजी) ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। इसके अलावा, निफ्टी आईटी में 1.72 प्रतिशत तो निफ्टी एफएमसीजी में 1.25 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
निफ्टी50 में इंडिगो और एलएंडटी के शेयरों में सबसे ज्यादा क्रमशः 5.49 प्रतिशत और 5.17 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई। इसके बाद बजाज फाइनेंस, इटरनल, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली, जबकि कोल इंडिया, पावरग्रिड, सन फार्मा और सिप्ला के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में आई इस तेजी से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में 7.74 लाख करोड़ रुपए की बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह पहले (सोमवार) के 415.11 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 422.85 लाख करोड़ रुपए हो गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों को करीब 8 लाख करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ।
व्यापार
मजबूत डॉलर का असर! सोना-चांदी धड़ाम, 4.3 प्रतिशत तक घटीं कीमतें

gold
मुंबई, 24 मार्च : सोने और चांदी में मंगलवार को कमजोरी तेजी जा रही है और कीमतें 4.3 प्रतिशत कम हो गई हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10:34 पर 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोना 2,094 रुपए या 1.50 प्रतिशत घटकर 1,37,166 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
अब तक के कारोबार में सोने ने 1,36,684 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,38,450 रुपए का उच्चतम स्तर छूआ है।
सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी देखी जा रहा है। एमसीएक्स पर 5 मई, 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में चांदी 9,837 रुपए या 4.37 प्रतिशत घटकर 2,15,330 रुपए प्रति किलो पर थी।
अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,15,330 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,19,658 रुपए का उच्चतम स्तर छूआ है।
सोने और चांदी की कीमत में मजबूती की वजह डॉलर इंडेक्स को माना जा रहा है। दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति दर्शाने वाले यह इंडेक्स खबर लिए जाने तक करीब 0.51 प्रतिशत की तेजी के साथ 99.23 अंक पर था।
डॉलर इंडेक्स में शामिल विदेशी मुद्राओं में यूरो, जापानी येन, ब्रिटिश पाउंड, कैनेडियन डॉलर, स्विस फ्रैंक और स्वीडिश क्रोना हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में बड़ी गिरावट देखी जा रही है।
खबर लिखे जाने तक सोना 1.67 प्रतिशत या 73 डॉलर की कमजोरी के साथ 4,356 डॉलर प्रति औंस और चांदी 3.78 प्रतिशत या 2.625 डॉलर की कमजोरी के साथ 66.73 डॉलर प्रति औंस पर था।
हाल के दिनों में सोने में काफी गिरावट देखी गई है। बीते एक हफ्ते (डॉलर में) में यह 13 प्रतिशत से ज्यादा और बीते एक महीने में 15 प्रतिशत से ज्यादा फिसल चुका है।
चांदी की भी यही स्थिति है। बीते एक हफ्ते (डॉलर में) में यह 16 प्रतिशत से ज्यादा और बीते एक महीने में 24 प्रतिशत से ज्यादा फिसल चुकी है।
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