राजनीति
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में खुला ‘कोरोना मॉल’, जल्द ही हुआ लोकप्रिय
आपको मास्क, सैनिटाइजर, हैण्ड वॉश के लिए जगह-जगह भटकना पड़ता है, मगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक ऐसा मॉल खुला है। जहां पर कोरोना से बचने के सारे हथियार एक ही छत के नीचे मिल रहे हैं। इससे लोगों को काफी सहूलियत हो रही है।
वाराणसी के सिगरा क्षेत्र में खुले इस अनोखे कोरोना मॉल में संक्रमण से बचाव के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले सभी सामान उपलब्ध हैं। इसे लोग आपदा को अवसर में बदलने की शुरूआत मान रहे हैं। अपने अनोखे नाम के कारण ये मॉल शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कोरोना मॉल के संचालक अशोक सिंह ने आईएएनएस को बताया, “लोगों के मन में कोरोना का खौफ खत्म करने के लिए हमने संक्रमण से बचाव का सारा समान एक छत के नीचे ला दिया है। पहले लोगों कोरोना से बचाव के लिए मास्क, गमछा, साबुन और सैनिटाइजर के लिए कई जगह दौड़ लगानी पड़ती थी। लोगों को परेशानी को देखते हुए हमने अपने ‘छोटा मॉल’ को अब “कोरोना मॉल” में बदल दिया। जिस प्रकार से मॉल में सभी समान मिलता है। उसी प्रकार यहां पर कोरोना से बचाव में जितना भी सामान प्रयोग होता सब यहां पर मिलता है।”
उन्होंने बताया कि “अभी मॉल खुले हुए एक सप्ताह हुए हैं। लोग भीड़भाड़ जाने में घबरा रहे थे। इसलिए यहां पर एक ही स्थान पर सारी चीजे जनता के लिए उपलब्ध है। यहां फैषन के साथ नई सामग्री उपलब्ध है। हमनें छोटी जगह में कोरोना से बचाव की सारी चीजें उतारी हैं। इसीलिए यह लोगों को पसंद आ रही है। कोरोना से बचाव में एक से बढ़कर एक हाइटेक मषीनें भी उपलब्ध है। जैसे टनल मशीन, आटोमैटिक सैनिटाइजर मशीन, थर्मल स्कैनर के अलावा बहुत सी ऐसी वस्तुएं इस मॉल में है जो लोगों को कोरोना से बचाने में काफी कारगर होंगी।”
अशोक सिंह ने बताया कि यहां पर आकर्षक डिजाइन के मास्क, हैंड गल्ब्स, फेस कवर और सैनिटाइजर की ढेरों वैरायटी इस मॉल में उपलब्ध हैं। इसमें बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए फैंसी मास्क के साथ कलरफुल गमछे शामिल हैं। थर्मल स्कैनिंग मशीन की भी बिक्री हो रही है।
कोरोना मॉल में आने वाले ग्राहक अवनीश ने बताया कि “पहले मास्क और सैनिटाइजर के लिए काफी परेशान होना पड़ रह था। सभी में डुप्लिकेसी का भय था। ऐसे में कोरोना मॉल में एक जगह पर मास्क, ग्लब्स, फेस कवर और सेनिटाइजर की जितनी वैरायटी है। यहां पर मिल रही है, दूसरी जगहों पर ऐसा नहीं है। ”
वाराणसी के निवासी मुकीद ने बताया कि “बहुत कम दिनों यह कोरोना मॉल काफी प्रसिद्ध हो गया है। यहां की सबसे अच्छी बात है यहां सब ब्राण्डेड और अच्छा माल मिल रहा है। जो वायरस को हराने में सहायक है। “
महाराष्ट्र
मुंबई में सनसनीखेज घटना: सायन अस्पताल के आईसीयू के बाहर सिर में चाकू धंसा व्यक्ति, इलाज में लापरवाही के आरोप

मुंबई से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोकमान्य तिलक नगर निगम सामान्य अस्पताल (सायन अस्पताल) के ट्रॉमा इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) के बाहर एक व्यक्ति सिर में चाकू धंसे हुए अवस्था में खड़ा दिखाई दिया। इस भयावह दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह व्यक्ति गंभीर रूप से घायल था, लेकिन कुछ समय तक उसे तुरंत आपातकालीन उपचार नहीं मिला। आरोप है कि वह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था, लेकिन किसी भी डॉक्टर ने उसे तत्काल इमरजेंसी केस के रूप में नहीं देखा और कथित रूप से उसे नजरअंदाज किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद घायल व्यक्ति को आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर उसकी जान बचाने के प्रयास कर रहे हैं।
इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर उचित उपचार मिल जाता, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
राजनीति
बंगाल चुनाव : सुजापुर में टीएमसी की बड़ी जीत, सबीना यास्मीन ने कांग्रेस गढ़ में फिर मारी बाजी

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले की बेहद अहम और हाई-प्रोफाइल सुजापुर विधानसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है। 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की उम्मीदवार और राज्य सरकार में मंत्री सबीना यास्मीन ने शानदार जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ में लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है।
चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सबीना येस्मीन को कुल 1,12,795 वोट मिले और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अब्दुल हन्नान को 60,287 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अभिजीत रजक 20,066 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
सुजापुर विधानसभा सीट (सीट नंबर 53) का राजनीतिक इतिहास काफी समृद्ध और दिलचस्प रहा है। 1957 में गठित इस सीट को लंबे समय तक कांग्रेस का अभेद्य किला माना जाता रहा। दिग्गज कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ए.बी.ए. गनी खान चौधरी (बरकत दा) के परिवार का इस क्षेत्र पर वर्षों तक प्रभाव रहा। 1967 से 1977 तक गनी खान चौधरी की लगातार जीत, और बाद में रूबी नूर, मौसम नूर और ईशा खान चौधरी जैसे नेताओं ने इस विरासत को आगे बढ़ाया।
हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने पहली बार इस किले में सेंध लगाते हुए जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में मोहम्मद अब्दुल गनी ने टीएमसी को ऐतिहासिक सफलता दिलाई थी। 2026 में पार्टी ने रणनीतिक बदलाव करते हुए उनकी जगह मोथाबाड़ी की पूर्व विधायक और मंत्री सबीना यास्मीन को चुनावी मैदान में उतारा और यह दांव पूरी तरह सफल साबित हुआ।
इस बार सुजापुर में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला, जिसमें टीएमसी की सबीना यास्मीन, कांग्रेस के अब्दुल हन्नान और भाजपा के अभिजीत रजक आमने-सामने थे। मालदा को पारंपरिक रूप से कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, ऐसे में यह मुकाबला खास तौर पर टीएसी और कांग्रेस के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया था।
जनसांख्यिकीय दृष्टि से यह सीट काफी अहम है। सुजापुर एक अल्पसंख्यक (मुस्लिम) बहुल क्षेत्र है, जहां के मतदाता चुनावी नतीजों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
सुजापुर विधानसभा क्षेत्र ‘मालदा दक्षिण’ लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है, टीएमसी की यह बड़ी जीत इस बात का संकेत है कि पार्टी ने इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
सबीना यास्मीन की निर्णायक जीत न सिर्फ उनके व्यक्तिगत राजनीतिक कद को मजबूत करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ कर लिया है।
महाराष्ट्र
धुलिया मुस्लिम बस्ती के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह से गलत है, अबू आसिम आज़मी ने माइनॉरिटी कमीशन को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई और नोटिस पर रोक लगाने की मांग की

मुंबई महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आज़मी ने माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन प्यारे खान से धुलेया में मुस्लिम बस्तियों से गैर-कानूनी तरीके से घर खाली कराने और तोड़फोड़ की कार्रवाई के नोटिस पर रोक लगाने की मांग की है। अनहुसन ने कहा कि धुलेया में 275 मुसलमानों को बेदखल करना पूरी तरह से गलत है, जबकि सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के ज़रिए उनके पुनर्वास के लिए GR भी जारी किया था। यह परिवार धुलेया लाल सरदारनगर चींटी बत्ती इलाके में 40 से 50 साल से रह रहा था, लेकिन प्रशासन ने अचानक तोड़फोड़ की कार्रवाई करके उन्हें बेदखल कर दिया है। उन्हें 21 अप्रैल को गैर-कानूनी तरीके से नोटिस दिया गया था। राज्य सरकार ने 26 मार्च, 2026 के GR के संबंध में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निवासियों के पुनर्वास के लिए एक योजना भी तैयार की थी। प्रशासन की अचानक की गई कार्रवाई अमानवीय और गैर-कानूनी है, इसलिए माइनॉरिटी कमीशन से अनुरोध है कि इस गैर-कानूनी नोटिस पर रोक लगाई जाए और निवासियों को न्याय दिलाया जाए। इस बारे में धुले के एडवोकेट जुबैर और वहां के लोगों ने रिक्वेस्ट की है कि उन्हें इंसाफ मिले और गैर-कानूनी तोड़-फोड़ के नोटिस पर स्टे लगाया जाए। अबू आसिम आज़मी ने वहां के लोगों की मांग पर माइनॉरिटी कमीशन को लेटर भेजकर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
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