Connect with us
Friday,24-April-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

इस साल भारत में बिकेंगे 12.7 करोड़ स्मार्टफोन : रिपोर्ट

Published

on

कोविड-19 लॉकडाउन के कारण आपूर्ति और मांग दोनों प्रभावित होने के कारण इस साल भारत करीब 12.7 करोड़ स्मार्टफोन बेचेगा, जो कि साल के प्रारंभ में किए गए करीब 16.2 करोड़ यूनिट्स के बिक्री अनुमान से 21.6 प्रतिशत कम है। यह खुलासा मंगलवार को एक नई रिपोर्ट से हुआ। मार्केट रिसर्च फर्म टेकआर्क के अनुसार, साल 2019 की तुलना में बिक्री में वास्तविक गिरावट 12.5 प्रतिशत है। 2019 में 14.5 करोड़ स्मार्टफोन की बिक्री हुई थी।

टेकआर्क के संस्थापक और प्रमुख विश्लेषक फैजल कावूसा ने कहा, “भारत में स्मार्टफोन उद्योग के लिए सबसे खराब अवधि खत्म हो रही है, क्योंकि उत्पादन और बिक्री दोनों की पूर्ति शुरू हो गई है। स्मार्टफोन ब्रांड ट्रैक पर बने रहने का प्रयास करेंगे, जिसका अर्थ है कि प्रयोगों पर कम ध्यान दिया जाएगा और उपभोक्ताओं के लिए प्रासंगिकता पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।”

बिक्री के कुल 92 प्रतिशत में 5,001- 25,000 रुपये तक के सेलफोन शामिल होंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एंट्री-लेवल सेगमेंट (5,000 रुपये तक) में गिरावट जारी रहेगी, जबकि प्रीमियम सेगमेंट (50,000 रुपये और उससे अधिक) कम से कम प्रभावित होंगे।

कावूसा ने कहा, “हर यूजर का लक्ष्य आसपास की अनिश्चितताओं को देखते हुए जितना संभव हो सके उतना बचत करना होगा। इस कारण अपर प्राइस सेगमेंट से लेकर लोअर प्राइस सेगमेंट की मांग में कुछ बदलाव होंगे।”

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

महाराष्ट्र

सेंसेक्स 77,000 के नीचे फिसला; आईटी सेक्टर, महंगा कच्चा तेल जैसे कारणों से तीन सत्रों से लगातार हो रही बिकवाली

Published

on

मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीन कारोबारी सत्रों से बिकवाली देखी जा रही है। शुक्रवार को दोपहर 12:50 बजे सेंसेक्स 1,007 अंक या 1.30 तिशत की गिरावट के साथ 76,656 और निफ्टी 278 अंक या 1.15 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,895 पर था।

बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी कमजोर बने हुए थे। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 728.65 अंक या 1.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,219 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 200 अंक या 1.13 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,520 पर था।

बाजार में कमजोरी की एक बड़ी वजह आईटी सेक्टर का कमजोर प्रदर्शन करना है। इन्फोसिस और एसीएल टेक जैसी कंपनियों के कमजोर नतीजों के कारण पूरे आईटी सेक्टर में बिकवाली है और इस कारण से आईटी इंडेक्स 4 प्रतिशत से अधिक फिसल गया है।

कच्चे तेल की कीमतों का उच्च स्तर पर होना, बाजार में निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर डाल रहा है। इससे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। इसके साथ ही निकट अवधि में महंगाई भी बढ़ने का खतरा है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली भी बाजार को निचले स्तर पर धकेल रही है। गुरुवार को लगातार चौथ दिन विदेशी निवेशक शुद्ध विक्रेता थे और इस दौरान उन्होंने 3,200 करोड़ रुपए से अधिक की इक्विटी में बिकवाली की।

ईरान-अमेरिका शांति वार्ता पर अनिश्चितता के कारण मध्य पूर्व में तनाव बना हुआ है। वहीं, अमेरिका ने भी हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद कर रखा है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई और भारत के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली देखी जा रही है।

भारत में अस्थिरता दर्शाने वाले इंडिया विक्स में भी तेजी देखी जा रही है। इंडिया विक्स 3.50 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19.24 पर था, जब भी इसमें तेजी देखने को मिलती है, तो आमतौर पर बाजार में गिरावट आती है।

Continue Reading

व्यापार

शेयर बाजार वैश्विक बाजारों से मिलेजुले संकेतों के बीच लाल निशान में खुला, कंज्यूमर सेक्टर पर दबाव

Published

on

वैश्विक बाजारों से मिलेजुले संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को लाल निशान में हुई। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 625 अंक या 0.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,891 और निफ्टी 162 अंक या 0.67 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,215 पर था।

शुरुआती कारोबार में बाजार में गिरावट का नेतृत्व कंज्यूमर सेक्टर कर रहा था। सूचकांकों में निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स टॉप लूजर था। इसके अलावा, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी आईटी और निफ्टी रियल्टी भी लाल निशान में थे। वहीं, निफ्टी फार्मा, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी पीएसई हरे निशान में थे।

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी मिलाजुला कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 166 अंक या 0.28 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 60,035 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 7 अंक की मामूली तेजी के साथ 17,832 पर था।

सेंसेक्स पैक में एमएंडएम, इंडिगो, इटरनल, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट और टाटा स्टील लूजर्स थे। वहीं, पावर ग्रिड और सन फार्मा गेनर्स थे।

वैश्विक बाजारों से मिलेजुले संकेत मिल जुले थे। टोक्यो, बैंकॉक, सोल, जकार्ता, हांगकांग और शंघाई लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बुधवार को तेजी के साथ बंद हुए, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.69 प्रतिशत और नैस्डैक 1.64 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।

ईरान-अमेरिका तनाव के कारण कच्चे तेल में फिर से तेजी देखने को मिल रही है और यह 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर निकल गया है।

कच्चे तेल में तेजी की वजह ईरान के उस बयान को माना जा रहा है, जिसमें ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।

उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

ईरान पर आर्थिक दबाव तेज, हर दिन 50 करोड़ डॉलर का नुकसान : ट्रंप

Published

on

trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की हालिया संघर्ष का अर्थव्यवस्था पर गंभीर दबाव पड़ रहा है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक छोटे से पोस्ट के जरिए अपने अंदाज में ईरान की बदहाली बयां की।

उन्होंने कहा कि ईरान “कैश के लिए तरस रहा है” और हर दिन करीब 50 करोड़ डॉलर का नुकसान झेल रहा है, जिससे वह तुरंत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाना चाहता है। वहां के नौसैनिक और पुलिस को वेतन नहीं मिल रहा है और वो सब दुखी हैं।

ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी ने ईरान की तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार को बुरी तरह प्रभावित किया है।

होर्मुज, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है, इस पूरे संकट का केंद्र बन गया है।

दरअसल, ईरान की अर्थव्यवस्था इस जलमार्ग और तेल निर्यात पर अत्यधिक निर्भर है। एक अनुमान के मुताबिक, नाकेबंदी के कारण ईरान को रोजाना लगभग 43.5 करोड़ डॉलर का नुकसान हो सकता है, जो तेल निर्यात और व्यापार रुकने से जुड़ा है।

हालात को और गंभीर बनाते हुए रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान का 90 प्रतिशत से अधिक समुद्री व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है। ऐसे में लंबे समय तक नाकेबंदी रहने पर आर्थिक गतिविधियां लगभग ठप हो सकती हैं, जिससे मुद्रा पर दबाव, महंगाई और बैंकिंग संकट जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।

इस बीच, क्षेत्र में समुद्री गतिविधियां भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जहां पहले रोजाना 100 से अधिक जहाज इस मार्ग से गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या बेहद सीमित रह गई है। कई टैंकर और जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह आर्थिक दबाव ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए बनाया गया है। हालांकि, तेहरान ने इस रणनीति को “आर्थिक युद्ध” बताया है और चेतावनी दी है कि यदि नाकेबंदी जारी रही तो वह इसका जवाब दे सकता है।

स्थिति सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) पहले ही चेतावनी दे चुका है कि इस संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति में बाधा के कारण वैश्विक आर्थिक वृद्धि प्रभावित हो सकती है और महंगाई बढ़ सकती है।

एटलांटिक काउंसिल ऑफ युनाइटेड स्टेट्स के अनुसार, अगर हॉर्मुज लंबे समय तक बाधित रहता है, तो न केवल ईरान बल्कि पूरी दुनिया को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है। तेल की कीमतों में तेजी, आपूर्ति में कमी और व्यापार मार्गों में बाधा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति28 minutes ago

पश्चिम बंगाल एसआईआर मामला: चुनाव ड्यूटी पर तैनात अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं

महाराष्ट्र33 minutes ago

सेंसेक्स 77,000 के नीचे फिसला; आईटी सेक्टर, महंगा कच्चा तेल जैसे कारणों से तीन सत्रों से लगातार हो रही बिकवाली

मनोरंजन37 minutes ago

गृहणियों को ‘घर का सुपरस्टार’ मानते हैं अक्षय कुमार, उनकी जिंदगी पर फिल्म बनाने की मंशा

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच युद्ध विराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

जम्मू-कश्मीर मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान जारी, सोपोर में एक तस्कर गिरफ्तार

महाराष्ट्र19 hours ago

मुंबई: नासिक टीसीएस मामले में निदा खान को निशाना बनाया जा रहा है, पुलिस इसकी छवि खराब कर रही है: सामाजिक कार्यकर्ता निरंजन टिकले

महाराष्ट्र20 hours ago

नेस्को म्यूजिक कॉन्सर्ट पार्टी में ड्रग्स सप्लाई करने वाली महिला का पर्दाफाश, महिला के अकाउंट में करोड़ों रुपये जमा, अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार

अंतरराष्ट्रीय समाचार21 hours ago

जयशंकर ने इंडिया-अफ्रीका समिट का लोगो किया लॉन्च, बोले- अफ्रीका के विकास के बिना हमारा विकास अधूरा

महाराष्ट्र21 hours ago

भिवंडी के लोगों का वादा पूरा हुआ… राज्य सरकार ने मेट्रो रूट 5 के रिवाइज्ड प्लान को मंजूरी दे दी है, विधायक रईस शेख ने कहा

खेल1 day ago

‘इकाना में बल्लेबाजी आसान नहीं थी, मेरा लक्ष्य साझेदारी बनाना और अंत तक खेलना था’: जडेजा

महाराष्ट्र4 weeks ago

लॉकडाउन लागू नहीं होगा… तेल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी, अफवाह फैलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज होंगे: देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र पुलिस के लिए भी अब हेलमेट पहनना अनिवार्य, डीजीपी ने जारी किया आदेश

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई: मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद 2008 में पुरोहित के करियर की प्रगति लगभग रुक गई थी।

महाराष्ट्र2 weeks ago

ग्रांट रोड के बार पर छापा: मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई : जय श्री राम विवाद में 5 गिरफ्तार, आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, तनावपूर्ण स्थिति में शांति बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

व्हाइट हाउस ने ईरान संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत की सराहना की

राजनीति4 weeks ago

गृह मंत्री शाह आज बंगाल में तृणमूल सरकार के खिलाफ ‘श्वेत पत्र’ जारी करेंगे

व्यापार3 weeks ago

ईरान के ऊपर अमेरिकी जेट विमान मार गिराए गए; बचाव कार्य जारी

राष्ट्रीय3 weeks ago

एचपीसीएल का सख्त एक्शन: सरकार की सख्ती के बीच एलपीजी से संबंधित अनियमितताओं के चलते 10 डिस्ट्रीब्यूटर को किया सस्पेंड

अपराध4 weeks ago

मुंबई में डिलीवरी वाहन से 27 गैस सिलेंडर चोरी, जांच जारी

रुझान