अपराध
कोविड-19 : भारत में 2.66 लाख से अधिक मामले, 7,466 लोगों की मौत
भारत में कोरोनावायरस संक्रमण का दैनिक आंकड़ा मंगलवार को 9 हजार 987 रहा, जिसके बाद से यहां कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित हुए लोगों की संख्या 2.66 लाख से अधिक हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी। मंत्रालय ने नवीनतम आंकड़े जारी कर कहा, “पिछले 24 घंटों में 331 नई मौतों के साथ ही कोरोनावायरस के मामलों की संख्या भी 9 हजार 987 के दैनिक आंकड़े के साथ बढ़कर 2 लाख 66 हजार 598 हो गई है।”
वैश्विक आंकड़े की बात की जाए तो स्पेन को पीछे करते हुए इस नई संख्या के साथ भारत कोरोनावायरस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित हुए देशों की सूची में पांचवें स्थान पर आ गया है। भारत का स्थान अब ब्रिटने से पीछे है। ब्रिटेन में 2 लाख 88 हजार 834 मामले सामने आए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, “वर्तमान में कम से कम 1 लाख 29 हजार 917 मरीज कोविड-19 संक्रमण से ग्रस्त हैं, जबकि उपचार के बाद पूर्ण रूप से स्वस्थ हुए 1 लाख 29 हजार 215 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। देश में महामारी के चलते 7 हजार 466 लोगों की अब तक जान गई है।”
महाराष्ट्र कुल 88 हजार से अधिक मामलों के साथ भारत का सबसे अधिक प्रभावित राज्य बना हुआ है। राज्य में कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित हुए मरीजों की संख्या देश के कुल आंकड़े का 33.21 प्रतिशत 88 हजार 528 है। इसके बाद 33 हजार 229 मामलों के साथ तमिलनाडु, 29 हजार 942 मामलों के साथ दिल्ली और 20 हजार 545 मामलों के साथ गुजरात का स्थान है।
वहीं, कोरोनावायरस महामारी से संक्रमित हुए लोगों का वैश्विक आंकड़ा बढ़कर 70.97 लाख के पार पहुंच गया, जबिक महामारी की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या 4.6 लाख से अधिक हो गई है।
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने नवीनतम आंकड़े जारी कर कहा कि दुनियाभर में मंगलवार सुबह तक कुल 70 लाख 97 हजार 717 लोग कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित हुए, जिनमें से मरने वालों की संख्या 4 लाख 06 हजार 402 रही।
सीएसएसई ने कहा कि दुनिया में महामारी से संक्रमित हुए और इससे मरने वालों लोगों की संख्या अमेरिका में सबसे अधिक है।
कोरोना संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित देश अमेरिका में कुल 1 लाख 10 हजार 990 मौतों के साथ ही संक्रमण के सर्वाधिक 19 लाख 60 हजार 642 मामले दर्ज किए गए हैं। कोविड-19 संक्रमण के 7 लाख 07 हजार 412 मामलों के साथ ब्राजील इसके बाद दूसरा सबसे प्रभावित देश है, जबकि रूस 4 लाख 76 हजार 043 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है।
वहीं, 2 लाख 88 हजार 834 मामलों के साथ ब्रिटेन, 2 लाख 66 हजार 598 मामलों के साथ भारत, 2 लाख 41 हजार 717 मामलों के साथ स्पेन, 2 लाख 35 हजार 278 मामलों के साथ इटली, 1 लाख 99 हजार 696 मामलों के साथ पेरू, 1 लाख 91 हजार 313 मामलों के साथ फ्रांस, 1 लाख 86 हजार 109 मामलों के साथ जर्मनी, 1 लाख 73 हजार 832 मामलों के साथ ईरान, 1 लाख 71 हजार 121 मामलों के साथ तुर्की, 1 लाख 38 हजार 843 मामलों के साथ चिली, 1 लाख 20 हजार 102 मामलों के साथ मेक्सिको, 1 लाख 05 हजार 283 मामलों के साथ सऊदी अरब और 1 लाख 03 हजार 671 मामलों के साथ महामारी से अन्य सबसे अधिक प्रभावित हुए देशों में शामिल हैं।
सीएसएसई के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक मौतों के आंकड़े की बात की जाए, तो अमेरिका के बाद कुल 40 हजार 680 मौतों के साथ ब्रिटेन दूसरे स्थान पर बना हुआ है। वहीं, यूरोपीय देशों में यह आंकड़ा सर्वाधिक है।
महामारी के चलते हुई 10 हजार से अधिक मौतों वाले अन्य देशों में 37 हजार 134 मौतों के साथ ब्राजील, 33 हजार 964 मौतों के साथ इटली, 29 हजार 212 मौतों के साथ फ्रांस, 27 हजार 136 मौतों के साथ स्पेन और 14 हजार 53 मौतों के साथ मेक्सिको शामिल हैं।
अपराध
एआई डीपफेक और अश्लील तस्वीरों से परेशान रूपाली गांगुली पहुंचीं बॉम्बे हाईकोर्ट, 4 नवंबर को होगी सुनवाई

टीवी की मशहूर अभिनेत्री रूपाली गांगुली ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कई ऑनलाइन पोर्टल उनकी तस्वीरों और अन्य कंटेंट का इस्तेमाल बिना अनुमति कर रहे हैं। इतना ही नहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से उनकी नकली तस्वीरें बनाई जा रही हैं और कुछ वीडियो के साथ भी छेड़छाड़ की गई है।
रूपाली का कहना है कि इस तरह तैयार किए गए कंटेंट को कुछ ऐसी वेबसाइटों पर इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री दिखाई जाती है।
अभिनेत्री ने अपनी याचिका में इसे अपने पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन बताया। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति की पहचान, तस्वीर, आवाज और छवि का इस्तेमाल उसकी सहमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अदालत से इस मामले में दखल देने की मांग की है।
इस याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में 4 नवंबर को सुनवाई होगी। इस मामले को जस्टिस माधव जामदार की बेंच सुनेगी।
रूपाली से पहले कई दूसरी अभिनेत्रियां भी अपनी तस्वीरों और पहचान के गलत इस्तेमाल के खिलाफ अदालत पहुंच चुकी हैं। हाल ही में अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु ने भी बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
उन्होंने आरोप लगाया था कि कई वेबसाइट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उनकी तस्वीरों, आवाज और पहचान का इस्तेमाल करके एआई से नकली वीडियो, मॉर्फ की गई तस्वीरें और अश्लील कंटेंट तैयार कर रहे हैं।
इस मामले में कोर्ट ने सामंथा को अंतरिम राहत दी थी। अदालत ने गूगल, मेटा और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल करने वाले चिह्नित कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया था।
इससे पहले जुलाई में अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने भी एआई से तैयार किए गए डीपफेक वीडियो और मॉर्फ तस्वीरों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के निर्देश दिए थे।
अपराध
कर्नाटक: नकली दवाओं के रैकेट से जुड़े लोगों और कंपनी के पांच ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में ईडी की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत नकली दवाओं के रैकेट से जुड़े लोगों और कंपनी के पांच ठिकानों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया है।
ईडी की ओर से यह कार्रवाई 18 अगस्त से चल रही मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में की गई। यह केस तवरेकेरे पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।
यह एफआईआर ड्रग कंट्रोलिंग अथॉरिटी और पुलिस वालों की ओर से 18 अगस्त को सीके तांड्या गांव में एक रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर की गई जॉइंट सर्च और रेड से जुड़ी है, जहां आरोपी बिना वैलिड लाइसेंस, परमिट या ऑथराइजेशन के दवाएं और फार्मास्युटिकल ड्रग्स स्टोर करते हुए और स्टोर की गई दवाओं पर लेबल बदलते हुए पाए गए।
ईडी ने केस दर्ज किया और पीएमएलए, 2002 के तहत जांच शुरू की। जांच से पता चला है कि आर. प्रशांत ने कथित तौर पर बिना ड्रग लाइसेंस या परमिट के दवाओं को बनाने, री-पैकेजिंग और री-लेबलिंग के लिए बिदादी के पास एक फार्महाउस का इंतजाम किया था। अलग-अलग राज्यों के मैन्युफैक्चरिंग सेंटरों से मंगाए गए सस्ते बल्क फॉर्मूलेशन को कथित तौर पर नई शीशियों में रीपैकेज किया गया और धोखे से महंगे फाइजर एंटीबायोटिक्स, जैसे कि जेविसेफ्टा, एम्ब्लेवो वगैरह के तौर पर रीलेबल किया गया।
शीशियों में जेनेरिक दवाएं थीं, लेकिन उन पर फाइजर-ब्रांडेड लेबल थे। ये दवाएं कथित तौर पर मेसर्स डीएम फार्मास्यूटिकल्स के जरिए बांटी गईं और मेसर्स कृपा हेल्थकेयर को सप्लाई की गईं। इसके बाद मेसर्स कृपा हेल्थकेयर ने पता लगने से बचने के लिए असली दवाओं के साथ दूसरी फार्मास्यूटिकल कंपनियों और अस्पतालों को भी सप्लाई कीं।
छापेमारी के दौरान, वीरेश कुमार के बैंक अकाउंट में लगभग 9 लाख रुपए थे। उस अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया है। इसके अलावा, सर्च एक्शन के दौरान अलग-अलग लोगों के डिजिटल डिवाइस, रिकॉर्ड और गलत जानकारी देने वाले डॉक्यूमेंट्स जब्त किए गए। इस मामले में आगे की जांच की जा रही है।
अपराध
बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी का बड़ा एक्शन, करीब 54 करोड़ रुपए की संपत्ति की जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2,200 करोड़ रुपए से अधिक के बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पारेख एल्युमिनेक्स लिमिटेड (पीएएल) से जुड़ी 53.95 करोड़ रुपए मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
ईडी के मुंबई जोन-1 कार्यालय के अनुसार, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। एजेंसी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 546 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
यह जांच सीबीआई, ईओडब्ल्यू मुंबई और ईओबी मुंबई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। मामले में पारेख एल्युमिनेक्स लिमिटेड और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
ईडी की जांच में सामने आया कि कंपनी ने कथित तौर पर स्टॉक और देनदारियों से संबंधित बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर बैंकों के एक समूह (कंसोर्टियम) से ऋण प्राप्त किया। बाद में कंपनी के ऋण खाते गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घोषित कर दिए गए, जिनकी कुल राशि 2,296 करोड़ रुपए से अधिक थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस कथित धोखाधड़ी में जेके शाह ग्रुप ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विभिन्न संस्थाओं तथा व्यक्तियों के जरिए 110.54 करोड़ रुपए की अपराध से अर्जित आय को इधर-उधर करने में मदद की।
ईडी ने दावा किया कि इस धनराशि का एक लाभार्थी 70.25 करोड़ रुपए का फायदा उठाने में सफल रहा, जो कुल 2,296.58 करोड़ रुपए की कथित अपराध आय का हिस्सा था।
एजेंसी ने बताया कि इससे पहले भी इस मामले में 493 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। साथ ही ईडी विशेष पीएमएलए अदालत, मुंबई में अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) भी दाखिल कर चुकी है, जिस पर अदालत ने संज्ञान ले लिया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, इंडियन ओवरसीज बैंक के नेतृत्व वाले 17 बैंकों के कंसोर्टियम को इस कथित साजिश के कारण भारी वित्तीय नुकसान हुआ। ईडी अब छापों के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि इस बैंक धोखाधड़ी में शामिल अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान की जा सके।
एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच जारी है और धन के प्रवाह तथा अन्य संभावित लाभार्थियों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
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