राष्ट्रीय समाचार
भारत में 24 घंटे में कोविड-19 के 743 नए मामले दर्ज
New Delhi: A healthcare worker collects a swab sample of a man for Covid-19 test, amid a sudden spurt in COVID 19 cases, in New Delhi, on Thursday, April 13, 2023.(Photo: Qamar Sibtain/IANS)
भारत में कोविड-19 के मामले धीरे-धीरे फिर से बढ़ने लगे हैं। देश में बीते 24 घंटे में कोविड-19 के 743 नये मामले दर्ज किए गए हैं, जो शुक्रवार से 54 मामले कम हैं। इसी के साथ देश में एक्टिव मामलों की संख्या 3,997 हो गई है।
19 मई को देश में 865 नये मामले दर्ज किए गए थे। जनवरी 2020 में कोविड-19 (कोरोना वायरस) के प्रसार के बाद से अब तक भारत में कुल मामलों की संख्या 4,50,12,484 तक पहुंच गई है।
भारत में कोविड-19 मामलों से मरने वालों की संख्या बढ़कर 5,33,358 हो गई है। पिछले 24 घंटों में सात नई मौतें हुईं, जिनमें तीन केरल से, दो कर्नाटक से और एक-एक तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ से थीं।
इसके अलावा, देश में 28 दिसंबर तक कोविड-19 सब-वेरिएंट जेएन.1 के कुल 145 मामले सामने आए हैं। ये मामले 21 नवंबर से 18 दिसंबर 2023 के बीच एकत्र किए गए सैंपलों में पाए गए। जेएन.1 सबवैरिएंट ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट से लिया गया है, जिसे बीए.2.86 या पिरोला के नाम से जाना जाता है। केरल इस मामले की रिपोर्ट करने वाला पहला राज्य है।
कोविड-19 से कुल मिलाकर 4.4 करोड़ से अधिक लोग ठीक हो गए हैं। जो राष्ट्रीय रिकवरी दर 98.81 प्रतिशत को दर्शाता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश ने कोविड-19 वैक्सीन की कुल 220.67 करोड़ डोज दी गई हैं।
राजनीति
प्रधानमंत्री मोदी 19 सितंबर को ग्लोबल एनवायरनमेंट कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 सितंबर को ‘पर्यावरण और जलवायु की गतिशीलता का भविष्य’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस सम्मेलन में पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी अहम चुनौतियों और न्यायिक दृष्टिकोणों पर चर्चा की शुरुआत होगी।
आधिकारिक बयान के अनुसार, दिल्ली में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में 17 देशों के जज और न्यायिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। वे पॉलिसी बनाने, उसे लागू करने और उसके पालन में आने वाली कमियों जैसी चुनौतियों पर चर्चा करेंगे और पर्यावरण से जुड़े कामकाज (गवर्नेंस) और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर विचार करेंगे।
बयान में कहा गया है कि इस सम्मेलन में पर्यावरण विशेषज्ञ, भारत के सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज, विभिन्न मंत्रालयों के सचिव, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, राज्य न्यायिक अकादमियों, राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों, राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समितियों (एसईएसी), राज्य पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरणों (एसईआईएए), राज्य वेटलैंड प्राधिकरणों और अन्य संबंधित पक्षों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
यह सम्मेलन न्यायिक दृष्टिकोण और पर्यावरण से जुड़े कामकाज के तरीकों के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी अहम चुनौतियों जैसे पॉलिसी बनाने, उसे लागू करने और उसके पालन में कमियों पर बातचीत को बढ़ावा देगा और पर्यावरण से जुड़े कामकाज और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर विचार करेगा।
इससे पहले, ‘नीले आसमान के लिए स्वच्छ हवा के अंतरराष्ट्रीय दिवस’ के मौके पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के चेयरपर्सन जस्टिस (रिटायर्ड) प्रकाश श्रीवास्तव ने स्वच्छ हवा को विलासिता की चीज नहीं बल्कि एक बुनियादी जरूरत बताया था। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण एक जटिल चुनौती है क्योंकि यह राजनीतिक सीमाओं को नहीं मानता।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा ‘स्वच्छ वायु दिवस 2026’ के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए जस्टिस श्रीवास्तव ने कहा, “विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं बल्कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता बनाए रखते हुए साथ-साथ चल सकते हैं।”
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के चेयरपर्सन ने इस बात पर जोर दिया कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि आने वाली पीढ़ियां स्वच्छ पर्यावरण में रह सकें।
जस्टिस श्रीवास्तव ने कहा, “स्थानीय निकायों को नागरिकों को जागरूक करके प्रदूषण को उसके स्रोत पर ही रोकने की कोशिश करनी चाहिए; समस्या से निपटने के लिए नवीनतम तकनीकों को अपनाना चाहिए और समस्या के समाधान के लिए सभी को शामिल करने वाले और ‘पूरे समाज’ के दृष्टिकोण को अपनाना चाहिए।”
पर्यावरण सचिव तन्मय कुमार ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुसार वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कई स्तरों वाले, समन्वित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपना रही है। इस कार्यक्रम के दौरान, पर्यावरण मंत्रालय ने ‘नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम’ (एनसीएपी) के तहत सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले शहरों और वार्डों को भी सम्मानित किया। इन्हें 5वें ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण’ के तहत रैंकिंग दी गई थी।
राष्ट्रीय समाचार
भारत का प्रत्यक्ष कर संग्रह 13 प्रतिशत बढ़कर 12.12 लाख करोड़ रुपए पहुंचा

भारत का प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में अब तक (1 अप्रैल से 17 सितंबर तक) सालाना आधार पर 13 प्रतिशत बढ़कर 12.12 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। यह जानकारी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से शुक्रवार को दी गई।
सरकारी डेटा के मुताबिक, सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह सालाना आधार पर 15 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 14.3 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
कॉर्पोरेट कर संग्रह 19.48 प्रतिशत बढ़कर लगभग 5.56 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जबकि व्यक्तिगत आयकर और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) से होने वाला कर संग्रह 6 प्रतिशत बढ़कर 6.16 लाख करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गया है।। पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में, 1 अप्रैल से 17 सितंबर के बीच सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) संग्रह 53 प्रतिशत बढ़कर 40,214 करोड़ रुपए हो गया है।
आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान रिफंड जारी करने में 29 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई और यह 2.2 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया।
17 सितंबर तक एडवांस टैक्स संग्रह 16.18 प्रतिशत बढ़कर 5.22 लाख करोड़ रुपए हो गया। इसमें एडवांस कॉर्पोरेट टैक्स संग्रह 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 4.16 लाख करोड़ रुपए और नॉन-कॉर्पोरेट एडवांस टैक्स संग्रह 9.24 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.06 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।
पिछले महीने के आखिर में जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों (अप्रैल-जुलाई) में भारत का राजकोषीय घाटा 4.55 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पूरे वित्त वर्ष के लिए तय लक्ष्य का 26.8 प्रतिशत है।
यह पिछले साल इसी अवधि के राजकोषीय घाटा से कम है, जो 4.7 लाख करोड़ रुपए था और पूरे वित्त वर्ष के अनुमान का 29.9 प्रतिशत था।
वित्त वर्ष 2027 के लिए, केंद्र सरकार ने 16.96 लाख करोड़ रुपए के राजकोषीय घाटे का बजट रखा है, जो देश की जीडीपी का 4.3 प्रतिशत है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में 4.4 प्रतिशत का राजकोषीय घाटे लक्ष्य हासिल किया था और राजकोषीय समेकन के तहत मौजूदा वित्त वर्ष के लिए इसे घटाकर जीडीपी का 4.3 प्रतिशत कर दिया है।
राजकोषीय घाटे में कमी आने से अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत होती है और कीमतों में स्थिरता के साथ विकास का रास्ता खुलता है। इससे सरकार की उधारी कम होती है, जिससे बैंकिंग सेक्टर में कॉर्पोरेट्स और उपभोक्ताओं को कर्ज देने के लिए ज्यादा फंड बचता है, और इससे आर्थिक विकास में तेजी आती है।
राष्ट्रीय समाचार
पंजाब : संगठन को घर-घर तक पहुंचाने की तैयारी में आम आदमी पार्टी, 20 सितंबर से डोर-टू-डोर अभियान

पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के कामकाज के बाद अब संगठन को घर-घर पहुंचाने की तैयारी में है। पार्टी नेताओं का दावा है कि भगवंत मान सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्ष में पंजाब के विकास के लिए बड़े स्तर पर काम किया है।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि किसानों को दिन के समय बिजली, पानी, धान की रोपाई से जुड़े इंतजाम, सरकारी स्कूलों में सुधार और निजी स्कूलों की फीस को लेकर किए गए फैसलों से अलग-अलग वर्गों को फायदा हुआ है। ‘आप’ का कहना है कि सरकार की योजनाओं से किसान, युवा, व्यापारी, महिलाएं और बच्चों के अभिभावक संतुष्ट हैं। पार्टी नेताओं ने पिछली सरकारों पर भ्रष्टाचार, लूट-खसोट और नशे को बढ़ावा देने के आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने पंजाब को आगे बढ़ाने का काम किया है।
अब पार्टी का फोकस सरकार के काम को संगठन के जरिए घर-घर तक पहुंचाने पर है। इसके तहत 20 सितंबर से बड़े स्तर पर डोर-टू-डोर अभियान शुरू करने की घोषणा की गई है। पार्टी कार्यकर्ता लोगों से सीधे संपर्क करेंगे और सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताएंगे। आम आदमी पार्टी का कहना है कि चुनाव से पहले संगठन की जिम्मेदारी होगी कि वह सरकार के काम और योजनाओं की जानकारी हर घर तक पहुंचाए। पार्टी के मुताबिक सरकार ने अपना काम किया है, सरकार आगे भी काम कर रही है और अब संगठन सरकार के काम को जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाएगा।
आम आदमी पार्टी नेताओं ने दावा किया कि पंजाब के हर परिवार को सरकार की विभिन्न योजनाओं और कामों के जरिए सालाना करीब 1 लाख 82 हजार रुपये का सीधा लाभ मिला है। उनका कहना है कि यह फायदा शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकार के दूसरे कामों के जरिए लोगों तक पहुंचा है। आप नेता ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने पंजाब की युवा पीढ़ी, रोजगार, पंजाब के पानी को बचाने और दूसरे अहम मुद्दों पर भी बड़े स्तर पर काम किया है।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि सरकार का काम केवल चुनाव से पहले दी गई पांच गारंटियों तक सीमित नहीं रहा। कई ऐसे काम भी सरकार ने करके दिखाए, जिन्हें चुनाव से पहले न तो लोगों ने मांगा था और न ही अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान या मनीष सिसोदिया से इस तरह के कामों की मांग की गई थी। ‘आप’ नेता का दावा है कि इन पहलों के चलते पंजाब अब विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
‘आप’ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि 19 सितंबर से लुधियाना में मुख्यमंत्री भगवंत मान चुनावी अभियान का पैंफलेट जारी करेंगे। 20 सितंबर से मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद धुरी में डोर-टू-डोर कैंपेन करेंगे। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के सदस्यता अभियान की भी शुरुआत होगी।
मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा किस मुंह से नशे के खिलाफ यात्रा निकाल रही है। जिस भाजपा ने 2007 से 2017 तक सरकार में रहते हुए ‘पूरे पंजाब को नशे में डुबोया,’ वो भाजपा आज किस मुंह से पंजाबियों का अपमान करने के लिए यात्रा निकाल रही है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
