राष्ट्रीय समाचार
पुणे में दो सड़क दुर्घटनाओं में 12 की मौत
पुणे क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में रविवार देर रात ट्रक, एक कार और एक ऑटोरिक्शा से जुड़ी दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने सोमवार को ये जानकारी दी।
पहली घटना में, रात 11.30 बजे ठाणे में अहमदनगर से कल्याण की ओर तेज गति से जा रहे एक डिलीवरी ट्रक ने पिंपलगांव जोगा हॉलिडे रिसॉर्ट के पास विपरीत दिशा से आ रहे एक ऑटोरिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे आठ लोगों की मौत हो गई।
मृतकों में ऑटोरिक्शा में यात्रा कर रहे सात यात्री और डिलीवरी वाहन चालक शामिल थे।
दूसरी घटना में, पुणे-नासिक राजमार्ग पर रात 11 बजे एक ट्रक को ओवरटेक करते समय एक परिवार के चार सदस्यों की कार से टक्कर हो गई, जिससे उनकी कुचलकर मौत हो गई।
मृतकों में 48 वर्षीय सुनील धरंकर, 42 वर्षीय उनकी पत्नी आशा, 2 साल की बच्ची ओजस्वी और एक रिश्तेदार अभय एस. विसाल शामिल हैं। एक महिला, अस्मित ए.विसाल को स्थानीय ग्रामीणों ने बचा लिया और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया।
दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से भाग गया और पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। दोनों हादसों के कारणों की जांच की जा रही है।
इसके तुरंत बाद स्थानीय पुलिस दोनों प्रभावित दुर्घटना स्थलों पर पहुंची, क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया और सोमवार सुबह तक दोनों राजमार्गों पर लगे भारी ट्रैफिक जाम को भी हटा दिया।
राजनीति
एन. रंगासामी ने पांचवी बार ली पुडुचेरी के सीएम पद की शपथ, ए नमशिवायम और मल्लादी कृष्ण राव भी बने मंत्री

अनुभवी नेता और एआईएनआरसी के संस्थापक एन. रंगासामी ने बुधवार को पांचवीं बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ एआईएनआरसी के मल्लाडी कृष्णा राव और भाजपा के ए. नमशिवायम ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन ने राजनिवास में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सभी नेताओं को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। एन. रंगास्वामी चार बार (2001-2006, 2006-2008, 2011-2016 और 2021 से अब तक) पुडुचेरी के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और वरिष्ठ नेता बीएल संतोष भी मौजूद रहे। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन ने जीत दर्ज कर सत्ता बरकरार रखी थी।
शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने कहा, “मुझे इस बात से बेहद खुशी हो रही है कि मैंने पांचवीं बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार संभाला है। हम लोगों की भलाई और राज्य के विकास के लिए काम करेंगे। मेरी सरकार हर उस कदम को लागू करेगी, चाहे वह किसी खास काम में तेज़ी लाना हो या नई योजनाएं शुरू करना, जिससे राज्य के विकास में मदद मिले। बाकी मंत्री भी जल्द ही अपने पद की शपथ लेंगे।”
बता दें कि पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 में एनडीए गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 सीटें हासिल की हैं। 30 सीटों वाले पुडुचेरी में लगातार दूसरी बार एनडीए गठबंधन की सरकार बनी है। ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस 12 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है।
दूसरी ओर, कांग्रेस-डीएमके गठबंधन को छह सीटें मिलीं। इसमें कांग्रेस ने एक और द्रविड़ मुनेत्र कज़गम ने 5 सीटें जीतीं।
जोसेफ विजय के नेतृत्व वाले टीवीके-नेयम मक्कल कझगम गठबंधन को तीन सीटें मिलीं। इसमें टीवीके ने 2 और नेयम मक्कल कझगम ने 1 सीट जीती। वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की।
2026 का पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को एक ही चरण में संपन्न हुआ था। 4 मई को मतगणना हुई। यहां कांग्रेस-डीएमके गठबंधन, एनआर कांग्रेस-भाजपा गठबंधन, विजय के नेतृत्व वाला टीवीके-नेयम मक्कल कझगम गठबंधन और सीमैन की नाम तमिलर पार्टी के बीच चतुष्कोणीय मुकाबला था।
थट्टांचावडी विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी ने शानदार जीत हासिल की थी। ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) के उम्मीदवार रंगासामी को 10,024 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी ई. विनायगम (नेयम मक्कल कझगम) को 5,583 वोट मिले। इस तरह रंगासामी ने 4,441 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
वहीं, देखा जाए तो 2021 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने अध्यक्ष पद और दो मंत्रालयों पर कब्जा जमाया था। पिछले कार्यकाल में भाजपा ने तीन मनोनीत विधायकों और राज्यसभा के पद पर भी कब्जा किया था।
राजनीति
तमिलनाडु में विजय का पथ आसान, 120 विधायकों के समर्थन से सीएम बनने का रास्ता साफ

तमिलगा वेट्ट्रि कझगम (टीवीके) प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने शनिवार को तमिलनाडु में सरकार बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए 120 विधायकों का समर्थन हासिल कर लिया। इसके साथ ही 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए विजय के अगले मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
टीवीके को हालिया समर्थन इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की ओर से मिला। आईयूएमएल विधायक दल के नेता एसएसबी सैयद फारूक बाशा और उपनेता ए.एम. शाहजहां ने राज्यपाल-प्रभारी राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को हस्ताक्षरित पत्र सौंपकर टीवीके सरकार को समर्थन देने की औपचारिक घोषणा की।
इससे पहले विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) ने भी विजय को समर्थन देने का ऐलान किया था, जिसके बाद टीवीके सरकार गठन के लिए जरूरी संख्या जुटाने में सफल रही।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, टीवीके के पास अब कुल 120 विधायकों का समर्थन है। इनमें टीवीके के 108 विधायक, कांग्रेस के 5, भाकपा और माकपा के 2-2 विधायक, वीसीके के 2 और आईयूएमएल के 2 विधायक शामिल हैं।
तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को एक चरण में मतदान हुआ था। चुनाव में डीएमके, एआईएडीएमके, नाम तमिलर कच्ची (एनटीके) और टीवीके के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
चार मई को घोषित नतीजों में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। हालांकि, विजय द्वारा जीती गई दो सीटों में से एक सीट अपने पास रखने के फैसले के बाद पार्टी की प्रभावी संख्या 107 रह गई।
चुनाव परिणाम आने के बाद से ही चेन्नई में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई थी और टीवीके ने सरकार गठन के लिए कई दलों से संपर्क साधा। सबसे पहले भाकपा और माकपा ने विजय को समर्थन देने की घोषणा की थी। इसके बाद कांग्रेस ने भी विजय के साथ आने का फैसला किया और अब वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से विजय ने बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार कर लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, विजय ने राज्यपाल अर्लेकर से तुरंत मुलाकात का समय मांगा है, क्योंकि राज्यपाल जल्द ही केरल रवाना होने वाले हैं। टीवीके नेतृत्व सहयोगी दलों के समर्थन पत्र सौंपते हुए औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश कर सकता है।
टीवीके के महासचिव आधार अर्जुना ने पत्रकारों से कहा कि विजय जल्द ही तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
राष्ट्रीय समाचार
हैदराबाद के बस स्टैंड पर रात में गुप्त रूप से तैनात महिला पुलिसकर्मी के पास 40 पुरुष पहुंचे।

सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा का आकलन करने के उद्देश्य से देर रात चलाए गए एक गुप्त अभियान में, मलकाजगिरि की पुलिस आयुक्त वी सुमति ने रात 12:30 बजे से सुबह 3:30 बजे के बीच दिलसुखनगर के एक बस स्टॉप पर एक आम यात्री के रूप में समय बिताया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी देर रात यात्रा करने वाली महिलाओं को जिन जमीनी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, उनका अवलोकन करने के लिए घटनास्थल पर अकेले ही मौजूद रहे।
इसके बाद जो कुछ हुआ, उससे एक भयावह सच्चाई सामने आई। तीन घंटे तक चले इस अभियान के दौरान, लगभग 40 लोगों ने कथित तौर पर उससे संपर्क किया। अधिकारियों ने बताया कि उनमें से कई शराब या गांजा के नशे में थे। इस समूह में युवा पुरुष शामिल थे, जिनमें से कुछ छात्र और निजी कर्मचारी थे।
ऑपरेशन के तहत पहले से ही पास में तैनात सादे कपड़ों वाली पुलिस टीमों ने हस्तक्षेप किया और संदिग्ध या अनुचित व्यवहार करने वाले व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि बस स्टॉप के आसपास उत्पीड़न या अशांति फैलाने में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, यह पहल रात्रि गश्त की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने, असुरक्षित सार्वजनिक स्थानों की पहचान करने और देर रात अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं द्वारा सामना किए जाने वाले जोखिमों की जांच करने के लिए की गई थी।
इस ऑपरेशन के एक समानांतर विवरण में बताया गया कि आयुक्त के आगमन के कुछ ही मिनटों के भीतर कई लोगों ने उनसे संपर्क किया, जिसके बाद प्रवर्तन टीमों ने कार्रवाई की और दुर्व्यवहार के संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने व्यापक महिला सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत परामर्श सत्र भी आयोजित किए।
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