राष्ट्रीय समाचार
2023 में भारत आए 1.88 करोड़ अंतरराष्ट्रीय सैलानी : केंद्र सरकार
नई दिल्ली, 25 दिसंबर। केंद्र सरकार ने बुधवार को बताया कि 2023 में भारत में 1.88 करोड़ अंतरराष्ट्रीय सैलानी आए थे। इस कारण पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय (एफईई) बढ़कर 2,31,927 करोड़ रुपये हो गई है।
पर्यटन मंत्रालय से जारी आंकड़ों के अनुसार, 2023 के दौरान भारत में फॉरेन टूरिस्ट अराइवल (एफटीए) 95 लाख और डॉमेस्टिक टूरिस्ट विजिट्स (डीटीवी) 2.5 अरब थी।
मंत्रालय ने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 5,287.90 करोड़ रुपये की लागत से कुल 76 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें से 75 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
23 राज्यों में वैश्विक स्तर के प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों के विकास पर ‘पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता’ स्कीम के तहत 3,295.76 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाओं और ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ पहल के तहत 793.20 करोड़ रुपये की 34 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
‘स्वदेश दर्शन योजना’ को ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ (एसडी2.0) से नया रूप दिया गया है, जिसका उद्देश्य पर्यटक और डेस्टिनेशन केंद्रित एप्रोच के साथ टिकाऊ और जिम्मेदार गंतव्यों को विकसित करना है।
पर्यटन मंत्रालय ने ‘प्रसाद योजना’ के तहत 1,646.99 करोड़ रुपये की कुल 48 परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है, जिनमें से 23 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
केंद्रीय एजेंसियों को ‘सहायता योजना’ के तहत 937.56 करोड़ रुपये की कुल 65 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 38 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
‘चलो इंडिया’ अभियान की शुरुआत प्रवासी भारतीयों को दुनिया भर में अपने गैर-भारतीय मित्रों को भारत दिखाने के लिए आमंत्रित करने के लिए की गई थी, अभियान के तहत भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए एक लाख निःशुल्क ई-वीजा जारी किए गए।
मंत्रालय ने ‘इनक्रेडिबल इंडिया कंटेंट हब’ का भी अनावरण किया। इसका उद्देश्य ग्लोबल ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री को इनक्रेडिबल इंडिया पर कंटेंट के लिए यूनिफाइड सोर्स देना था।
राष्ट्रीय समाचार
गुजरात में 9.08 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगे, 2027 के लक्ष्य का 90 प्रतिशत पूरा

केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत गुजरात में 9.08 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही, मार्च 2027 तक 10 लाख घरों में सोलर सिस्टम लगाने के लक्ष्य का 90 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर लिया गया है।
इन सोलर सिस्टमों की कुल क्षमता 3,408 मेगावाट है। इस योजना के तहत रूफटॉप सोलर क्षमता के मामले में गुजरात देश का अग्रणी राज्य बन गया है।
राज्य में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कुल रूफटॉप सोलर क्षमता का 18.21 प्रतिशत हिस्सा है। यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल हुई है, जब राज्य नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और बिजली के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम करने के प्रयासों को तेज कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। वहीं, देश का लक्ष्य 2030 तक अपनी बिजली की 50 प्रतिशत जरूरतें अक्षय ऊर्जा स्रोतों से पूरी करना है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने मार्च 2027 तक 10 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य तय किया है। घरों की छतों पर सौर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से राज्य सरकार वित्तीय सहायता और नियामकीय रियायतें प्रदान करती है। छह किलोवाट तक के सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं को नियामकीय शुल्क के रूप में 2,950 रुपए की सहायता प्राप्त होती है।
सरकार ने ‘नेटवर्क मजबूत करने के शुल्क’ को भी माफ कर दिया है और ‘नेट मीटरिंग एग्रीमेंट’ की अनिवार्यता को भी हटा दिया है। छोटे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर सिस्टम लगाना और भी सस्ता हो सके, इसके लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी गई है।
अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) परिवारों को 2.18 किलोवाट-पीक तक की क्षमता वाले रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने के लिए निर्धारित लागत का केवल पांच प्रतिशत योगदान देना होगा। अन्य उपभोक्ताओं को 10 प्रतिशत योगदान देना होगा।
इस योजना के तहत केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता और उपभोक्ता के योगदान को घटाने के बाद, तय लागत की बाकी बची राशि का खर्च राज्य सरकार उठाती है। राज्य ने आवासीय उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना और आसान बनाने के लिए कुछ प्रावधान भी पेश किए हैं।
अपनी सोलर नीति के तहत, घर वाले ‘नेट मीटरिंग’ का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें ग्रिड से ली गई बिजली और ग्रिड को वापस दी गई अतिरिक्त बिजली, दोनों का हिसाब रखा जाता है।
घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए ‘कनेक्टेड लोड’ की कोई सीमा नहीं है। साथ ही, घर वाले अपने सिस्टम से पैदा हुई अतिरिक्त बिजली को बेच भी सकते हैं। सरकार ने बताया कि “घरेलू उपभोक्ताओं को बैंकिंग शुल्क से भी छूट दी गई है।”
रूफटॉप सोलर के अलावा, गुजरात ने पूरे राज्य में काफी बड़ी मात्रा में अक्षय ऊर्जा क्षमता हासिल की है। इस साल 30 सितंबर तक, राज्य की कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता 55,511.46 मेगावाट थी, जो देश की कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता का 18.55 प्रतिशत है।
राज्य की कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता में सोलर पावर का हिस्सा 36,234.55 मेगावाट है, जो भारत की कुल सोलर क्षमता का 21.2 प्रतिशत है। वहीं, पवन ऊर्जा की क्षमता 17,043.76 मेगावाट है, जो देश की कुल पवन ऊर्जा क्षमता का 28.8 प्रतिशत है।
राजनीति
इंडिया ब्लॉक की रैली को भाजपा ने बताया ‘फ्लॉप’ तो भड़के अबू आजमी, बोले- खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे

इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के बयानों पर समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक की रैली को फ्लॉप कहना खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसा है। वहीं, आजम खान पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें जानबूझकर प्रताड़ित और फंसाया जा रहा है।
सपा विधायक अबू आजमी ने कहा, “1974 के बाद दिल्ली के रामलीला मैदान में सबसे बड़ी रैली हुई है, तो उसे फ्लॉप शो कहा जाएगा? इसका मतलब खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे। यह किसी के खिलाफ दुश्मनी नहीं है, बल्कि प्रदेश और संविधान के खिलाफ काम करने वालों के खिलाफ है। जो चोरी से सरकारें बनीं, उनके खिलाफ है। जिन्होंने यह सारा काम किया, उस चुनाव आयोग के खिलाफ है, जिसने भाजपा के कार्यकर्ता की तरह काम किया। उनका पोल खुल चुका है। जनता की आवाज पर प्रधानमंत्री को पहले ही दिन उन्हें बदल देना चाहिए था, तो इतना बड़ा बवाल खड़ा ही नहीं होता। अब उनको जेल भी जाना पड़ेगा। जनता सब समझ चुकी है।”
उन्होंने कहा कि मैं तो सीजेआई को भी बधाई देना चाहता हूं। आपने सोए हुए लोगों को जगा दिया। आपने पढ़े-लिखे लड़कों को कॉकरोच बोल दिया। अब कॉकरोच जनता पार्टी के साथ-साथ आम जनता भी सड़क पर आ गई है। अब 2027 और 2029 उनके नहीं होंगे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर सपा विधायक ने कहा कि ठीक बात कह रहे हैं। जवाबदेही तो होनी ही चाहिए। जो भी व्यक्ति हो, कोई कानून से बड़ा नहीं होता। अगर किसी ने कानून के खिलाफ काम किया है, तो उसकी जवाबदेही बनती है। भारतवर्ष के संविधान के मुताबिक, चाहे सड़क पर भीख मांगने वाला व्यक्ति हो या प्रधानमंत्री, सबके साथ एक जैसा कानून होना चाहिए।
वहीं, आजम खान के मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि आजम खान कई सालों से जेल में हैं। जब भी उन्हें जमानत मिलती है, कोई नया मामला सामने आ जाता है। बड़ी मुश्किल से वे बाहर आते हैं, फिर ईडी का मामला आ जाता है। अगर इतने सालों से वे जेल में थे, तो उसी समय उनके बयान लेकर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। मुंबई में भी कई मंत्री गिरफ्तार हुए। दो साल जेल में रहने के बाद अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त आधार नहीं हैं और वे छूट गए, लेकिन तब तक उनका राजनीतिक और व्यक्तिगत नुकसान हो चुका था। यह सब जो चल रहा है, संविधान की भावना के खिलाफ है।
सपा विधायक ने आरोप लगाया कि आजम खान को प्रताड़ित और परेशान किया जा रहा है। अगर उनकी यूनिवर्सिटी में कोई कमी है, तो सरकार उसे ठीक कराए, लेकिन एक ऐसे व्यक्ति, जो कई बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं और जिन्होंने मुलायम सिंह यादव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी को खड़ा किया। उनके पूरे परिवार को बर्बाद करने की कोशिश करना गलत है। मैं इसकी खुलकर निंदा करता हूं।
राष्ट्रीय समाचार
महीनों की मंदी के बाद फिर गुलजार हुआ कासिमेडु मछली बाजार, मछलियों के दाम में भारी उछाल

पिछले कुछ महीनों से सुस्त पड़ा चेन्नई का कासिमेडु मछली बाजार एक बार फिर ग्राहकों से गुलजार हो गया है। पुरट्टासी व्रत, नवरात्रि उत्सव और फिर चक्रवात व भारी बारिश की चेतावनी के कारण बाजार में पिछले महीनों से सन्नाटा था और बिक्री में भारी गिरावट आई थी लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है।
रविवार को छुट्टी होने के कारण सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग ताजी मछली खरीदने के लिए कासिमेडु बाजार पहुंचे। पिछले रविवार को जहां बाजार आम दिनों की तरह शांत था, वहीं इस हफ्ते यहां भारी भीड़ देखने को मिली।
मंदी के दौरान मछलियों के दाम काफी गिर गए थे लेकिन अब दामों में तेज उछाल आया है। सीर फिश (वंजरम), पॉमफ्रेट, सोल फिश, बैराकुडा (कोडुवा), रीफ कॉड, शीला, झींगा और केकड़ा सहित कई तरह की मछलियों के दाम काफी बढ़ गए हैं।
सीर फिश (वंजरम) का दाम पहले 800 रुपए था, जो अब बढ़कर 1,300 रुपए प्रति किलो हो गया है। बैराकुडा (कोडुवा) 600 से बढ़कर 800 रुपए, शंकरा 300 से 500 रुपए, एंकोवीज (नेथिली) 200 से 400 रुपए हो गई है।
इसी तरह ब्लैक पॉमफ्रेट 500 से 900 रुपए, व्हाइट पॉमफ्रेट 700 से 1,000 रुपए, शीला 350 से 550 रुपए, केकड़ा 350 से 600 रुपए, झींगा 350 से 500 रुपए हो गया है। रीफ कॉड (पारई) 400 से 600 रुपए, सोल फिश (नाक्कू) 400 से 600 रुपए, कटलफिश (कदंबा) 300 से 500 रुपए और टाइगर प्रॉन्स 700 से बढ़कर 1200 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है।
कुल मिलाकर महीनों से मंदी झेल रहा कासिमेडु बाजार अब फिर से पटरी पर लौट आया है और रविवार को छुट्टी के दिन मछली खरीदने आए ग्राहकों की भारी भीड़ से बाजार में रौनक लौट आई है।
बता दें कि कासिमेडु मछली बाजार, जिसे रॉयपुरम मछली पकड़ने के बंदरगाह के रूप में भी जाना जाता है, चेन्नई (तमिलनाडु) का सबसे प्रसिद्ध और दक्षिण भारत के सबसे बड़े समुद्री भोजन बाजारों में से एक है। बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित यह बाजार अपनी बेजोड़ ताजगी, भारी मात्रा में व्यापार और जीवंत तटीय संस्कृति के लिए जाना जाता है।
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