राष्ट्रीय
आर्थिक सुधार का समर्थन करने के लिए पर्याप्त तरलता सुनिश्चित करेंगे : आरबीआई गवर्नर
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि आर्थिक सुधार की प्रक्रिया को समर्थन देने के लिए पर्याप्त तरलता सुनिश्चित की जाएगी। मौद्रिक नीति बैठक के बाद एक वर्चुअल संबोधन में, उन्होंने कहा कि आरबीआई सरकार के उधार कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से पूरा करने के लिए बाजार का समर्थन करना जारी रखेगा।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि आरबीआई आवश्यकता पड़ने पर अलग-अलग मात्रा में फाइन-ट्यूनिंग संचालन करने के लिए लचीलापन रखता है।
“इन सभी परिचालनों के साथ भी, फिक्स्ड रेट रिवर्स रेपो के तहत अवशोषित तरलता अभी भी दिसंबर 2021 के पहले सप्ताह में लगभग 2 से 3 लाख करोड़ रुपये होगी।”
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जनवरी 2021 के मध्य से सामान्य तरलता संचालन फिर से शुरू होने के साथ, 14-दिवसीय वीआरआरआर नीलामी को तरलता प्रबंधन ढांचे के तहत मुख्य साधन के रूप में तैनात किया गया है।
“वीआरआरआर के लिए बाजार की भूख उत्साही रही है। इसके अलावा, उच्च पारिश्रमिक जो वीआरआरआर निश्चित दर रिवर्स रेपो की पेशकश करता है, वह भी पूर्व को अपेक्षाकृत आकर्षक बना रहा है।”
इसके अतिरिक्त, उन्होंने दोहराया कि वीआरआरआर नीलामी मुख्य रूप से तरलता प्रबंधन संचालन के हिस्से के रूप में तरलता को पुर्नसतुलित करने के लिए एक उपकरण है और इसके बारे में ‘समायोजन नीति रुख के उलट के रूप में व्याख्या नहीं की जानी चाहिए।’
महामारी की शुरूआत के बाद से, रिजर्व बैंक ने एक त्वरित और टिकाऊ आर्थिक सुधार का समर्थन करने के लिए पर्याप्त अधिशेष तरलता बनाए रखी है। सितंबर 2021 के दौरान बैंकिंग प्रणाली में अधिशेष तरलता का स्तर और बढ़ गया है।
यहां तक कि फिक्स्ड रेट रिवर्स रेपो, वीआरआरआर और लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी (एलएएफ) के तहत फाइन-ट्यूनिंग ऑपरेशंस के तहत अवशोषण के साथ, यह जून से अगस्त 2021 के दौरान 7 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले औसतन 9 लाख करोड़ रुपये प्रति दिन रहा है।
6 अक्टूबर तक अधिशेष तरलता और भी बढ़कर 9.5 लाख करोड़ रुपये के दैनिक औसत पर पहुंच गई।
इसके अलावा, दास ने कहा कि संभावित तरलता 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
राजनीति
सीबीएसई मूल्यांकन गड़बड़ी : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और सीबीएसई को जारी किया नोटिस

नई दिल्ली, 8 जून: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा 12वीं की परीक्षा में डिजिटल इवैल्यूएशन सिस्टम (ओएसएम) में हुई गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और सीबीएसई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 12 जून 2026 को तय की है।
कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने यह कदम उठाया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम में आई तकनीकी खामियों और गड़बड़ियों के कारण हजारों छात्रों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्रों की आंसर स्क्रिप्ट गायब बताई जा रही हैं, कुछ धुंधली हैं, तो कुछ की गलत तरीके से जांच की गई है।
एनएसयूआई ने याचिका में मांग की है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में हुई सभी गड़बड़ियों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा उपाय, प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देश तैयार किए जाएं। याचिका में सीबीएसई को उन सभी छात्रों को कंपेन्सेटरी मार्क्स देने का भी निर्देश देने की अपील की गई है जिनकी उत्तर पुस्तिकाएं प्रभावित हुई हैं।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम में बार-बार आने वाली समस्याएं छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही हैं। कई अभिभावकों और छात्रों ने शिकायत की है कि अंकों में बेतरतीबी, स्क्रिप्ट लापता होना और गलत मूल्यांकन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। एनएसयूआई ने सीबीएसई पर आरोप लगाया कि बोर्ड इन शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
एनएसयूआई ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ रहा है लेकिन इसके साथ ही मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और बैकअप प्लान भी जरूरी है। याचिका में मांग की गई है कि सीबीएसई को तुरंत एक शिकायत निवारण तंत्र विकसित करना चाहिए ताकि छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
राजनीति
इंडिया ब्लॉक की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बोले, विपक्षी एकता को और मजबूत करना होगा

नई दिल्ली, 8 जून: दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया’ ब्लॉक की बैठक कांग्रेस, टीएमसी समेत कई पार्टियों के प्रमुख नेता शामिल हुए। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी नेताओं का स्वागत किया और केंद्र सरकार पर हमला बोला।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “मैं ‘इंडिया’ समूह के नेताओं की इस बैठक में आप सभी का स्वागत करता हूं। यह समूह लगभग ठीक तीन साल पहले अस्तित्व में आया था। मैं ज्यादा नहीं बोलना चाहता क्योंकि हमारे सामने मौजूद मुद्दे आप सभी अच्छी तरह जानते हैं। हमने 17 अप्रैल को लोकसभा में अपनी एकजुटता और एकता को बहुत निर्णायक तरीके से दिखाया, जब हम सबने मजबूती से एकजुट होकर डिलिमिटेशन पर केंद्र सरकार के दुर्भावनापूर्ण बिलों को परास्त किया।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “अब हमें उसी भावना को और मजबूत करना है और आगे बढ़ाना है, ताकि केंद्र सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने खड़ी कई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सके। एसआईआर के कारण करोड़ों लोगों से उनका मताधिकार छीना जा रहा है। संविधान पर हमला लगातार जारी है। जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और डराने-धमकाने के औजार के रूप में लगातार किया जा रहा है।”
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “गैर-भाजपा सरकारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आर्थिक माहौल बेहद नकारात्मक है। नई नौकरियां पैदा करने के लिए जिस रफ्तार से नए निवेश आने चाहिए, वे बिल्कुल उस रफ्तार से नहीं आ रहे हैं। कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और एमएसएमई का भविष्य गंभीर संकट में है। परीक्षा प्रणाली के पूर्ण कुप्रबंधन के कारण हमारे लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात किया जा रहा है। समाज के कमजोर वर्गों पर अत्याचार, खासकर भाजपा शासित राज्यों में लगातार जारी हैं। हमारी विदेश नीति के साथ पूरी तरह से समझौता किया गया है और उन पारंपरिक मूल्यों को कायम नहीं रखा गया है, जिनका भारत लंबे समय से पुरजोर समर्थन करता रहा है।”
खड़गे ने कहा, “मैं प्रत्येक दल के नेताओं से अनुरोध करूंगा कि वे कुछ शब्द कहें, जिसके बाद हम आगे उठाए जाने वाले कदमों पर सामूहिक रूप से चर्चा कर सकते हैं। हम सभी संयुक्त रूप से मीडिया से मिलेंगे।”
अपराध
मनी म्यूल्स पर शिकंजा: साइबर धोखाधड़ी गिरोह के दो आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

नई दिल्ली, 8 जून: सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान धोखाधड़ी से जुड़े 30 बैंक खातों के नेटवर्क का खुलासा किया।
पुलिस को एक शिकायतकर्ता ने बताया कि 22 अप्रैल को उनका मोबाइल फोन अचानक बंद हो गया, स्क्रीन पूरी तरह से काली हो गई और डिवाइस असामान्य रूप से गर्म हो गया। कुछ समय बाद, जब फोन सामान्य रूप से चलने लगा तो उन्होंने देखा कि उनकी सहमति के बिना उनके बैंक खाते से 95,000 की राशि डेबिट कर दी गई थी। इसके बाद 23 अप्रैल को शिकायतकर्ता ने पाया कि उसी खाते से किसी अज्ञात स्रोत के माध्यम से 96,000 का एक और अनधिकृत लेनदेन किया गया था। उनके खाते से धोखाधड़ी से निकाली गई कुल राशि 1 लाख 91 हजार रुपये थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उन्होंने न तो इन लेनदेनों को शुरू किया था और न ही अधिकृत किया था और उन्हें संदेह है कि उनके मोबाइल डिवाइस और बैंकिंग क्रेडेंशियल्स का अज्ञात साइबर धोखेबाजों द्वारा दुरुपयोग किया गया है।
शिकायत पर पुलिस स्टेशन साइबर सेंट्रल ने एफआईआर दर्ज कर लिया था। मामले की जांच और अपराधियों को पकड़ने के लिए एक टीम गठित की गई। जांच के दौरान टीम ने विस्तृत तकनीकी और वित्तीय जांच की। पैसे के लेन-देन के विश्लेषण से पता चला कि शिकायतकर्ता के खाते से 1 लाख 91 हजार रुपये धोखाधड़ी से कई बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए थे, जिसमें रोहित कुमार बैरवा के नाम पर यस बैंक का खाता और एक अन्य लाभार्थी का कोटक महिंद्रा बैंक का खाता शामिल है। इसके अलावा, लाभार्थी खाते के विवरणों के विश्लेषण, तकनीकी निगरानी और स्थानीय पूछताछ के आधार पर टीम जयपुर पहुंची, जहां आरोपियों का सफलतापूर्वक पता लगाया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
लंबे समय तक चली पूछताछ के दौरान आरोपी रोहित कुमार बैरवा ने खुलासा किया कि उसने लोकेश महावर को धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि पर 2 फीसदी कमीशन के बदले कई बैंक खाते उपलब्ध कराए थे। उसके खुलासे और पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने उसी दिन लोकेश महावर का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
आगे की पूछताछ में पता चला कि लोकेश साइबर धोखाधड़ी गिरोहों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने और उनकी व्यवस्था करने में सक्रिय रूप से शामिल था और उसने साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को स्थानांतरित करने के लिए लगभग 30 फर्जी बैंक खातों की व्यवस्था की थी। वह ऐसे खातों की व्यवस्था करने के लिए कमीशन लेता था और धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने और स्थानांतरित करने में शामिल एक बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
आरोपी ने खुलासा किया कि पीड़ितों के मोबाइल फोन और बैंकिंग एप्लिकेशन तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त की और धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को फर्जी खातों में स्थानांतरित कर दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित न्यायालय में पेश किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने, अतिरिक्त खाताधारकों का पता लगाने और वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण पूरा करने के लिए आगे की जांच जारी है।
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