अपराध
डब्ल्यूबीएसएससी घोटाला: पार्थ ने खुद को बताया ‘साजिश का शिकार’, सदमे में अर्पिता

करोड़ों रुपये के पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) घोटाले के आरोपी पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को शुक्रवार को यहां ईएसआई अस्पताल लाया गया। उन्हें ईडी अधिकारी नियमित चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे।
दोनों में से अर्पिता मुखर्जी को सबसे पहले अस्पताल लाया गया। जैसे ही ईडी का वाहन उन्हें लेकर अस्पताल परिसर पहुंचा, वह फूट-फूट कर रोने लगी। उन्होंने वाहन से बाहर आने से भी इनकार कर दिया और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और साथ में केंद्रीय सशस्त्र बलों की महिला कर्मचारियों को उन्हें बाहर खींचकर अस्पताल की इमारत में ले जाना पड़ा। अर्पिता मुखर्जी का व्यवहार देखते हुए स्पष्ट तौर पर कहा जा सकता है कि वह मामले में घिरने के बाद सदमें में हैं और इस बीच उन्होंने प्रतीक्षारत मीडियाकर्मियों से एक शब्द भी नहीं कहा।
उन्हें इमारत के अंदर ले जाने के तुरंत बाद, पार्थ चटर्जी को लेकर ईडी का एक अन्य वाहन अस्पताल परिसर पहुंचा। लेकिन मुखर्जी के विपरीत, उन्होंने किसी भी भावनात्मक ²श्य का सहारा नहीं लिया और ईडी कर्मचारियों द्वारा धकेले गए व्हीलचेयर पर अस्पताल की इमारत में जाते समय, उन्होंने मीडिया को सिर्फ वन-लाइनर (एक लाइन में) जवाब देते हुए कहा, “मैं साजिश का शिकार हूं।”
हालांकि, उनके द्वारा एक लाइन का दिया गया जवाब राजनीतिक हलकों की तीखी प्रतिक्रियाओं को भड़काने के लिए काफी था।
चटर्जी के इस वन-लाइनर का मजाक उड़ाते हुए, राज्य तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि ऐसे मामलों में स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती – “मैं निर्दोष हूं।”
घोष ने कहा, “हालांकि, अगर पार्थ चटर्जी वास्तव में सोचते हैं कि वह साजिश का शिकार हैं, तो उन्हें अदालत में इसे साबित करना चाहिए।”
बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पार्टी सांसद दिलीप घोष ने कहा कि यह अजीब है कि पूरे डब्ल्यूबीएसएससी साजिश में एक मुख्य आरोपी रो रहा है और दावा कर रहा है कि वह साजिश का शिकार है। घोष ने कहा, “अर्पिता मुखर्जी के लिए मैं केवल इतना कह सकता हूं कि अगर वह वास्तव में पछता रहीं हैं, तो उन्हें इस घोटाले के बारे में जो कुछ भी पता है, उसे ईडी और सीबीआई को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए।”
माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य और पश्चिम बंगाल विधानसभा में वामपंथी विधायक दलों के पूर्व नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि वास्तविक साजिश तो उन हजारों योग्य उम्मीदवारों के खिलाफ हुई है।
कांग्रेस सांसद और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पार्थ चटर्जी की साजिश का सिद्धांत एक अप्रत्यक्ष स्वीकार है कि वह इस पूरे घोटाले में अकेले नहीं हैं। उन्होंने कहास “यह सिर्फ ट्रेलर है और फिल्म अभी शुरू होनी है।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
कनाडा में भारतीय नागरिक की चाकू घोंपकर हत्या

ओटावा, 5 अप्रैल। कनाडा के ओटावा के निकट रॉकलैंड इलाके में एक भारतीय नागरिक की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की। कनाडा में भारतीय दूतावास ने शनिवार सुबह घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है।
भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवार को सहायता देने का भी ऐलान किया।
दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “ओटावा के निकट रॉकलैंड में चाकू घोंपने से एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत से हम बहुत दुखी हैं। पुलिस ने बताया है कि एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है। हम शोक संतप्त परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए स्थानीय सामुदायिक संघ के माध्यम से निकट संपर्क में हैं।”
हालांकि चाकू मारने की घटना का विवरण अभी भी अस्पष्ट है, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्टों से पता चलता है कि यह घटना सुबह-सुबह क्लेरेंस-रॉकलैंड क्षेत्र में हुई।
अधिकारियों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है कि क्या यह वही मामला है जिसका उल्लेख भारतीय दूतावास ने किया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हत्या की चल रही जांच के तहत ओन्टारियो प्रांतीय पुलिस (ओपीपी) ने क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ा दी है।
पुलिस ने रॉकलैंड निवासियों को भी चेतावनी जारी की है, जिसमें उन्हें सलाह दी गई है कि वे कानून प्रवर्तन की गतिविधियों में वृद्धि की अपेक्षा करें, जबकि अधिकारी अपराध से जुड़ी परिस्थितियों की जांच जारी रखेंगे।
कनाडा स्थित दूतावास ने जनता को आश्वासन दिया कि वह इस कठिन समय में पीड़ित परिवार को सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है।
चाकू घोंपने के पीछे का मकसद अभी भी स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है। दूतावास ने स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने का वादा किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परिवार को उनकी ज़रूरत के मुताबिक सहायता मिले और मामले से जुड़ी आगे की कार्रवाई में मदद मिले।
अपराध
झारखंड में आयुष्मान भारत घोटाले में रांची सहित 21 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

रांची, 4 अप्रैल। आयुष्मान भारत योजना में गड़बड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीमों ने रांची में शुक्रवार सुबह से कई स्थानों पर छापेमारी शुरू की है। शहर के अशोक नगर, पीपी कंपाउंड, एदलहातु, बरियातू, लालपुर और चिरौंदी इलाके में कई ठिकानों पर कड़ी सुरक्षा के बीच तलाशी चल रही है।
बताया जा रहा है कि रांची के अलावा कुल 21 ठिकानों पर यह रेड चल रही है। ईडी ने आयुष्मान भारत योजना में झारखंड में हुई गड़बड़ियों को लेकर हाल में ईसीआईआर (इन्फोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट) दर्ज कर जांच शुरू की है। यह छापेमारी इसी मामले में उन लोगों के खिलाफ की जा रही है, जिनके घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त होने की संभावना है।
एक हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के दफ्तर में भी तलाशी की जा रही है। संसद में पेश भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट (सीएजी) में भी आयुष्मान भारत योजना में गड़बड़ियों का खुलासा किया गया था। इसमें बताया गया था कि झारखंड में भी कई अस्पतालों ने मरीजों के फर्जी इलाज का बिल बनाकर सरकार से करोड़ों की राशि का भुगतान ले लिया।
यहां तक कि कई ऐसे लोगों के इलाज के नाम पर राशि निकाली गई, जिनकी मौत हो चुकी थी। सीएजी की इस रिपोर्ट के बाद ईडी ने झारखंड स्टेट हेल्थ सोसायटी और स्वास्थ्य विभाग से आयुष्मान योजना में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा था। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने कुछ अस्पतालों के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर की सूचना ईडी को भेजी थी।
बताया जा रहा है कि ईडी ने इसी एफआईआर के आधार पर ईसीआईआर के रूप में दर्ज कर जांच शुरू की है। झारखंड में आयुष्मान योजना के तहत करीब 750 से अधिक अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें से कई अस्पतालों में करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा करने की शिकायतें हैं।
अपराध
मुंबई लॉरेंस बिश्नोई गैंग के पांच सदस्य गिरफ्तार, बिश्नोई गैंग को मुंबई क्राइम ब्रांच का झटका

मुंबई: मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक बड़े ऑपरेशन में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के पांच शूटरों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। इन शूटरों के कब्जे से 5 रिवॉल्वर और 21 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। मुंबई पुलिस भी इन शूटरों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने घटना को अंजाम देने से पहले ही हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया और घटना को टाल दिया। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इन पांचों को अंधेरी इलाके से गिरफ्तार किया है। वे यहां बड़ी तोड़फोड़ की वारदात को अंजाम देने के इरादे से आए थे, लेकिन पुलिस ने उससे पहले ही वारदात को नाकाम कर दिया।
गिरफ्तार आरोपियों में विकास ठाकुर, समित दिलावर, देवेन्द्र रूपेश सक्सैना, श्रेया सुरेश यादव, विवेक गुप्ता शामिल हैं। विकास ठाकुर वर्सोवा अंधेरी के रहने वाले हैं, समित मुकेश कुमार दिलावर सोनीपत, हरियाणा के रहने वाले हैं, देवेन्द्र रूपेश सक्सेना मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं, श्रेया सुरेश यादव जगदीशपुर, बिहार की रहने वाली हैं और विवेक कुमार गुप्ता रामपुर, राजस्थान के रहने वाले हैं।
उनके कब्जे से हथियार बरामद किए गए हैं और अपराध शाखा ने उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 3 और 25, धारा 55 और 61 (2) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। क्राइम ब्रांच इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी हथियार कहां से लाए थे।
सलमान खान की शूटिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग मुंबई में सक्रिय होने की कोशिश कर रहा है, लेकिन मुंबई क्राइम ब्रांच की सख्त कार्रवाई के चलते गैंग की कमर टूट चुकी है और अब क्राइम ब्रांच ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बड़ा झटका दिया है और इसके पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अपराध शाखा मामले की आगे जांच कर रही है।
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