Connect with us
Tuesday,03-February-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

मेवात में दलितों के उत्पीड़न पर खट्टर सरकार से नाराज हुआ विश्व हिंदू परिषद

Published

on

Manohar-Lal-Khattar

हरियाणा के मेवात में दलित उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर सख्त रवैया अख्तियार न करने को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने खट्टर सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई है। विहिप कैंप में यह चर्चा है कि इस मसले पर इतनी उदासीनता की अपेक्षा कम से कम खट्टर सरकार से तो नहीं थी। वो भी तब, जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, खुद संघ पृष्ठिभूमि के हैं।

विहिप नेताओं का मानना है कि मई में संगठन के प्रतिनिधिमंडल के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट के बाद भी राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच की दिशा में न कदम उठाए और न ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उनके खिलाफ कार्रवाई। इससे सरकार की इस गंभीर मसले पर उदासीनता झलकती है। आखिर सरकार की क्या मजबूरी है, यह समझ से परे हैं। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने आईएएनएस से कहा, “मेवात की घटना को राज्य सरकार ने हल्के में लिया। यही वजह है कि वहां हिंदू विरोधी तत्वों का दुस्साहस बढ़ गया। जिससे आज सौ से ज्यादा गांव हिंदू विहीन हो चुके हैं। लेकिन, विहिप किसी सरकार के भरोसे नहीं है। हम हिंदू हितों की रक्षा करने में खुद सक्षम हैं। लेकिन उम्मीद है कि राज्य सरकार भी कम से कम अपना दायित्व निभाएगी।”

नई दिल्ली से करीब सौ किलोमीटर दूर हरियाणा में मेवात स्थित है। वर्ष 2005 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने गुरुग्राम और फरीदाबाद के कुछ हिस्सों को काटकर मेवात जिले का गठन किया था। 2016 में खट्टर सरकार ने जिले का नाम बदलकर नूंह कर दिया था। हरियाणा के दक्षिणी हिस्से में स्थित यह जिला पिछले कुछ समय से सुर्खियों में हैं। विश्व हिंदू परिषद और संघ परिवार से जुड़े संगठन इस इलाके में बड़े पैमाने पर धर्म पर्वितन और दलित उत्पीड़न होने की बात करते हैं।

विश्व हिंदू परिषद के ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी सुरेंद्र जैन के नेतृत्व में विहिप के प्रतिनिधिमंडल ने पिछले महीने मई में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर चौंकाने वाली रिपोर्ट सौंपी थी। जिसमें मेवात के कुल पांच सौ गांवों में से 103 गांवों के हिंदू विहीन होने और 84 गांवों में चार से कम हिंदू परिवार होने की बात कही थी। विहिप नेताओं के मुताबिक उस वक्त मुख्यमंत्री ने जांच कराने का आश्वसान दिया था, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी कदम नहीं उठाए गए।

सुरेंद्र जैन ने कहा, “मेवात में दलित युवतियों के अपहरण, दुष्कर्म की घटनाओं पर भी पुलिस केस दर्ज नहीं करती। जमीनों की जबरन रजिस्ट्री की जा रही है। जिससे डर के कारण हिंदू परिवारों का पलायन हो रहा है। मंदिरों पर कब्जे किए जा रहे हैं। कोई सरकार नहीं सुन रही! लेकिन अब सुनना ही नहीं ,करना भी पडेगा!”

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि मेवात में दलित उत्पीड़न की घटनाओं की जस्टिस पवन कुमार जांच कर चुके हैं। वहीं संगठन की पहल पर जीडी बख्सी की टीम भी जांच कर रिपोर्ट दे चुकी है। वहीं मामले के तूल पकड़ने पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग(एससी कमीशन) के चेयरमैन डॉ. रामशंकर कठेरिया भी मेवात जाकर जांच कर चुके हैं।

विहिप नेता विनोद बंसल का कहना है, “मेवात में एक साजिश के तहत बहुसंख्यकों को अल्पसंख्यक कर दिया गया है। मेवात में देश विरोधी गतिविधियां चल रहीं हैं। रोहिंग्याओं का अड्डा बन चुका है। पाकिस्तान की फंडिंग से मेवात व आसपास फाइव स्टार मदरसे संचालित होते हैं। 2018 में इसका खुलासा हो चुका है, जब एनआईए ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की फंडिंग से एक मदरसे के संचालन के मामले में सलमान नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। चूंकि देश की राजधानी से यह इलाका नजदीक है, इस नाते यहां केंद्रीय जांच एजेंसियों को कड़ी नजर रखने की जरूरत है।”

विहिप नेता नाराजगी जाहिर करते हैं कि दलित हितैषी होने का दावा करने वाले कई नेता मेवात में दलित उत्पीड़न पर खामोश हैं। विहिप नेता विनोद बंसल कहते हैं कि आखिर बसपा मुखिया मायावती, स्वयंभू दलित नेता चंद्रशेखर रावण, जिग्नेश मेवाणी आदि इस मसले पर क्यों कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विहिप मेवात में हालात के सामान्य होने तक चुप नहीं बैठेगी।

राजनीति

भारत-अमेरिका ट्रेड डील: डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से घोषणा पर विपक्ष ने जताई आपत्ति, सरकार से पूछे सवाल

Published

on

नई दिल्ली, 3 फरवरी : भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के बाद विपक्षी पार्टियां सरकार पर हमलावर हैं। विपक्ष ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से इन समझौते की घोषणा किए जाने पर आपत्ति जताई और सरकार से सवाल पूछे हैं।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने पूछा, “सरकार बताए कि क्या देश की राजधानी दिल्ली से वाशिंगटन शिफ्ट हो गई है।” उन्होंने कहा, “‘ऑपरेशन सिंदूर’ रोकने की घोषणा वाशिंगटन करता है, अभी डील की घोषणा भी वाशिंगटन से हो रही है। भारत तेल कहां से खरीदेगा, यह घोषणा भी वाशिंगटन से हो रही है।”

टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो चाहते हैं, वह कहते हैं, लेकिन हमारी सरकार से आवाज नहीं आती है। जब ट्रंप ने 100 प्रतिशत टैरिफ किया था, तब खड़े होकर किसी ने नहीं बोला। जब इसे 50 प्रतिशत किया, तब भी किसी ने नहीं बोला। डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने से इनकार किया और वेनेजुएला से खरीदने को कहा, तब भी सरकार ने कुछ नहीं बोला। उन्होंने पाकिस्तान के साथ सीजफायर कराने की घोषणा भी की थी, तब भी सरकार ने कुछ नहीं कहा। लेकिन जब अमेरिकी टैरिफ को 18 प्रतिशत किया गया, तो सरकार में बैठे लोग बड़े खुश हो रहे हैं।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि भारत का टैरिफ अब शून्य है। लेकिन क्या यह सही है कि अमेरिका को होने वाले भारतीय एक्सपोर्ट पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगेगा, जबकि भारत को होने वाले अमेरिकी एक्सपोर्ट पर शून्य टैरिफ लगेगा? ये वे अहम मुद्दे हैं, जिन पर हम स्पष्ट जवाब चाहते हैं।”

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “अभी अमेरिकी टैरिफ 18 प्रतिशत करने पर सहमति बनी है, लेकिन इससे पहले यह टैरिफ कई गुना कम था। अभी 18 प्रतिशत टैरिफ अपने आप में सवाल खड़े करता है। इसकी घोषणा भारत सरकार की तरफ से भी नहीं की गई है।”

डिंपल यादव ने कहा कि यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति ने की है। जिस तरह से अमेरिका भारत के साथ बर्ताव कर रहा है, उससे पता चलता है कि भारत सरकार उस तरह से डील नहीं कर पा रही है, जैसा अमेरिका को करना चाहिए।

Continue Reading

महाराष्ट्र

मुंबई नगर निगम ने स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर सख्त जुर्माने की घोषणा की: थूकने पर ₹250, कूड़ा फैलाने पर ₹500 और बिना लाइसेंस के कचरा ले जाने पर ₹25,000 का जुर्माना।

Published

on

मुंबई: मुंबई नगर निगम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के बारे में जागरूकता बढ़ाकर और उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाकर पूरे शहर में स्वच्छता और सफाई में सुधार के प्रयास तेज कर दिए हैं। यह कदम आवासीय, वाणिज्यिक और सार्वजनिक क्षेत्रों में स्वच्छ सार्वजनिक स्थानों और बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं को सुनिश्चित करने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।

नगर निगम अपशिष्ट उत्पादकों, प्रतिष्ठानों, अपशिष्ट सेवा प्रदाताओं और ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण से संबंधित नियमों के बारे में जागरूकता पैदा कर रहा है। ये नियम अपशिष्ट के भंडारण, पृथक्करण, परिवहन और निपटान को नियंत्रित करते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का पालन न करने वाले नागरिकों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

संशोधित नियमों के तहत, सामान्य उल्लंघनों के लिए जुर्माने की राशि निर्धारित की गई है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर 250 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। कूड़ा फेंकने पर 500 रुपये का जुर्माना लगेगा, जबकि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग न करने पर 200 रुपये का जुर्माना होगा। वैध लाइसेंस के बिना कचरा परिवहन करने पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।

नगर आयुक्त भूषण गगरानी के निर्देशों के अनुसार, नगर निगम की सीमा के भीतर स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमित कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त नगर आयुक्त अश्विनी जोशी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन उपायुक्त किरण दिघावकर के मार्गदर्शन में बताया कि शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इन उपायों को सुदृढ़ करने के लिए समय-समय पर विशेष स्वच्छता अभियान और गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। ये नियम सभी अपशिष्ट उत्पादकों और सार्वजनिक एवं निजी स्थानों पर लागू होंगे। इनमें आवासीय भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, पेशेवर एवं औद्योगिक परिसर, सरकारी एवं अर्ध-सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, धार्मिक स्थल, मनोरंजन स्थल और सार्वजनिक उपयोग के अन्य सभी क्षेत्र शामिल हैं।

इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कूड़ा-करकट और उपद्रव को रोकना, परिसर की स्वच्छता सुनिश्चित करना और ठोस कचरे को स्रोत पर ही अनिवार्य रूप से अलग करना है। इन विनियमों में नगरपालिका ठोस अपशिष्ट के भंडारण और संग्रहण से संबंधित विस्तृत जिम्मेदारियां, उत्पादकों, नगरपालिका अधिकारियों, प्रतिनिधियों और ठेकेदारों के कर्तव्य तथा सामग्री पुनर्प्राप्ति सुविधाओं के संचालन का विवरण दिया गया है। इनमें जैव-चिकित्सा अपशिष्ट, ई-अपशिष्ट, निर्माण और विध्वंस मलबा तथा प्लास्टिक अपशिष्ट भी शामिल हैं।

कुछ विशेष अपराधों के लिए अतिरिक्त जुर्माने की घोषणा की गई है। सड़कों, फुटपाथों, बगीचों या सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने पर 500 रुपये का जुर्माना लगेगा। सार्वजनिक स्थानों पर स्नान करने पर 300 रुपये का जुर्माना होगा। सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब या शौच करने पर 500 रुपये का जुर्माना लगेगा। सार्वजनिक स्थानों पर जानवरों या पक्षियों को खाना खिलाने पर भी 500 रुपये का जुर्माना लगेगा।

आंगन या परिसर को साफ न रखने पर 500 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। डॉ. अश्विनी जोशी ने नागरिकों और प्रतिष्ठानों से अपील की कि वे नियमों का सख्ती से पालन करें और मुंबई को स्वच्छ और अधिक सुंदर बनाए रखने में नगर निगम के साथ सहयोग करें।

Continue Reading

राजनीति

पश्चिम बंगाल एसआईआर विवाद पर बुधवार को सुप्रीम सुनवाई, ममता बनर्जी की याचिका भी शामिल

Published

on

Supreme Court

नई दिल्ली, 3 फरवरी : पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उठे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अहम सुनवाई होगी। प्रदेश में चल रही एसआईआर प्रक्रिया की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से दाखिल याचिका पर भी शीर्ष अदालत सुनवाई करेगी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 28 जनवरी को चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को सवालों के घेरे में खड़ा किया गया है। सीएम ममता बनर्जी की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया था कि एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है। याचिका में इस प्रक्रिया को लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा बताया गया है और कहा गया है कि इसका सीधा असर निष्पक्ष चुनाव पर पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि एसआईआर की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसे बिना पर्याप्त परामर्श व स्पष्ट दिशा-निर्देशों के लागू किया जा रहा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि इस तरह की प्रक्रिया से आम नागरिकों में भ्रम और भय का माहौल बन रहा है। अपनी याचिका में सीएम ममता ने चुनाव आयोग पर राजनीतिक पक्षपात और तानाशाही रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि जिस संवैधानिक संस्था से निष्पक्षता, स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की अपेक्षा की जाती है, वही संस्था अब ऐसे स्तर पर पहुंच गई है, जो किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए बेहद चिंताजनक है।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि चुनाव आयोग का यह रवैया संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक संतुलन के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ममता ने सुप्रीम कोर्ट से इस पूरे मामले में सीधी दखल देने और समुचित निर्देश जारी करने की मांग की है।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति13 minutes ago

भारत-अमेरिका ट्रेड डील: डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से घोषणा पर विपक्ष ने जताई आपत्ति, सरकार से पूछे सवाल

महाराष्ट्र17 minutes ago

मुंबई नगर निगम ने स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर सख्त जुर्माने की घोषणा की: थूकने पर ₹250, कूड़ा फैलाने पर ₹500 और बिना लाइसेंस के कचरा ले जाने पर ₹25,000 का जुर्माना।

व्यापार2 hours ago

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद रुपया 1 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत, बढ़ा निवेशकों का भरोसा

Supreme Court
राजनीति2 hours ago

पश्चिम बंगाल एसआईआर विवाद पर बुधवार को सुप्रीम सुनवाई, ममता बनर्जी की याचिका भी शामिल

व्यापार2 hours ago

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से अदाणी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त उछाल, अदाणी एंटरप्राइजेज 10 प्रतिशत अपर सर्किट के करीब

अपराध3 hours ago

मुंबई के दादर में चाय की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी की बेरहमी से हत्या; पुलिस ने जांच शुरू की।

राजनीति3 hours ago

अमित शाह 5 फरवरी से तीन दिनों के लिए जम्मू-कश्मीर दौरे पर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर करेंगे जायजा

बॉलीवुड3 hours ago

अब बिगाड़ने का समय आ गया… रणवीर सिंह ने दिखाई ‘धुरंधर 2’ की धांसू झलक

राजनीति4 hours ago

एनडीए संसदीय दल की बैठक जारी, व्यापार समझौतों की श्रृंखला के लिए सांसदों ने पीएम मोदी को दी बधाई

दुर्घटना4 hours ago

मुंबई सेंट्रल एसटी डिपो के पास एक रिहायशी इमारत में आग लगी, कोई घायल नहीं हुआ।

अपराध4 days ago

मुंबई अपराध: नागपाड़ा में हिंसक समूह झड़प के बाद 5 घायल, एक की हालत गंभीर; 13 हिरासत में; वीडियो वायरल

राजनीति3 weeks ago

बीएमसी चुनाव 2026 के विजेताओं की सूची: वार्डवार विजयी उम्मीदवारों के नाम देखें

महाराष्ट्र6 days ago

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार की बारामती के पास विमान दुर्घटना में मौत;

अपराध2 weeks ago

मुंबई के वडाला में ‘बदतमीज’ नाम की एक शहरी मसाज कंपनी की मसाज करने वाली महिला ने सेशन रद्द होने पर एक महिला पर हमला किया; लड़ाई का वीडियो वायरल होने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया।

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई को बुनियादी सुविधाएं देना हमारी प्राथमिकता, समाजवादी पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जारी, अबू आसिम आज़मी ने शहरी समस्याओं के समाधान का दावा किया

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई: विरार के एक डी-मार्ट में हिजाब पहनने को लेकर मुस्लिम महिला के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ और धमकी;

राजनीति3 weeks ago

मुंबई बीएमसी चुनाव 2026 के परिणाम: एग्जिट पोल ने महायुति गठबंधन के लिए स्पष्ट बहुमत की भविष्यवाणी की

व्यापार4 weeks ago

लगातार गिरावट के बाद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला

अपराध2 weeks ago

मुंबई में भयावह घटना: मलाड में ढाई महीने के पिल्ले के साथ यौन उत्पीड़न और मारपीट, आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र4 days ago

मुंबई ट्रैफिक अपडेट: व्यस्त समय के दौरान 1 फरवरी से शहर में भारी वाहनों पर प्रतिबंध; क्या अनुमति है और क्या नहीं?

रुझान