राजनीति
अमित शाह के वीडियो मामले में दिल्ली पुलिस ने तेलंगाना सीएम को किया तलब : सूत्र
नई दिल्ली, 29 अप्रैल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छेड़छाड़ वाले वीडियो मामले में दिल्ली पुलिस ने 1 मई को तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को तलब किया है। सूत्रों ने सोमवार को ये बात कही। वीडियो में कथित रूप से छेड़छाड़ कर अमित शाह के बयान को आरक्षण खत्म करने का बयान बना दिया गया। उन्होंने कहा था कि राज्य में मुसलमानों के लिए कोटा खत्म कर देंगे, लेकिन वीडियो में छेड़छाड़ कर सभी आरक्षण खत्म करने की बात डाल दी गई।
सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि रेड्डी को अपने मोबाइल फोन के साथ पेश होने के लिए कहा गया है जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर एक्स पर फर्जी वीडियो पोस्ट करने के लिए किया गया था।
दिल्ली पुलिस की एक टीम भी इस फर्जी वीडियो को ट्वीट करने वाले व्यक्तियों को नोटिस देने के लिए तेलंगाना पहुंचेगी।
एक सूत्र ने कहा, चूंकि कांग्रेस की तेलंगाना इकाई ने इसे एक्स पर पोस्ट किया है, इसलिए उन्हें भी नोटिस भेजा जाएगा।
इससे पहले, बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा था कि अमित शाह का एक छेड़छाड़ किया हुआ वीडियो तेलंगाना कांग्रेस प्रसारित कर रही है और आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से मनगढ़ंत है और हिंसा भड़काने वाला काम है।
एक सूत्र ने कहा, “मामले की जांच चल रही है। हम वीडियो के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं और इसे पोस्ट करने वाले लोगों से पूछताछ की जाएगी और उन्हें जांच में भाग लेने के लिए नोटिस दिया जाएगा।”
दिल्ली पुलिस को रविवार को दो शिकायतें मिली थी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई। केस आईपीसी की धारा 153, 153ए, 465, 469 और 171जी और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 66सी के तहत दर्ज किया गया है।
एफआईआर की एक प्रति आईएएनएस के पास है। गृह मंत्रालय ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह पाया गया है कि छेड़छाड़ किया हुआ वीडियो फेसबुक और ट्विटर यूजर्स द्वारा प्रसारित किया जा रहा है।
एफआईआर में कहा गया, “ऐसा प्रतीत होता है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है, समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने के इरादे से भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है, जिससे सार्वजनिक शांति और सार्वजनिक व्यवस्था पर असर पड़ने की संभावना है। अनुरोध है कि कृपया कानून के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें।”
दुर्घटना
आंध्र प्रदेश बस हादसाः सरकार ने नियंत्रण कक्ष किया स्थापित, हेल्पलाइन नंबर भी जारी

अमरावती, 26 मार्च : आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम में हुए बस हादसे के संबंध में जानकारी के लिए जिले के आरडीओ कार्यालय में एक कमांड कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है और हेल्पलाइन शुरू की गई है। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मार्कपुरम आरडीओ कार्यालय के संपर्क नंबर 6304285613, 9985733999, 7989537285 और 9703578434 हैं। ओंगोल स्थित प्रकाशम जिला कलेक्टर कार्यालय में 1077 नंबर से एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इस दुखद बस दुर्घटना के पीड़ितों की सहायता के लिए नेल्लोर कलेक्टर कार्यालय में एक अन्य नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नेल्लोर जिले के कलेक्टर हिमांशु शुक्ला के अनुसार, नियंत्रण कक्ष के नंबर 7995575699 और 08612331261 हैं।
जानकारी के अनुसार, नेल्लोर जिले के 15 यात्री बस में सवार थे। मार्कपुरम जिले के कलेक्टर पी. राजबाबू ने दुर्घटना की जांच की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि घायलों को उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगा।
बता दें कि मार्कपुरम जिले में रायवरम के पास गुरुवार को सुबह लगभग 6:30 बजे एक निजी ट्रैवल बस की टिपर ट्रक से टक्कर हो गई, जिसमें सवार कम से कम 14 लोग जलकर मर गए और 22 अन्य घायल हो गए। हरिकृष्णा ट्रेवल्स की इस बस में लगभग 35 यात्री सवार थे।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बस दुर्घटना पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने मंत्री अनीता और जनार्दन रेड्डी, शीर्ष पुलिस अधिकारी, जिला एसपी और जिला कलेक्टर के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा बैठक की। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने उन्हें प्रारंभिक जानकारी दी कि दुर्घटना के समय बस में कुल 35 यात्री सवार थे, जिनमें से 14 की मृत्यु हो गई, जबकि 22 घायल यात्रियों का वर्तमान में इलाज चल रहा है। घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को सभी घायल पीड़ितों के लिए सर्वोत्तम संभव चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने, मृतकों और घायलों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा प्रदान करने और दुर्घटना के कारणों की गहन जांच करने का निर्देश दिया है।
प्रारंभिक आकलन से संकेत मिलता है कि दुर्घटना बस के विपरीत लेन में जाने के बाद हुई होगी, जबकि बस चालक ने कथित तौर पर बताया कि स्टीयरिंग जाम हो गया था।
महाराष्ट्र
अबू आसिम आज़मी ने महाराष्ट्र में हेट स्पीच से जुड़े अपराधों की घटनाओं पर चिंता जताई, विधानसभा में सख्त कार्रवाई की मांग की

मुंबई महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के नेता और विधायक अबू आसिम आजमी ने सदन में कहा कि सरकार की हेट स्पीच और भड़काऊ भाषणों की वजह से हेट क्राइम बढ़े हैं। कार्रवाई जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने मार्गदर्शक सिद्धांतों में हेट स्पीच पर कार्रवाई का आदेश दिया था और सरकारों को स्वत: संज्ञान लेकर मामले दर्ज करने का निर्देश दिया था, लेकिन सरकार की नीयत इस पर साफ नहीं है और इसी द्वेष के कारण हेट स्पीच के मामलों में कोई कार्रवाई नहीं होती। इसलिए कार्रवाई की जरूरत है। सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। महाराष्ट्र में हेट एजेंडा चल रहा है और हालात बिगड़ रहे हैं। अबू आसिम आजमी ने कहा कि महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है, इसके साथ ही छोटे-मोटे अपराधों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसमें बुजुर्गों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके साथ ही आपराधिक मामलों में सजा की दर कम है, यानी ज्यादातर मामलों में दोष साबित नहीं हो पाता, जो बेहद चिंताजनक है। ऐसे में जांच पर भी सवाल उठते हैं।
महाराष्ट्र
अजीत पवार के घर पर काला जादू किया गया, रोहित पवार का सनसनीखेज बयान, जांच की मांग

मुंबई: नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेता और विधायक रोहित पवार ने अजित पवार के प्लेन क्रैश के बाद सनसनीखेज बयान दिया है, जिससे साफ हो गया है कि अजित पवार के घर के बाहर काला जादू किया गया था। इस काले जादू की वजह पार्टी को कंट्रोल करना नहीं है, क्योंकि 16 फरवरी को इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को एक लेटर भेजा गया था जिसमें प्रफुल्ल पटेल को नेशनल प्रेसिडेंट बनाया गया था। इस पर सुनील तटकरे और बृजमोहन श्रीवास्तव समेत तीन अधिकारियों के साइन थे। उन्होंने कहा कि उनकी बुआ सिंतरा पवार को भी इस बारे में पता नहीं था। यह बहुत चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि पार्टी पर पूरी तरह से कब्ज़ा करने की साज़िश पहले ही रची जा चुकी थी, इसलिए इस बात की जांच होनी चाहिए कि अजित पवार की मौत हादसा थी या मर्डर। उन्होंने कहा कि अशोक खरात अजित पवार के घर के बाहर काला जादू करते थे।
इस सनसनीखेज बयान के बाद एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रोहित पवार ने कई सनसनीखेज बयान दिए, जिसमें उन्होंने पार्टी पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग को प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे की चिट्ठी का ज़िक्र किया, जो उन्होंने हादसे के 16 दिन बाद चुनाव आयोग को सौंपी थी। रोहित पवार ने इस मामले में जांच की भी मांग की है। रोहित पवार ने इससे पहले विधानसभा में अजित पवार हादसे में कर्नाटक द्वारा दर्ज की गई एफआईआर की डिटेल देते हुए कहा था कि कर्नाटक पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है, जबकि अजित पवार पुणे में दिन-रात लोगों की सेवा करते थे। क्या अब यह एफआईआर बारामती में दर्ज करके जांच की जाएगी? उन्होंने कहा कि इस मामले की एफआईआर महाराष्ट्र ट्रांसफर कर दी गई है और इसकी जांच अब डीजीपी को सौंपी गई है। क्या डीजीपी इस जांच को आगे बढ़ाएंगे?
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