खेल
मुंबई के उस्मान अंसारी ने नेशनल जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड
हरियाणा में इस वक्त नेशनल जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप चल रही है..इस प्रतियोगिता में मुंबई महानगरपालिका के उस्मान अंसारी और नीरज राजभर को महाराष्ट्र टीम में चुना गया है। मोहम्मद उमर रज्जब सेकेंडरी उर्दू स्कूल भायखला ‘ई’ के पूर्व छात्र उस्मान मोहम्मद सुल्तान अंसारी ने 48-50 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है। इसलिए उन्हें दुबई में होने वाली इंटरनेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए चुना गया है। उन्होंने स्कूल राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीता था।
म्यूनिसिपल स्कूल में पढ़ते समय उनका चयन औरंगाबाद के साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) में हो गया। जब वे मुंबई नगर निगम के स्कूल में थे, तब उन्होंने बॉक्सिंग की शिक्षा लेनी शुरू कर दी थी। इस समय मुंबई नगर निगम के कई पूर्व खिलाड़ी देश के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, चंडीगढ़ के मुक्केबाजों को हराकर इन्होने यह मुकाम हासिल किया है। मुंबई महानगरपालिका के शिक्षा अधिकारी राजू तडवी, वरिष्ठ पर्यवेक्षक राजेश गाडगे, प्रिंसिपल रवींद्र परदेशी और मुंबई बॉक्सिंग एसोसिएशन ने उस्मान को बधाई दी है और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं भी दीं हैं।
खेल
वेन मैडसेन ने डर्बीशायर के साथ साइन किया एक साल का रेड-बॉल कॉन्ट्रैक्ट, कप्तानी की भी संभालेंगे जिम्मेदारी

इटली के अनुभवी बल्लेबाज वेन मैडसेन ने इंग्लैंड के डर्बीशायर काउंटी क्रिकेट क्लब के साथ एक साल का नया रेड-बॉल कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। 2009 से क्लब का हिस्सा रहे मैडसेन टीम के लंबे समय से कप्तान हैं। उन्होंने डर्बीशायर के लिए सभी फॉर्मेट में 24,000 से ज्यादा रन बनाए हैं और 52 शतक लगाए हैं।
मैडसेन के इसी शानदार प्रदर्शन ने उन्हें काउंटी चैंपियनशिप के महान बल्लेबाजों की सूची में जगह दिलाई है। वह आगे भी डर्बीशायर की रेड-बॉल टीम की कप्तानी करते रहेंगे। 2025 सीजन से पहले वह दोबारा इस जिम्मेदारी में लौटे थे। इससे पहले, मैडसेन ने 2012 में डर्बीशायर को काउंटी चैंपियनशिप डिवीजन टू का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
साउथ अफ्रीका में जन्मे इस बल्लेबाज ने जुलाई में लीसेस्टरशायर फॉक्सेस के खिलाफ अपना आखिरी टी20 ब्लास्ट मैच खेलने के बाद घरेलू टी20 क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इस नए करार का मतलब है कि 2027 में वह डर्बीशायर के लिए केवल रेड-बॉल क्रिकेट ही खेलेंगे।मैडसेन ने गुरुवार को क्लब द्वारा जारी एक बयान में कहा, “काउंटी चैंपियनशिप मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है और मैं जानता हूं कि यह हमारे सदस्यों और समर्थकों के लिए क्या मायने रखती है। डिवीजन वन में वापस लौटना मेरा लक्ष्य है, और इसे हासिल करने के लिए मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करूंगा।”
उन्होंने आगे कहा, “डर्बीशायर के साथ अपने 19वें सीजन में प्रवेश करना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। मुझे इस क्लब में बिताया गया अपना समय बहुत पसंद आया है और मैं डर्बीशायर का प्रतिनिधित्व करने और टीम में अपना योगदान देने का मौका पाकर बहुत उत्साहित हूं।” पिछले साल सर्दियों में साउथ अफ्रीका वापस लौट चुके मैडसेन ने बताया कि यह नया करार उनके परिवार के लिए भी सुविधाजनक है। मैडसेन इस साल की शुरुआत में भारत में हुए पुरुषों के टी20 विश्व कप में इटली की टीम का हिस्सा थे, लेकिन कंधे की चोट के कारण उन्हें बाहर रहना पड़ा था।
मैडसेन ने कहा, “मैं अक्सर कहता हूं कि डर्बीशायर मेरे और मेरे परिवार के लिए एक दूसरे घर जैसा बन गया है। इस नए करार से हमें यहां समय बिताने का मौका मिलेगा,इसके साथ ही हम साउथ अफ्रीका में भी रह सकेंगे, जहां हम पिछली सर्दियों में वापस चले गए थे। मैं डर्बीशायर के समर्थकों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि वे हमेशा टीम और मेरे साथ खड़े रहे। मेरे पूरे करियर में उनके समर्थन का बहुत बड़ा महत्व रहा है। डर्बीशायर के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की मेरी भूख और उत्साह आज भी उतना ही है, जितना 2009 में पहली बार टीम से जुड़ते समय था।”
2026 के मिले-जुले सीजन को याद करते हुए मैडसेन ने आगामी सीजन को लेकर काफी सकारात्मक हैं। उन्होंने कहा, “भले ही 2026 में नतीजे हमेशा हमारी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, लेकिन कई सकारात्मक संकेत भी मिले। मुझे हमारी टीम की काबिलियत पर पूरा भरोसा है। मैं अगले समर सीजन को लेकर बहुत उत्साहित हूं और हम प्रमोशन की दौड़ में शामिल होने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेंगे।”
डर्बीशायर के हेड ऑफ क्रिकेट मिकी आर्थर ने कहा कि इस अनुभवी खिलाड़ी के पास अभी भी टीम को देने के लिए बहुत कुछ है। उन्होंने कहा, “वेन की लीडरशिप और उनका कौशल हमारे लिए बहुत अहम है। मुझे खुशी है कि वह 2027 में वापसी करेंगे। इस समर सीजन में उन्होंने दो शानदार शतक लगाए, जो दिखाता है कि हमारी रेड बॉल टीम में वह अभी भी किस उच्च स्तर पर खेलने की क्षमता रखते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “वेन मैडसेन को कोई गलतफहमी नहीं है, वह जानते हैं कि उनका करियर अब शुरुआत की तुलना में अपने अंतिम पड़ाव के ज्यादा करीब है। हालांकि, जब तक वह खेल रहे हैं, वह डर्बीशायर के लिए अपना सब कुछ झोंक देंगे। उन्हें अपनी टीम में पाकर हम बेहद खुश हैं।”
खेल
अभिषेक नायर ने शाई होप की मैथ्यू हेडन से की तुलना, बोले- भारतीय गेंदबाजों का आसानी से कर रहे सामना

भारत के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर ने टीम इंडिया के खिलाफ शाई होप के शानदार प्रदर्शन की तुलना 2000 के दशक में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज मैथ्यू हेडन के प्रभाव से की है। उन्होंने होप की तारीफ करते हुए कहा कि वे मौजूदा दौरे पर वेस्टइंडीज की ओर से तीनों फॉर्मेट में बेहतरीन खेल दिखा रहे हैं, जिसमें उन्होंने कंट्रोल, पावर और परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने की शानदार क्षमता दिखाई है।
तेज गति और बेहतरीन स्पिन का सामना करने के बावजूद, होप ने भारत के खिलाफ खूब रन बनाए हैं। उनकी खासियत यह है कि वह सिर्फ पावर-हिटिंग या सिर्फ टच-प्ले पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि जरूरत के हिसाब से अपना खेल बदल लेते हैं, जिससे उन्हें रोकना किसी भी गेंदबाज के लिए मुश्किल हो जाता है।
नायर ने ‘जियोस्टार’ से बात करते हुए कहा, “मुझे याद है कि आखिरी बार 2000 के दशक में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत आई थी, तब मैथ्यू हेडन हमारे गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते थे। शाई होप भी बिल्कुल वैसा ही कर रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी कमाल की रही है, न सिर्फ इसलिए कि उन्होंने बहुत रन बनाए हैं, बल्कि इस वजह से भी कि उन्होंने यह रन किस तरह से बनाए हैं। आप उन्हें सिर्फ एक ‘पावर प्लेयर’ या सिर्फ ‘टच प्लेयर’ नहीं कह सकते। उन्होंने एक बेहतरीन संतुलन बना लिया है। वह गेंदबाजों की गति का इस्तेमाल भी कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर पूरी ताकत लगाकर बड़े छक्के भी जड़ सकते हैं।”
नायर ने बताया कि होप को किसी भी तरह की गेंदबाजी से कोई परेशानी नहीं हुई है। उन्होंने मयंक यादव की तेज गति का बखूबी सामना किया, और साथ ही कुलदीप यादव व अक्षर पटेल की गेंदों में किए गए बदलावों को भी अच्छे से समझा है। इस तरह उन्होंने भारत को लगातार दबाव बनाने का कोई मौका नहीं दिया है।
अभिषेक नायर ने आगे कहा, “शाई होप ने तेज गेंदबाजों का भी शानदार सामना किया। मयंक यादव 145 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन होप ने उन्हें आसानी से खेला है। उन्होंने कुलदीप यादव और अक्षर पटेल जैसे स्पिनरों के खिलाफ भी बेहतरीन बल्लेबाजी की। इस दौरे पर उन्होंने हर फॉर्मेट में भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया है। 200 के स्ट्राइक रेट से शतक लगाना उनकी क्षमता को दिखाता है।”
नायर ने कहा कि कप्तानी और विकेटकीपिंग जैसी अतिरिक्त जिम्मेदारियों के बावजूद होप लगातार अपनी टीम के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, किसी खिलाड़ी का विकेटकीपिंग करना, टीम की कप्तानी संभालना और फिर बल्ले से लगातार शानदार प्रदर्शन करना बहुत कम देखने को मिलता है। होप का योगदान सिर्फ उनके रन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपनी नेतृत्व क्षमता और लगातार अच्छे प्रदर्शन से भी वेस्टइंडीज टीम के लिए बेहद अहम साबित हो रहे हैं।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला शनिवार (17 अक्टूबर) को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है।
खेल
एशियन गेम्स में शामिल भारतीय दल से मिलेंगे पीएम मोदी, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में होगा कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों के दल से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी सभी एथलीटों से नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में मिलेंगे।
भारतीय समयानुसार यह मुलाकात लगभग 4 बजकर 30 मिनट पर होगी। प्रधानमंत्री इस दौरान मौजूद लोगों को संबोधित भी करेंगे। इस कार्यक्रम में भारतीय दल के खिलाड़ी, उनके कोच और सपोर्ट स्टाफ, भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारी, राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि और युवा मामले और खेल मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने 85 पदक (21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य) जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। यह एशियाई खेलों में शीर्ष पांच देशों में भारत का लगातार दूसरा स्थान था, जो विभिन्न खेल विधाओं में देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।
भारत ने इस संस्करण के एशियाई खेलों में कई ऐतिहासिक और यादगार उपलब्धियां हासिल कीं। सबसे बड़ी सफलता रिकर्व तीरंदाजी में मिली, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास रचा। इसके अलावा, पहली बार एक ही एशियाई खेलों में भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
भारत ने सॉफ्ट टेनिस और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) में भी पहली बार पदक जीतकर नए खेलों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। निशानेबाजी में महिला ट्रैप स्पर्धा में भारत को पहला स्वर्ण पदक मिला, जो एक बड़ी उपलब्धि रही। वेटलिफ्टिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। 28 साल बाद एशियाई खेलों में भारत ने इस खेल में रजत पदक जीता।
वहीं, ग्रीको-रोमन कुश्ती में रजत पदक जीतकर भारत ने 64 साल पुराना इंतजार खत्म किया और इस स्पर्धा में पहली बार इतने लंबे अंतराल के बाद कोई भारतीय पहलवान फाइनल में पहुंचने में सफल रहा। इन उपलब्धियों ने दिखाया कि भारत अब पारंपरिक खेलों के साथ-साथ नए खेलों में भी लगातार प्रगति कर रहा है और एशियाई मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
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