अपराध
यूपी के ड्रग माफिया की 50 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
पुलिस ने बीते कई सालों से बरेली जिले से सक्रिय एक गिरोह के नेता के रूप में पहचाने जाने वाले ग्राम प्रधान शहीद खान उर्फ छोटे की 50 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजकुमार अग्रवाल ने इसे ‘राज्य में किसी भी ड्रग माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई’ करार दिया।
पुलिस ने उसके भतीजे तैमूर खान उर्फ भोला की 16.5 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने की भी अनुमति मांगी है।
पुलिस के अनुसार, 52 वर्षीय शहीद खान इस समय जिला जेल में बंद है, जबकि उसके परिवार के अधिकांश सदस्य या तो सलाखों के पीछे हैं या भूमिगत हो गए हैं।
35 वर्षीय तैमूर खान दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
अतिरिक्त एसपी ने कहा, “हमने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। अब, ये आरोपी या उनके परिवार के सदस्य इन संपत्तियों को किसी को भी बेच, किराए या उपहार में नहीं दे सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि शहीद की संपत्ति में एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कृषि भूमि, एक मैरिज हॉल, शानदार कारें और कई घर शामिल हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शहीद और उसके भतीजे सैफ को 18 अगस्त को फतेहगंज थाना क्षेत्र के पढेरा गांव से गिरफ्तार किया गया था।
उसके पास से भारतीय बाजार में 20 करोड़ रुपये और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तीन गुना ज्यादा कीमत की 20 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई।
उन्होंने कहा, “हमें पता चला कि शहीद का एक बड़ा नेटवर्क है। वह झारखंड से अफीम और अन्य मादक पदार्थ प्राप्त करता है और उसे उच्च गुणवत्ता वाली स्मैक में संसाधित करता है, जिसकी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में उच्च मांग है। पुलिस ने अर्जित कई संपत्तियों की पहचान की थी। पिछले 6 सालों में शहीद द्वारा ड्रग्स की तस्करी से अर्जित धन का उपयोग किया गया।”
उन्होंने आगे कहा, “हमने संपत्तियों को जब्त कर लिया और संपत्ति जब्त करने के लिए तस्करों और विदेशी मुद्रा जोड़तोड़ (संपत्ति की जब्ती) अधिनियम न्यायाधिकरण को रिपोर्ट किया। शहीद ने इस कदम के खिलाफ अपील दायर की और उनसे आय के स्रोत के बारे में विवरण प्रदान करने के लिए कहा गया। जो संपत्ति उसने और उसके परिवार ने खरीदी थी।”
शहीद और उनका परिवार केवल 1 करोड़ रुपये की संपत्ति के स्रोत प्रदान कर सकता था।
अतिरिक्त एसपी ने कहा, इसके बाद एसएएफईएमए ट्रिब्यूनल ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की शेष संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया।
अपराध
गोवा में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में भाजपा पार्षद का बेटा गिरफ्तार

पणजी, 23 मार्च : दक्षिण गोवा पुलिस ने सोमवार तड़के 25 से 30 नाबालिग लड़कियों से जुड़े कथित सेक्स स्कैंडल को लेकर 20 वर्षीय युवक सोहम सुशांत नाइक को गिरफ्तार कर लिया। भाजपा के कुर्चोरेम नगर पालिका पार्षद के बेटे नाइक को उस समय हिरासत में लिया गया, जब स्थानीय लोगों की भीड़ ने पुलिस स्टेशन के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी युवक पर आरोप है कि उसने कई नाबालिग लड़कियों के साथ यौन संबंध बनाए। इन घटनाओं को रिकॉर्ड किया और बाद में उन वीडियो का इस्तेमाल पीड़ितों को धमकाने और चुप रहने के लिए किया।
यह मामला पिछले सप्ताह तब उजागर हुआ, जब आरोपी सोहम नाइक ने कथित तौर पर एक सामाजिक सभा में अपने कृत्यों की डींग भरी और पीड़ितों के आपत्तिजनक वीडियो अपने साथियों को दिखाए। जैसे-जैसे दक्षिण गोवा में यौन शोषण वीडियो की अफवाहें फैलने लगीं, स्थानीय तनाव चरम पर पहुँच गया।
हालांकि इससे पहले, यह मामला कुछ दिनों से इलाके में चर्चा में था। रविवार रात स्थानीय नागरिक कुडचेड पुलिस स्टेशन के पास एकत्र हुए और कार्रवाई की मांग की क्योंकि मामला एक स्थानीय भाजपा पार्षद के बेटे से जुड़ा हुआ था। अंततः पुलिस ने पार्षद के बेटे सोहम नाइक को हिरासत में ले लिया।
यह कार्रवाई तब हुई जब आरोपी ने पिछले सप्ताह एक शराब पार्टी में अपने दोस्तों को कुछ वीडियो दिखाए। इससे बीते वर्षों में नाबालिगों के कथित यौन शोषण का मामला सामने आया।
रविवार को कुर्चोरेम के निवासियों ने पुलिस स्टेशन तक मार्च किया और नाबालिगों से जुड़े कथित सेक्स रैकेट वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि पुलिस 48 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार नहीं करती, तो वे बंद का आह्वान करेंगे। उन्होंने यह भी मांग की कि पुलिस पीड़ितों के सामने आने का इंतजार न करे और स्वतः संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज करे।
गोवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पाटकर ने सरकार से हस्तक्षेप करने, स्वतः संज्ञान लेने और इस भयावह मामले की त्वरित, निष्पक्ष व समयबद्ध जांच कराने की मांग की।
दक्षिण गोवा पुलिस वर्तमान में डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है और यह निर्धारित करने का प्रयास कर रही है कि सोहम सुशांत नाइक द्वारा नाबालिग लड़कियों का शोषण किस पैमाने पर हुआ।
आरोपी अभी हिरासत में है जबकि फॉरेंसिक टीमें कथित रूप से ब्लैकमेलिंग में इस्तेमाल किए गए वीडियो को बरामद करने का कार्य कर रही हैं।
अपराध
मुंबई प्रेस क्लब में बम की धमकी से सुरक्षा अलर्ट जारी, पुलिस ने जांच शुरू की

मुंबई, 20 मार्च: मुंबई प्रेस क्लब को एक धमकी भरा ईमेल मिला है। जिसमें दावा किया गया है कि इमारत के अंदर जहरीली गैस से भरे कई छोटे बम लगाए गए हैं और वे शुक्रवार को दोपहर 1 बजे फट जाएंगे। ईमेल भेजने वाली ने अपना नाम नीरजा अजमल खान बताया है।
ईमेल मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। प्रेस क्लब परिसर के अंदर और आसपास तलाशी अभियान जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोकने के लिए बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) और डॉग स्क्वाड को मौके पर बुलाया गया है।
ईमेल में, भेजने वाले ने कोयंबटूर के मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करने का दावा किया और कुछ राजनीतिक आरोप लगाए। संदेश में कहा गया कि उनके साथ अन्याय हुआ है और उनकी आवाज़ दबाई जा रही है। इसमें यह भी बताया गया कि भेजने वाले के पास सीमित संसाधन थे और उसने उनका इस्तेमाल मुंबई प्रेस क्लब को निशाना बनाने के लिए किया। हालांकि, भेजने वाले ने यह भी लिखा कि उसका इरादा नुकसान पहुंचाना था और लोगों को इमारत खाली करने की सलाह दी।
ईमेल में नक्सलियों और पाकिस्तान से जुड़े कथित गुप्त नेटवर्क का भी जिक्र किया गया था, जिससे जांचकर्ताओं के लिए मामला और भी गंभीर हो गया है। इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए मुंबई पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी। साइबर टीम संदेश भेजने के लिए इस्तेमाल की गई ईमेल आईडी, संदेश के संभावित स्थान और इसके पीछे कौन हो सकता है, जैसी जानकारियों की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि ईमेल सुरक्षित ईमेल सेवा प्रोटॉन मेल का उपयोग करके भेजा गया था, जिसे आमतौर पर ट्रैक करना मुश्किल होता है।
फिलहाल प्रेस क्लब के अंदर मौजूद लोगों को सतर्क कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ईमेल कल शाम 7.33 बजे भेजा गया था।
मुंबई प्रेस क्लब के अध्यक्ष समर खदास ने बताया कि क्लब को शुक्रवार सुबह एक परेशान करने वाला ईमेल मिला, जिसमें ‘हमें दयानिधि मारन के कपड़े धोने के लिए मजबूर किया गया’ जैसे अजीब और धमकी भरे संदेश थे। ईमेल में यह भी दावा किया गया था कि परिसर में गैस बम लगाए गए हैं और वे दोपहर 1 बजे के आसपास फटेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रेस क्लब के सचिव मयूरेश गणपतये ने उन्हें इस ईमेल की जानकारी दी। इसके बाद प्रेस क्लब ने तुरंत डीसीपी मुंधे को सूचित किया। साइबर सेल की एक टीम जल्द ही घटनास्थल पर पहुंची और आगे की जांच के लिए प्रेषक का आईपी पता प्राप्त किया।
बाद में बम निरोधक दस्ते ने परिसर की गहन तलाशी ली, लेकिन तत्काल कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। अधिकारी ईमेल के स्रोत की जांच जारी रखे हुए हैं।
अपराध
मुंबई में अभिनेत्री निमिषा नायर की कैब का पीछा करने वाले दो युवक हिरासत में, पुलिस ने नोटिस देकर छोड़ा

मुंबई, 20 मार्च : मुंबई में रोड रेज में अभिनेत्री निमिषा नायर ने दो युवकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया और उन्हें हिरासत में लेकर नोटिस देकर छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार यह घटना 17 मार्च तड़के की बताई जा रही है। अभिनेत्री निमिषा नायर अपने एक दोस्त के साथ उबर कैब से अंधेरी स्थित घर से नरिमन पॉइंट जा रही थीं। सुबह करीब 4:45 बजे जब उनकी कैब बांद्रा ईस्ट के खेरवाड़ी ब्रिज पर पहुंची, तब कैब ने एक मोटरसाइकिल को ओवरटेक किया। आरोप है कि किसी बात से मोटरसाइकिल सवार दोनों युवक नाराज हो गए थे और उन्होंने कैब का पीछा करना शुरू कर दिया था।
खेरवाड़ी पुलिस के अनुसार, दादर निवासी 25 और 27 वर्षीय युवकों ने कैब को रोकने की कोशिश की। उन्होंने कथित तौर पर कैब का दरवाजा खोलने की कोशिश की और ड्राइवर को धमकाया भी। स्थिति को देखते हुए निमिषा नायर ने घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। हालांकि, एक्ट्रेस ने सूझबूझ दिखाते हुए मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नंबर नोट कर लिया था।
इसके बाद में निमिषा नायर ने इस घटना का वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया और पुलिस अधिकारियों को टैग करते हुए कार्रवाई की मांग की। पोस्ट वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने उनसे संपर्क किया और रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया गया। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आरोपी अपने माता-पिता के साथ थाने पहुंचे थे और करीब एक दिन तक वहीं रहे। उनके परिजनों ने भी माना कि उनके बच्चों से गलती हुई है और वे आगे से इस तरह की किसी भी घटना में नहीं शामिल होंगे। इसके बाद दोनों आरोपियों को नोटिस देकर छोड़ दिया गया।
निमिषा नायर ने अपनी पोस्ट में कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट करना जरूरी है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
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