राजनीति
प्रवासी श्रमिकों को उनके शहर, गांव में ही व्यवसाय देगी यूपी सरकार
उत्तर प्रदेश के लोगों को रोजगार और व्यवसाय के लिए दूसरे राज्यों की ओर नहीं देखना होगा। कोरोना और लॉकडाउन के दौरान 17 लाख से अधिक प्रवासी कामगारों को रोजगार उपलब्ध करा चुकी योगी सरकार अब उन्हें अपने शहर और गांवों में ही रोजगार और स्वरोजगार के बड़े अवसर उपलब्ध कराने जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने प्रदेश में मुख्यमंत्री प्रवासी रोजगार योजना लागू की है। योजना के तहत प्रवासी कामगार केवल 5 फीसदी अंशदान कर अपना खुद का उद्यम शुरू कर सकेंगे। योजना के तहत प्रवासी कामगार 50 लाख रुपये तक की इकाई लगा सकेंगे। परियोजना की लागत का 70 फीसदी हिस्सा बैंकों से लोन लिया जा सकेगा जबकि 25 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार अनुदान के रूप में वहन करेगी।
इसके तहत दूसरे राज्यों से वापस आए कामगारों को रोजगार और स्वरोजगार युक्त बनाने के लिए प्रदेश में कार्यरत औद्योगिक और सेवा क्षेत्र की इकाइयों में रोजगार देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
योजना के तहत ऐसे प्रवासी कामगार, श्रमिक जो किसी विधा इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मैकेनिक, दर्जी, ड्राइवर, बुनाई, रंगाई आदि में स्किल्ड हैं और अपना स्वत: रोजगार करने के लिए इच्छुक हैं, ऐसे कामगारों, श्रमिकों को स्वरोजगार इकाई परियोजनाएं स्थापित करने के लिए राज्य सरकार मदद करेगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार प्रवासी कामगारों, श्रमिकों को अपने गांव, शहर में खुद का उद्यम और सेवा व्यवसाय स्थापित करने के लिए 50 लाख तक की इकाई की स्थापना कराएगी। इन परियोजनाओं का वित्त पोषण बैंकों के माध्यम से कराया जाएगा। श्रमिकों, कामगारों को अपना 5 फीसदी स्वयं का अंशदान जमा करना होगा। ऐसे श्रमिकों, कामगारों को भी योजना के अन्तर्गत अनुमन्यता होगी, जो बैंक ऋण न लेकर ऋण की धनराशि अपने निजी श्रोतो से लगाने में सक्षम होंगे।
योजना के अन्तर्गत 25 फीसदी की मार्जिन मनी अनुदान राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्रकार बैंकों से परियोजना लागत का 70 फीसदी ऋण उपलब्ध कराते हुए परियोजना स्थापित करायी जाएगी। बैंकों द्वारा केवल ऋण राशि पर ही ब्याज देय होगा।
योजना के तहत उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय सभी श्रेणी की इकाइयां स्थापित की जा सकेंगी। सभी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधियां योजना में शामिल होंगी। योजना के तहत माल ढुलाई के लिए हल्के व्यवसायिक वाहनों की खरीद भी की जा सकेगी। योजना के लिए सभी प्रवासी कामगार श्रमिक पात्र होंगे।
इन श्रमिकों का आंकडा सेवायोजन विभाग द्वारा एकत्रित किया गया है। इन आंकडों का प्रयोग योजना के क्रियान्वयन के लिए किया जाएगा। स्वरोजगार लगाने और ऋण प्राप्त करने हेतु न्यूनतम कक्षा 8 पास होना अनिवार्य होगा। 10 लाख से अधिक की परियोजना के लिए हाई स्कूल उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। ऐसे प्रवासी श्रमिक कामगार जो बैंक ऋण न लेकर अपने श्रोतों से धनराशि लगाने में सक्षम होंगे, उनके लिए कक्षा-8 उत्तीर्ण की बाध्यता नहीं होगी। योजना के लिए आयु की सीमा 18 मे 59 वर्ष तय की गई है। आवेदन की ऑन-लाइन व्यवस्था होगी। मौजूदा समय में ऑन-लाइन संचालित मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में एक लिंक भी बनाया जाएगा। ऑन-लाइन प्राप्त आवेदन-पत्रों का मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की तर्ज पर परीक्षण के बाद बैंकों को भेजा जाएगा।
योजना के अन्तर्गत आवेदन पत्रों के प्रेषण के उपरान्त कामगारों को स्किल डेवलपमेन्ट मिशन उद्यमिता विकास संस्थान आईटीआई व राज्य और भारत सरकार के प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से 10 दिन का स्किल प्रशिक्षण कराया जाएगा। बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति और प्रथम किश्त के वितरण के बाद विभाग द्वारा मार्जिन मनी मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की तर्ज पर उपलब्ध करायी जाएगी। मार्जिन मनी राशि बैंक में टीडीआर के रूप में जमा रहेगी और एक वर्ष तक इकाई के सफलतापूर्वक संचालन के बाद लाभार्थी के खाते में समायोजित कर दी जाएगी। बैंक द्वारा केवल ऋण राशि पर ब्याज लिया जागा।
अपराध
पंजाब: सीबीआई कोर्ट ने 7.8 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड केस में सात आरोपियों को तीन साल की सजा सुनाई

चंडीगढ़, 29 नवंबर: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कोर्ट ने पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर में 7.8 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।
मामले के मुख्य आरोपियों मनीष जैन और रमेश कुमार जैन को तीन साल की कठोर कारावास (आरआई) और प्रत्येक पर 35,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया, जबकि अन्य आरोपियों रचना जैन, भूपिंदर सिंह, प्रतीपाल सिंह, संजीव कुमार जैन और अनीता जैन को तीन साल की जेल की सजा और प्रत्येक पर 15,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
यह मामला 4 नवंबर 2016 को बैंक ऑफ़ बड़ौदा की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मनीष ट्रेडर्स के पार्टनर मनीष जैन, रमेश कुमार जैन और कांता जैन ने बैंक के कुछ अज्ञात अधिकारियों के साथ मिलकर 7.83 करोड़ रुपए का फ्रॉड किया। सीबीआई की जांच में सामने आया कि इस साजिश के तहत बैंक को गलत तरीके से बड़ी राशि का नुकसान पहुंचाया गया।
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 28 जून 2017 को इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने सभी सबूतों और गवाहों की सुनवाई के बाद दोषियों को सजा सुनाई।
सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में साजिश के तहत बैंक को हानि पहुंचाना और फर्जीवाड़ा करना आरोपियों का मुख्य उद्देश्य था। अदालत ने मामले की पूरी जांच और चार्जशीट के आधार पर फैसला सुनाया और सभी दोषियों को सजा के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया।
इस मामले में दोषियों को दी गई सजा तीन साल की है, लेकिन जुर्माना और कड़ी निगरानी के कारण आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की संभावना भी बनी हुई है। सीबीआई ने कहा है कि वे भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त और निष्पक्ष जांच जारी रखेंगे।
महाराष्ट्र
जोगेश्वरी पॉस्को केस में बेल पर आया आरोपी फिर गिरफ्तार

CRIME
मुंबई: मुंबई पॉस्को केस में शामिल एक भगोड़े आरोपी को जोगेश्वरी पुलिस ने 6 साल बाद फिर गिरफ्तार कर लिया है। मुंबई के जोगेश्वरी में, आरोपी पंकज पांचाल, 27, को 2019 में पॉस्को चाइल्ड अब्यूज़ और एक्सप्लॉइटेशन केस में गिरफ्तार किया गया था और वह बेल पर था, लेकिन कोर्ट की कार्रवाई से गैरहाज़िर था और पिछले 6 सालों से अपनी पहचान छिपा रहा था। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी SRA बिल्डिंग के पास आया है, जिस पर पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी को जोगेश्वरी से गिरफ्तार करने में कामयाब रही। कोर्ट ने उसके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट भी जारी किया था, जिसके बाद पुलिस ने उसका पालन करते हुए उसे गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया और कोर्ट ने उसे रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है। यह जानकारी मुंबई पुलिस ज़ोन 10 के DCP दत्ता नलावड़े ने दी है।
महाराष्ट्र
मिलिंद गैंगस्टर प्रतीक शाह बदर पर MPDA के तहत कार्रवाई

CRIME
मुंबई: मुंबई मिलिंद पुलिस ने शंकर धोत्रे के खिलाफ कार्रवाई की है, जिसने यहां दुकानदारों, राहगीरों और रिक्शा चालकों को डरा-धमकाकर पैसे वसूले और आतंक मचाया, और उस पर MPDA यानी स्लम गुंडों का एक्ट लगाया है। यह कार्रवाई एडिशनल कमिश्नर महेश पाटिल के निर्देश पर की गई है। आरोपी इलाके में आतंक का अड्डा है। उसके खिलाफ पैसे वसूलने के लिए हिंसा के कुल 6 मामले दर्ज हैं। वह व्यापारियों और दुकानदारों को डरा-धमकाकर उनसे हर महीने पैसे वसूलता है। कोई भी उसके खिलाफ नहीं बोलता था। ऐसे में पुलिस ने शिकायतकर्ता को भरोसे में लेकर उसके खिलाफ कार्रवाई की। वह मिलिंद में आतंक का अड्डा है। MPDA के तहत कार्रवाई करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर मुंबई से दूसरे शहरों में भेज दिया गया है। मुंबई पुलिस ने अब ऐसे गुंडों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है ताकि पुलिस के प्रति जनता का भरोसा फिर से कायम हो सके। गुंडों के दिल में पुलिस का डर बना रहे।
-
व्यापार5 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध3 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र5 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय1 year agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध3 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
राष्ट्रीय समाचार9 months agoनासिक: पुराना कसारा घाट 24 से 28 फरवरी तक डामरीकरण कार्य के लिए बंद रहेगा
