Connect with us
Monday,15-June-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

विजयवाड़ा में उदयनिधि स्टालिन को थप्पड़ मारने वाले को ₹10 लाख का इनाम देने की घोषणा वाले पोस्टर लगे

Published

on

विजयवाड़ा: तमिलनाडु के मंत्री और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को सनातन धर्म के खिलाफ अपनी विवादित टिप्पणी को लेकर देशभर से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. इससे पहले, अयोध्या के संत परमहंस आचार्य ने उदयनिधि स्टालिन का सिर काटने वाले को 10 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। अब, पूरे आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में पोस्टर सामने आए हैं, जिसमें डीएमके नेता, जो तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे भी हैं, को थप्पड़ मारने वाले को 10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है। उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से की और कहा कि इसे खत्म कर देना चाहिए. सनातन धर्म के खिलाफ अपनी टिप्पणी को लेकर उन्हें भाजपा नेताओं के साथ-साथ अन्य दलों के नेताओं की नाराजगी का भी सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, उदयनिधि ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सनातन धर्म को लेकर उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नरसंहार का आह्वान नहीं किया.

अयोध्या के संत परमहंस आचार्य ने एक वीडियो में कहा कि जो कोई भी उदयनिधि स्टालिन का सिर काटेगा, उसे 10 करोड़ रुपये का इनाम मिलेगा। उन्होंने वीडियो में प्रतीकात्मक रूप से तलवार से उदयनिधि स्टालिन का सिर भी काट दिया और नेता की तस्वीर भी जलाई। संत की ओर से इनाम की घोषणा के बाद, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में पोस्टर सामने आए हैं, जिसमें उदयनिधि स्टालिन को थप्पड़ मारने वाले को 10 लाख रुपये का इनाम देने की बात कही गई है। पोस्टर पर उदयनिधि स्टालिन की एक संपादित तस्वीर भी देखी जा सकती है, जिसमें उनके चेहरे पर एक चप्पल है। अधिकारी अब पूरे शहर से तमिलनाडु के मंत्री और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को थप्पड़ मारने वाले को इनाम देने की घोषणा करने वाले बैनर और पोस्टर हटा रहे हैं। अधिकारियों ने अब इस बात की जांच शुरू कर दी है कि नेता के खिलाफ पोस्टर किसने लगाए हैं। उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि फर्जी खबरों को लेकर बीजेपी उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है. उन्होंने बीजेपी सरकार की भी आलोचना की और कहा कि फासीवादी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में कुछ नहीं किया है.

महाराष्ट्र

हम किसी दल को तोड़ने की कोशिश नहीं कर रहे, लेकिन एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में आने वालों का स्वागत: संजय निरुपम

Published

on

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर शिवसेना (यूबीटी) के भीतर बढ़ते असंतोष को लेकर चर्चा तेज हो गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे की पार्टी में लंबे समय से आंतरिक मतभेद चल रहे हैं और कई विधायक तथा सांसद अपने नेतृत्व से नाराज हैं।

संजय निरुपम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि उनके पार्टी के जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि नेतृत्व उनसे संवाद नहीं करता, उनकी समस्याओं को नहीं सुनता और कार्यकर्ताओं से भी दूरी बनाए हुए है।

उन्होंने कहा कि पार्टी के कई सांसद और विधायक महसूस करते हैं कि नेतृत्व उनसे मिलने तक को तैयार नहीं है, जिसके कारण संगठन में असंतोष बढ़ रहा है। हाल ही में आयोजित एक बैठक में कुछ सांसदों के शामिल न होने को उद्धव ठाकरे ने नाराजगी का संकेत बताया था। हालांकि संजय निरुपम ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी की ओर से किसी भी दल को तोड़ने या उसमें फूट डालने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।

जब शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम से पूछा गया कि यदि उद्धव ठाकरे गुट के नेता उनकी पार्टी में शामिल होना चाहें तो क्या उनका स्वागत किया जाएगा, इस पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शिंदे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग विभिन्न दलों और संगठनों से शिवसेना में शामिल हो रहे हैं।

मुंबई में जैन समाज और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच सड़क चिह्नों को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निरुपम ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जैन समाज भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और सभी समुदायों को एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। साथ ही उन्होंने जैन समाज से भी आग्रह किया कि धार्मिक मान्यताओं को दूसरों पर थोपने से बचें और सामाजिक समरसता बनाए रखें।

दरअसल मुंबई के कुछ इलाकों और आवासीय सोसायटियों में जैन साधु-साध्वियों के पैदल आवागमन के मार्ग पर सफेद रंग की पट्टियां बनाई गई थीं। जैन समुदाय का कहना है कि यह व्यवस्था उनकी धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए की गई थी, ताकि नंगे पैर चलने वाले साधु-साध्वियों को तपती सड़क और गंदगी से कुछ राहत मिल सके, लेकिन मनसे ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि किसी एक समुदाय के लिए इस तरह सार्वजनिक या साझा जगहों में बदलाव करना उचित नहीं है।

कांग्रेस नेता अशोक गहलोत के उस बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी, जिसमें गहलोत ने कहा था कि यदि इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं तो भाजपा पर प्रतिबंध लगा देतीं। संजय निरुपम ने इस बयान को गैर-गंभीर बताते हुए कहा कि भाजपा आज देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति है और जनता लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उसे सत्ता सौंप चुकी है।

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित ईरान-इजराइल युद्धविराम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यदि दोनों देश वास्तव में इस समझौते पर सहमत हैं, तो यह पूरी दुनिया और भारत के लिए राहत की खबर होगी। इससे वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता आएगी और महंगाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

Continue Reading

मनोरंजन

मुंबई में टीवी अभिनेत्री संचिता उगले ने की आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस

Published

on

टीवी अभिनेत्री संचिता उगले की मौत की खबर ने मनोरंजन जगत को गहरे सदमे में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि 22 साल की उम्र में उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। यह घटना 14 जून की शाम को उनके नालासोपारा ईस्ट के आचोले गांव के साईं संतोषी बिल्डिंग वाले घर में हुई। संचिता ने अपने बेडरूम में अंदर से दरवाजा बंद करके सीलिंग फैन से साड़ी के सहारे फांसी लगा ली।

घटना की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों ने तुरंत उन्हें वसई-विरार म्युनिसिपल हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आचोले पुलिस स्टेशन के एएसआई विनोद बाघ ने बताया कि संचिता ने शाम 7 बजे से 7:30 बजे के बीच यह कदम उठाया। पुलिस को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा तैयार किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। मृतका के पिता मछिंदा उगले की शिकायत के आधार पर 15 जून को आचोले पुलिस स्टेशन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत आकस्मिक मृत्यु (एडीआर) का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना हैं कि आत्महत्या के पीछे का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है। हरसंभव पहलू से जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आएगी।

संचिता उगले धीरे-धीरे टीवी इंडस्ट्री में अपनी जगह बना रही थीं। उन्हें सबसे ज्यादा पहचान लोकप्रिय जी टीवी सीरियल ‘कुमकुम भाग्य’ में दिया टंडन के रोल से मिली। इस सीरियल में काम करना उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। संचिता ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि इस शो ने उन्हें न सिर्फ नाम दिया बल्कि उनके परिवार का भी पूरा समर्थन मिला।

‘कुमकुम भाग्य’ के अलावा संचिता ने ‘वागले की दुनिया’ में रुचिता जेटली का किरदार निभाया। बाद में वे दंगल के टीवी शो ‘दिलवाली दुल्हा ले जाएगी’ में मुख्य भूमिका सुकून के रूप में नजर आईं।

संचिता उगले ने टीवी के साथ-साथ फिल्मों और ओटीटी प्रोजेक्ट्स में भी काम किया। विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ में उन्होंने तारा रानी के छोटे वर्जन का रोल प्ले किया। इसके अलावा, मनोज बाजपेयी की ‘साइलेंस 2: द नाइट आउल बार शूटआउट’ फिल्म में भी उनकी भूमिका अहम रही।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार उठाएगी और कदम: वित्त मंत्री सीतारमण

Published

on

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित हीरो माइंडमाइन समिट 2026 को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा, “हम मानते हैं कि देश में और अधिक विदेशी पूंजी आने की जरूरत है। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और बैंकों को विदेश से धन जुटाने की अनुमति देना इस कहानी का अंत नहीं है। हम आगे भी और कदम उठाएंगे।”

उन्होंने कहा कि सरकार विदेशी निवेश बढ़ाने की आवश्यकता को समझती है और आरबीआई के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने पर काम कर रही है कि बाजारों को आवश्यक निवेश मिलता रहे।

वित्त मंत्री ने कहा, “हम मानते हैं कि बॉन्ड मार्केट आने वाली विदेशी पूंजी को समाहित करने का एक अच्छा माध्यम बन सकता है। फिलहाल यह सुविधा केवल सरकारी प्रतिभूतियों के लिए दी गई है, लेकिन यह अंतिम कदम नहीं है। हमें एहसास है कि देश में और अधिक विदेशी पूंजी आनी चाहिए।”

सीतारमण ने कहा कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़ा घरेलू बाजार है और खपत लगातार बढ़ रही है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

वित्त मंत्री ने कहा कि दुनिया भर के अन्य देशों और कारोबारों की तरह भारत भी कई ऐसी अनिश्चितताओं का सामना कर रहा है जो उसके नियंत्रण से बाहर हैं। इनमें टैरिफ, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक सप्लाई चेन में आने वाली बाधाएं शामिल हैं। हालांकि भारत का बड़ा घरेलू बाजार इन चुनौतियों से कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन देश अब भी कई महत्वपूर्ण कच्चे माल और मध्यवर्ती उत्पादों के आयात पर निर्भर है, जिससे बाहरी झटकों का असर पड़ सकता है।

उनके अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, बीमा लागत में वृद्धि और समुद्री परिवहन से जुड़े जोखिम भारत के आयात बिल और विदेशी मुद्रा की जरूरतों को प्रभावित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “सिर्फ कच्चे तेल की कीमत ही चुनौती नहीं है, बल्कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल जहाजों के लिए बीमा और जोखिम की लागत भी बढ़ गई है। ऐसे में भारत को बढ़ती बाहरी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार बनाए रखना होगा।”

उर्वरक बाजार की अस्थिरता का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बाद से वैश्विक आपूर्ति की स्थिति कई बार बदली है। कुछ पारंपरिक आपूर्तिकर्ता देशों द्वारा घरेलू भंडार बढ़ाने के लिए निर्यात कम करने से कमी की आशंका पैदा हुई थी, लेकिन लगभग एक वर्ष बाद चीन के दोबारा निर्यात बाजार में लौटने से कुछ राहत मिली है।

सीतारमण ने आगे कहा कि भारत का डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है, जो सरकार की सक्रिय नीतियों और राज्यों की मजबूत भागीदारी के कारण संभव हो रहा है।

उन्होंने कहा कि जो गतिविधियां पहले केवल बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े शहरों तक सीमित थीं, वे अब तुमकुरु और मंगलुरु जैसे टियर-2 शहरों तक भी पहुंच रही हैं। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, डेटा सुरक्षा मजबूत होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि डेटा सेंटर और जीसीसी से जुड़ी नीतियों को बेहतर तरीके से समझा और लागू किया जा सके।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सक्रिय रूप से संवाद भी कर रही हैं।

सीतारमण ने कहा, “लोगों ने इसे यह सोचकर नहीं देखा कि डेटा सेंटर क्या होता है। भारत के तकनीकी विशेषज्ञ और युवा इस क्षेत्र को तेजी से समझ रहे हैं और इसमें अपनी भूमिका निभा रहे हैं।”

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र10 hours ago

हम किसी दल को तोड़ने की कोशिश नहीं कर रहे, लेकिन एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में आने वालों का स्वागत: संजय निरुपम

मनोरंजन11 hours ago

मुंबई में टीवी अभिनेत्री संचिता उगले ने की आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस

मनोरंजन11 hours ago

शिल्पा शेट्टी ने मोबिलिटी चैलेंज वर्कआउट के साथ मंडे मोटिवेशन की डोज दी

राष्ट्रीय समाचार13 hours ago

विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार उठाएगी और कदम: वित्त मंत्री सीतारमण

राष्ट्रीय समाचार14 hours ago

भारत में यात्री वाहनों की बिक्री मई में 27 प्रतिशत बढ़ी, दोपहिया की सेल्स 19 लाख यूनिट्स के पार

राजनीति14 hours ago

विपक्ष को तय करना होगा पीएम का चेहरा, जनता पूछेगी तो बताना पड़ेगा: संजय राउत

अंतरराष्ट्रीय समाचार15 hours ago

अमेरिका और ईरान शांति समझौते से कीमती धातुओं में भारी उछाल, सोना और चांदी 3 प्रतिशत तक चढ़े

अंतरराष्ट्रीय समाचार16 hours ago

अमेरिका-ईरान समझौते से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट, ब्रेंट क्रूड करीब 5 प्रतिशत टूटा

अंतरराष्ट्रीय समाचार17 hours ago

ईरान और अमेरिका सभी मोर्चों पर युद्धविराम और नौसैनिक नाकेबंदी हटाने पर सहमत: ईरानी उप-विदेश मंत्री

अंतरराष्ट्रीय समाचार17 hours ago

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते की घोषणा का स्वागत किया

अंतरराष्ट्रीय समाचार7 days ago

पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल में देश में क्या-क्या बदल गया, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गिनाईं उपलब्धियां

अंतरराष्ट्रीय7 days ago

फिसीपींस में भूकंप के बाद 37 हुई मृतकों की संख्या, 20 हजार लोग हुए विस्थापित

राजनीति2 weeks ago

मालवीय नगर अग्निकांड: पीएम मोदी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा

व्यापार4 days ago

स्पेसएक्स के आईपीओ से एलन मस्क की संपत्ति 970 अरब डॉलर के पार पहुंची, दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने के करीब

राजनीति7 days ago

कर्नाटक: देवेगौड़ा के राज्यसभा नामांकन मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया मगरमच्छ के आंसू बहाने का आरोप

अंतरराष्ट्रीय समाचार5 days ago

फिलीपींस के विनाशकारी भूकंप में अब तक 47 की मौत, सैकड़ों घायल

अंतरराष्ट्रीय1 week ago

मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव: ईरान के समर्थन में उतरा इराकी ‘कताइब हिज्‍बुल्लाह’, अमेरिका को चेताया

अपराध3 weeks ago

अग्रीपारा के हाई-प्रोफाइल घर में बड़े पैमाने पर एमडी ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़, आरोपियों की जांच, कथित बांग्लादेशी पर भी शक, 51 करोड़ रुपये की एमडी जब्त

महाराष्ट्र2 weeks ago

भाजपा सरकार मुसलमानों और विपक्ष को निशाना बना रही है, कानून से सज़ा देने के बजाय बुलडोज़र और एनकाउंटर चला रही है: अबू आसिम आज़मी

अंतरराष्ट्रीय2 weeks ago

अंतहीन प्रक्र‍िया की ओर बढ़ रहा ईरान-अमेरिका समझौता, दोनों देश नई शर्तों के साथ कर रहे संशोधन की तैयारी

रुझान