राष्ट्रीय
गिरावट में आपके आईफोन अनुभव को बेहतर बनाने के लिए देगा टॉप आईओएस 15 सुविधाएं
एप्पल ने शक्तिशाली फीचर्स के साथ एक बड़े अपडेट आईओएस 15 की घोषणा की है, जो आईफोन के अनुभव को इस गिरावट में एकनए स्तर पर ले जाएगा। फेसटाइम कॉल अब एप्पल डिवाइस तक सीमित न रहकर आगे बढ़ेंगे इसलिए कोई भी एंड्रॉइड और विंडोज डिवाइस पर अपने वेब ब्राउजर से कॉल में शामिल हो सकता है।
टेक दिग्गज ने ‘शेयरप्ले’ भी पेश किया जो उपयोगकर्ताओं को ध्यान केंद्रित और सूचनाओं को प्रबंधित और सूचनाओं को जल्दी से एक्सेस करने के नए तरीकों के साथ पल में मदद करेगा।
एप्पल के सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष क्रेग फेडरिघी ने कहा,
“आईओएस 15 उपयोगकर्ताओं को वास्तविक समय में अनुभव साझा करते हुए जुड़े रहने में मदद करेगा और उनकी व्याकुलता को कम करने और ध्यान केंद्रित करने में मदद करने के लिए नए उपकरण देगा, तस्वीरों के अनुभव को बढ़ाने के लिए बुद्धिमत्ता का उपयोग और मैप्स के बड़े अपग्रेड के साथ, दुनिया का पता लगाने के लिए नए तरीके बताएगा।”
स्थानिक ऑडियो के साथ, फेसटाइम कॉल में आवाजें ऐसी लगेंगी जैसे कि वे उस जगह से आ रही हैं जहां से व्यक्ति को स्क्रीन पर रखा गया है और नए माइक्रोफोन मोड उपयोगकर्ता की आवाज को पृष्ठभूमि शोर से अलग करते हैं।
उपयोगकर्ता अब फेसटाइम पर दोस्तों के साथ कनेक्ट होने के दौरान शेयरप्ले के साथ अनुभव साझा कर सकते हैं, जिसमें एप्पल म्यूजिक के साथ गाने सुनना, टीवी शो या मूवी को देखना या ऐप्स को एक साथ देखने के लिए अपनी स्क्रीन साझा करना शामिल है।
शेयर प्ले, आईफोन, आईपैड और मैक पर काम करता है और साझा प्लेबैक नियंत्रण के साथ, शेयर प्ले सत्र में कोई भी व्यक्ति खेल सकता है, रोक सकता है या आगे बढ़ सकता है। शेयर प्ले का विस्तार एप्पल टीवी तक भी कर दिया गया है।
आईओएस 15 में फोकस एक और नई सुविधा है जो उपयोगकर्ता जिस पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है उसके आधार पर नोटिफिकेशन और ऐप्स को फिल्टर करता है।
ग्राहक कस्टम फोकस बनाकर या सुझाए गए फोकस का चयन करके अपनी डिवाइस को पल में मदद करने के लिए सेट कर सकते हैं, जो डिवाइस पर इंटेलिजेंस का उपयोग करके यह सुझाव देता है कि किन लोगों और ऐप्स को उन्हें सूचित करने की अनुमति है।
सूचनाओं को फिर से डिजाइन किया गया है, लोगों के संपर्क के लिए फोटो और ऐप्स के लिए बड़े आइकन जोड़कर उन्हें पहचानना और भी आसान हो गया है। व्याकुलता को कम करने में मदद करने के लिए, एक नया अधिसूचना सारांश अधिक उपयुक्त समय पर डिलीवरी के लिए गैर-समय-महत्वपूर्ण सूचनाएं इक्ठ्ठा करता है, जैसे कि सुबह और शाम में।
उदाहरण के लिए, उपयोगकर्ता हस्तलिखित पारिवारिक नुस्खे की तस्वीर खोज सकते हैं और उसका पता लगा सकते हैं, या कॉल करने के विकल्प के साथ स्टोरफ्रंट से एक फोन नंबर कैप्चर कर सकते हैं।
आईओएस 15 नेविगेट करने और एक्सप्लोर करने के बिल्कुल नए तरीकों के साथ मैप्स को और भी आगे ले जाता है।
आईओएस 15 का डेवलपर पूर्वावलोकन अभी एप्पल डेवलपर प्रोग्राम के सदस्यों के लिए उपलब्ध है और एक सार्वजनिक बीटा अगले महीने आईओएस उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगा।
राजनीति
असम के आदर्श विद्यालयों से बच्चों को मिल रहा ‘बेस्ट’ जैसा माहौल : हिमंता बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने आदर्श विद्यालय पहल के जरिए राज्य में सरकारी स्कूलों की पूरी सोच ही बदल दी है। इन स्कूलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि छात्रों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं, बल्कि इन्हें एक पूरे शैक्षिक इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है, जहां छात्रों को बड़े और नामी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमने असम में सरकारी स्कूल का मतलब ही बदल दिया है। आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं।”
मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों में बनाई जा रही सुविधाओं के बारे में भी बताया। इनमें स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेल के मैदान शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी, खेल के मैदान, एक ऐसा इकोसिस्टम जहां किसी भी ब्लॉक का बच्चा बेस्ट स्कूलों के बच्चों के साथ मुकाबला कर सके।”
उनके मुताबिक इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे चाहे किसी भी ब्लॉक या इलाके से आते हों, उन्हें देश के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिले।
आदर्श विद्यालय कार्यक्रम असम सरकार की सरकारी स्कूल शिक्षा को मजबूत करने की कोशिशों में से एक है। इसके तहत बुनियादी ढांचे में सुधार और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाया जा रहा है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में।
इस पहल के तहत मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं जो आधुनिक पढ़ाई-लिखाई की सुविधाओं से लैस हैं। सिर्फ बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जो बच्चों के शैक्षणिक विकास, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी और उनके एक्सपोजर को बढ़ावा दे।
सरकार राज्य के जिलों में आदर्श विद्यालयों का नेटवर्क लगातार बढ़ा रही है, ताकि स्कूल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा सके और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच मिल सके।
यह पहल असम में सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने और राज्य के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों के बीच शिक्षा के अवसरों में जो असमानता है, उसे कम करने के लिहाज से भी अहम है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि फोकस इस बात पर है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा भी बेहतर संसाधनों वाले संस्थानों के छात्रों के बराबर खड़ा होकर मुकाबला करने की सोच सके।
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब असम सरकार राज्य भर में शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार और आधुनिकीकरण कर रही है। आदर्श विद्यालय मॉडल का मकसद सरकारी स्कूलों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ छात्रों और अभिभावकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है।
सरकार अपनी बड़ी शिक्षा सुधार योजना के तहत स्कूलों में लैब, डिजिटल लर्निंग और दूसरी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। आदर्श विद्यालय पहल के जरिए सरकार सरकारी स्कूलों को सिर्फ बुनियादी शिक्षा देने वाले संस्थान के बजाय एक आधुनिक लर्निंग स्पेस के रूप में स्थापित करना चाहती है, जो छात्रों को आगे की पढ़ाई और प्रतिस्पर्धी अवसरों के लिए तैयार कर सके।
राष्ट्रीय
सुप्रीम कोर्ट में अभिषेक बनर्जी के पीए की जमानत याचिका पर सुनवाई, राज्य सरकार ने किया विरोध

सालबोनी जमीन मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (पीए) सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ की मांग की है।
सरकार का कहना है कि जांच के दौरान सुमित रॉय से जुड़े खातों में करीब 15 करोड़ नकद जमा होने की जानकारी सामने आई है। अब जांच टीम यह पता करना चाहती है कि यह पैसा कहां से आया और इसका जमीन के मामले से कोई संबंध है या नहीं।
सुमित रॉय की अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुमित रॉय से पूछताछ के दौरान बैंक खातों में जमा बड़ी रकम के बारे में सवाल किए गए थे। सरकार के मुताबिक, बैंक रिकॉर्ड और पेन से यह रकम सुमित रॉय से जुड़ी होने की बात सामने आई है।
सरकार ने यह भी बताया कि 17 जून 2021 को करीब 71 लाख जमा किए गए थे। यह वही समय था जब जमीन से जुड़े कथित लेन-देन की जांच चल रही थी। सरकार का कहना है कि इन पैसों के बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
सुमित रॉय की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायण ने सरकार की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन पैसों को लेकर पहले ही सफाई दी जा चुकी है। उनके मुताबिक, यह रकम पार्टी की सदस्यता फीस और चंदे से जुड़ी थी। वकील ने कहा कि सुमित रॉय का काम ही पार्टी से मिलने वाली रकम को जमा करना और उसके चालान को जमा करना था।
राजनीति
राहुल गांधी पर मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार, सीजेआई बोले-हमारे सामने सब बराबर

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में जल्द सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे सामने सब बराबर हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता को मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन दाखिल करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भरोसा दिया कि आवेदन मिलने के बाद उस पर विचार किया जाएगा।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि राहुल गांधी इस मामले में कोई वीआईपी नहीं हैं और उनकी अपील करीब पांच महीने से सुनवाई के लिए लंबित है।
उन्होंने कहा कि मामला कई बार सूची में आया लेकिन किसी कारण से सुनवाई नहीं हो सकी। गौरव भाटिया ने दलील दी कि बार-बार मामले की सुनवाई टलना संस्थान के लिए भी उचित नहीं है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मामले में तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। आवेदन मिलने के बाद वह उस पर विचार करेगा।
बता दें कि यह मामला दिसंबर 2022 में राहुल गांधी की ओर से दिए गए एक बयान से जुड़ा है। भारत-चीन सीमा पर हुई झड़प को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया था कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के जवानों को पीट रहे हैं। उनके इस बयान पर बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के पूर्व डायरेक्टर उदय शंकर श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी का बयान भारतीय सेना के लिए अपमानजनक है और इससे सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसी मामले में लखनऊ की अदालत ने राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था।
समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने पहले मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई थी।
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