व्यापार
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला
मुंबई, 16 मार्च : भारतीय शेयर बाजार की सोमवार को सपाट शुरुआत हुई है। इस दौरान सेसेंक्स 148.13 अंक या 0.20 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 74,415.79 और निफ्टी 35 अंक या 0.15 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 23,116.10 पर खुला।
बाजार में चौतरफा गिरावट देखी जा रही है। शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 159 अंक या 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 54,629 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 145 अंक या 0.77 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,750 पर था।
बाजार में गिरावट का नेतृत्व रियल्टी और ऑयलएंडगैस शेयर कर रहे थे। सूचकांक में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑयलएंडगैस टॉप लूजर्स थे। डिफेंस, पीएसई, एनर्जी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, ऑटो, इन्फ्रा, पीएसयू बैंक और आईटी भी लाल निशान में थे। इसके अलावा, मेटल, एफएमसीजी, कमोडिटीज, फार्मा, प्राइवेट बैंक, हेल्थकेयर और फाइनेंशियल सर्विसेज हरे निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी, टाटा स्टील, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक और एचयूएल हरे निशान में थे। बीईएल, एमएंडएम, ट्रेंट, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, मारुति सुजुकी, बजाज फिनसर्व, इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक लाल निशान में थे।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक और जकार्ता लाल निशान में थे। सोल और हांगकांग हरे निशान में थे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुए थे। इस दौरान टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक में करीब एक प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दौर जारी है। पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 10,716.64 करोड़ रुपए की इक्विटी में बिकवाली की थी। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने इक्विटी मार्केट में 9,977.42 करोड़ रुपए का निवेश किया था।
मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल में तेजी जारी है। खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.12 प्रतिशत बढ़कर 104.3 डॉलर प्रति बैरल और डबल्यूटीआई क्रूड का दाम 0.43 प्रतिशत बढ़कर 99.13 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
व्यापार
इंडिगो ने अदाणी एयरपोर्ट्स के साथ की साझेदारी, अब ड्यूटी-फ्री शॉपिंग पर मिलेंगे ‘इंडिगो ब्लूचिप्स’

अहमदाबाद, 16 मार्च : देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो और अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) ने सोमवार को साझेदारी का ऐलान किया। इसके तहत एएएचएल द्वारा प्रबंधित एयरपोर्ट्स पर ड्यूटी-फ्री शॉपिंग करने पर इंडिगो ब्लूचिप मेंबर्स प्वाइंट्स हासिल कर पाएंगे।
दोनों कंपनियों की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि इस साझेदारी के तहत, सदस्य अदाणी प्लेटफॉर्म के माध्यम से पहले से बुक किए गए ड्यूटी-फ्री उत्पादों पर खर्च किए गए प्रत्येक 100 रुपए पर पांच इंडिगो ब्लूचिप्स कमा सकते हैं।
यात्री प्रस्थान से पहले ऑनलाइन उत्पादों को ब्राउज कर सकते हैं, रिजर्व कर सकते हैं और भुगतान कर सकते हैं, और एयरपोर्ट्स पर आसानी से अपनी खरीदारी प्राप्त कर सकते हैं।
इंडिगो के मुख्य डिजिटल एवं सूचना अधिकारी नीतन चोपड़ा ने कहा, “इंडिगो में, हम अपने लॉयल्टी प्रोग्राम के मूल्य को लगातार बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। अदाणी ड्यूटी फ्री के साथ यह साझेदारी उड़ानों से परे सार्थक रिवॉर्ड प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, जिससे हमारे ग्राहकों के लिए यात्रा का हर कदम अधिक लाभदायक बनता है। इंडिगो के व्यापक नेटवर्क को अदाणी के प्रीमियम ड्यूटी-फ्री अनुभव के साथ मिलाकर, हम भारत भर में लाखों यात्रियों को अधिक सुविधा, विकल्प और मूल्य प्रदान करने में प्रसन्न हैं।”
एएएचएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ)-नॉनएयरो सुचित बंसल ने कहा, “हम अदाणी प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल डिस्कवरी, प्री-ऑर्डर की सुविधा और निर्बाध संग्रह को एकीकृत करके हवाई अड्डों पर यात्रियों के खरीदारी करने के तरीके को बदल रहे हैं। इंडिगो के साथ हमारी साझेदारी भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन और देश के सबसे बड़े निजी हवाई अड्डा संचालक को एक साथ लाती है ताकि अधिक कनेक्टेड और फायदेमंद यात्रा खुदरा अनुभव प्रदान किया जा सके।”
ग्राहक एक समर्पित पोर्टल के माध्यम से लॉग इन कर सकते हैं, अपनी इंडिगो ब्लूचिप सदस्यता आईडी को लिंक कर सकते हैं और अपनी खरीदारी पूरी करने के 24-48 घंटों के भीतर अपने खर्च के आधार पर अपना रिवॉर्ड प्राप्त कर सकते हैं।
इस पहल का उद्देश्य डिजिटल सुविधा, लॉयल्टी लाभ और हवाई अड्डे पर रिटेल को मिलाकर यात्रा अनुभव को सुगम बनाना है; जिससे यात्रा अनुभव बेहतर हो सके।
इस कार्यक्रम के तहत ड्यूटी-फ्री स्टोर वर्तमान में मुंबई, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम, जयपुर, मंगलुरु और लखनऊ के हवाई अड्डों पर उपलब्ध हैं, और गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बारदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एलजीबीआईए) और हाल ही में चालू हुए नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनएमआईए) पर विस्तार की योजना है।
एएएचएल भारत भर में आठ हवाई अड्डों का संचालन करता है, जिनमें मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, मंगलुरु, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं, साथ ही एनएमआईए भी, जो भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों में से एक है, जिसने 25 दिसंबर, 2025 को वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया।
अंतरराष्ट्रीय
दुबई एयरपोर्ट ने ड्रोन हमले के बाद सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित किया

नई दिल्ली, 16 मार्च : दुबई एयरपोर्ट ने सोमवार को ऐलान किया है कि एक ड्रोन के फ्यूल टैंक से टकराने के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसने सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।
दुबई एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “सभी यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर डीएक्सबी (दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा) पर उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं। ताजा उड़ान अपडेट के लिए कृपया अपनी एयरलाइन से संपर्क करें।”
दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी उड़ानों के बारे में ताजा जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइंस से संपर्क करें।
दुबई मीडिया कार्यालय ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आगे की जानकारी उपलब्ध होते ही आधिकारिक चैनलों के माध्यम से साझा की जाएगी।”
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक ड्रोन के ईंधन टैंक से टकराने के बाद आग लग गई, जिसके बाद आपातकालीन टीमों ने तुरंत कार्रवाई की और उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि दुबई नागरिक सुरक्षा दल को आग बुझाने के लिए तुरंत तैनात किया गया था और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को सक्रिय करने के कारण किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।
दुबई नागरिक सुरक्षा दल को आग बुझाने के लिए तुरंत तैनात किया गया और सुरक्षा उपायों को लागू करने के बाद किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।
इस बीच, सोमवार को कोच्चि से दुबई जा रही एमिरेट्स की एक फ्लाइट हमले की सूचना मिलने के बाद वापस लौट गई।
सीआईएएल के प्रवक्ता ने बताया, “फ्लाइट ईके533 कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (सीआईएएल) से सुबह 4:30 बजे 325 लोगों को लेकर रवाना हुई थी। रास्ते में दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अचानक बंद होने के कारण विमान को वापस लौटने का निर्देश दिया गया।”
इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने संघर्ष शुरू होने के बाद से छह लोगों की मौत की सूचना दी है – चार नागरिक और दो सैन्यकर्मी। तकनीकी खराबी के कारण हुए हेलीकॉप्टर दुर्घटना में सैनिकों की मौत हो गई थी।
व्यापार
भारत के पास पर्याप्त टैक्स बफर मौजूद, 110 डॉलर प्रति बैरल तक कच्चे तेल की कीमतों को वहन करने में सक्षम : रिपोर्ट

नई दिल्ली, 15 मार्च : भारत के पास बढ़ी हुई कच्चे तेल की कीमतों को वहन करने के लिए पर्याप्त टैक्स बफर मौजूद है। और सरकार पेट्रोल पर 19.9 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 15.8 रुपए प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी को कम करके करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक खुदरा ईंधन की कीमतों को यथावत रख सकती है। यह जानकारी सोमवार को जारी की गई रिपोर्ट में दी गई।
एलारा कैपिटल की रिपोर्ट में कहा गया है कि खुदरा पेट्रोल और डीजल की कीमतों को एक्साइज ड्यूटी में कटौती के जरिए लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल तक पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है, जिसके बाद डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी अनिवार्य हो जाएगी।
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारत कच्चे तेल की कीमतों में 40-45 डॉलर की बढ़ोतरी को कर के जरिए सहन कर सकता है, लेकिन 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर की कीमतों में बढ़ोतरी होने पर यह बोझ सरकार से उपभोक्ताओं पर आ जाएगा।
कच्चे तेल की कीमत में प्रति बैरल 10 डॉलर की वृद्धि होने पर, तेल विपणन कंपनियों के डीजल और गैसोलीन मार्जिन में 6.3 रुपए प्रति लीटर की गिरावट आएगी और एलपीजी की कीमत में 10.2 रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि होगी।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इस स्थिति के कारण एलपीजी अंडर रिकवरी वार्षिक आधार पर लगभग 328 अरब रुपए पहुंच जाएगी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमत में प्रति बैरल 10 डॉलर की वृद्धि होने पर तेल विपणन कंपनियों का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन लगभग 5 डॉलर प्रति बैरल बढ़ सकता है, लेकिन इससे उनके विपणन और एलपीजी संबंधी नुकसान की पूरी तरह भरपाई नहीं हो पाएगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल होने पर, खुदरा कीमतों में वृद्धि, कर कटौती या एलपीजी सब्सिडी में बढ़ोतरी के अभाव में, आय में 90-190 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आ सकती है।
उच्च रिफाइनिंग हिस्सेदारी के कारण आईओसीएल, ओएमसी कंपनियों में बेहतर स्थिति में है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और खुदरा कीमतों में कोई बदलाव न होने की स्थिति में यह अभी भी जोखिम में है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत के एलएनजी आयात का दो-तिहाई हिस्सा होर्मुज मार्ग से होकर गुजरता है, जिससे गैस आपूर्ति में जोखिम बढ़ जाता है।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र9 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय2 years agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध4 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
महाराष्ट्र12 months agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
