राष्ट्रीय समाचार
तमिलनाडु बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जारी, 91.55 प्रतिशत परीक्षार्थी पास
चेन्नई, 10 मई। तमिलनाडु के सरकारी परीक्षा निदेशालय ने शुक्रवार को 10वीं बोर्ड के परिणाम घोषित कर दिए। इस साल 91.55 प्रतिशत बच्चे पास हुए।
छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। 10वीं कक्षा की राज्य बोर्ड परीक्षाएं 26 मार्च से 8 अप्रैल के बीच आयोजित की गई थीं।
परीक्षा के आयोजन के लिए पूरे राज्य में 4,107 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
परीक्षा में कुल 9,10,024 परीक्षार्थी बैठे थे, जिसमें 4,57,525 लड़के और 4,52,498 लड़कियां शामिल थीं।
एक ट्रांसजेंडर छात्र भी परीक्षा में शामिल हुआ था। राज्य की विभिन्न जेलों से कुल 235 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे।
राष्ट्रीय समाचार
केरल स्थानीय निकाय उपचुनाव : सतीशन के नेतृत्व में यूडीएफ की सीटें घटी, लेफ्ट को मिली बढ़त

वीडी सतीशन सरकार के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को अपनी पहली चुनावी परीक्षा में झटका लगा है। 28 सितंबर को पूरे केरल में हुए स्थानीय निकाय उपचुनावों में उसे एलडीएफ के मुकाबले नुकसान उठाना पड़ा है।
मंगलवार को वोटों की गिनती हुई। 38 वार्डों के नतीजों में यूडीएफ की मौजूदा 22 सीटें घटकर 19 रह गईं जबकि एलडीएफ की सीटें 15 से बढ़कर 18 हो गईं। भाजपा के नेतृत्व वाले एलडीए की सहयोगी पार्टी ‘ट्वेंटी20’ ने अपनी एकमात्र सीट बरकरार रखी।
कुल आंकड़ों से ज्यादा अहम बात यह थी कि दोनों गठबंधनों के बीच मौजूदा सीटों की अदला-बदली हुई। एलडीएफ ने यूडीएफ के कब्जे वाले सात वार्ड अपने नाम किए जबकि यूडीएफ ने लेफ्ट के कब्जे वाले चार वार्ड जीते।
स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों को सरकार की राज्यस्तरीय स्थिति का सीधा पैमाना नहीं माना जा सकता क्योंकि इसमें बहुत कम वार्ड शामिल थे। ये 38 वार्ड 12 जिलों में फैले हुए थे और इनमें स्थानीय निकाय के अलग-अलग स्तर शामिल थे।
विधानसभा चुनावों में बुरी तरह हारने वाली एलडीएफ के लिए ये जीत कुछ हद तक राजनीतिक राहत लेकर आई है।लेफ्ट ने विधानसभा चुनावों में हार के बाद अपनी स्थिति सुधारने के मकसद से ये उपचुनाव लड़े थे। लेफ्ट का खास ध्यान उन वार्डों पर था जो उनके पूर्व स्थानीय प्रतिनिधियों के विधानसभा में जाने से खाली हुए थे।
यूडीएफ को कुछ इलाकों में खास तौर पर नुकसान हुआ, जहां मुकाबला आपसी मतभेदों और स्थानीय कारकों से प्रभावित था।
तिरुवनंतपुरम जिले में एलडीएफ ने जिला पंचायत के मंगलम-मुंडाक्कल वार्ड और अंचुथेंगु ब्लॉक पंचायत डिवीजन पर कब्जा किया, जिससे मंगलम पंचायत में उनकी स्थिति मजबूत हुई।
एलडीएफ ने पलक्कड़ में चित्तूर-परुथिक्कावु वार्ड भी जीता, जिसका प्रतिनिधित्व विधायक बनने से पहले सुरेश अच्युथन करते थे। मुकाबला बराबरी पर छूटा और बाद में लॉटरी में एलडीएफ उम्मीदवार की जीत हुई।
साथ ही, यूडीएफ ने यह भी साबित किया कि उनमें लेफ्ट से सीटें छीनने की क्षमता अभी भी बरकरार है। इसने कोझिकोड की मुट्टम पंचायत का नौवां वार्ड जीता और कुछ ऐसी सीटें भी अपने पास बनाए रखीं जो सदस्यों के विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद खाली हो गई थी। इनमें से कई वार्डों में यूडीएफ की जीत का अंतर काफी कम हो गया।
मानंतवाडी ब्लॉक पंचायत के पल्लीक्कल डिवीजन में जिसे पहले उषा विजयन ने 1,055 वोटों के अंतर से जीता था, यूडीएफ ने इस बार सिर्फ 331 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
कोझिकोड कॉर्पोरेशन के कुट्टीचिरा वार्ड में आईयूएमएल उम्मीदवार फर्जीना अरक्कल ने 436 वोटों से जीत हासिल की जबकि इससे पहले फातिमा तह्लिया ने 2,273 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
यूडीएफ के लिए, अपनी पिछली सीटों की संख्या में तीन सीटों का नुकसान और कई जगहों पर जीत के अंतर में कमी आना, विधानसभा चुनाव में जीत के बाद पहला चुनावी झटका है।
एलडीएफ के लिए यूडीएफ के कब्जे वाले सात वार्डों को वापस जीतना कुछ उम्मीद जगाता है क्योंकि वह विधानसभा चुनाव में हार के बाद फिर से मजबूत होने की कोशिश कर रही है।
राजनीति
चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर कांग्रेस बनाएगी रणनीति, ज्ञानेश कुमार को जाना होगा : मीरा कुमार

दिल्ली में मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हो रही है। बैठक से पहले पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और कांग्रेस नेता मीरा कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर पार्टी की रणनीति बैठक के दौरान तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को ‘जाना होगा’।
सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के कई नेता, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता सीडब्ल्यूसी की बैठक में शामिल हो रहे हैं।
आईएएनएस से बात करते हुए मीरा कुमार ने कहा, “सीडब्ल्यूसी की बैठक में रणनीति बनाई जाएगी और बाकी चीजों पर ‘इंडिया’ ब्लॉक के सहयोगियों के साथ बैठकर चर्चा की जाएगी। सीईसी ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा, उन्हें हटाना बहुत जरूरी है।”
पश्चिम बंगाल के लिए एआईसीसी प्रभारी प्रकाश जोशी ने भी सीईसी की आलोचना करते हुए कहा, “आज की वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद ही अंतिम रणनीति सामने आएगी। यह सच है कि ज्ञानेश कुमार जिस तरह की हरकतें लगातार कर रहे थे, वे देशद्रोह की श्रेणी में आती हैं। उन पर न सिर्फ मुकदमा चलना चाहिए, बल्कि उन्हें जेल में होना चाहिए।”
कांग्रेस ने वोटर लिस्ट के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर), नए वोटरों को जोड़ने के लिए ‘फॉर्म 6’ से जुड़े बदलावों, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने, और वोटर लिस्ट डेटाबेस पर सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल को लेकर चिंता जताई है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि दो चुनाव आयुक्तों द्वारा जताई गई चिंताओं ने चुनाव आयोग के कामकाज की पोल खोल दी है और उन्होंने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस बीच, विपक्षी इंडिया ब्लॉक की बैठक बुधवार को होने की उम्मीद है, जिसमें इस मुद्दे पर संयुक्त रणनीति पर चर्चा की जाएगी। सीईसी को हटाने की मांग को लेकर संसद में एक और नोटिस दिया जा सकता है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने आंतरिक फैसले लेने की प्रक्रिया पर जताई गई चिंताओं को खारिज कर दिया है। आयोग का कहना है कि किसी संस्था के भीतर चर्चा के दौरान अलग-अलग राय और विचार होना सामान्य बात है। चुनाव आयोग का कहना है कि उसके आदेशों को कानूनी मान्यता प्राप्त है और वे तय कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार ही जारी किए जाते हैं।
26 सितंबर को चुनाव आयोग ने कहा था कि देशव्यापी एसआईआर आदेश को तीनों आयुक्तों- सीईसी ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी। आयोग ने कहा कि ‘फॉर्म 6’ से जुड़े बदलावों को सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया था।
यह विवाद एसआईआर प्रक्रिया और वोटर लिस्ट से जुड़ी प्रक्रियाओं के कुछ पहलुओं पर चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरों के बाद शुरू हुआ है। तब से यह मुद्दा कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद का एक बड़ा कारण बन गया है और विपक्षी पार्टियां इस प्रक्रिया की और ज्यादा बारीकी से जांच की मांग कर रही हैं।
राजनीति
केजरीवाल के तिलक नगर दौरे के दौरान ‘आप’ समर्थकों ने दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल पर किया हमला

दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल के साथ ‘आप’ समर्थकों के एक समूह ने मारपीट की। सूत्रों के मुताबकि यह घटना तब हुई जब हेड कॉन्स्टेबल सादे कपड़ों में पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के तिलक नगर दौरे की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग कर रहा था, तभी ‘आप’ समर्थकों के एक समूह ने उसे घेर लिया और कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसकी मेडिकल जांच कराई गई और दिल्ली पुलिस इस घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज कर सकती है।
इस बीच, सोमवार को केजरीवाल ने तिलक नगर का दौरा किया। एक दिन पहले ही दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने इलाके में बनी नई सड़क के निरीक्षण के दौरान एक युवक को थप्पड़ मारा था। यह घटना ‘आप’ विधायक जरनैल सिंह की मौजूदगी में हुई थी।
राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, विधायक जरनैल सिंह और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ केजरीवाल ने सड़क का निरीक्षण किया और इसके निर्माण को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार से सवाल किए। इस दौरान, उन्होंने दिखाया कि नई बनी सड़क की सतह के कुछ हिस्सों को हाथ से ही उखाड़ा जा सकता है और इसके निर्माण में गड़बड़ी का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “यह सड़क कुछ दिन पहले ही बनी थी, फिर भी यह हाथ लगाने भर से ही पूरी तरह उखड़ रही है। हमने दिल्ली में ऐसी सड़क बनते कभी नहीं देखी। हमने सुना था कि देश के दूरदराज के गांवों और इलाकों में ऐसी सड़कें बनती हैं। दिल्ली देश की राजधानी है। हमने भी 10 साल तक दिल्ली का नेतृत्व किया लेकिन हमारे कार्यकाल में ऐसी सड़क कभी नहीं बनी।”
केजरीवाल ने कहा कि पिछली ‘आप’ सरकार के दौरान बनी सड़कों पर पांच साल की गारंटी होती थी। उन्होंने कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की।
उन्होंने कहा, “‘इस सड़क के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है और इस बात की जांच होनी चाहिए कि यह पैसा कहां गया।”
रविवार की घटना का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा, “जब मंत्री प्रवेश वर्मा सड़क का निरीक्षण करने आए, तो लोगों ने उनके सामने सड़क निर्माण को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने साहिब सिंह नामक युवक को एक तरफ खींचा और उसे थप्पड़ मार दिया। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि यह उनके पिता का देश नहीं है।”
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रवेश वर्मा को बर्खास्त करने और गिरफ्तार करने की मांग की और मंत्री प्रवेश वर्मा से माफी की मांग की। उन्होंने भ्रष्टाचार के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों को जेल भेजने की भी मांग की।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने सोमवार को मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ सड़क के निरीक्षण के दौरान एक व्यक्ति को कथित तौर पर थप्पड़ मारने के आरोप में नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (एनसीआर) दर्ज की। इसके अलावा, सरकारी कर्मचारियों को उनके काम में बाधा डालने के आरोप में आप विधायक जरनैल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
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