Connect with us
Friday,10-April-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय

टी20 वर्ल्ड कप : यूएई में ओस और टॉस की भूमिका अहम

Published

on

क्रिकेट एक ऐसा स्पोट्स का खेल है जो बड़े मैदानों और 22 यार्डस पर पूरे जुनून के साथ खेला जाता है, लेकिन टॉस, ओस, पिच की हालत और सही प्लेइंग इलेवन जैसे निर्णय इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।

इस टी20 विश्व कप में टॉस और ओस हर गेम पर असर डाल रहा है। टूर्नामेंट के सुपर 12 में अब तक 10 में से नौ विजेता टीमों ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए मैच को अपने नाम किया है। इसलिए यहां हर मैच में टॉस जीतना एक महत्वपूर्ण बात साबित हो रही है।

इसे देखते हुए, टॉस जीतने वाले कप्तान बिना किसी संकोच के पहले फील्डिंग का चुनाव कर रहे हैं।

यूएई में कप्तानों के लिए मैच जीतने का एक ही फॉर्मूला है, टॉस जीतो, पहले गेंदबाजी करो और लक्ष्य का पीछा करके मैच पर कब्जा कर लो। हालांकि, इस टूर्नामेंट में एक मैच ऐसा भी अपवाद देखने को मिला जब टॉस जीतकर अफगानिस्तान की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कॉटलैंड को 130 रनों का लक्ष्य दिया और इस मैच में जीत भी दर्ज की थी।

ऐसा क्रिकेट के खेल में पहली या आखिरी बार नहीं हो रहा है। टी20 विश्व कप के पिछले सीजनों में भी टॉस और ओस एक महत्वपूर्ण फैक्टर रहा है। हाल ही में हुए यूएई की तीन जगहों पर आईपीएल मैचों के दौरान यह स्पष्ट देखने को मिला था, जिसमें टॉस जीतकर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम 20 मैचों में से 15 में जीत हासिल की थी।

अब ये देखना भी महत्वपूर्ण है कि इसे लेकर तमाम कप्तानों का क्या कहना हैं-

पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया की 10 विकेट की करारी हार के बाद, विराट कोहली ने माना था कि टॉस जीतकर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को ओस के कारण फायदा मिलेगा। यही कारण रहा है कि पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए अपने दोनों मैच जीते और निश्चित रूप से भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में उनकी जीत में ओस ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कोहली ने कहा, हां, इस टूर्नामेंट में निश्चित रूप से टॉस एक महत्वपूर्ण फैक्टर है। खासकर, अगर खेल के बीच में ओस गिरती है तो आपको पहले हाफ में ज्यादा से ज्यादा रन बनाने होंगे।

कोहली ने आगे बताया कि जब उन्होंने बल्लेबाजी की तो पिच पर खेलना इतना आसान नहीं था, लेकिन दूसरे हाफ में पाकिस्तान टीम बल्लेबाजी के लिए आई तो पिच पर खेलना बिल्कुल आसान हो गया। इसलिए पाक के सलामी बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान और बाबर आजम को भारतीय गेंदबाजों को खेलने में मुश्किल नहीं हुई।

उन्होंने कहा, ओस पाकिस्तान की दूसरी पारी में गिरनी शुरु हुई जब 10 ओवर हो चुके थे। इस दौरान हमें डॉट बॉल भी नहीं मिल सकीं क्योंकि पिच स्पष्ट रूप से बल्लेबाजों की मदद कर रही थी। वहीं गेंद पकड़ में न आने के कारण धीमी गेंद भी डालना मुश्किल हो गया था।

ओस की चुनौतियां-

पकड़ और नियंत्रण: क्रिकेट में ओस एक महत्वपूर्ण फैक्टर है जो खेल के दौरान रात में गिरनी शुरू होती है। इसके कारण गेंद पर पकड़ बनाना और नियंत्रित करना हमेशा मुश्किल होता है, इसे गेंदबाजों को गेंद करने में परेशानी होती है तो वहीं, बल्लेबाजों के लिए खेलना आसान हो जाता है।

पिच: ओस पिच की हालत में बदलाव का कारण बनती है। इससे पिच बहुत प्लेट हो जाती है और इससे सतह की दरारें चौड़ी नहीं हो पाती। इस कारण बल्लेबाजों को स्पिन और स्विंग गेंदों को खेलने में आसानी हो जाती हैं।

क्षेत्ररक्षण: क्षेत्ररक्षकों को भी ओस से प्रभावित करती है क्योंकि गीली गेंद को पकड़ना या फेंकना मुश्किल हो जाता है। यहां तक कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक भी क्षेत्ररक्षण करते समय अपना शत प्रतिशत नहीं दे पाते।

अब सवाल ये है कि आगे का प्लान क्या होना चाहिए-

भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले मैच में ओस फैक्टर से निपटने के लिए अलग-अलग चीजें आजमा सकती है।

गीली गेंद से अभ्यास करना: मैच से पहले टीम के गेंदबाजों को अभ्यास के दौरान गीली गेंद का उपयोग करना होगा, ताकि खिलाड़ी मैच में गीली गेंद से स्थिति को देखते हुए गेंदबाजी कर सकें।

सही लेंथ पर गेंदबाजी करना: भारतीय गेंदबाजों को कीवी टीम के खिलाफ सही लेंथ पर गेंदबाजी करना होगा। क्योंकि गीली गेंद से गेंदबाज अपने अनुसार गेंदबाजी करने में सक्षम नहीं होता, इसलिए सही लेंथ पर गेंदबाजी करना बेहद जरूरी होगा। जो गेंदबाज ये करने में सफल हो जाता है वह मैच के अंत में सफल गेंदबाज बन जाएगा।

सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन चुनना: भारत के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ ओस वाली स्थिति में गेंद गीली होने पर रिस्ट स्पिनर, फिंगर स्पिनर की तुलना में ज्यादा सफल हो सकता है। विशेष रूप से, राहुल चाहर इस समय भारतीय टीम में एकमात्र रिस्ट स्पिनर मौजूद हैं। रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा दोनों ही फिंगर स्पिनर हैं। वहीं, स्पिन विभाग में वरुण चक्रवर्ती एक रहस्यमीय गेंदबाज के रूप में जुड़े हुए हैं।

इस समय भारतीय टीम प्रबंधन द्वारा प्लेइंग इलेवन में अधिक स्पिनरों को शामिल करना या इसी तरह के सेट-अप के साथ चलना यह देखने वाली बात होगी।

अंतरराष्ट्रीय

चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

Published

on

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।

समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

वेंस की पाकिस्तान यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता, सालों बाद यूएस के किसी शीर्ष अधिकारी का पाक दौरा

Published

on

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है। अमेरिका की तरफ से इस बैठक में शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने डेलिगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस दौरे से संबंधित सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं हैं। सालों के बाद अमेरिका का कोई आला अधिकारी पाकिस्तान का दौरा कर सकता है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के दौरे को लेकर गहरी चिंता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सुरक्षा चिंता की वजह से वेंस को पाकिस्तान ना जाने की सलाह दी है।

फिलहाल यह कन्फर्म नहीं है कि जेडी वेंस इस बैठक में शामिल होने जाएंगे या नहीं, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद जाएंगे।

किसी भी अमेरिकी अधिकारी के लिए पाकिस्तान के दौरे पर जाने से पहले उनके लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों की सक्रियता की वजह से वहां पर किसी भी दूसरे देश के नेता की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है।

वेंस ऐसे समय में पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं, जब अमेरिका ने खुद इस देश के लिए ‘लेवल 3: यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की एडवाइजरी जारी की हुई है। इसकी मुख्य वजह आतंकवाद, अपराध और अशांति का खतरा है।

इसके अलावा अमेरिका ने हाल ही में लाहौर और कराची के वाणिज्य दूतावास से गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से हटा लिया गया था। यही सब कारण हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी के कोई भी नेता या अधिकारी पाकिस्तान जाने से बचते हैं।

पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों और दूतावास पर हमले की कई घटनाएं इतिहास में सामने आई हैं। ताजा मामला, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देखने को मिला था, जब उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को घेरा और उसमें तोड़फोड़ की। इसके बाद पेशावर में अमेरिकी कांसुलेट बंद कर दिया गया और कराची और लाहौर में वीजा सेवाएं निलंबित हुईं।

आतंकवाद और सुरक्षा कारणों की वजह से अब तक केवल पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने ही पाकिस्तान का दौरा किया, जिनमें ड्वाइट डी. आइजनहावर, लिंडन बी. जॉनसन, रिचर्ड निक्सन, बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश शामिल हैं। 2006 के बाद किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया।

हालांकि, इसके पीछे एक कारण अमेरिका में हुए 26/11 का वो हमला भी है। अमेरिका को संदेह था कि इस हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने पनाह दी है। हालांकि, पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा। फिर अमेरिका ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में काफी दूरी आई।

इसके अलावा, पाकिस्तान में चीन का दबदबा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह भी एक कारण हो सकता है कि अमेरिका इस देश से दूरी बनाकर रखे हुए है। वहीं 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी के किसी शीर्ष अधिकारी का पाकिस्तान का दौरा होने वाला है।

द संडे गार्जियन के अनुसार, सिक्योरिटी प्लानर्स ने आने वाले डेलिगेशन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मोटरकेड सिस्टम तैयार करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लॉजिस्टिक्स टीम और इक्विपमेंट लेकर आने के बाद तैयारियां और तेज हो गईं। इस तरह के बड़े इंतजाम इस दौरे की सांकेतिक अहमियत और युद्ध के समय की डिप्लोमेसी से जुड़े असली सुरक्षा खतरों, दोनों को दिखाते हैं।

बीते दिन पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।

ईरानी राजदूत ने अपने पोस्ट में अमेरिकी वार्ताकारों के साथ सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरान के एक डेलिगेशन के पाकिस्तान आने की घोषणा की थी। यह पोस्ट पहले रेजा अमीरी मोगादम के सोशल मीडिया हैंडल पर थी, जो अब नजर नहीं आ रही है। इसकी पीछे की वजह सुरक्षा से संबंधित हो सकती है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

‘इजरायल के विनाश की बात बर्दाश्त नहीं’, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान पर भड़के पीएम नेतन्याहू; दी चेतावनी

Published

on

तेल अवीव, 10 अप्रैल : ईरान के साथ अमेरिका के सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह पर बड़ा हमला कर दिया। इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हुई। वहीं दोनों पक्षों के बीच सीजफायर की मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल के इस हमले को लेकर कुछ ऐसा कहा जिससे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भड़क उठे।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पाकिस्तान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि इजरायल के विनाश की बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। पीएम नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का इजरायल को खत्म करने का आह्वान बहुत बुरा है। यह ऐसा बयान नहीं है जिसे किसी भी सरकार से बर्दाश्त किया जा सके, खासकर उस सरकार से जो शांति के लिए न्यूट्रल आर्बिटर होने का दावा करती है।”

दरअसल, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा “इजरायल बुरा है और इंसानियत के लिए श्राप है। इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, लेबनान में नरसंहार हो रहा है। इजरायल बेगुनाह नागरिकों को मार रहा है, पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान, खून-खराबा लगातार जारी है।”

इजरायल के खिलाफ आग उगलते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, “मैं उम्मीद और प्रार्थना करता हूं कि जिन लोगों ने फिलिस्तीनी धरती पर इस कैंसर जैसे राज्य का निर्माण किया है, वे यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाएं और उन्हें नरक में जलाएं।”

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बीते दिन इजरायल के हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने बताया कि इजरायल के हमले के बाद लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम से फोन पर बातचीत की।

पीएम शहबाज ने एक्स पर लिखा, “मैंने आज शाम लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम से बात की। मैंने लेबनान के खिलाफ इजरायल के लगातार हमले की कड़ी निंदा की और इन दुश्मनी की वजह से लेबनान में हजारों लोगों की जान जाने पर दुख जताया। मैंने इस्लामाबाद में होने वाली ईरान-अमेरिका बातचीत के जरिए बातचीत को आसान बनाने समेत शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को फिर से सुनिश्चित किया।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नवाफ सलाम का शुक्रिया जिन्होंने पाकिस्तान की शांति की कोशिशों की सराहना की और लेबनान और उसके लोगों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों को तुरंत खत्म करने के लिए हमारे लगातार समर्थन की जरूरत पर जोर दिया।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय इजरायली कार्रवाई इस इलाके में शांति और स्थिरता बनाने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को कमजोर करती है और अंतरराष्ट्रीय कानून और बुनियादी मानवीय सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लेबनान के खिलाफ इजरायल के हमलों को खत्म करने के लिए तुरंत और ठोस कदम उठाने की अपील करता है।

बता दें, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद, इजरायल ने लेबनान पर एक दिन का सबसे बड़ा हमला किया, जिसमें 300 से ज्यादा लोग मारे गए और 1,100 से ज्यादा घायल हुए।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र11 hours ago

रिक्शा और टैक्सी चालकों के परमिट और लाइसेंस के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता सरासर गलत है, पहले मराठी भाषा सिखाई जानी चाहिए: अबू आसिम

अंतरराष्ट्रीय11 hours ago

चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

व्यापार12 hours ago

मध्यपूर्व में तनाव कम होने से भारतीय शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 918 अंक उछला

महाराष्ट्र12 hours ago

मुंबई: अशोक खरात मामले ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है, प्रतिभा चाकंकर भी जांच के दायरे में हैं, नए खुलासे।

महाराष्ट्र12 hours ago

मुंबई: मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद 2008 में पुरोहित के करियर की प्रगति लगभग रुक गई थी।

राजनीति14 hours ago

पश्चिम बंगाल चुनाव : अमित शाह ने भाजपा का ‘भरोसा पत्र’ किया जारी, हर वर्ग को मिलेगा लाभ

अंतरराष्ट्रीय14 hours ago

वेंस की पाकिस्तान यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता, सालों बाद यूएस के किसी शीर्ष अधिकारी का पाक दौरा

राष्ट्रीय14 hours ago

शिवसेना (यूबीटी) सांसदों से गुप्त बैठक की खबरें अफवाह, एकनाथ शिंदे ने किया खंडन

राजनीति16 hours ago

‘दो-चार दिनों में सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे पर फैसला’, जदयू नेताओं ने नए मुख्यमंत्री को लेकर दिया बड़ा बयान

अंतरराष्ट्रीय17 hours ago

‘इजरायल के विनाश की बात बर्दाश्त नहीं’, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान पर भड़के पीएम नेतन्याहू; दी चेतावनी

महाराष्ट्र2 weeks ago

लॉकडाउन लागू नहीं होगा… तेल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी, अफवाह फैलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज होंगे: देवेंद्र फडणवीस

अपराध4 weeks ago

मुंबई सेंट्रल के रेलवे अस्पताल में महिला डॉक्टर की संदिग्ध हालात में मौत, जांच में जुटी पुलिस

अंतरराष्ट्रीय2 weeks ago

व्हाइट हाउस ने ईरान संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत की सराहना की

महाराष्ट्र5 days ago

मुंबई : जय श्री राम विवाद में 5 गिरफ्तार, आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, तनावपूर्ण स्थिति में शांति बनी हुई है।

राजनीति2 weeks ago

गृह मंत्री शाह आज बंगाल में तृणमूल सरकार के खिलाफ ‘श्वेत पत्र’ जारी करेंगे

अपराध2 weeks ago

मुंबई में डिलीवरी वाहन से 27 गैस सिलेंडर चोरी, जांच जारी

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

यूएई ने हबशान गैस प्लांट पर ईरान के हमले की कड़ी निंदा की, कुछ समय के लिए रोका गया ऑपरेशन

अपराध3 weeks ago

मुंबई में अभिनेत्री निमिषा नायर की कैब का पीछा करने वाले दो युवक हिरासत में, पुलिस ने नोटिस देकर छोड़ा

महाराष्ट्र2 weeks ago

अबू आसिम आज़मी ने महाराष्ट्र में हेट स्पीच से जुड़े अपराधों की घटनाओं पर चिंता जताई, विधानसभा में सख्त कार्रवाई की मांग की

व्यापार7 days ago

ईरान के ऊपर अमेरिकी जेट विमान मार गिराए गए; बचाव कार्य जारी

रुझान