राष्ट्रीय समाचार
संसद सुरक्षा उल्लंघन के आरोपियों से स्पेशल सेल ने की पूछताछ, चार को आज कोर्ट में किया जाएगा पेश
कुछ दिनों के पूछताछ के बाद, 13 दिसंबर को संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले के छह आरोपियों को दिल्ली पुलिस के विशेष सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट को सौंप दिया गया। इनमें से चार को अदालत में पेश किया जाएगा। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने कहा,“उनसे अलग-अलग और शहर भर में स्पेशल सेल के विभिन्न कार्यालयों में पूछताछ की जा रही थी। बुधवार को, उन सभी को एनएफसी में स्पेशल सेल के सीआईयू स्टेशन में लाया गया और उनके बयानों का मिलान करने के लिए उनका सामना कराया गया।”
चार आरोपियों – मनोरंजन डी., सागर शर्मा, नीलम और अमोल शिंदे को आज अदालत में पेश किया जाना है क्योंकि उनकी सात दिन की पुलिस हिरासत गुरुवार को समाप्त हो रही है।
सूत्रों ने कहा कि पुलिस आगे की जांच के लिए उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग कर सकती है।
2001 के संसद हमले की 22वीं बरसी पर 13 दिसंबर को दर्शक दीर्घा से लोकसभा हॉल में प्रवेश करने में कामयाब रहे दो लोगों की पहचान मनोरंजन डी. और सागर शर्मा के रूप में की गई।
मनोरंजन कर्नाटक से इंजीनियरिंग का छात्र है, शर्मा का विजिटर पास कर्नाटक के मैसूर से भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा की सिफारिश पर जारी किया गया था।
अन्य दो, एक पुरुष और एक महिला, जो संसद के बाहर रंगीन फ़्लेयरों के साथ विरोध कर रहे थे और जिन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था, उनकी पहचान हरियाणा के जिंद निवासी नीलम और महाराष्ट्र के लातूर निवासी अमोल शिंदे के रूप में की गई।
मनोरंजन, शर्मा, नीलम और शिंदे के फोन लेकर भागे संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले के कथित मास्टरमाइंड ललित झा ने कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण कर दिया था।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उससे पूछताछ के बाद, पुलिस ने संसद सुरक्षा उल्लंघन के छठे आरोपी महेश कुमावत को आपराधिक साजिश और सबूत नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के जालौन के उरई से भी एक शख्स को हिरासत में लिया।
उसकी पहचान 50 वर्षीय अतुल कुलश्रेष्ठ के रूप में हुई और वह एक सोशल मीडिया पेज/समूह भगत सिंह फैंस क्लब का सदस्य है।
झा की निशानदेही पर जले हुए फोन की बरामदगी के बाद पुलिस ने पहले से दर्ज एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 201 (सबूत नष्ट करना/साक्ष्य गायब करना) जोड़ने का फैसला किया है।
राजनीति
अखिलेश यादव का चुनावी ऐलान : सत्ता में आए तो पुरानी पेंशन बहाल, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का वादा

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को विधानसभा चुनाव को लेकर कई बड़े चुनावी वादे किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा और शिक्षामित्रों को शिक्षक के रूप में सम्मान देने के साथ उनकी स्थिति बेहतर की जाएगी। उन्होंने मदरसा शिक्षकों के बकाया वेतन के भुगतान और संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं के समाधान का भी भरोसा दिया।
लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर समाज को बांटने और शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास लोगों को बांटने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं है। मदरसों के साथ भेदभाव किया गया है। भाजपा को केवल समाज को तोड़ना आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने आधी-अधूरी नौकरियां और आधी-अधूरी शिक्षा देने का काम किया।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनने पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। शिक्षामित्रों के संबंध में उन्होंने कहा कि उन्हें बेहतर बनाने के साथ शिक्षक के रूप में सम्मान देने का काम किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि शिक्षामित्रों की समस्या का समाधान होने से बंद पड़े स्कूलों को भी फिर से संचालित करने में मदद मिलेगी। अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की मांग पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग के साथ मंथन कर पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने मदरसा शिक्षकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आधुनिक मदरसा शिक्षकों का लंबे समय से लंबित वेतन दिलाने का काम किया जाएगा। साथ ही संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं का भी समाधान करने का उन्होंने आश्वासन दिया। अखिलेश यादव ने 2022 के विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान सपा समर्थकों के बड़ी संख्या में वोट काटे गए, जिसके कारण प्रदेश में सपा की सरकार नहीं बन सकी।
उन्होंने कहा कि 2017 में पार्टी इस तरह की गड़बड़ियों को समझ नहीं सकी थी और तब वह मानते थे कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम कर रहा होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियां लंबे समय से होती रही हैं, लेकिन अब इससे जुड़ी बातें सामने आ रही हैं। अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा के लोगों ने गांव-गांव से वोट कटवाने के प्रयास किए और बड़ी संख्या में फॉर्म-7 भरकर भेजे गए। उन्होंने लखनऊ का उदाहरण देते हुए दावा किया कि एक व्यक्ति ने 100 से अधिक वोट कटवाने के लिए फॉर्म-7 भरवाए, जबकि एक व्यक्ति के लिए पांच लोगों के संबंध में ही ऐसा आवेदन करने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों के बीच चुनाव आयोग का बचाव कर रहे हैं तो इससे सवाल उठता है कि वह भी कथित घोटाले में शामिल हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव में वोटों की कथित चोरी और बेईमानी का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। उनके मुताबिक, 2022 में सपा समर्थकों के बड़ी संख्या में वोट काटे गए और अब इस तरह की खबरें सार्वजनिक होने के बाद लोगों को चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जानकारी हो रही है। उन्होंने नोएडा में अभी भी फर्जी वोट बनाए जाने का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने कहा कि वोट चोरी से जुड़ी खबरों का स्वत: संज्ञान लेते हुए अदालत को पश्चिम बंगाल और बिहार में दोबारा चुनाव कराने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराया और 2027 में उत्तर प्रदेश से भाजपा का सफाया कर दिया जाएगा। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वह पूंजीपतियों और बड़े कारोबारियों के हित में काम करती है।
राष्ट्रीय समाचार
सरकार 25 करोड़ लोगों को दे रही ईएसआईसी हेल्थ सिक्योरिटी : डॉ. मनसुख मंडाविया

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को कहा कि भारत ‘कर्मचारी राज्य बीमा निगम’ (ईएसआईसी) के जरिए 25 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा दे रहा है। उन्होंने सरकार के सामाजिक सुरक्षा और कल्याण कार्यक्रमों का भी जिक्र किया।
‘औद्योगिक संबंध और श्रम एवं पुरस्कार 2026’ पर सीआईआई-ईएफआई राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए, मंडाविया ने कहा कि सरकार 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज भी उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि 10 करोड़ किसानों को हर चार महीने में उनके बैंक खातों में सीधे 2,000 रुपए मिलते हैं।
मंत्री ने कहा, “आज देश में 10 ऐसे राज्य हैं जो महिलाओं के खातों में हर महीने 2,000 रुपए, 1,500 रुपए या 1,200 रुपए जैसी रकम जमा करते हैं।”
केंद्रीय मंत्री ने औद्योगिक संबंधों और अंतरराष्ट्रीय श्रम तौर-तरीकों एवं भारत की अपनी परंपराओं और प्रणालियों के बीच संतुलन पर बात करते हुए कहा, “जब हम औद्योगिक संबंधों की बात करते हैं… तो एक तरफ आईएलओ के अंतरराष्ट्रीय तौर-तरीके और अंतरराष्ट्रीय ढांचे होते हैं, और दूसरी तरफ भारत की अपनी परंपराएं और संबंध; तो मुझे यह थोड़ा अलग लगता है।”
मांडविया ने कहा कि पिछले 10-11 वर्षों में कई मंत्रालयों में मंत्री के तौर पर काम करने के उनके अनुभव ने उन्हें भारत और विदेशों में विभिन्न मंचों और हितधारकों के साथ जुड़ने का मौका दिया है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक संबंधों के प्रति भारत के दृष्टिकोण में अंतरराष्ट्रीय ढांचे और देश के अपने सामाजिक और आर्थिक संदर्भ, दोनों को ध्यान में रखने की जरूरत है।
इससे पहले सितंबर में, मंत्री ने राज्य सरकारों से कहा था कि वे सेस फंड के मौजूदा इस्तेमाल का विस्तृत आकलन करें, कमियों की पहचान करें और श्रमिकों के दीर्घकालिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इनके प्रभावी इस्तेमाल के नए तरीके खोजें।
मंत्री ने राज्यों से आगे कहा कि वे श्रम संहिताओं के लागू होने के एक साल बाद उनके असर का व्यापक आकलन करें और उन क्षेत्रों की पहचान करें जहां उन्हें और बेहतर ढंग से लागू करने की जरूरत हो सकती है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सचिव से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात

नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की है। यह प्रतिनिधिमंडल, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष ब्रायन मस्त के नेतृत्व में आया है। द्विदलीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में महत्वपूर्ण विषयों पर वार्ता हुई। बैठक में तेजी से विकसित हो रही भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
बैठक का प्रमुख केंद्र रक्षा औद्योगिक और तकनीकी सहयोग रहा। दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने, तकनीकी क्षमताओं को साझा करने और दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी बढ़ाने से जुड़े पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में लगातार व्यापक हुआ है।
इसमें सैन्य सहयोग के साथ-साथ रक्षा उत्पादन, सह-विकास, सह-उत्पादन, अनुसंधान और उभरती रक्षा प्रौद्योगिकियों में सहयोग पर भी जोर दिया जा रहा है। भारत-अमेरिका रक्षा औद्योगिक सहयोग के तहत जेट इंजन, युद्ध सामग्री और जमीनी गतिशीलता प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ाने पर भी दोनों देशों ने पहले प्रतिबद्धता जताई है।
रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच नियमित संवाद जारी है। फरवरी 2026 में भारत-अमेरिका संयुक्त तकनीकी समूह की बैठक में महत्वपूर्ण और उभरती रक्षा प्रौद्योगिकियों, संयुक्त अनुसंधान तथा विकास और रक्षा प्रयोगशालाओं व उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई थी। ब्रायन मस्त के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब दोनों देश अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के भविष्य की दिशा पर लगातार संवाद कर रहे हैं।
हाल ही में उन्होंने एक द्विदलीय अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री से भी मुलाकात की थी। उस बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला और समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई यह बैठक रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत-अमेरिका सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए जारी उच्चस्तरीय संवाद को दर्शाती है।
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