खेल
कभी कभी धोनी के मार्गदर्शन को मिस करता हूं : कुलदीप यादव
गेंदबाज कुलदीप यादव का मानना है कि वह पूर्व कप्तान और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के उस मार्गदर्शन को मिस कर रहे हैं, जोकि उन्हें धोनी से मिलता था। धोनी और कुलदीप 2019 के आखिर से ही भारत के लिए कोई मैच नहीं खेले हैं। हालांकि पिछले साल की अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर चुके हैं।
कुलदीप ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए साक्षात्कार में कहा, ” कभी-कभी मैं माही भाई का गाइडेंस मिस करता हूं, क्योंकि उनके पास काफी अनुभव था। वह विकेट के पीछे से हमें गाइड करते थे, लगातार चिल्लाते रहते थे। हम उनका अनुभव मिस करते हैं। ऋषभ पंत अब उनकी जगह हैं, वह जितना खेलते जाएंगे वह भविष्य में हमें उतना ज्यादा इनपुट दे पाएंगे। मुझे हमेशा लगता है कि हर गेंदबाज को एक पार्टनर चाहिए होता है, जो दूसरे छोर से रिस्पॉन्ड करे।”
कुलदीप ने 2019 में 23 वनडे खेले थे जबकि 2020 और 2021 में उन्होंने अब तक केवल सात ही वनडे मैच खेले हैं। धोनी ने 15 अगस्त 2020 को इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। उन्होंने अपना आखिरी मैच जुलाई 2019 में खेला था।
कलाई के स्पिनर ने कहा, ” जब माही भाई टीम में थे, तब मैं और युजवेंद्र चहल खेल रहे थे। जब से माही भाई गए हैं मैंने और चहल ने साथ में मैच नहीं खेले। मुझे गिने-चुने मैच ही खेलने का मौका मिला। मैंने कुल 10 मैच खेले होंगे, जिसमें मैंने हैट्रिक भी ली। अगर आप मेरे प्रदर्शन पर नजर डालेंगे, तो मेरा प्रदर्शन ठीक था।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरान और मध्य पूर्व पर अमेरिका की कूटनीति तेज, भारत, कनाडा और केन्या से बातचीत की

वाशिंगटन, 24 मार्च : अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत, कनाडा और केन्या के अपने समकक्ष नेताओं से बातचीत की। इन बातचीतों में ईरान, मध्य पूर्व की स्थिति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। यह जानकारी उनके प्रवक्ता ने दी।
रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद और केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो से बात की। इस दौरान अमेरिका ईरान और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अपने सहयोगी देशों से लगातार संपर्क बढ़ा रहा है।
भारत के साथ हुई बातचीत में मध्य पूर्व की बदलती स्थिति पर चर्चा हुई। अमेरिकी विदेश विभाग के उप-प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि दोनों नेताओं ने इस क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों पर विचार किया और आपसी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए साथ मिलकर काम जारी रखने पर सहमति जताई।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है। भारत और अमेरिका दोनों ने साझा रणनीतिक हितों पर मिलकर काम करने के संकेत दिए हैं।
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ बातचीत में खास तौर पर ईरान और उसके परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका की कार्रवाई पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर बात की।
इस बातचीत में हैती का मुद्दा भी उठा। रुबियो ने बताया कि अमेरिका वहां शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयास कर रहा है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी से गठित ‘गैंग सप्रेशन फ़ोर्स’ को समर्थन भी शामिल है।
केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो के साथ अलग से हुई बातचीत में रुबियो ने ईरान के मुद्दे पर केन्या के रुख और क्षेत्रीय सुरक्षा में उसकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने खाड़ी देशों के खिलाफ ईरान की आक्रामकता की निंदा करने के लिए रुटो को धन्यवाद दिया और “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के उद्देश्यों पर भी चर्चा की।
रुबियो ने हैती में शांति बनाए रखने में केन्या के योगदान की भी सराहना की और ‘गैंग सप्रेशन फ़ोर्स’ के लिए उसके सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। दोनों नेताओं के बीच आर्थिक संबंधों पर भी बात हुई।
इन सभी बातचीतों से यह साफ है कि अमेरिका ईरान और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपने प्रमुख साझेदार देशों के साथ तालमेल मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारत, कनाडा और केन्या क्रमशः एशिया, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका में अमेरिका के अहम सहयोगी देश हैं, जो कूटनीति, सुरक्षा सहयोग और शांति स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राजनीति
ईरान से समझौता मध्य पूर्व में ला सकता है स्थिरता, असफलता पर जारी रहेगा हमला: ट्रंप

TRUMP
वॉशिंगटन, 23 मार्च : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ चल रही बातचीत मध्य पूर्व में दीर्घकालिक स्थिरता ला सकती है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और लाखों प्रवासियों का घर भी है।
फ्लोरिडा में ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बहुत मजबूत बातचीत हुई है और वे एक संभावित समझौते के करीब हैं। उन्होंने कहा कि चर्चा में लगभग सभी सहमति बिंदुओं को शामिल किया गया है। यह जल्द ही एक समझौते की दिशा में बढ़ सकती है।
ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्ष पांच दिन की अवधि के भीतर प्रगति का आकलन कर रहे हैं।
साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत विफल रही तो सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है। अगर सब ठीक रहा तो हम इसे सुलझा लेंगे, नहीं तो हम बमबारी जारी रखेंगे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में दोहराया कि हम कभी भी उनके पास परमाणु हथियार नहीं होने देंगे। उन्होंने नो एनरिचमेंट (यूरेनियम संवर्धन नहीं) और क्षेत्रीय शांति पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हम मध्य पूर्व में शांति देखना चाहते हैं, और यह समझौता इजरायल और सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे देशों के लिए फायदेमंद होगा।
उन्होंने संकेत दिया कि बातचीत का यह दौर ईरान ने ही शुरू किया। उन्होंने फोन किया, मैंने नहीं किया। वे समझौता करना चाहते हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा कि किसी समझौते के तहत अमेरिका ईरान के समृद्ध यूरेनियम पर नियंत्रण ले सकता है। अगर हमारे साथ समझौता होता है तो हम जाएंगे और उसे अपने नियंत्रण में लेंगे।
उन्होंने ईरान की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि संघर्ष के पहले चरणों में कई नेतृत्व समूह खत्म हो चुके हैं। हमने कई नेतृत्व समूहों को खत्म कर दिया है, जो लोग बचे हैं वे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।
ट्रंप ने परिणाम को लेकर अनिश्चितता भी जताई और कहा कि मैं कुछ भी गारंटी नहीं दे रहा। मैं सिर्फ यह कह रहा हूं कि हम एक समझौते की वास्तविक संभावना के दौर में हैं।
उन्होंने तेल बाजारों पर बोलते हुए कहा कि समझौते का वैश्विक असर तुरंत दिख सकता है। जैसे ही समझौता होगा, तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी।
ट्रंप ने घरेलू मुद्दों पर भी बात की, जिसमें अमेरिकी हवाई अड्डों पर इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) एजेंटों की तैनाती शामिल है। उन्होंने संघीय शटडाउन और आव्रजन नीतियों के लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यह सब डेमोक्रेट्स की वजह से हुआ है।
ट्रंप ने आईसीई की सराहना करते हुए उनको उच्च स्तर के लोग बताया और कहा कि वे अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर पहले किए गए हमलों का बचाव किया और कहा कि इससे उसके परमाणु कार्यक्रम को काफी पीछे धकेल दिया गया है। अगर हमने हमला नहीं किया होता तो उनके पास दो हफ्तों से एक महीने के भीतर परमाणु हथियार होता।
अपराध
नोएडा के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस अलर्ट मोड पर

नोएडा, 24 मार्च : नोएडा से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां शहर के कई स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इस धमकी के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। खास तौर पर सेक्टर-62 स्थित फादर एंजल स्कूल को मिले धमकी भरे मेल के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति द्वारा स्कूल प्रबंधन को ईमेल भेजकर परिसर में बम होने की सूचना दी गई। मेल मिलते ही स्कूल प्रशासन ने बिना देर किए एहतियातन कदम उठाए और अभिभावकों को तुरंत सूचना देकर बच्चों को स्कूल से वापस ले जाने के लिए कहा। इस दौरान स्कूल में मौजूद छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिससे किसी भी संभावित खतरे से बचाव किया जा सके।
घटना की जानकारी मिलते ही थाना सेक्टर-58 पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे स्कूल परिसर को अपने कब्जे में लेकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की मदद से स्कूल के हर कोने की गहन जांच की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर तलाशी अभियान को पूरी सावधानी के साथ जारी रखा गया।
पुलिस ने बताया कि इस तरह की धमकियों को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को जल्द ही चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद नोएडा के अन्य स्कूलों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन को सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस तरह की धमकियों ने अभिभावकों और छात्रों में चिंता का माहौल जरूर पैदा कर दिया है। पुलिस और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शहर में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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