महाराष्ट्र
शिवसेना ने शिंदे को सीएम बनाने के लिए आमंत्रित करने के राज्यपाल के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को शिवसेना के उद्धव ठाकरे धड़े के महासचिव की उस नई याचिका पर 11 जुलाई को सुनवाई के लिए तैयार हो गया, जिसमें एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने के लिए आमंत्रित करने के राज्यपाल के कदम को चुनौती दी गई है। शिवसेना नेता सुभाष देसाई का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी की पीठ के समक्ष कहा कि वे 11 जुलाई को सुनवाई के लिए निर्धारित अन्य लंबित याचिकाओं के साथ नई याचिका को सूचीबद्ध करने की मांग करते हैं।
कामत ने कहा, “हम एकनाथ शिंदे की मुख्यमंत्री के तौर पर नियुक्ति को चुनौती दे रहे हैं।”
शीर्ष अदालत ने कहा कि इसे 11 जुलाई को उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा।
याचिका में कहा गया है, “यह प्रस्तुत किया जाता है कि प्रतिवादी संख्या 4 को मुख्यमंत्री बनाने के लिए राज्यपाल की 30 जून, 2022 की कार्रवाई पूरी तरह से मनमानी और असंवैधानिक है। शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे हैं। पिछला संगठनात्मक चुनाव 2018 में हुआ था और इसकी सूचना भारत के चुनाव आयोग को दी गई थी। शिवसेना के संगठनात्मक ढांचे में कोई बदलाव नहीं आया है और उद्धव ठाकरे का नेतृत्व निर्विवाद और चुनौती रहित है।”
शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना विधायकों के विद्रोह के परिणामस्वरूप हाल ही में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई।
याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल बागी विधायकों को एक राजनीतिक दल के रूप में मान्यता नहीं दे सकते, क्योंकि यह बहुदलीय लोकतंत्र के कामकाज पर मौत की घंटी बजाएगा।
याचिका में कहा गया है कि दसवीं अनुसूची के पैरा 4 के तहत परिकल्पित कोई विलय नहीं है और शिवसेना के अध्यक्ष (उद्धव ठाकरे) ने सार्वजनिक रूप से और स्पष्ट रूप से भाजपा का समर्थन नहीं किया था।
इसमें कहा गया है, “इन बागी विधायकों का किसी अन्य राजनीतिक दल में विलय नहीं हुआ है या एक नया राजनीतिक दल नहीं बनाया है, इसलिए भले ही यह मान लिया जाए कि उन्होंने विधायक दल की 2/3 ताकत हासिल कर है, दसवीं अनुसूची का पैरा 4 बिल्कुल भी इसे सही नहीं ठहराता है।”
दलील दी गई है कि इन परिस्थितियों में शिवसेना के 39 बागी विधायकों (जिन्हें शिवसेना द्वारा समर्थन नहीं है) के प्रमुख के रूप में शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने के उद्देश्य से राज्यपाल का कदम अपने आप में पूर्व ²ष्टया असंवैधानिक है।
याचिका में कहा गया है, “संविधान दसवीं अनुसूची के तहत एक राजनीतिक दल के बागी विधायकों की मान्यता को प्रतिबंधित करता है और राज्यपाल की कार्रवाई संविधान द्वारा स्पष्ट रूप से निषिद्ध है।”
दलील दी गई है कि इन परिस्थितियों में, राज्यपाल ने अपने राजनीतिक आकाओं द्वारा निर्देशित होकर दुर्भावना से काम किया और संविधान के प्रावधानों के तहत प्रतिवादी संख्या 4 को मुख्यमंत्री बनने के लिए आमंत्रित करके 39 विद्रोही विधायकों को वास्तविक मान्यता प्रदान की।
याचिका में शीर्ष अदालत से शिंदे को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने और सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के राज्यपाल के फैसले को रद्द करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
याचिका में मांग की गई है, “तीन जुलाई 2022 को आयोजित महाराष्ट्र विधानसभा की ‘अवैध’ कार्यवाही को रद्द करने के लिए एक उपयुक्त रिट/आदेश/निर्देश पारित करें और परिणामस्वरूप अध्यक्ष का चुनाव जैसी अवैध कार्यवाही और चार जुलाई 2022 को आयोजित महाराष्ट्र विधान सभा की कार्यवाही को रद्द करने के लिए एक उपयुक्त रिट/आदेश/निर्देश पारित करें।”
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के दौंड में दो भाइयों गुंडागर्दी, 29 साल के व्यक्ति से मारपीट कर लूटा

महाराष्ट्र के पुणे के दौंड इलाके में एक 29 साल के व्यक्ति से मारपीट और लूटपाट की घटना सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में दो भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित का नाम दिनेश भरत धनवे है। वहीं, आरोपियों की पहचान आदर्श अनिल जाधव और अमन अनिल जाधव के तौर पर हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता रेलवे ग्राउंड के पास खड़ा होकर फोन पर बात कर रहा था। उसी समय आरोपी उसके पास आए और पैसे की मांग करते हुए पूछा, “तुम हमारे इलाके में क्यों आए हो?”
जब शिकायतकर्ता ने वहां से हटने से इनकार किया, तो आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया और उसे थप्पड़ मारा, जिससे वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद, आरोपी आदर्श जाधव ने धनवे पर हमला किया और लोहे की रॉड से उसकी पीठ, जांघ और सिर पर चोट पहुंचाई।
मारपीट के दौरान पीड़ित की पैंट की जेब से जबरन 3,500 रुपये निकाल लिए गए। इसके अलावा, जब शिकायतकर्ता ने अपने रिश्तेदारों को फोन किया, तो आरोपी ने अपने भाई अमन अनिल जाधव को मौके पर बुला लिया। दोनों ने मिलकर धनवे को अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित की शिकायत पर दौंड पुलिस स्टेशन में आदर्श और अनिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की आगे की जांच चल रही है।
इससे पहले, मई में दौंड से मेडिकल फ्रॉड का एक मामला सामने आया था, जिसमें गैर-कानूनी तरीके से इलाज कर रहे एक फर्जी डॉक्टर को पकड़ा गया था।
पुलिस ने बताया कि उसके पास से दवाइयां, इंजेक्शन और 6.54 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी ओमप्रकाश बंसीलाल स्वर्णकार ने यवत के कसुरदी गांव के अखदेवस्ती इलाके में एक अवैध क्लिनिक शुरू किया था। उसके पास कोई वैध मेडिकल डिग्री, महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन या दवाएं बेचने का लाइसेंस नहीं था।
पुलिस द्वारा क्लिनिक पर छापा मारने के बाद इस अवैध काम का पता चला था। छापे के दौरान, वहां से अलग-अलग कंपनियों की एलोपैथिक दवाएं, इंजेक्शन, सिरिंज, बिना लेबल वाली संदिग्ध तरल पदार्थों से भरी बोतलें और नकदी बरामद की गई थी।
महाराष्ट्र
मुंबई में गणेश विसर्जन के दौरान दो गुटों में हुआ विवाद, 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

मुंबई के मालवणी (मलाड) इलाके में गणपति विसर्जन के दौरान विवाद, मारपीट, गाली-गलौज और जुलूस में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मालवाणी पुलिस ने शिकायतकर्ता के आधार पर आदिल (24), सुनील शेख (25), गौस (22), अजगर (23), जाकिर (26), जुबेर (25) और हुसेन (24) के खिलाफ का मामला दर्ज कर इनकी तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर की शाम करीब 7:15 बजे निरंकार नगर, एनटीसी स्कूल रोड, गेट नंबर 7, मालवणी, मालाड पश्चिम में गणपति विसर्जन के दौरान गणपति मंडप के प्रवेश द्वार के पास कोल्ड पायरो उपकरण लगाया गया था। इससे निकलने वाले कृत्रिम आग जैसे प्रभाव को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और कहा कि इससे सामने स्थित दुकान में आग लग सकती है। इसी बात को लेकर आदिल, सुनील शेख, गौस, अजगर और जाकिर ने गणपति मंडल के कार्यकर्ताओं से विवाद करने लगे।
पुलिस के मुताबिक, जुबेर और हुसैन ने रोहित ठाकुर और सुशील महतो के साथ हाथापाई की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अयान शेख नामक व्यक्ति हाथ में एक मटका लेकर आया और महिला कार्यकर्ताओं के सामने गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने के लिए दौड़ा।
अनंत चतुर्दशी के दिन शुक्रवार सुबह, लालबाग, परेल, गिरगांव और अन्य क्षेत्रों के पूजनीय गणपति प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा शुरू हुई। ढोल-ताशा, नासिक बाजा और बैंजो की थापों पर लाउडस्पीकर के साथ-साथ गुलाल उड़ाते हुए और भीलतू वाद्ययंत्रों (बीम) का प्रयोग करते हुए जुलूस रवाना हुआ। ‘लालबागचा राजा,’ ‘मुंबईचा राजा,’ ‘परेलचा राजा,’ ‘गिरगांवचा राजा,’ ‘गिरगांवचा महाराजा,’ ‘भगवान गणपति’ और गणेशोत्सव मंडलों की गणेश प्रतिमाएं सुबह की ध्वनि के साथ विसर्जन स्थलों की ओर रवाना हुईं। ‘लालबागचा राजा’ के दर्शन के लिए लालबाग बाजार के बाहर भक्तों की भारी भीड़ जमा थी। पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। भगदड़ से बचने के लिए ‘सड़क अवरोध’ लगाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के 265 तालुकों को सीएम फडणवीस ने किया सूखा घोषित, और सूखे से निपटने के कई उपायों की घोषणा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखे से प्रभावित किसानों और नागरिकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य के 358 तालुकों (तहसील) में से 265 में सूखा घोषित किया गया है। जिन 265 तालुकों में ‘ट्रिगर-1’ के मानक पूरे हुए हैं, उन्हें सूखा-प्रभावित घोषित किया गया है। इससे पता चलता है कि राज्य के लगभग 75 प्रतिशत तालुकों में अब सूखे जैसे हालात हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सूखे से निपटने के कई उपायों की घोषणा की है। इसके तहत लैंड रेवेन्यू में छूट, फसल लोन का रीस्ट्रक्चर, खेती से जुड़े लोन की रिकवरी पर रोक, खेती के पंपों के मौजूदा बिजली बिल में छूट (7.5 हॉर्सपावर कैपेसिटी वाले इलेक्ट्रिक पंपों का बिजली बिल पहले ही माफ है, अब उससे ज़्यादा कैपेसिटी वाले इलेक्ट्रिक पंपों को भी छूट), स्कूल-कॉलेज के छात्रों की परीक्षा शुल्क में छूट, एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम के तहत नियमों में ढील देकर अधिक से अधिक काम शुरू किए जाएंगे।
इसके अलावा, जहां जरूरी होगा वहां पीने के टैंकर पहुंचाए जाएंगे। किसानों के खेती के पंपों का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, खेती पर निर्भर किसानों-खेती मजदूरों को अनाज मिलेगा, जानवरों के लिए चारे का इंतजाम, बड़े पैमाने पर पानी बचाने का काम किया जाएगा। पिछले आदेश के मुताबिक, पेयजल और जानवरों के लिए पानी की प्लानिंग जारी रहेगी। सभी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को पंचनामा प्रक्रिया तुरंत पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही फसलों की हालत दिखाने वाली तस्वीरें और जीपीएस से डेटा इकट्ठा करने के आदेश जारी किए गए हैं।
इसके पहले 24 सितंबर वाशिम दौरे पर पहुंचे देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार जल्द ही प्रभावित इलाकों में गंभीर सूखा घोषित करने के लिए एक सरकारी आदेश (जीआर) जारी करेगी। साथ ही, खेती-किसानी के बढ़ते संकट से जूझ रहे राज्य में उन सभी पात्र किसानों को फसल कर्ज माफी का लाभ दिया जाएगा, जो पिछली योजनाओं में छूट गए थे।
सीएम ने गांव में किसानों को संबोधित करते हुए लोगों को भरोसा दिलाया था कि सरकारी तंत्र ग्रामीण राहत कार्यों को प्राथमिकता देगा। मुख्यमंत्री ने कहा था कि आर्थिक मदद के अलावा, राज्य प्रशासन पीने के पानी की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने, मवेशियों के लिए चारा बांटने और फसल के नुकसान का आकलन (पंचनामा) तेजी से करने के लिए आपातकालीन उपाय कर रहा है।
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