Connect with us
Wednesday,01-April-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

सेंसेक्स 200 अंक टूटा, 10780 पर निफ्टी

Published

on

Stock-Market

 घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। विदेशी बाजार से मिले कमजोर संकेतों से भारतीय शेयर बाजार में कारोबारी रुझान मंद था जिससे सेंसेक्स आरंभिक कारोबार के दौरान 200 अंकों से ज्यादा टूटा और निफ्टी 10800 से नीचे लुढ़ककर 10780 पर बना हुआ था।

सुबह 9.26 बजे सेंसेक्स पिछले सत्र से 86.26 अंकों यानी 0.23 फीसदी की कमजोरी के साथ 36,651.43 पर कारोबार कर रहा था जबकि निफ्टी 33.55 अंकों यानी 0.31 फीसदी फिसलकर 10,779.90 पर बना हुआ था।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज ; बीएसई के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 182.56 अंकों की गिरावट के साथ 36,555.13 पर खुला और 36,526.22 तक फिसला।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ; एनएसई के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी पिछले सत्र के मुकाबले 55.65 अंक फिसलकर 10,764.10 पर खुला और 10757.80 तक टूटा। एशिया के अन्य बाजारों से भी कमजोर संकेत मिलने से घरेलू शेयर बाजार में आरंभिक करोबार के दौरान कारोबारी रुझान मंद रहा।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

व्यापार

महावीर जयंती के अवसर पर मंगलवार को बंद है शेयर बाजार, कमोडिटी मार्केट में शाम में होगा कारोबार

Published

on

मुंबई, 31 मार्च : मंगलवार को महावीर जयंती के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार बंद है। ऐसे में बीएसई और एनएसई पर किसी भी तरह की खरीद-बिक्री या सेटलमेंट की प्रक्रिया नहीं होगी। निवेशकों को अब अगले कारोबारी दिन यानी बुधवार, 1 अप्रैल 2026 तक इंतजार करना होगा, जब बाजार सामान्य रूप से फिर खुलेंगे।

हालांकि 1 अप्रैल को बाजार खुल जाएगा और ट्रेडिंग सामान्य तरीके से होगी, लेकिन इस दिन ‘सेटलमेंट हॉलिडे’ रहेगा। इसका मतलब यह है कि निवेशक शेयर खरीद या बेच तो सकेंगे, लेकिन पे-इन और पे-आउट, यानी पैसों और शेयरों का वास्तविक निपटान, उसी दिन नहीं होगा, बल्कि बाद में पूरा किया जाएगा।

महावीर जयंती के कारण कमोडिटी बाजार में भी बदलाव देखने को मिलेगा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में सुबह का सेशन पूरी तरह बंद रहेगा, यानी दिन में कोई ट्रेडिंग नहीं होगी। हालांकि शाम 5 बजे से रात 11:30 बजे तक ट्रेडिंग फिर शुरू हो जाएगी। वहीं नेशनल कमोडिटी और डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (एनसीडीईएक्स) पूरे दिन के लिए बंद रहेगा।

इसी बीच, निफ्टी का शुरुआती संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी सुबह 9:10 बजे के आसपास करीब 1 प्रतिशत यानी 250 अंक की बढ़त के साथ 22,690 पर ट्रेड करता दिखा, जो बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

वैश्विक बाजारों की बात करें तो अमेरिकी बाजारों में गिरावट देखने को मिली। एसएंडपी 500 0.39 प्रतिशत गिरा, जबकि नैस्डैक 0.73 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। निक्केई 100 अंक यानी 0.23 प्रतिशत गिरा, हैंग सेंग 50 अंक से ज्यादा यानी 0.24 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि कोस्पी करीब 2 प्रतिशत गिर गया।

कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट देखी गई। ब्रेंट क्रूड लगभग 2.37 प्रतिशत गिरकर 104.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 2 प्रतिशत गिरकर 100.83 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा।

इसके साथ ही आपको बताते चलें कि इस सप्ताह निवेशकों के लिए ट्रेडिंग के मौके सीमित रहेंगे। 31 मार्च की छुट्टी के बाद 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को गुड फ्राइडे के कारण फिर से बाजार बंद रहेगा। ऐसे में पूरे हफ्ते में 5 ट्रेडिंग दिनों में से बाजार सिर्फ 3 दिन ही खुलेगा। खास बात यह है कि गुड फ्राइडे के दिन भारत के साथ-साथ अमेरिका जैसे बड़े वैश्विक बाजार भी बंद रहेंगे।

गुड फ्राइडे के बाद अगली बड़ी छुट्टी 14 अप्रैल 2026 को डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर जयंती के मौके पर होगी, जब शेयर बाजार बंद रहेगा। इसके अलावा साल 2026 में महाराष्ट्र दिवस, बकरी ईद, मुहर्रम, गणेश चतुर्थी, गांधी जयंती, दशहरा, दिवाली, गुरुपर्व और क्रिसमस जैसे अवसरों पर भी बाजार में ट्रेडिंग नहीं होगी।

लगातार छुट्टियों के कारण इस हफ्ते बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को ट्रेडिंग और निवेश की योजना बनाते समय इन छुट्टियों और सेटलमेंट नियमों को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।

Continue Reading

व्यापार

लगातार पांचवें हफ्ते गिरा शेयर मार्केट, वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से दबाव में बाजार

Published

on

मुंबई, 28 मार्च : लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के चलते लगातार पांचवें हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली।

आखिरी कारोबारी दिन यह 2.09 प्रतिशत गिरकर 22,819.60 पर बंद हुआ। हालांकि सप्ताह के दौरान निफ्टी50 में 0.52 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि इसके पिछले हफ्ते इसमें गिरावट देखने को मिली थी। पिछले एक महीने में निफ्टी 8.23 प्रतिशत गिर चुका है।

वहीं बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को 1,690.23 अंक यानी 2.25 प्रतिशत गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इसमें 1.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जबकि पिछले एक महीने में इसमें 8.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

पूरे हफ्ते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा और इंडेक्स पर दबाव दिखा, हालांकि बीच-बीच में रिकवरी की कोशिश भी हुई।

निफ्टी बैंक ने बाजार से कमजोर प्रदर्शन किया और शुक्रवार को 2.67 प्रतिशत गिरकर 52,274 के करीब बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इसमें करीब 2.16 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई।

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का रहा, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी और बाजार घटनाओं पर निर्भर बना रहा।

वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 98 से 115 डॉलर प्रति बैरल के बीच बनी रहीं, जिससे महंगाई और आर्थिक स्थिरता पर दबाव बना हुआ है।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी मेटल और पीएसयू बैंक सबसे ज्यादा गिरने वाले सेक्टर रहे। वहीं निफ्टी आईटी और फार्मा ही ऐसे सेक्टर रहे, जिनमें क्रमशः 1.17 प्रतिशत और 0.11 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी गिरावट में रहे। निफ्टी मिडकैप100 में 1.38 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप100 में 0.63 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

इस दौरान भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ और डॉलर के मुकाबले 94 के पार चला गया, जिसका कारण महंगा कच्चा तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक जोखिम कम नहीं होता, तब तक बाजार सीमित दायरे में ही रहेगा और उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हालांकि घरेलू निवेश और तनाव में कमी आने पर बाजार को सपोर्ट मिल सकता है।

फिलहाल निफ्टी 22,850-22,750 के स्तर पर स्थिर होने की कोशिश कर रहा है। ऊपर की तरफ 23,000-23,100 का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

बैंक निफ्टी के लिए 52,000-51,800 का स्तर अहम सपोर्ट है, जबकि ऊपर की तरफ 53,000-53,600 का स्तर रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बाजार में जोरदार बिकवाली जारी रखी और हफ्ते में करीब 25,000-30,000 करोड़ रुपए की निकासी की। मार्च में अब तक यह आंकड़ा 1.13 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है, जो वित्त वर्ष 2026 में सबसे बड़ी मासिक बिकवाली है।

हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने मजबूती से खरीदारी की और हफ्ते में 25,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया, जिससे बाजार को कुछ सपोर्ट मिला।

Continue Reading

राजनीति

भारत के पास 60 दिनों का कच्चे तेल का भंडार, एलपीजी की एक महीने की पूरी व्यवस्था: सरकार

Published

on

नई दिल्ली, 26 मार्च : सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट कहा कि भारत में पेट्रोलियम और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ‘जानबूझकर अफवाह और गलत जानकारी फैलाने वाले अभियान’ से गुमराह न हों, जिनका उद्देश्य बेवजह डर पैदा करना है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि भारत के पास कुल 74 दिनों की भंडारण क्षमता है और फिलहाल करीब 60 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। इसमें कच्चा तेल, पेट्रोल-डीजल जैसे उत्पाद और रणनीतिक भंडारण शामिल हैं, जबकि ‘हम मध्य पूर्व संकट के 27 वें दिन में हैं’। इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा कि देश के सभी खुदरा ईंधन आउटलेट्स के पास पर्याप्त मात्रा में ईंधन मौजूद है।

सरकार ने एक बयान में कहा कि देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। हर नागरिक के लिए लगभग दो महीने तक की सप्लाई सुनिश्चित है, चाहे वैश्विक हालात कैसे भी हों।

इसके अलावा, अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की खरीद भी पहले से तय कर ली गई है। सरकार ने कहा कि भारत आने वाले कई महीनों तक पूरी तरह सुरक्षित है और भंडार कम होने जैसी बातें पूरी तरह गलत हैं।

दुनिया के कई देशों में जहां ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, राशनिंग लागू की जा रही है और पेट्रोल पंप बंद हो रहे हैं, वहीं भारत में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। सरकार ने कहा कि कुछ जगहों पर घबराहट में खरीदारी सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों के कारण हुई है।

सरकार ने यह भी बताया कि तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को मिलने वाला क्रेडिट बढ़ाकर 3 दिन कर दिया है, ताकि किसी भी पंप पर कामकाजी पूंजी की कमी के कारण ईंधन की कमी न हो।

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बावजूद भारत अब 41 से ज्यादा देशों से कच्चा तेल मंगा रहा है और पहले से ज्यादा सप्लाई मिल रही है। देश की सभी रिफाइनरी 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं और अगले 60 दिनों की सप्लाई पहले से तय है।

एलपीजी को लेकर भी सरकार ने कहा कि कोई कमी नहीं है। घरेलू उत्पादन 40 प्रतिशत बढ़ाकर रोजाना 50 टीएमटी कर दिया गया है, जबकि कुल जरूरत लगभग 80 टीएमटी है। यानी अब आयात की जरूरत कम होकर सिर्फ 30 टीएमटी रह गई है।

इसके अलावा, अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से 800 टीएमटी एलपीजी पहले ही भारत के लिए भेजा जा चुका है, जो देश के 22 आयात टर्मिनलों पर पहुंचेगा। सरकार के अनुसार, कम से कम एक महीने की एलपीजी सप्लाई पूरी तरह सुनिश्चित है और आगे भी लगातार व्यवस्था की जा रही है।

तेल कंपनियां रोजाना 50 लाख से ज्यादा सिलेंडर की डिलीवरी कर रही हैं। साथ ही, ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई 50 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है।

सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को भी बढ़ावा दे रही है, क्योंकि यह सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण के लिए बेहतर है। भारत रोजाना 92 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रति माह (एमएमएससीएमडी) गैस खुद पैदा करता है, जबकि कुल जरूरत 191 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रति माह है, जिससे भारत एलपीजी की तुलना में गैस पर आयात के मामले में काफी कम निर्भर है।

देश में पीएनजी नेटवर्क भी तेजी से बढ़ा है। 2014 में जहां 57 क्षेत्र थे, वहीं अब 300 से ज्यादा क्षेत्रों में यह सुविधा पहुंच चुकी है। वहीं घरेलू पीएनजी कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं।

सरकार ने साफ किया है कि पीएनजी को बढ़ावा एलपीजी की कमी के कारण नहीं दिया जा रहा है, बल्कि यह एक बेहतर और सस्ता विकल्प है। एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है।

मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे ईंधन और गैस से जुड़ी जानकारी के लिए सिर्फ सरकारी आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र4 minutes ago

मुंबई के जज से ठगी: कस्टमर केयर नंबर के जरिए साइबर ठगों ने बैंक खाते से उड़ाए 93 हजार रुपए

अंतरराष्ट्रीय11 minutes ago

हम भारतीय तेल बाजार पर अमेरिका के ‘दबाव’ को खारिज करते हैं, भारत की विदेश नीति स्वतंत्र : रूसी राजदूत

अंतरराष्ट्रीय17 minutes ago

इराक में अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, अमेरिका ने ईरान से जुड़े मिलिशिया की संलिप्तता का किया दावा

अंतरराष्ट्रीय1 hour ago

ईरान में क्रूर शासन के खिलाफ हमारे संघर्ष की दहाड़ पूरी दुनिया सुन रही : नेतन्याहू

व्यापार2 hours ago

कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 195 रुपये बढ़ाए गए, नई कीमत 2 हजार से अधिक

अंतरराष्ट्रीय2 hours ago

ईरान के साथ चल रहे संघर्ष से अमेरिकी सेना कुछ हफ्तों में बाहर आ सकती है : ट्रंप

व्यापार2 hours ago

मध्य पूर्व तनाव कम होने के संकेतों के बीच शेयर बाजार में लौटी हरियाली, सेंसेक्स-निफ्टी में 2 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल

अपराध20 hours ago

मुंबई में बिल को लेकर बवाल, ग्राहक ने दांतों से काटकर अलग कर दी दुकानदार की अंगुली

राजनीति21 hours ago

केरल में राहुल गांधी का सीएम विजयन पर हमला, वामपंथी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गए

महाराष्ट्र21 hours ago

मुंबई: एटीएम सेंटर पर सीनियर सिटिजन को निशाना बनाने वाला जालसाज गिरफ्तार, 25 एटीएम कार्ड और कैश बरामद

महाराष्ट्र5 days ago

लॉकडाउन लागू नहीं होगा… तेल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी, अफवाह फैलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज होंगे: देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंब्रा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नदीम खान उर्फ ​​बाबा खान के घर पर फायरिंग, पुलिस टीम पर भी हमला, मुंब्रा में अलर्ट… नदीम ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया

व्यापार4 weeks ago

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 300 अंक गिरा, आईटी शेयरों में बढ़त

अपराध3 weeks ago

मुंबई सेंट्रल के रेलवे अस्पताल में महिला डॉक्टर की संदिग्ध हालात में मौत, जांच में जुटी पुलिस

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई के लोगों को महायोति का बड़ा तोहफा… अब 500 स्क्वायर फीट तक के घरों पर कोई टैक्स नहीं, महानगरपालिका ने यह सीमा बढ़ाकर 700 स्क्वायर फीट कर दी है।

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने फोन पर की बात, मध्य पूर्व संघर्ष को कम करने पर जोर

राष्ट्रीय3 weeks ago

मुंबई में गैस संकट से 20 फीसदी होटल-रेस्टोरेंट बंद, पेट्रोलियम मंत्री से आपूर्ति सुचारू रखने की मांग

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

इजरायल की चेतावनी, ‘विदेशों में रहने वाले यहूदियों पर हमले का खतरा बढ़ा’, सतर्क रहने की सलाह

महाराष्ट्र7 days ago

अबू आसिम आज़मी ने महाराष्ट्र में हेट स्पीच से जुड़े अपराधों की घटनाओं पर चिंता जताई, विधानसभा में सख्त कार्रवाई की मांग की

अंतरराष्ट्रीय4 days ago

व्हाइट हाउस ने ईरान संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत की सराहना की

रुझान