राष्ट्रीय
आत्मनिर्भर भारत एक असंगठित दुनिया में बेशकीमती है : एसबीआई
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एक शोध रिपोर्ट में कहा है कि भारत की आत्मनिर्भरता नीति ‘आत्मनिर्भर भारत’ एक वैश्वीकृत दुनिया में बेशकीमती है, जहां राष्ट्रों के हित अच्छी तरह से रखी गई योजनाओं से साधे जा सकते हैं। एसबीआई की रिपोर्ट में जीवनयापन की बढ़ती लागत, मुद्रास्फीति, नीतिगत दरों को कड़ा करने, अर्थव्यवस्थाओं की मंदी और यूरोप में मंदी का हवाला देते हुए कहा गया है कि आत्मनिर्भर भारत लागत के लायक है।
रिपोर्ट में कहा गया है, दूसरों पर निर्भर होने के बजाय अपनी क्षमताओं का निर्माण करना हमेशा बेहतर होता है, वरना यूरोप की तरह कमजोर बना देता है।
रिपोर्ट में प्यूरिटन जर्मनी के क्लासिक मामले का हवाला देते हुए कहा गया है कि 2006-22 के दौरान एक भी एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) टर्मिनल का निर्माण नहीं किया गया था और इसके बजाय विशुद्ध रूप से रूस से गैस की आपूर्ति पर निर्भर था।
एसबीआई ने कहा, “यूरोप में रूसी पाइपलाइन प्रवाह में 2021 की दूसरी छमाही से गिरावट है और डिलीवरी में हालिया कटौती के बाद यूरोपीय संघ को रूसी निर्यात अब जून 2021 की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत नीचे है और आगे की ओर बढ़ना एक सच्चाई है।”
शोध रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ (ईयू27) में 27 देश लगभग पूरी तरह से गैस आयात पर निर्भर हैं, यूरो क्षेत्र में खपत होने वाली 90 प्रतिशत से अधिक गैस का आयात किया जा रहा है।
पेट्रोलियम उत्पादों के विपरीत, गैस प्राथमिक ऊर्जा स्रोत है, जिसकी औद्योगिक क्षेत्र में सबसे अधिक खपत होती है और घरेलू अंतिम खपत में इसका उच्च अनुपात होता है।
प्राकृतिक गैस की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि खपत चैनल और मध्यवर्ती माल चैनल दोनों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को कम करती है।
गैस आपूर्ति में कमी से उर्वरकों, स्टील, एल्युमीनियम और जस्ता के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।
एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है, गैस की बढ़ती लागत के कारण दो-तिहाई से अधिक उत्पादन क्षमता रुकने के साथ उर्वरक संकट वास्तव में गहरा रहा है, क्योंकि गैस एक प्रमुख फीडस्टॉक और इस क्षेत्र के लिए बिजली का स्रोत है। इस प्रकार यूरोपीय संघ चालू वर्ष में उर्वरकों का शुद्ध आयातक बन सकता है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) द्वारा अनुमान लगाया गया है कि कॉर्पोरेट क्षेत्र पर अनुमानित 10 प्रतिशत गैस राशनिंग झटके के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभाव से यूरो क्षेत्र के सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) में लगभग 0.7 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है।
इसके अलावा उच्च ऊर्जा बिलों के कारण उपभोक्ता मांग में 10 प्रतिशत की कमी अन्य क्षेत्रों में बढ़ने की उम्मीद है, जिसमें मूल्य वर्धित मूल्य 0.1 प्रतिशत से एक प्रतिशत के बीच है। रियल एस्टेट सेवाएं लोक प्रशासन, स्वास्थ्य और शिक्षा सबसे अधिक प्रभावित होगी।
इस स्थिति को देखते हुए आत्मनिर्भर भारत अभियान देश और उसके नागरिकों को स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा परिकल्पित नए भारत का दृष्टिकोण है।
ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा दक्षता आत्मनिर्भर भारत के दायरे में प्रमुख विषय हैं, क्योंकि देश ऊर्जा के हरित और स्वच्छ स्रोतों में बदलाव करने और सीओपी 26 के तहत अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए भी तैयार है।
राष्ट्रीय
एचपीसीएल का सख्त एक्शन: सरकार की सख्ती के बीच एलपीजी से संबंधित अनियमितताओं के चलते 10 डिस्ट्रीब्यूटर को किया सस्पेंड

gas
नई दिल्ली, 3 अप्रैल : हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने शुक्रवार को कहा कि उसने कथित अनियमितताओं के चलते 10 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर को सस्पेंड कर दिया है। कंपनी ने अपने वितरण नेटवर्क में अनियमितताओं के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति को दोहराया है।
कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि जिन 10 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर को गड़बड़ी में शामिल पाया गया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।
कंपनी ने अपने बयान में कहा, “जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत हम जवाबदेही सुनिश्चित कर रहे हैं और जहां जरूरत है, वहां समय पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रहे हैं।”
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सरकार एलपीजी की उपलब्धता और वितरण से जुड़ी अनियमितताओं और अफवाहों पर काबू पाने के लिए सक्रिय हो गई है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा था कि वे अफवाहों और गलत जानकारी को रोकने के लिए सक्रिय रूप से सही जानकारी साझा करें, क्योंकि कुछ इलाकों में इन अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी और जमाखोरी देखने को मिली है।
मंत्रालय ने अपने संदेश में कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों, खासकर एलपीजी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और फेक न्यूज काफी बढ़ गई है, जिससे वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
इसलिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे रोजाना वरिष्ठ स्तर पर प्रेस ब्रीफिंग करें और सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए सही जानकारी समय पर लोगों तक पहुंचाएं, ताकि लोगों को भरोसा दिलाया जा सके कि एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई सामान्य है।
सरकार ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि वे जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखें।
एचपीसीएल ने यह भी कहा कि उसकी प्राथमिकता उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना, पारदर्शिता बनाए रखना और भरोसेमंद सेवाएं देना है।
एक अन्य पोस्ट में कंपनी ने कहा कि डीलरों द्वारा की जा रही गड़बड़ियों को उसने गंभीरता से लिया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
कंपनी ने कहा, “हम किसी भी ऐसी गतिविधि के लिए जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाते हैं जो ग्राहक हित, पारदर्शिता या सेवा की गुणवत्ता को प्रभावित करती हो। जवाबदेही तय की जा रही है और जहां जरूरत है, वहां सख्त कार्रवाई की जा रही है।
राजनीति
प्रियंका गांधी ने असम में ‘डबल-इंजन’ सरकार पर कसा तंज, ‘दोहरी गुलामी’ वाला मॉडल बताया

गुवाहाटी, 1 अप्रैल : कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ‘डबल-इंजन’ सरकार पर तंज कसते हुए इसे ‘दोहरी गुलामी’ वाला मॉडल बताया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार शासन के ‘दोहरी गुलामी’ वाले मॉडल का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक ऊंचे-नीचे कंट्रोल चेन में काम कर रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने नजीरा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री अमेरिका के प्रभाव में काम करते हैं, जबकि मुख्यमंत्री सरमा बदले में पीएम मोदी के निर्देशों का पालन करते हैं। यह कोई डबल-इंजन सरकार नहीं है जैसा वे दावा करते हैं, बल्कि यह एक ‘दोहरी गुलामी’ वाली सरकार है।
उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर असम के लोगों की भलाई के बजाय बड़े उद्योगपतियों के हितों को प्राथमिकता देने का भी आरोप लगाया।
प्रियंका गांधी ने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधन, जिसमें जमीन और खनिज संपदा शामिल है, चुनिंदा कॉर्पोरेट संस्थाओं को सौंपे जा रहे हैं, जिससे स्थानीय समुदायों के अधिकार और आजीविका हाशिए पर जा रही है।
मशहूर असमिया गायक स्वर्गीय जुबीन गर्ग से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री सरमा के उन आरोपों का जवाब दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है। जुबीन गर्ग की पिछले साल सितंबर में सिंगापुर में समुद्र की सैर के दौरान मृत्यु हो गई थी।
असम के प्रतिष्ठित गायक जुबीन गर्ग का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री शर्मा के उन आरोपों का जवाब दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है।
उन्होंने कहा कि हम लाखों लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते। उनके साथ खड़ा होना हमारा कर्तव्य है। निर्धारित समय सीमा के भीतर न्याय दिलाने का वादा करना राजनीतिक अवसरवादिता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह कहना कि हम 100 दिनों के भीतर न्याय दिलाएंगे, राजनीतिकरण नहीं है बल्कि एक वादा है।
उन्होंने मतदाताओं से भाजपा के शासन के रिकॉर्ड पर सवाल उठाने का भी आह्वान किया और उनसे ऐसी सरकार का समर्थन करने का आग्रह किया जो लोगों पर केंद्रित नीतियों और जवाबदेही को प्राथमिकता देती हो।
राष्ट्रीय
मुंबई पुलिस ने अंधेरी ईस्ट से लापता महिला को सुरक्षित बरामद किया

police
मुंबई, 18 मार्च : मुंबई की अंधेरी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने एक 52 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया और उसे उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया है। महिला की वापसी से परिवारवालों ने राहत की सांस ली है।
दरअसल, मुंबई पुलिस के कमिश्नर देवेन भारती के निर्देश पर लापता महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अंधेरी पुलिस ने 15 दिन की कड़ी मेहनत के बाद 52 साल की रत्ना धर्मेंद्र यादव को खोज निकाला, जो कि पिछले कई दिनों से लापता थीं।
रत्ना अंधेरी ईस्ट के सैवादी इलाके से गायब हुई थीं। उनकी बेटी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और उसी के आधार पर लापता होने का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद अंधेरी पुलिस ने उनकी खोजबीन के लिए एक स्पेशल अभियान चलाया।
पुलिस की टीम ने हर छोटे-बड़े रास्ते, कॉलोनी और आस-पड़ोस की जगहों पर छानबीन की। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के सहारे पता चला कि रत्ना अस्थायी तौर पर चेंबूर के एक होमलेस शेल्टर में रह रही थीं।
जांच के दौरान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि रत्ना मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और बोल नहीं सकती थीं। ऐसे में उन्हें सुरक्षित ढंग से ढूंढना और वहां से लाना आसान काम नहीं था। पुलिस ने बहुत धैर्य और समझदारी से काम लिया और आखिरकार उन्हें सुरक्षित उनके परिवार के पास पहुंचा दिया।
उनकी बेटी और परिवार ने मुंबई पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने जो मेहनत और लगन दिखाई, उससे उन्हें रत्ना की खोज में बहुत मदद मिली। इसके लिए उनका परिवार मुंबई पुलिस का आभारी है।
पुलिस का कहना है कि उनके द्वारा लापता महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की टीमें जल्द से जल्द लापता लोगों की खोज में लग जाती हैं। इस क्रम में रत्ना को भी सुरक्षित बरामद कर उनके परिवार को सौंप दिया गया।
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