अंतरराष्ट्रीय
सैमसंग गैलेक्सी वॉच4 नए हेल्थ टूल और बैटरी पैक के साथ हुआ लॉन्च

सैमसंग ने गैलेक्सी वॉच4 सीरीज के स्मार्टवॉच लॉन्च किया है, जो गूगल के नए वेयर ओएस सपोर्ट के साथ आता है।
गैलेक्सी वॉच4 का नया ब्लूटूथ-ओनली मॉडल भारत में 40 मिमी डायल आकार के लिए 23,999 रुपये और 44 मिमी मॉडल के लिए 26,999 रुपये में लॉन्च किया गया है।
कई स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ, जैसे कि हृदय गति मॉनिटर, डिवाइस की दिलचस्प यूएसपी में से एक यह है, जो यूजर्स को अपने तनाव के स्तर की निगरानी करने की अनुमति देता है।
गैलेक्सी वॉच 4 के फ्रेम पर दो रेक्टएंगुलर शेप के बटन हैं और यह 40 मिमी और 44 मिमी वर्जन में उपलब्ध है। इसमें डिजिटल रोटेटिंग बेजल भी मौजूद है।
स्मार्टवॉच का न्यूनतम और हल्का डिजाइन इसे दैनिक जीवन में पहनने में आरामदायक बनाता है।
स्मार्टवॉच 40 मिमी मॉडल में 1.2-इंच 396एक्स396 डिस्प्ले शामिल है, जबकि 44 मिमी मॉडल में 1.4-इंच 450एक्स450 पैनल है। कंपनी ने इस घड़ी के लिए एमोलेड पैनल का उपयोग करने का विकल्प चुना है, जो बेहद चमकीले कलर्स के साथ सीधी धूप में भी चमकदार है।
स्मार्टवॉच ऑलवेज-ऑन-डिस्प्ले (एओडी) मोड के साथ आता है, हालांकि, यह बहुत अधिक बैटरी की खपत करती है।
इनबिल्ट माइक्रोफोन और स्पीकर के साथ, आप सीधे घड़ी पर कॉल ले सकते हैं
घड़ी सैमसंग के बायो-एक्टिव सेंसर से भी लैस है।
यह नया 3-इन-1 सेंसर तीन शक्तिशाली स्वास्थ्य सेंसर – ऑप्टिकल हार्ट रेट, इलेक्ट्रिकल हार्ट और बायोइलेक्ट्रिकल इम्पीडेंस एनालिसिस – को ठीक से चलाने के लिए सिंगल चिप का उपयोग करता है – ताकि यूजर्स अपने रक्तचाप और अनियमित दिल की धड़कन का पता लगा सकें।
बैटरी की बात करें तो यूजर्स को 40 घंटे तक की बैटरी लाइफ देता है।
सैमसंग गैलेक्सी वॉच4 सर्वश्रेष्ठ एंड्रॉइड स्मार्टवॉच है। जिसमें न्यूनतम शैली और सटीक फिटनेस इंडिकेटर के साथ, इसमें बहुत कुछ है।
सैमसंग यूजर्स के लिए यह एक आदर्श स्मार्टवॉच हो सकता है।
व्यापार
भारत एक ‘कनेक्टर देश’ के रूप में कार्य करने की मजबूत स्थिति में आगे बढ़ रहा : आरबीआई

नई दिल्ली, 22 मई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कहा कि वैश्विक व्यापार पुनर्गठन और औद्योगिक नीति में बदलाव के बीच भारत एक ‘कनेक्टर देश’ के रूप में कार्य करने की मजबूत स्थिति में आगे बढ़ रहा है। देश टेक्नोलॉजी, डिजिटल सर्विस और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर में एक प्रमुख मध्यस्थ बन सकता है।
केंद्रीय बैंक की ‘स्टेट ऑफ द इकोनॉमी’ रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मौद्रिक, वित्तीय और राजनीतिक स्थिरता, नीतिगत स्थिरता और निश्चितता, अनुकूल कारोबारी माहौल और मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल के साथ-साथ ट्रांसपेरेंट, नियम-आधारित और दूरदर्शी पॉलिसी इकोसिस्टम से घिरी हुई है।
अप्रैल 2025 के आईएमएफ अनुमानों के अनुसार, भारत इस साल सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा और जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन सकता है।
मुद्रास्फीति का दबाव काफी कम हो गया है। अब यह उम्मीद है कि मुद्रास्फीति की दर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप बनी रहेगी, जो कि 2025-26 के लिए निर्धारित किया गया है। उपभोक्ता और व्यवसाय आर्थिक गतिविधि को मजबूत करने के लिए आश्वस्त और सहायक बने हुए हैं।
इसके अलावा, जनवरी 2025 से रिजर्व बैंक के उपायों ने लिक्विडिटी की स्थिति को काफी हद तक आसान बना दिया है। मार्च 2025 के अंत से सिस्टम लिक्विडिटी अधिशेष में बनी हुई है।
वैश्विक पूंजी प्रवाह पर अनिश्चितताओं के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने मार्च 2025 में निफ्टी-500 कंपनियों के स्वामित्व में एफपीआई को पीछे छोड़ दिया है।
यह भारतीय इक्विटी बाजारों में एक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है क्योंकि म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों सहित डीआईआई ने खुदरा और एसआईपी प्रवाह के साथ एफपीआई द्वारा उत्पन्न अस्थिरता को तेजी से संतुलित किया है, जो एक स्थिर दीर्घकालिक निवेश आधार प्रदान करता है।
रिजर्व बैंक ने कहा कि भारत-पाकिस्तान तनाव कम होने, वैश्विक व्यापार परिदृश्य में सुधार और घरेलू मुद्रास्फीति में नरमी के बीच घरेलू वित्तीय बाजारों के सेंटिमेंट में बदलाव देखा गया है।
आरबीआई के अनुसार, इस परिदृश्य में, हाल ही में ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते का पूरा होना द्विपक्षीय व्यापार संबंधों के मजबूत होने की ओर इशारा करता है।
आरबीआई के अनुसार, “मौजूद चुनौतीपूर्ण स्थितियों के बावजूद, भारत आत्मविश्वास के साथ इन वैश्विक चुनौतियों का सामना करने, उभरते अवसरों का लाभ उठाने और वैश्विक विकास के प्रमुख चालक के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत करने के लिए अच्छी स्थिति में है।”
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तानी पीएम ने नूर खान एयरबेस पर भारत के हमले की बात स्वीकारी, भाजपा ने दिखाए सबूत!

नई दिल्ली, 17 मई। भारत की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की गूंज पाकिस्तान के सैन्य हलकों में भी सुनाई दे रही है, जो भारतीय सशस्त्र बलों की अद्वितीय सटीकता और रणनीतिक सैन्य कौशल को दर्शाता है।
इस ऑपरेशन की सफलता ने पाकिस्तान के नेतृत्व को आश्चर्यचकित कर दिया, यहां तक कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी स्वीकार किया कि नूर खान एयर बेस पर हमला हुआ था।
9 और 10 मई की मध्य रात्रि को 2:30 बजे प्रधानमंत्री शरीफ को जनरल असीम मुनीर ने अचानक जगाया और उन्हें पाकिस्तानी क्षेत्र में भारतीय सेना की ओर से किए गए एयर स्ट्राइक के बारे में बताया।
भाजपा के राष्ट्रीय आईटी विभाग के प्रमुख और पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि पाक पीएम शरीफ ने स्वयं नूर खान एयर बेस और अन्य स्थानों पर बमबारी की बात स्वीकार की है।
उन्होंने इस घटना को ऑपरेशन सिंदूर की साहस और दक्षता का प्रमाण बताया।
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद माना है कि जनरल असीम मुनीर ने उन्हें रात 2:30 बजे फोन करके बताया कि भारत ने नूर खान एयर बेस और कई अन्य स्थानों पर बमबारी की है। यह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के स्केल, सटीक लक्ष्य और साहस के बारे में बहुत कुछ बताता है।”
पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किए गए इस ऑपरेशन में भारत ने रावलपिंडी में नूर खान एयर बेस सहित प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर निर्णायक हवाई हमले किए।
इस हमले के महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता, क्योंकि यह बेस – जिसे पहले पीएएफ चकलाला के नाम से जाना जाता था – पाकिस्तान के एयर मोबिलिटी कमांड के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करता है, जिसमें साब एरीये (हवाई प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली), सी-130 परिवहन विमान और आईएल-78 हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर मौजूद हैं।
यह पाकिस्तान के लिए एक गंभीर रणनीतिक झटका है, जिससे पाकिस्तान की तीव्र सैन्य कार्रवाई करने की क्षमता काफी सीमित हो जाएगी।
रिपोर्ट्स से पता चलता है कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिनमें रनवे, रडार स्थल, विमान हैंगर और कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया।
सेटेलाइट से मिली तस्वीरों से पता चला है कि पाकिस्तान को भारी क्षति हुई है। भारत ने मात्र 25 मिनट में 24 मिसाइलें दागीं और सफलतापूर्वक ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया।
अंतरराष्ट्रीय
‘सिंधु जल संधि’ खत्म करने से तिलमिलाया पाकिस्तान, भारत को पत्र लिखकर की फैसले पर पुनर्विचार की अपील

इस्लामाबाद, 15 मई। पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘सिंधु जल संधि’ को खत्म करने से पाकिस्तान बुरी तरह बौखला गया है। पाकिस्तान ने भारत से ‘सिंधु जल संधि’ को लेकर उठाए गए अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
पाकिस्तान ने भावी संकट को देखते हुए भारत से मदद की गुहार लगाई है। पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय ने भारत के जल शक्ति मंत्रालय को इस संबंध में एक पत्र भी लिखा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से पाकिस्तान में संकट खड़ा हो जाएगा।
पाकिस्तान के समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, जल संसाधन सचिव सैयद अली मुर्तजा ने बुधवार को भारत के जल संसाधन सचिव को पत्र लिखकर कहा कि सिंधु जल संधि में कहीं भी इसे निलंबित करने की बात का समर्थन नहीं है।
जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि भारत द्वारा निलंबन को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल की गई भाषा संधि में कहीं नहीं मिलती।
पाकिस्तान ने कहा कि सिंधु जल संधि अपने मूल रूप में वैध है और इसमें एकतरफा बदलाव या निलंबन का कोई नियम नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, नियम के मुताबिक पाकिस्तान द्वारा लिखा गया यह पत्र विदेश मंत्रालय भेज दिया गया है। उन्होंने भारत से फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है।
इससे पहले, पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा था कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते हैं। बताया जा रहा है कि भारत अब तीनों नदियों के पानी का अपने लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है। इस पर तुरंत काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने आदमपुर एयरबेस पहुंचकर भारतीय जवानों की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था, “आपके पराक्रम की वजह से आज ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गूंज हर कोने में सुनाई दे रही है। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान हर भारतीय आपके साथ खड़ा रहा। हर भारतीय की प्रार्थना आप सभी के साथ रही। आज हर देशवासी अपने सैनिकों, उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञ है, उनका ऋणी है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ कोई सामान्य सैन्य अभियान नहीं है। ये भारत की नीति, नीयत और निर्णायक क्षमता की त्रिवेणी है।”
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