राजनीति
मानहानि मामले में राहुल गांधी ने सूरत कोर्ट में दर्ज कराया बयान
New Delhi: Congress leader Rahul Gandhi addresses a special party briefing via video conferencing in New Delhi during the fourth phase of the nationwide lockdown imposed to mitigate the spread of coronavirus, on May 26, 2020. (Photo: IANS)
सूरत पश्चिम से भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा दायर मोदी सरनेम मानहानि मामले में कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी का बयान गुरुवार को सूरत मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया। सबमिशन के बाद राहुल गांधी जल्द ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए। राहुल गांधी अपने खिलाफ दायर मानहानि मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए गुरुवार सुबह सूरत की अदालत पहुंचे हुए थे।
गांधी मोदी उपनाम को लेकर अपनी की गई टिप्पणी पर अपना बचाव कर रहे हैं, जिसके खिलाफ बीजेपी के सूरत पश्चिम विधायक पूर्णेश मोदी ने अप्रैल 2019 में आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत शिकायत दर्ज की थी।
राहुल गांधी का बचाव एडवोकेट किरीट पानवाला ने किया है।
2019 में मोदी ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने यह कहकर पूरे मोदी समुदाय को बदनाम किया है कि “सभी चोरों एक ही सरनेम मोदी कैसे है?” यह बात राहुल गांधी ने 2019 में कर्नाटक में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कही थी।
एक हफ्ते पहले सूरत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ए.एन. दवे ने राहुल गांधी को मामले में अपना अंतिम बयान दर्ज करने के लिए 24 जून को उपस्थित रहने का निर्देश दिया था।
महाराष्ट्र
मुंबई बीएमसी ने प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने वाले बड़े डिफॉल्टर्स को प्रॉपर्टी ज़ब्त करने का नोटिस जारी किया

मुंबई: महानगरपालिका ने तय समय में टैक्स न देने वाले और पैसे होने के बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स न देने वाले बड़े बकायेदारों को सेक्शन 203 के तहत कुर्की का नोटिस जारी किया है। तय समय में टैक्स न देने पर मुंबई महानगरपालिका कानून के नियमों के मुताबिक, पहले सेक्शन 204, 205, 206 के तहत उस प्रॉपर्टी को ज़ब्त करके नीलाम किया जाएगा। इसके बाद भी अगर उससे टैक्स नहीं वसूला जाता है, तो सेक्शन 206 के तहत प्रॉपर्टी को नीलाम किया जाएगा, ऐसा नोटिस में साफ किया गया है।
प्रॉपर्टी टैक्स महानगरपालिका की कमाई का मुख्य ज़रिया है। प्रॉपर्टी टैक्स का पेमेंट मिलने के 90 दिनों के अंदर महानगरपालिका में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करना होता है। इस समय में टैक्स न देने पर महानगरपालिका धीरे-धीरे कार्रवाई करती है। महानगरपालिका के टैक्स असेसमेंट और कलेक्शन डिपार्टमेंट के अधिकारी सीधे उनसे संपर्क करके प्रॉपर्टी टैक्स के पेमेंट के लिए फॉलोअप करते हैं। इसके बाद भी प्रॉपर्टी टैक्स न देने पर ‘डिमांड लेटर’ भेजा जाता है। अगले चरण में संपत्ति धारक को 21 दिनों का अंतिम नोटिस दिया जाता है। इसके बाद, बकायादारों की संपत्ति जब्त करना, नीलामी आदि जैसी कार्रवाई की जाती है। मुंबई शहर और उपनगरों में संपत्ति कर की वसूली के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, कर निर्धारण और संग्रह विभाग द्वारा मनपा आयुक्त भूषण गगरानी, अतिरिक्त मनपा आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के नेतृत्व में और संयुक्त आयुक्त (कर निर्धारण और संग्रह) श्री विश्वास शंकरवार के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए, विभिन्न माध्यमों से जनता में जागरूकता और अपील की जा रही है। करों का भुगतान करने में असुविधा से बचने के लिए नागरिकों को ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। इस संबंध में जानकारी मनपा की वेबसाइट https://www.mcgm.gov.in पर उपलब्ध है। अतिरिक्त मनपा आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने अपील की है कि करदाता ऑनलाइन कर का भुगतान करने के लिए मनपा की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी का उपयोग करें। इसमें बकाया के साथ-साथ पेनल्टी की रकम भी शामिल है। नीलामी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट के नियमों के अनुसार की जाएगी। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (सिटी) डॉ. जोशी ने नोटिस पाने वाले प्रॉपर्टी मालिकों से अपील की है कि वे कार्रवाई से बचने के लिए तुरंत टैक्स का पेमेंट करें।
*13 फरवरी, 2026 को टैक्स पेमेंट के लिए फॉलो-अप किए गए ‘टॉप 20’ प्रॉपर्टी मालिकों की लिस्ट-
1) महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (H-वेस्ट डिवीज़न) – Rs. 63 करोड़ 21 लाख 40 हजार 591
2) मेसर्स राजहंस एसोसिएट्स (S डिवीज़न) – Rs. 46 करोड़ 05 लाख 27 हजार 065
3) मेसर्स विमल एसोसिएट्स (K ईस्ट डिवीज़न) – Rs. 39 करोड़ 09 लाख 85 हजार 085
4) नेशनल इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन (S डिवीज़न) – Rs. 10 करोड़ 36 लाख 81 हजार 048
5) नेशनल इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन (S डिवीज़न) – Rs. 102,078,589 रुपये
6) यशवंत एन जाधव SSV रियल्टर्स (N सेक्शन) – 994,70,145 रुपये
7) अंबिका सिल्क मिल्स (G साउथ सेक्शन) – 964,90,982 रुपये
8) महाराष्ट्र सरकार के ऑक्युपायर सुशील कुमार संभाजी शिंदे प्रतिष्ठान (H ईस्ट सेक्शन) – 879,29,948 रुपये
9) द विक्टोरिया मिल्स लिमिटेड, प्लाजा पंचशील मिल्स (D सेक्शन) – 876,68,006 रुपये
10) नेशनल इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन (S सेक्शन) – 808,70,328 रुपये
11) मोहम्मद यूसुफ खान (L सेक्शन) – 764,89,036 रुपये
12) ए.एच. वाडिया ट्रस्ट स्काईलिंक डेवलपर्स (H ईस्ट सेक्शन) – 7.56 करोड़ 78 हजार 272 रुपये
13) मेहरनिसा मुहम्मद साहिब खतीब (B डिवीजन) – 10. 7 करोड़ 33 लाख 80 हजार 711
14) द न्यू सन मेल कॉम लिमिटेड शुभम फैब्रिक (जी साउथ डिवीजन) – रु. 7 करोड़ 19 लाख 30 हजार 047
15) जय माता द कंस्ट्रक्शन (एम वेस्ट डिवीजन) – रु. 5 करोड़ 79 लाख 35 हजार 563
16) ट्रांसकॉन ट्रायम्फ फेज़ 2 प्राइवेट लिमिटेड (के वेस्ट डिवीजन) – रु. 5 करोड़ 78 लाख 10 हजार 552
17) ट्रांसकॉन ट्रायम्फ फेज़ 2 प्राइवेट लिमिटेड (के वेस्ट डिवीजन) – रु. 5 करोड़ 56 लाख 55 हजार 897
18) नेशनल इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन (एस डिवीजन) – रु. 5 करोड़ 35 लाख 18 हजार 138
19) एल्को आर्केड कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी डी विंग (एच वेस्ट डिवीजन) – रु. 48.112 करोड़ 046 हजार 42.267 करोड़ 0415 हजार 21)
राजनीति
तेलंगाना निकाय चुनावों में जीत पर राहुल गांधी ने जताई खुशी, बोले- ‘प्रजाला तेलंगाना’ का विजन अटल

नई दिल्ली, 14 फरवरी : तेलंगाना के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस की जीत पर पार्टी सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि हमारा ‘प्रजाला तेलंगाना’ का विजन अटल है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनावों में जीत कांग्रेस सरकार की ‘पीपल-फर्स्ट’ यानी जनता को प्राथमिकता देने वाली नीतियों की पुष्टि है, जो सामाजिक न्याय, सम्मान और सबको साथ लेकर चलने वाले विकास पर आधारित हैं।”
राहुल गांधी ने आगे लिखा, “हर कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता को दिल से धन्यवाद। यह जीत आपकी और तेलंगाना के लोगों की है। हमारा ‘प्रजाला तेलंगाना’ का विजन, जहां विकास हर परिवार तक पहुंचे, अटल है।”
सभी नगर पालिकाओं में कांग्रेस ने अब तक 2,582 वार्ड में से 1,347 जीते, जबकि बीआरएस को 717 मिले। सत्तारूढ़ कांग्रेस ने शहरी निकाय चुनावों में करीब 60 प्रतिशत वोट हासिल किए, जिसमें 116 नगर पालिकाओं में से 64 और सात नगर निगमों में से तीन में जीत हासिल की।
कांग्रेस को मंचेरियल, रामागुंडम और नलगोंडा नगर निगमों में जीत मिली है। 60 सदस्यीय वाली कोठागुडेम निगम में कांग्रेस और सीपीआई ने 22-22 सीटें जीतीं। यहां दोनों दलों के नेताओं के बीच ‘फ्रेंडली-फाइट’ देखी गई। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि पार्टी लगभग तीन-चौथाई नगर पालिकाओं पर जीत हासिल करने की स्थिति में है।
मुख्य विपक्षी पार्टी बीआरएस ने 13 नगर पालिकाओं और तीन निगमों में जीत हासिल की, जबकि 38 नगर पालिकाओं में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 2020 के पिछले नगरपालिका चुनावों में बीआरएस ने 100 से अधिक शहरी स्थानीय निकायों में जीत हासिल की थी।
भाजपा को एक भी निगम में जीत नहीं मिली, लेकिन 66 सदस्यीय वाली बॉडी में 30 सीटों के साथ करीमनगर नगर निगम में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। भाजपा निजामाबाद कॉर्पोरेशन में भी सबसे बड़ी पार्टी बनी।
राजनीति
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक से ‘सेवा तीर्थ’ व ‘कर्तव्य भवनों’ में स्थानांतरण के प्रस्ताव को स्वीकृति दी

नई दिल्ली, 14 फरवरी : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक से ‘सेवा तीर्थ’ व ‘कर्तव्य भवनों’ में स्थानांतरण के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि साउथ ब्लॉक में अंतिम बार केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। ये सिर्फ स्थान परिवर्तन का क्षण नहीं है, यह इतिहास और भविष्य के संगम के भी पल हैं। इस परिसर ने गुलामी से आजादी और फिर स्वतंत्र भारत की अनेक ऐतिहासिक घटनाओं को देखा है, गढ़ा है।
मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से नया प्रधानमंत्री कार्यालय, जिसे अब ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से जाना जाएगा, राष्ट्र को समर्पित किया गया है। साउथ और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण अंग्रेजों ने भारत को गुलामी की बेड़ियों में जकड़े रखने के लिए किया था। 1947 में भारत को गुलामी से तो मुक्ति मिली, लेकिन इन भवनों को तत्कालीन सरकार की ओर से अपने कार्यों के निष्पादन के लिए बनाए रखा गया। स्वतंत्रता के बाद से ही प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक के इस भवन से कार्य करता रहा है।”
उन्होंने कहा कि इस परिसर ने देश के 16 प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व में बनी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले होते देखे हैं। इसकी सीढ़ियों पर जवाहरलाल नेहरू से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के पदचिन्ह हैं। इस भवन की सीढ़ियों पर चढ़ते कदमों ने देश को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा, “बीते दशकों में यहां कैबिनेट की बैठकों में, संविधान के आदर्शों, जनता से मिले जनादेश और राष्ट्र की आकांक्षाओं से प्रेरित होकर अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। यहां भारत की सफलताओं का उत्सव भी मनाया गया, असफलताओं का आंकलन भी हुआ और साथ ही संकटों और चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े और बड़े फैसले भी लिए गए।”
मीडिया को संबोधित करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि साउथ ब्लॉक के इन कमरों ने विभाजन की विभीषिका भी देखी, युद्ध और आपातकाल की चुनौतियों को भी देखा और शांतिकाल की नीतियों पर भी चिंतन और मनन किया। इन्होंने टाइपराइटर से लेकर डिजिटल गवर्नेंस तक, तकनीक की लंबी छलांग को महसूस किया है। यहां बैठकर अधिकारियों की कई पीढ़ियों ने ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने भारत को आजादी के तुरंत बाद की अनिश्चितता से निकालकर स्थिरता की राह पर आगे बढ़ाया। सबके प्रयासों का परिणाम है कि आर्थिक चुनौतियों और संकटों से निकलकर, आज भारत एक आत्मविश्वासी राष्ट्र बनकर खड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा, “बीते एक दशक में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में साउथ ब्लॉक राष्ट्र के अनेक ऐतिहासिक निर्णयों का केंद्र रहा। ये स्थान मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की प्रेरणा स्थली बना। यहां से रिफॉर्म एक्सप्रेस को पूरे देश में प्रोत्साहन मिला है। यहीं से डीबीटी, ‘स्वच्छ भारत अभियान’, गरीब कल्याण से जुड़े अभियान, ‘डिजिटल इंडिया’ और जीएसटी जैसे व्यापक सुधारों को आकार मिला। यहां से ही आर्टिकल-370 की दीवार गिराने और तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने जैसे सामाजिक न्याय के साहसिक और संवेदनशील निर्णय लिए गए। यहीं लिए गए ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, ‘एयर स्ट्राइक’ और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के निर्णयों के माध्यम से भारत ने अपनी दृढ़ और आत्मविश्वासी सुरक्षा नीति का स्पष्ट संदेश विश्व को दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आज का भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत आज एक सुरक्षित और सक्षम राष्ट्र के रूप में उभरकर सामने आया है और वैश्विक मंचों पर अपनी स्पष्ट और प्रभावशाली आवाज रख रहा है। आज देश विकसित भविष्य के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इसके लिए एक आधुनिक, तकनीकी और पर्यावरण के प्रति अनुकूल कार्यालय की आवश्यकता थी। एक ऐसा कार्यक्षेत्र, जो यहां काम करने वाले हर कर्मयोगी की उत्पादकता को बढ़ाए, सेवाभाव के उसके संकल्प को प्रोत्साहित करे।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि साउथ ब्लॉक के उद्घाटन के करीब 95 साल के बाद शुक्रवार को भारत सरकार ने इन भवनों को खाली किया है और ‘सेवा तीर्थ’ व ‘कर्तव्य भवनों’ में स्थानांतरित हुई है। यह प्रतीकात्मक रूप से गुलामी के अतीत से ‘विकसित भारत’ के भविष्य की ओर बढ़ने की ओर देश का एक और कदम है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में देश में ‘सत्ता भाव’ के बजाय ‘सेवा भाव’ की संस्कृति सशक्त हुई है। आज का ये स्थानांतरण, इन संस्कारों को और मजबूती देगा।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “शनिवार को कैबिनेट ने यह संकल्प भी लिया कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ का हिस्सा बनाया जाए, जो हमारी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता से पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। ये संग्रहालय, हमारी कालातीत और शाश्वत सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाएगा और हमारे गौरवशाली अतीत को समृद्ध भविष्य से जोड़ेगा।
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