अंतरराष्ट्रीय
भारत और ऑस्ट्रेलिया महिला टीमों के बीच सीरीज की मेजबानी करेगा क्वींसलैंड
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने सोमवार को बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों के बीच होने वाली सभी प्रारूपों की सीरीज की मेजबानी क्वींसलैंड करेगा। लंबे समय से चल रहे लॉकडाउन तथा न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया सीमाओं के बन्द होने के कारण यह फैसला लिया गया है।
19 सितंबर से सात मैचों की सीरीज शुरु होनी है, जिसमें तीन वनडे, एक टेस्ट मैच और तीन टी20 मैच खेले जाने हैं। कोविड-19 के नियमों को ध्यान में रखते हुए इस पूरी सीरीज को क्वींसलैंड में शिफ्ट कर दिया गया है।
भारतीय टीम के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया टीम के सभी खिलाड़ियों को दो हफ्ते के लिए कड़े नियमों के साथ क्वारंटीन में रखा जायगा। नियमों के तहत खिलाड़ियों को कमरे से बाहर नहीं निकलना है और ना ही 13 सिंतबर से पहले किसी भी खिलाड़ी को अभ्यास करने की अनुमति होगी।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ निक हॉक्ली ने कहा कि हम पूरी परिस्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कोविड के चलते हमें बदलाव करने पड़ रहे हैं।
साथ ही उन्होने भारतीय और ऑस्ट्रेलिया टीम के सभी खिलाड़ियों को क्वारंटीन में रखने के लिए क्वींसलैंड सरकार का आभार जताया।
अंतरराष्ट्रीय
हमले से ईरान को पहुंची ‘चोट’, हमें मिली बड़ी कामयाबी : ट्रंप

TRUMP
वॉशिंगटन, 14 मार्च : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान “बहुत अच्छी तरह” आगे बढ़ रहे हैं। और अमेरिकी बलों ने बड़े पैमाने पर हमले करते हुए “बहुत बड़ी कामयाबियां” हासिल की हैं, क्योंकि मध्य-पूर्व में संघर्ष तेज होता जा रहा है।
वॉशिंगटन के जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में ट्रंप ने कहा कि सैन्य अभियान सफल रहा है और इससे ईरान की क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप ने कहा, “ईरान की स्थिति बहुत अच्छी है। आज बहुत बड़े हमले हुए हैं, बहुत बड़ी जीत मिली है, जैसा कि आपने सैन्य स्तर पर सुना होगा। मुझे लगता है कि सब कुछ बहुत अच्छी तरह नियंत्रण में है।”
राष्ट्रपति ने कहा कि यह अभियान उस परमाणु खतरे को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है, जिसे उनके मुताबिक ईरान से पैदा हो रहा था।
उन्होंने कहा, “हमें मध्य-पूर्व और पूरी दुनिया में मौजूद परमाणु खतरे को खत्म करना था और हम इसे खत्म करके रहेंगे।”
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि लड़ाई के दौरान ईरानी सेना को काफी कमजोर कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, “मेरे लिए इसका मतलब बहुत साफ है कि हम ऐसी प्रभुत्व वाली स्थिति में हैं, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई।”
बिना शर्त आत्मसमर्पण की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है, उनकी ज्यादातर सेना खत्म हो चुकी है। उनका बड़ा खतरा हर तरह से खत्म हो गया है।”
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की वायु रक्षा और रडार प्रणालियों को बड़े पैमाने पर निष्क्रिय कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, “उनके पास रडार नहीं है, ज्यादातर मामलों में उनके पास एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार नहीं हैं। लगभग सब कुछ खत्म हो चुका है और आप यह देखेंगे।”
संघर्ष कितने समय तक चलेगा, इस सवाल पर ट्रंप ने कोई निश्चित समयसीमा देने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि अभियान उम्मीद से कहीं तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, “मैं आपको समय नहीं बता सकता। मेरे मन में एक अंदाजा है, लेकिन उसे बताने से क्या फायदा? यह उतने समय तक चलेगा जितना जरूरी होगा। लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि हम तय समय से काफी आगे हैं।”
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है, लेकिन उनका मानना है कि हालात सामान्य होते ही कीमतों में गिरावट आएगी।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जैसे ही यह सब खत्म होगा, पेट्रोल की कीमतें तेजी से गिरेंगी। ऊर्जा से जुड़ी हर चीज की कीमतों में बड़ी कमी देखने को मिलेगी।”
ट्रंप ने यह भी पुष्टि की कि उन्होंने इस मुद्दे पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत की है।
उन्होंने कहा, “हां, मैंने उनसे बात की है। हम इस मुद्दे पर और कुछ अन्य विषयों पर भी चर्चा कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस मामले में इजरायल के नेतृत्व से भी बातचीत हुई है, हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका और इजरायल के रणनीतिक लक्ष्य कुछ हद तक अलग हो सकते हैं। यहां उनका इशारा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर था।
ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि उनका नजरिया थोड़ा अलग हो सकता है, क्योंकि वे एक अलग देश हैं।”
फिर भी उन्होंने अमेरिकी सैन्य बल की प्रशंसा करते हुए कहा, “वह आपको बताएंगे कि संयुक्त राज्य अमेरिका जैसी ताकत दुनिया में कभी नहीं रही।”
ये बयान ऐसे समय आए हैं जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी चिंता बढ़ रही है, जिसके जरिए दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल गुजरता है।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के खर्ग द्वीप पर अमेरिका का बड़ा हमला, डोनाल्ड ट्रंप बोले- सैन्य ठिकाने तबाह

trump
वाशिंगटन, 14 मार्च : अमेरिका ने ईरान के अहम खर्ग द्वीप पर एक बड़ा बमबारी हमला किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों की पुष्टि की। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेनाओं ने देश के मुख्य तेल निर्यात केंद्र पर मौजूद सैन्य ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया, जबकि जानबूझकर ऊर्जा ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘सोशल ट्रुथ’ पर पोस्ट किया, “मेरे निर्देश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मिडिल ईस्ट के इतिहास में सबसे शक्तिशाली बमबारी हमलों में से एक को अंजाम दिया। ईरान के सबसे अहम ठिकाने खर्ग द्वीप पर मौजूद हर सैन्य ठिकाने को पूरी तरह से तबाह कर दिया। हमारे हथियार दुनिया के अब तक के सबसे शक्तिशाली और आधुनिक हथियार हैं, लेकिन इंसानियत के नाते मैंने द्वीप पर मौजूद तेल के बुनियादी ढांचे को तबाह न करने का फैसला किया है।”
खर्ग द्वीप ईरान के लिए एक बेहद अहम केंद्र है और कच्चे तेल के निर्यात के लिए उसके सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। ईरान के तेल उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा फारस की खाड़ी में स्थित इस द्वीप पर मौजूद सुविधाओं के जरिए ही आगे भेजा जाता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने आगे चेतावनी दी कि अगर ईरान क्षेत्र में समुद्री यातायात में बाधा डालता है तो यह फैसला बदला जा सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने पोस्ट में लिखा, “अगर ईरान या कोई और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से जहाजों के सुरक्षित और बेरोकटोक गुजरने में कोई भी रुकावट डालता है, तो मैं तुरंत अपने इस फैसले पर दोबारा विचार करूंगा।”
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। यह फारस की खाड़ी को भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ता है।
ट्रंप ने अपनी चेतावनी में कहा कि अमेरिका के हमलों से खुद का बचाव करने की ईरान की क्षमता बहुत ही सीमित है। उन्होंने ‘ट्रुथ’ पोस्ट में लिखा, “अपने पहले कार्यकाल के दौरान और अभी भी, मैंने हमारी सेना को दुनिया की सबसे घातक, सबसे शक्तिशाली और सबसे प्रभावी सैन्य शक्ति के रूप में खड़ा किया है। ईरान के पास हमारी किसी भी कार्रवाई से बचाव करने की कोई क्षमता नहीं है। वे इसके बारे में कुछ भी नहीं कर सकते।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे और न ही उसके पास अमेरिका, मिडिल ईस्ट या पूरी दुनिया को धमकाने की क्षमता होगी। ईरान की सेना और इस शासन से जुड़े बाकी सभी लोगों के लिए यही समझदारी होगी कि वे अपने हथियार डाल दें और अपने देश का जो कुछ भी बचा है, उसे बचा लें। वैसे भी अब ज्यादा कुछ बचा नहीं है।”
गौरतलब है कि इजरायल और अमेरिका की ओर से 28 फरवरी से शुरू हुए हमलों में ईरान को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। युद्ध में अब तक कम से कम 2,000 लोग मारे गए हैं। अकेले ईरान में 1200 से अधिक लोगों के मारे जाने का दावा है। इसके अलावा, अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान लेबनान में भी 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इराक के स्वास्थ्य अधिकारियों का दावा है कि इस संघर्ष में उनके देश में कम से कम 30 लोग मारे गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय
क्या अमेरिका-इजरायल हमले में घायल हुए ईरान के नए सुप्रीम मोजतबा? राष्ट्रपति ट्रंप ने किया दावा

TRUMP
वॉशिंगटन, 13 मार्च : ईरान के सुप्रीम लीडर सैय्यद मोजतबा हुसैनी खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दावे किए जा रहे हैं कि अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमले में ईरान के नए सुप्रीम लीडर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ये दावा किया है कि मोजतबा जिंदा तो हैं, लेकिन घायल हैं।
बता दें, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमले में पहले दिन ही ईरान के दूसरे सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद अली खामेनेई के दूसरे बेटे मोजतबा को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया। ईरान का सुप्रीम लीडर बनाए जाने के बाद से मोजतबा कहीं भी सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आए हैं। ऐसे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ये दावा कर रहे हैं कि मोजतबा जिंदा तो हैं, लेकिन वे घायल हैं।
ट्रंप का कहना है कि उन्हें लगता है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर जिंदा हैं लेकिन ‘घायल’ हैं। इससे पहले ईरान के सरकारी चैनल ने इस बात की जानकारी दी थी कि मोजतबा को हल्की चोटें आई हैं। अली खामेनेई की मौत की खबर जब सामने आई थी, तब ये चर्चाएं भी हो रही थीं कि मोजतबा की भी इजरायल-अमेरिकी हमले में मौत हो गई।
हालांकि, बाद में जानकारी आई कि हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई के साथ, मोजतबा की पत्नी, उनकी मां और परिवार के अन्य सदस्यों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स में अली खामेनेई के पोते और बेटी की भी मौत की जानकारी सामने आई।
साइप्रस में ईरान के राजदूत अलिरेजा सालारियन ने द गार्जियन को बताया कि मोजतबा खामेनेई के पैरों, हाथों और बांहों में चोटें आई हैं। उन्होंने कहा, “मैंने सुना है कि उनके पैरों और बांहों में चोटें आई हैं। मुझे लगता है कि वह हॉस्पिटल में हैं क्योंकि उन्हें चोट लगी थी।”
ईरान के बाहर की अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने बताया कि मोजतबा का पैर टूट गया है और चेहरे पर हल्की चोटें आई हैं, जिसमें उनकी बाईं आंख के आसपास चोट के निशान और ऊपर की ओर कटा हुआ है।
अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा को ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया। रविवार को एक पादरी सभा द्वारा चुने जाने के बाद से खामेनेई को ईरानियों ने नहीं देखा है। सुप्रीम लीडर बनने के बाद उनकी तरफ से जारी पहले बयान को गुरुवार को ईरानी टेलीविजन प्रेजेंटर ने पढ़ा।
एक ईरानी अधिकारी ने बताया कि नए नियुक्त सुप्रीम लीडर को हल्की चोटें आई हैं; सरकारी टेलीविजन द्वारा हमले में घायल बताए जाने के बाद उनका ऑपरेशन जारी है।
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