अपराध
अदालतों के बाहर ‘फर्जी जमानत’ कराने वाले रैकेट का पुणे पुलिस ने किया भंडाफोड़
पुणे पुलिस ने एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी जमानत दिलाने का काम करता था। अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई मामलों में इन्होंने आरोपियों को फर्जी जमानत दिलवाई। पुणे के पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता के निर्देशन में हुए इस ऑपरेशन में 6 महिलाओं समेत 37 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गुप्ता ने मीडिया को बताया, “यह एक बहुत बड़ा रैकेट है, जिसे हमने पकड़ लिया है। वे लंबे समय से काम कर रहे थे। मामले में आगे की जांच की जा रही है।”
प्रारंभिक जांच के अनुसार गिरोह के लोग विभिन्न अदालतों से आरोपियों और विचाराधीन कैदियों को 25 हजार रुपये में जमानत पाने में मदद करते थे। गिरोह के लोग ज्यादातर जिला न्यायालय या न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालयों में अपने काम को अंजाम देते थे, जहां थोक में जमानत याचिकाएं दायर होती हैं।
15 दिन पहले इस गिरोह को लेकर टिप मिली और फिर पुणे पुलिस कार्रवाई में जुट गई। गुप्ता ने कहा कि कई जाल बिछाने के बाद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल रही। बाद में अदालत ने उन्हें 26 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
ये लोग आरोपियों-विचाराधीन कैदियों की जमानत करवाने के लिए 12,000 रुपये से 20,000 रुपये लेते थे। वे जमानत दिलाने के लिए अदालतों को फर्जी दस्तावेज भी उपलब्ध कराते थे। उन्होंने आधार कार्ड, पैन, राशन कार्ड, संपत्ति दस्तावेज, घर का बिल, फोटोग्राफ आदि के कई फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए, ताकि वे आरोपी-अपराधियों को जमानत दिला सकें।
पिछले साल अक्टूबर में भी ऐसे 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
अपराध
गुजरात राजमार्ग पर कार-ट्रक की टक्कर में दो की मौत, चार घायल

गुजरात के पाटन जिले में राधनपुर-सामी राजमार्ग पर एक कार की ट्रक से आमने-सामने की टक्कर में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई और दो नाबालिगों सहित चार अन्य घायल हो गए।
मृतकों की पहचान रंजीत मंगिलाल और उनकी मां जमनाबेन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, टक्कर के बाद दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
यह परिवार द्वारका से पड़ोसी जिले बनासकांठा के भाभर की ओर जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ।
उनकी कार विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक से टकरा गई, जिससे कार में सवार चार अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि घायल परिवार के सदस्यों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
उनकी हालत के बारे में तत्काल अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने की प्रक्रिया में है और जांच आगे बढ़ने पर अधिक जानकारी सामने आएगी।
यह ताजा हादसा हाल के महीनों में राधनपुर क्षेत्र में हुई अन्य सड़क दुर्घटनाओं के बीच हुआ है।
6 सितंबर को, राजस्थान के खाटू श्याम तीर्थयात्रा से लौट रहे एक समूह को ले जा रही ईको कार राधनपुर-वराही राजमार्ग पर खड़ी एक ट्रक से टकरा गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
खबरों के अनुसार, यह दुर्घटना राधनपुर के पास राघवजी होटल के नजदीक हुई और घायलों को अस्पताल ले जाया गया।
पिछली दुर्घटना में ट्रक खड़ा था, जबकि आज की टक्कर में ट्रक विपरीत दिशा से आ रहा था।
इस ताजा आमने-सामने की टक्कर के कारणों की जानकारी तुरंत नहीं मिल पाई है। पुलिस अपनी जांच के तहत घटनाक्रम का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी में घायल चार लोगों (जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं) की पहचान और उन्हें भर्ती कराए गए अस्पताल का नाम तुरंत उपलब्ध नहीं कराया गया है।
अपराध
मोबाइल और चेन स्नेचिंग करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, 41 हजार रुपए और बाइक बरामद

गौतमबुद्धनगर के थाना सेक्टर-113 की पुलिस ने मोबाइल फोन और चेन स्नेचिंग की घटनाओं में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से स्नेचिंग किए गए मोबाइल फोन और चेन की बिक्री से प्राप्त 41 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदातों में इस्तेमाल की जाने वाली एक अपाचे मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर सुनसान स्थानों पर राह चलते लोगों को निशाना बनाते थे और उनके मोबाइल फोन व चेन छीनकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने यह कार्रवाई 21 अक्टूबर को स्थानीय खुफिया जानकारी और गोपनीय सूचना के आधार पर की। थाना सेक्टर-113 की टीम ने तीनों आरोपियों को एफएनजी सर्विस रोड, सोरखा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उस्मान, इब्राहिम और अनस के रूप में हुई है।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके आपराधिक नेटवर्क और अन्य संभावित वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मोटरसाइकिल पर सवार होकर ऐसे स्थानों पर जाते थे, जहां लोगों की आवाजाही कम रहती थी। वहां राह चलते व्यक्तियों के मोबाइल फोन और चेन छीनकर मौके से फरार हो जाते थे। इसके बाद स्नेचिंग से मिले सामान को बेचकर रकम हासिल करते थे। आरोपियों के अनुसार, सामान की बिक्री से प्राप्त पैसे को आपस में बांट लिया जाता था। इस रकम का इस्तेमाल वे अपने व्यक्तिगत खर्च और शौक-मौज के लिए करते थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से बरामद 41 हजार रुपए मोबाइल फोन और चेन की बिक्री से प्राप्त रकम की शेष राशि है। वारदात में इस्तेमाल की गई अपाचे मोटरसाइकिल को भी कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस बरामदगी और पूछताछ के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों में पहला आरोपी उस्मान पुत्र नौशाद है, जिसकी उम्र करीब 24 वर्ष है। वह गाजियाबाद जिले के मसूरी थाना क्षेत्र के डासना का निवासी है। दूसरा आरोपी इब्राहिम पुत्र शाहबुद्दीन है, जिसकी उम्र करीब 20 वर्ष है। वह बुलंदशहर जिले के बीबीनगर थाना क्षेत्र के जाटवान मोहल्ले का निवासी है।
तीसरा आरोपी अनस पुत्र आबिद है, जिसकी उम्र करीब 23 वर्ष है। वह भी बुलंदशहर जिले के बीबीनगर थाना क्षेत्र में छोटी मस्जिद के पास रहता है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में थाना सेक्टर-113 में दो मुकदमे दर्ज हैं। इनमें मुकदमा संख्या 453/2026 और मुकदमा संख्या 473/2026 शामिल हैं। दोनों मामले भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 304(2) के तहत दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 41 हजार रुपए नकद और एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी मोबाइल फोन और चेन स्नेचिंग की कितनी अन्य घटनाओं में शामिल रहे हैं। साथ ही, उनके द्वारा बेचे गए सामान और उससे प्राप्त रकम के संबंध में भी जांच की जा रही है।
अपराध
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: आरोपियों ने कई बार ऑटो चालकों को दिए एक हजार रुपए, क्राइम ब्रांच ने धारा-111 जोड़ी

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले की जांच में बॉलीवुड सितारों के घरों की रेकी को लेकर नए खुलासे हुए हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि जब वे मुंबई पहुंचे थे और अंधेरी के एक होटल में ठहरे हुए थे, तब वे रोजाना होटल से निकलकर किसी भी ऑटो रिक्शा को रोक लेते थे।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ऑटो चालक से कहते थे कि वे पहली बार मुंबई आए हैं और उन्हें बॉलीवुड अभिनेताओं के घर देखने हैं। इसके बाद ऑटो चालक उन्हें बॉलीवुड के बड़े सितारों के घरों तक ले जाने के लिए आमतौर पर करीब 1,000 रुपए मांगते थे। आरोपियों ने कई बार ऑटो चालकों को 1,000 रुपए देकर अलग-अलग बॉलीवुड सितारों के घरों की रेकी की थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि कई बार आरोपी खुद गूगल पर अभिनेताओं के घरों का पता सर्च करते थे और फिर वही पता ऑटो चालक को बताकर वहां पहुंच जाते थे। इस तरह वे अलग-अलग सितारों के घरों और आसपास के इलाकों की जानकारी जुटा रहे थे। क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों शूटरों ने बॉलीवुड से जुड़े कई अभिनेता के घर की रेकी की थी।
इस मामले में क्राइम ब्रांच ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संगठित अपराध से संबंधित धारा 111 भी जोड़ी है। इस घटनाक्रम के बाद मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाए जाने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, मकोका लगाने का अंतिम फैसला जांच के निष्कर्षों और कानून में निर्धारित शर्तों की पूर्ति के आधार पर लिया जाएगा।
यह जानकारी भी सामने आई है कि फायरिंग की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सूरत पहुंचे थे और उसी जगह उन्होंने बंदूक को छिपा दिया था। सूत्रों ने बताया कि आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन को भी उसी किसी जगह छिपाया है। सूत्रों ने यह भी बताया कि आरोपियों की पूछताछ में मिली जानकारी के बाद पुलिस इसे सत्यापित कर रही है और सूरत में लोकल मदद से बंदूक और मोबाइल का पता लगाया जा रहा है।
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